दुर्लभ पांडुलिपियों
से
रोपवे
तक,
सीएम
का
दौरा
बना
धरोहर
व
विकास
का
संदेश
दुर्लभ पांडुलिपियां भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है : योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
सरकार
संरक्षण
कार्यों
में
हरसंभव
सहयोग
करेगी
काशी में
योगी
: संस्कृति
का
संरक्षण
और
आधुनिक
विकास
का
संगम
सुरेश गांधी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का
शुक्रवार का काशी दौरा
परंपरा, विकास और संवेदनशीलता का
अद्भुत संगम रहा। उन्होंने
काल भैरव और श्री
काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर धार्मिक
आस्था का संदेश दिया।
इसके बाद सम्पूर्णानन्द संस्कृत
विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय
पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत
चल रहे दुर्लभ पांडुलिपियों
के संरक्षण कार्य की समीक्षा की।
रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण
बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और संवेदनशीलता का भाव
मुख्यमंत्री योगी ने जे.पी. मेहता इंटर
कॉलेज परिसर स्थित राहत शिविर में
बाढ़ प्रभावित परिवारों से भी भेंट
की। उन्होंने लगभग 25 लोगों को राहत सामग्री
वितरित की और कहा
कि राहत शिविरों में
सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई
जाएं। इस दौरान बच्चों
से भी उनका आत्मीय
संवाद हुआ। योगी ने
छोटे-छोटे बच्चों को
चॉकलेट दीं, तो उनके
चेहरे खिल उठे। बच्चों
ने हंसते हुए मुख्यमंत्री से
पढ़ाई और भविष्य के
सपनों को साझा किया।
योगी ने उन्हें आशीर्वाद
दिया कि वे आगे
चलकर परिवार और समाज का
नाम रोशन करें।
वाराणसी रोपवे परियोजना
लागत : लगभग 645 करोड़ रुपये
दूरी : 4.2 किलोमीटर (कैंट रेलवे स्टेशन
से गोदौलिया तक)
विशेषता : विश्व का तीसरा व
भारत का पहला पब्लिक
ट्रांसपोर्ट रोपवे
केबल कारें : 220 (प्रत्येक
में 10 यात्री क्षमता)
ऊँचाई : 45 मीटर
लाभ : जाम से राहत,
पर्यटन को बढ़ावा, श्रद्धालुओं
की आसान पहुँच
दुर्लभ पांडुलिपियों का महत्व
भारत की प्राचीन
ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रमाण
वेद, उपनिषद, आयुर्वेद,
ज्योतिष और दर्शन जैसे
विषयों पर अद्वितीय सामग्री
काशी स्थित राष्ट्रीय
पांडुलिपि मिशन देशभर की
धरोहर को संरक्षित कर
रहा
डिजिटल संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों तक संस्कृति और परंपरा सुरक्षित पहुँचेगी
सीएम योगी ने किए बाबा श्री काशी विश्वनाथ व काल भैरव के दर्शन
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय काशी प्रवास के दौरान पहले काल भैरव मंदिर पहुँचकर विधिवत पूजा-अर्चना की।
काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है और हर विशेष अवसर पर यहाँ दर्शन-पूजन की परंपरा है। सीएम योगी ने मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित किया, रुद्राभिषेक कराया और काशी व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
काल भैरव मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और विशेष पूजा की।
गर्भगृह में रुद्राष्टक पाठ
और वेद मंत्रोच्चार के
बीच योगी ने विधिवत
पूजन किया।
मंदिर परिसर में पहुँचने पर
भक्तों ने ‘हर-हर
महादेव’ के उद्घोष के
साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर
कहा कि बाबा विश्वनाथ
की कृपा से काशी
ही नहीं, पूरा प्रदेश विकास
की नई ऊँचाइयों की
ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा
कि विश्वनाथ धाम कॉरिडोर ने
काशी की पहचान को
वैश्विक स्तर पर नया
आयाम दिया है और
अब यहाँ आने वाले
श्रद्धालुओं को और अधिक
सुविधा मिल रही है।
दो दिवसीय प्रवास की शुरुआत आस्था
से कर मुख्यमंत्री ने
यह संदेश दिया कि काशी
केवल संस्कृति और धर्म की
नगरी नहीं है, बल्कि
विकास और आधुनिकता का
भी केंद्र बन रही है।
बाबा विश्वनाथ और काल भैरव
के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री
ने अन्य कार्यक्रमों की
ओर प्रस्थान किया।