भूकंप से कराहते गुजरात को मोदी ने फिर खड़ा किया, आज वैश्विक मानचित्र पर ताकत के रूप में उभरा भारत
दस
साल पहले डरावना था यूपी, आज काशी-अयोध्या बनी पहचान : योगी
मोदी के 25 साल के सेवा-संकल्प ने बदली देश की दिशा और दशा
सुरेश गांधी
वाराणसी। वडनगर से बाबा विश्वनाथ
की पावन नगरी काशी
तक निकली आस्था, सेवा और जनसंपर्क
की अनूठी बाइक यात्रा का
समापन बुधवार को काशी में
हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक
जीवन के 25 वर्ष पूरे होने
के अवसर पर निकली
इस यात्रा के समापन समारोह
में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
इसे केवल हजारों किलोमीटर
की दूरी नापने वाली
बाइक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, संकल्प और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को
जोड़ने वाली यात्रा बताया।
जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान
में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने भाजपा के
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री
डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और यात्रा
में शामिल युवाओं का काशीवासियों तथा
उत्तर प्रदेश के करोड़ों कार्यकर्ताओं
की ओर से हृदय
से स्वागत और अभिनंदन किया।
भूकंप की राख से विकास की नई इबारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि
7 अक्टूबर 2001 का वह समय
गुजरात के लिए आसान
नहीं था। कुछ ही
समय पहले आए भूकंप
ने गुजरात ही नहीं, पूरे
देश को हिला दिया
था। गुजरात की धरती पर
तब संकट और पीड़ा
का गहरा असर था।
ऐसे समय नरेंद्र मोदी
को गुजरात की जिम्मेदारी मिली।
उन्होंने कहा कि उजड़े हुए
गुजरात को फिर से
खड़ा करना उस समय
सबसे बड़ी चुनौती थी।
लेकिन नरेंद्र मोदी ने चुनौती
से पीछे हटने के
बजाय उसे स्वीकार किया।
राहत और पुनर्वास के
प्रयासों के साथ गुजरात
को विकास की राह पर
आगे ले जाने का
प्रयास शुरू हुआ। योगी
ने कहा कि देखते-देखते गुजरात उस संकट से
बाहर निकला और विकास के
एक मॉडल के रूप
में सामने आया। जो धरती
कभी भूकंप की त्रासदी के
लिए चर्चा में थी, वही
आगे चलकर विकास की
चर्चा का केंद्र बनी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
गुजरात की धरती से
25 वर्ष पहले शुरू हुई
यह यात्रा आज पूरे भारत
की यात्रा बन चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में भारत वैश्विक मानचित्र
पर एक ताकत के
रूप में उभरा है।
गुजरात से निकली यात्रा, भारत तक पहुंचा बदलाव
योगी ने कहा
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष
के सार्वजनिक जीवन को केवल
एक व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा
के रूप में नहीं
देखा जाना चाहिए। यह
सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण
से जुड़ी यात्रा है। गुजरात में
जिस विकास और परिवर्तन की
शुरुआत हुई, उसका विस्तार
आगे पूरे देश में
देखने को मिला। उन्होंने
कहा कि आज भारत
के सामने आत्मनिर्भरता और विकसित राष्ट्र
बनने का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाने
की जिम्मेदारी अब समाज और
विशेषकर युवाओं के कंधों पर
है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
वडनगर से काशी तक
की यह यात्रा दो
शहरों के बीच की
दूरी भर नहीं है।
यह उस भाव को
जोड़ने वाली यात्रा है,
जिसमें गुजरात की धरती से
उठी सेवा की प्रेरणा
काशी के बाबा विश्वनाथ
के चरणों तक पहुंचती है।
दस साल पहले उत्तर प्रदेश की तस्वीर डरावनी थी
योगी आदित्यनाथ ने
उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव
का उल्लेख करते हुए कहा
कि आज का उत्तर
प्रदेश उस उत्तर प्रदेश
से बिल्कुल अलग है, जिसकी
तस्वीर एक दशक पहले
लोगों के सामने थी।
उन्होंने कहा कि दस
वर्ष पहले उत्तर प्रदेश
की तस्वीर डरावनी दिखाई देती थी। जिस
जमीन पर माफिया की
नजर पड़ जाती थी,
वह जमीन उसकी हो
जाती थी। व्यापारी भय
के वातावरण में जीने को
मजबूर थे। स्थिति यह
थी कि शाम के
बाद लोग घरों से
बाहर निकलने में भी डरते
थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि
