सेवा ही संकल्प, राष्ट्र ही प्रथम
जन्मदिन पर मोदीमय हुई काशी, हर तरफ गूंजे शुभकामना मंत्र
नगर निगम
ने
काशीवासियों
को
लगभग
111 करोड़
रुपये
की
परियोजनाओं
का
तोहफ़ा
सुरेश गांधी
वाराणसी। सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही काशी की पवित्र हवा आज किसी उत्सव का रहस्य फुसफुसा रही थी। गंगा की लहरों पर सुनहरी आभा नाच रही थी, और घाटों पर वैदिक मंत्रों की गूंज, जैसे स्वयं नगरदेवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के स्वागत का प्रण लिया हो।
काशी की तंग गलियों से लेकर सुसुवाही वार्ड तक, भाजपा कार्यकर्ता और स्वयंसेवक झाड़ू और कचरा थैले लिए सुबह से सक्रिय थे। “सेवा पखवाड़ा” के उद्घाटन के रूप में इस स्वच्छता अभियान ने जन्मदिन को केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्मयोग का प्रतीक बना दिया। काशी की प्राचीन गलियों में गूंजते शंख और झिलमिलाते दीपक मानो संदेश दे रहे थे कि सेवा और अध्यात्म की यह नगरी अपने सांसद को आशीष दे रही है.
मतलब साफ है
गंगा की कलकल धारा
पर उगते सूरज की
सुनहरी किरणें जब काशी की
प्राचीन घाटों को आलोकित कर
रही थीं, तब नगर
का प्रत्येक कण एक ही
संकल्प से धड़क रहा
था, देश के यशस्वी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें
जन्मोत्सव को अविस्मरणीय बनाना।
काशी का हर गली-कूचा, हर मंदिर, हर
घाट आज राष्ट्रसेवा के
उसी उजाले में नहाया था
जिसे प्रधानमंत्री ने अपने जीवन
का व्रत बनाया है।
आस्था की गहराई केवल
घाटों तक सीमित न
रही। मंदिरों में विशेष हवन
और अनुष्ठान हुए। कई स्थानों
पर भंडारे आयोजित हुए, जहाँ साधु-संतों से लेकर आमजन
तक ने प्रसाद ग्रहण
किया। छोटे बच्चों की
हंसी, पुजारियों के आशीर्वचन और
भक्तों की जयघोष, सब
मिलकर बनारस को एक विराट
जन्मदिन सभागार में बदल रहे
थे। जन्मदिन के इस अवसर
पर नगर निगम ने
काशीवासियों को लगभग 111 करोड़
रुपये की परियोजनाओं का
तोहफ़ा दिया। नई सड़कें, जल
निकासी योजनाएँ और जनसुविधाओं का
विस्तारकृयह संदेश देता रहा कि
उत्सव केवल प्रतीकात्मक नहीं,
बल्कि ठोस विकास की
डगर पर भी अग्रसर
है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में कटा 75 किलो का केक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें
जन्मदिन पर काशी का
प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय दीपों और झालरों से
सजा, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं
ने 75 किलो लड्डू का
भव्य केक काटा। कार्यक्रम
की शुरुआत स्वस्ति वाचन से हुई,
इसके बाद सुंदरकांड पाठ,
भजन-कीर्तन और शहनाई वादन
ने भक्ति का वातावरण रचा।
इस अवसर पर ‘विरासत और
विकास का संगम : काशी
3.0’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ।
जनसेवा की भावना को
आगे बढ़ाते हुए आईएमएसदृबीएचयू के
दंत चिकित्सक डॉ. राजेश बंसल
ने मोबाइल वैन क्लीनिक से
निःशुल्क उपचार किया। मेयर अशोक तिवारी, विधायक
सौरभ श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि
और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। काशी ने
आज परंपरा और विकास का
अद्भुत संगम रचते हुए
प्रधानमंत्री को दीर्घायु की
शुभकामनाएं दीं।
गंगा आरती और दुग्धाभिषेक
दशाश्वमेध घाट पर वैदिक
आचार्यों ने शंखनाद के
साथ मां गंगा का
पूजन किया। दूध की धाराओं
से गंगा मैया का
दुग्धाभिषेक हुआ, दीयों की
अनगिन पंक्तियाँ लहरों पर तारों की
तरह झिलमिलाने लगीं। बटुकों ने हाथों में
