Friday, 29 August 2025

दुर्लभ पांडुलिपियां भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है : योगी आदित्यनाथ

दुर्लभ पांडुलिपियों से रोपवे तक, सीएम का दौरा बना धरोहर विकास का संदेश

दुर्लभ पांडुलिपियां भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है : योगी आदित्यनाथ 

उत्तर प्रदेश सरकार संरक्षण कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी  

काशी में योगी : संस्कृति का संरक्षण और आधुनिक विकास का संगम

सुरेश गांधी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार का काशी दौरा परंपरा, विकास और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम रहा। उन्होंने काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर धार्मिक आस्था का संदेश दिया। इसके बाद सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य की समीक्षा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य धरोहर केवल काशी या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार संरक्षण कार्यों में हरसंभव सहयोग करेगी। विश्वविद्यालय परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत किया। इस दौरान योगी ने सरस्वती भवन पुस्तकालय के अनुरक्षण कार्य का भी जायजा लिया और निर्देश दिए कि संरक्षण कार्य को गति दी जाए। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार परिसर में आगमन देववाणी संस्कृत और विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा एक संदेश देता है, विकास केवल सड़कों और भवनों से नहीं मापा जाता, बल्कि सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा भी उतनी ही अहम है। काशी जैसे प्राचीन नगर के लिए पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी अस्मिता की रक्षा है, वहीं रोपवे जैसी परियोजना आने वाले दशकों में शहर को आधुनिक यातायात की नई पहचान देगी। योगी का यह संतुलित दृष्टिकोण बताता है कि सरकार धरोहर और विकास, दोनों मोर्चों पर गंभीर है। यही संतुलन काशी को केवल धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाए रखेगा, बल्कि वैश्विक पर्यटन और आधुनिक शहरी ढांचे का आदर्श भी बना देगा।

रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण

तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने वाराणसी में निर्माणाधीन विश्व का तीसरा और भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का निरीक्षण किया। 645 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक 4.2 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसमें 220 केबल कारें होंगी, जिनमें से प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य गुणवत्तापूर्ण और तीव्र गति से पूरा हो। यह परियोजना शहर के यातायात परिदृश्य को बदल देगी। श्रद्धालु और पर्यटक सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर दशाश्वमेध घाट तक आसानी से पहुँच सकेंगे।

बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और संवेदनशीलता का भाव 

मुख्यमंत्री योगी ने जे.पी. मेहता इंटर कॉलेज परिसर स्थित राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भी भेंट की। उन्होंने लगभग 25 लोगों को राहत सामग्री वितरित की और कहा कि राहत शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएँ प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान बच्चों से भी उनका आत्मीय संवाद हुआ। योगी ने छोटे-छोटे बच्चों को चॉकलेट दीं, तो उनके चेहरे खिल उठे। बच्चों ने हंसते हुए मुख्यमंत्री से पढ़ाई और भविष्य के सपनों को साझा किया। योगी ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे आगे चलकर परिवार और समाज का नाम रोशन करें।

वाराणसी रोपवे परियोजना

लागत : लगभग 645 करोड़ रुपये

दूरी : 4.2 किलोमीटर (कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक)

विशेषता : विश्व का तीसरा भारत का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे

केबल कारें : 220 (प्रत्येक में 10 यात्री क्षमता)

ऊँचाई : 45 मीटर

लाभ : जाम से राहत, पर्यटन को बढ़ावा, श्रद्धालुओं की आसान पहुँच

दुर्लभ पांडुलिपियों का महत्व

भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रमाण

वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, ज्योतिष और दर्शन जैसे विषयों पर अद्वितीय सामग्री

काशी स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन देशभर की धरोहर को संरक्षित कर रहा

डिजिटल संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों तक संस्कृति और परंपरा सुरक्षित पहुँचेगी 

सीएम योगी ने किए बाबा श्री काशी विश्वनाथ काल भैरव के दर्शन

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय काशी प्रवास के दौरान पहले काल भैरव मंदिर पहुँचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। 

काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है और हर विशेष अवसर पर यहाँ दर्शन-पूजन की परंपरा है। सीएम योगी ने मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित किया, रुद्राभिषेक कराया और काशी प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। 

काल भैरव मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और विशेष पूजा की। 

गर्भगृह में रुद्राष्टक पाठ और वेद मंत्रोच्चार के बीच योगी ने विधिवत पूजन किया। 

मंदिर परिसर में पहुँचने पर भक्तों नेहर-हर महादेवके उद्घोष के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से काशी ही नहीं, पूरा प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वनाथ धाम कॉरिडोर ने काशी की पहचान को वैश्विक स्तर पर नया आयाम दिया है और अब यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को और अधिक सुविधा मिल रही है। दो दिवसीय प्रवास की शुरुआत आस्था से कर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि काशी केवल संस्कृति और धर्म की नगरी नहीं है, बल्कि विकास और आधुनिकता का भी केंद्र बन रही है। बाबा विश्वनाथ और काल भैरव के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अन्य कार्यक्रमों की ओर प्रस्थान किया।