प्रदेश की पहचान का
संकट पैदा हो गया
था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन
में उत्तर प्रदेश ने उस तस्वीर
को बदलने का काम किया।
उन्होंने कहा कि आज
उत्तर प्रदेश की पहचान विकास,
आस्था और सांस्कृतिक विरासत
के नए केंद्रों से
हो रही है। काशी
विश्वनाथ धाम, अयोध्या में
श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान श्रीराम
के मंदिर का निर्माण और
ब्रज-वृंदावन की बदलती तस्वीर
उत्तर प्रदेश की नई पहचान
बन चुकी है। योगी
ने कहा कि काशी
की प्राचीन आत्मा को विकास के
नए आयाम मिले हैं।
अयोध्या की आस्था को
नया स्वरूप मिला है और
ब्रज-वृंदावन भी अपनी सांस्कृतिक
विरासत के साथ नई
पहचान बना रहा है।
काशी में गुजरात की आस्था, बाबा विश्वनाथ के चरणों में जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि
इस यात्रा का सबसे भावपूर्ण
पक्ष यह है कि
युवा अपने साथ विभिन्न
पवित्र नदियों का जल लेकर
काशी पहुंचे हैं। यह जल
बाबा विश्वनाथ को समर्पित किया
गया है। उन्होंने कहा
कि अलग-अलग प्रदेशों
और क्षेत्रों से आए युवाओं
का एक साथ काशी
पहुंचना ‘एक भारत, श्रेष्ठ
भारत’ की संकल्पना का
जीवंत रूप है। वडनगर
से निकलकर लंबी दूरी तय
करने वाले युवाओं ने
रास्ते में तमाम परिस्थितियों
का सामना किया। कहीं लोगों ने
उनका स्वागत किया, कहीं उनके साथ
कदम बढ़ाया और कहीं सेवा
कार्यों में सहयोग दिया।
इस पूरी यात्रा ने
जनसंपर्क को सेवा से
जोड़ने का काम किया।
योगी ने कहा कि
युवाओं की यह ऊर्जा
केवल यात्रा पूरी करने तक
सीमित नहीं रहनी चाहिए।
इसे समाज और राष्ट्र
के निर्माण में लगाया जाना
चाहिए।
यही ऊर्जा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष
के सेवा-संकल्प को
आगे बढ़ाने के लिए आज
देश के सामने एक
बड़ी जिम्मेदारी है। 2047 के विकसित भारत
का संकल्प तभी पूरा होगा,
जब युवा अपनी ऊर्जा
को राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे। उन्होंने
कहा कि यात्रा में
शामिल युवाओं ने जिस उत्साह
के साथ हजारों किलोमीटर
की दूरी तय की
है, वही उत्साह भारत
को विकसित बनाने के संकल्प की
ऊर्जा बनेगा। योगी ने कहा
कि यह यात्रा केवल
मोटरसाइकिलों का काफिला नहीं
है। इसके पीछे सेवा
की भावना, जनसंपर्क का भाव, आस्था
की शक्ति और राष्ट्र निर्माण
का संकल्प है। उन्होंने कहा
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष
के सेवा-संकल्प से
प्रेरणा लेकर समाज के
प्रत्येक वर्ग को आगे
बढ़ना होगा। यही संकल्प भारत
को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने
की दिशा में आगे
ले जाएगा।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि
काशी में आज जो
दृश्य दिखाई दे रहा है,
वह भारत की विविधता
में एकता की तस्वीर
है। एक ओर गुजरात
का वडनगर है तो दूसरी
ओर उत्तर प्रदेश की काशी। एक
ओर कामाख्या की धरती से
आए अतिथि हैं तो दूसरी
ओर बाबा विश्वनाथ की
नगरी में देशभर से
आए युवा। उन्होंने कहा कि यही
भारत की ताकत है—अलग-अलग भाषाएं,
क्षेत्र और परंपराएं, लेकिन
राष्ट्र एक। योगी ने
यात्रा में शामिल सभी
युवाओं और अतिथियों का
काशी की धरती पर
स्वागत करते हुए कहा
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक
जीवन के 25 वर्ष पूरे होने
के अवसर पर निकली
यह यात्रा सेवा के संदेश
को आगे ले जाने
वाली यात्रा है। उन्होंने कहा
कि प्रधानमंत्री के संकल्पों को
पूरा करने के लिए
देश के प्रत्येक युवा
को अपनी भूमिका तय
करनी होगी। सेवा से समाज
जुड़ेगा, समाज से राष्ट्र
मजबूत होगा और राष्ट्र
की शक्ति से विकसित भारत
का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री ने अंत में
काशी पहुंचे सभी यात्रियों, राष्ट्रीय
अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री
डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा तथा अन्य
अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन
करते हुए कहा कि
बाबा विश्वनाथ की नगरी से
उठी यह ऊर्जा पूरे
देश में सेवा और
राष्ट्र निर्माण के संकल्प को
नई गति देगी।
