अब मोबाइल बताएगा खतरे की दस्तक : बाढ़, बिजली और तूफान से पहले मिलेगा अलर्ट
एनडीएमए के ‘सचेत’ और दामिनी ऐप से वाराणसीवासियों को समय रहते मिलेगी आपदा की चेतावनी | प्रशासन की अपील- हर नागरिक
डाउनलोड करे सुरक्षा कवचसुरेश गांधी
वाराणसी। मौसम का बदलता
मिजाज और लगातार बढ़ती
प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं अब
लोगों के लिए नई
चुनौती बनती जा रही
हैं। कभी अचानक आंधी-तूफान, कभी आकाशीय बिजली
का कहर, तो कभी
बाढ़ और अत्यधिक वर्षा
जैसी स्थितियां लोगों के जीवन और
संपत्ति पर भारी पड़ती
हैं। ऐसे में वाराणसी
प्रशासन ने लोगों को
समय रहते सतर्क और
सुरक्षित रखने के लिए
तकनीक का सहारा लेने
की अपील की है।
जनपद के नागरिकों
से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
(एनडीएमए) द्वारा विकसित ‘सचेत (SACHET)’ तथा ‘दामिनी’ मोबाइल
ऐप डाउनलोड करने का आह्वान
किया गया है, ताकि
संभावित आपदाओं की पूर्व चेतावनी
सीधे मोबाइल फोन पर प्राप्त
हो सके। प्रशासन का
कहना है कि वाराणसी
भौगोलिक और मौसमीय दृष्टि
से उन जिलों में
शामिल है, जहां बाढ़,
वज्रपात, आंधी-तूफान, भारी
वर्षा, लू और शीतलहर
जैसी प्राकृतिक घटनाओं की आशंका बनी
रहती है। ऐसे हालात
में यदि नागरिकों को
पहले ही खतरे की
सूचना मिल जाए तो
जन-धन की क्षति
को काफी हद तक
रोका जा सकता है।
सचेत ऐप नागरिकों
तक मौसम आधारित चेतावनियां
और आपदा संबंधी अलर्ट
सीधे पहुंचाता है। यह ऐप
लोगों को उनके वर्तमान
स्थान के आधार पर
सूचनाएं उपलब्ध कराता है, जिससे किसी
संभावित खतरे की स्थिति
में व्यक्ति पहले से सावधानी
बरत सके। वहीं दामिनी
ऐप विशेष रूप से आकाशीय
बिजली यानी वज्रपात से
संबंधित चेतावनियों के लिए विकसित
किया गया है। बारिश
के मौसम में प्रदेश
के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष
वज्रपात की घटनाओं में
कई लोगों की जान चली
जाती है। ऐसे में
यह ऐप नागरिकों के
लिए सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन
बन सकता है।
सचेत ऐप की प्रमुख सुविधाएं
● आंधी-तूफान, बाढ़,
वज्रपात, भारी वर्षा, लू
और शीतलहर की पूर्व चेतावनी
● लोकेशन आधारित अलर्ट प्रणाली
● आपदा के दौरान
अपनाई जाने वाली सावधानियों
की जानकारी
● आपातकालीन सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों
की सुविधा
● हिंदी और अंग्रेजी सहित
विभिन्न भाषाओं में सूचना उपलब्ध
ऐसे करें डाउनलोड
मोबाइल फोन के गूगल
प्ले स्टोर में जाकर सचेत
सर्च करें। इसके बाद एनडीएमए
द्वारा जारी ऐप का
चयन कर इंस्टॉल करें।
ऐप डाउनलोड होने के बाद
मोबाइल की लोकेशन और
नोटिफिकेशन सेवा सक्रिय रखें,
जिससे संबंधित क्षेत्र की सूचनाएं समय
पर मिलती रहें। अपर जिलाधिकारी (वित्त
एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता
ने जनपद के सभी
नागरिकों, ग्राम प्रधानों, नगरीय निकाय प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों
से अपील की है
कि वे अपने मोबाइल
में यह ऐप डाउनलोड
करें और अधिक से
अधिक लोगों को इसके प्रति
जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि आपदा
आने के बाद बचाव
से अधिक प्रभावी उपाय
समय रहते सतर्क होना
है। तकनीक के इस दौर
में मोबाइल अब केवल संवाद
का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा का प्रहरी भी
बन सकता है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
आपदा कभी सूचना
देकर नहीं आती, लेकिन
तकनीक उसकी आहट पहले
बता सकती है। समय
पर मिला एक अलर्ट
कई जिंदगियों को सुरक्षित कर
सकता है।

No comments:
Post a Comment