योगी की अफसरों को दो टूक : दलालों, ब्लड माफियाओं और अवैध कब्जेदारों पर हो सख्त कार्रवाई

योगी की अफसरों को दो टूक : दलालों, ब्लड माफियाओं और अवैध कब्जेदारों पर हो सख्त कार्रवाई 

बाढ़ राहत को प्राथमिकता, विकास परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जनता को समय पर राहत और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें

बाढ़ पीड़ितों की मदद में कोताही हो : योगी

66 परियोजनाओं की समीक्षा, जनवरी 2026 तक रिंग रोड पूरा करने का आदेश

अधिकारियों को स्पष्ट आदेश : समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण कार्य ही प्राथमिकता

सुरेश गांधी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वाराणसी दौरा इस बार केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट चेतावनी और ठोस दिशा-निर्देश देने का अवसर भी बना। सीएम ने साफ कहा कि बाढ़ पीड़ितों की तकलीफों को तत्काल दूर करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। राहत सामग्री, मुआवजा और बुनियादी सुविधाएं हर हाल में समय से पहुंचें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने और उनकी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया।

सीएम ने कहा कि किसानों को मुआवजा वितरण में किसी तरह की लापरवाही हो। समीक्षा बैठक में उन्होंने 15 हजार करोड़ की 66 बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर पैनी नजर डाली। रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 और कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय करना इस बात का संकेत है कि विकास में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही सीएम ने अस्पतालों में दलालों, खाद की कालाबाजारी, ब्लड माफियाओं, प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान, गोवंश आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए।

योगी का यह दौरा केवल बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि काशी की धरती से वह प्रशासन को अनुशासन और जवाबदेही का नया मंत्र दे रहे हैं। अपराधियों पर पुलिस का भय दिखना चाहिए और जनता को विकास का लाभ समय पर मिलना चाहिए, यही सीएम का स्पष्ट एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा अन्य तैयारियों को समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सख्ती बरतते हुए कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। बैठक में मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्रीगण जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

         मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्युत तारों के अंडर ग्राउंड केबलिंग के कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन करें। मानक के अनुरुप ही सीवर लाइन बिछना सुनिश्चित करें। परियोजनाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी अपने निरीक्षण में इसकी मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। सड़कों के किनारे ड्रेनेज भी मानक के अनुसार बनाना सुनिश्चित करें, ताकि कोई जलजमाव की स्थिति बने, पर्याप्त जलनिकासी की व्यवस्था हो। जनपद में विकसित की गयी सुविधाएं आमजन को उपलब्ध हो ये जरूर सुनिश्चित हो। स्टेडियम में अधिकाधिक स्थानीय खिलाड़ियों को मौका मिले, अच्छे कोचों की नियुक्ति हो। कल्याण मंडमपम एवं अन्य भवनों को आमजन के उपयोगार्थ एक सुविधाजनक दर पर आवंटित करना सुनिश्चित करें, कोई मनमाना शुल्क वसूली हो। वीडीए तथा यूपीसीडा द्वारा जिस उद्देश्य के लिये भूमि आवंटित की गयी है उसपर तय समय में विकास कार्य होना सुनिश्चित हो अन्यथा जुर्माने के साथ उनसे वसूली करें।

बाल वाटिकाओं में जनप्रतिनिधि को आमंत्रित करके कार्यक्रम कराना सुनिश्चित करें। वीडीए, नगर निगम, पुलिस तथा प्रशासन मिलकर शहरी क्षेत्रों में वेंडिंग जोनों का निर्धारण करें, ठेले पटरी व्यवसायियों को उचित स्थान मिल सके ताकि कोई उनसे अवैध वसूली नहीं करने पाए। इसके साथ ही ऑटो, टैक्सी स्टैंड को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं में समन्वय स्थापित कर कार्य करें जिससे बाद में अनावश्यक तोड़फोड़ एवं खुदाई नहीं करनी पड़े। उन्होंने आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन आदि शिकायतों के निस्तारण में और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए ताकि आमजनमानस में पुलिस और प्रशासन की छवि बेहतर बने। प्रत्येक दिन थानों की समीक्षा के साथ ही अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

         बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, डॉ अवधेश सिंह, डॉ सुनिल पटेल, त्रिभुवन राम, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीआईजी वैभव कृष्ण, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण शंभू कुमार, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग, नगर आयुक्त अक्षत वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, डीएफओ स्वाति श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

दुर्लभ पांडुलिपियां भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है : योगी आदित्यनाथ

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