प्रधानमंत्री की तस्वीरें थाम
रखी थीं, उनके दीर्घायु
और राष्ट्र की निरंतर प्रगति
की कामना हर मंत्र में
प्रतिध्वनित हो रही थी।
शाम ढले जब गंगा
आरती का अलौकिक दृश्य
एक बार फिर घाटों
पर बिखरा, तो ऐसा लगा
मानो पूरी नगरी अपने
सांसद और प्रधानमंत्री को
सामूहिक आशीर्वाद दे रही हो।
दीपों का अनंत प्रकाश,
ढोल-नगाड़ों की थाप और
गगनभेदी “हर हर महादेव”कृयह काशी की
आत्मा का वह गीत
था जिसमें धन्यवाद और शुभकामना का
अद्भुत संगम बह रहा
था।
सेवा और स्वच्छता का संकल्प
मोदी का यह
जन्मदिन बनारस ने केवल एक
नेता के सम्मान में
नहीं मनाया; यह उस लोक
और संस्कृति का उत्सव था
जो सेवा, स्वच्छता और आध्यात्मिकता को
जीवन का सर्वोच्च मूल्य
मानता है। काशी की
यह भव्य अर्पणावली मानो
कह रही हो, हे
काशी के लाल, तुम्हारा
यश गंगा की तरह
अनवरत बहता रहे, और
भारत का भविष्य तुम्हारे
कर्मपथ पर नित नवीन
हो।”
सेवा, श्रद्धा और संकल्प का महापर्व
सिगरा स्थित आयुष मंत्री डॉ.
दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ के कैंप कार्यालय
पर जैसे उत्सव का
सागर उमड़ पड़ा। कार्यकर्ताओं
और नागरिकों ने केक काटा,
एक-दूसरे का मुंह मीठा
कराया और गगनभेदी नारों
से वातावरण गुंजायमान कर दिया। डॉ.
मिश्र ने कहा, “प्रधानमंत्री
मोदी का जीवन राष्ट्र
के प्रति समर्पण और अदम्य संकल्प
का प्रतीक है। काशी के
प्रति उनका गहरा अनुराग
ही इस नगरी को
अभूतपूर्व विकास और वैश्विक पहचान
प्रदान कर रहा है।”
धर्मध्वनि से प्रतिध्वनित हुए मंदिर और घाट
सारनाथ के सारंगनाथ मंदिर
से लेकर विश्वविख्यात काशी
विश्वनाथ धाम तक मंत्रोच्चार
और घंटियों की अनुगूंज सुनाई
दी। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मां गंगा
को जलाभिषेक कर प्रधानमंत्री की
दीर्घायु की कामना की।
पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी
ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा
पूजन कर विश्वनाथ मंदिर
में विशेष हवन संपन्न कराया।
बालमन की मासूम प्रार्थना
मछोदरी स्मार्ट स्कूल का दृश्य तो
और भी मनोहारी था।
बच्चे लड्डू का केक काटते
हुए आरती उतार रहे
थे, उनकी नन्हीं हथेलियों
से निकली हर लौ में
श्रद्धा का उजास था।
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी
ने उन्हें चॉकलेट और कॉपियां भेंट
कर कहा, “प्रधानमंत्री का जीवन प्रत्येक
युवा के लिए पथप्रदर्शक
है।”
‘सेवा पर्व’ की प्रदर्शनी, विकसित
भारत का स्वप्नदर्शन
डॉ. संपूर्णानंद संस्कृत
विश्वविद्यालय परिसर में “विकसित भारत,
आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल
भारत” विषयक प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्य
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने किया। यहां
न्यू इंडिया/2047 के जीवंत चित्रों
में भविष्य का भारत जैसे
अपनी समूची ऊर्जस्विता के साथ उपस्थित
था। योजनाओं की झलकियां, इंटरैक्टिव
गतिविधियां और युवा-वर्ग
की भागीदारी इस आयोजन को
जन-जागरण का पर्व बना
रही थीं।
स्वास्थ्य सेवा और रक्तदान का मानवीय स्पर्श
काशी का अमर संदेश
आज की काशी
ने यह सिद्ध कर
दिया कि नरेंद्र मोदी
का नेतृत्व केवल विकास की
गाथा नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प
का जीवंत प्रतीक है। गंगा की
लहरों पर थिरकती आरतियों
से लेकर नगर की
धड़कनों तक, हर स्वर
यही कह रहा था,
“सेवा ही संकल्प, राष्ट्र
ही प्रथम।” प्रधानमंत्री के 75वें जन्मोत्सव
पर यह काशी की
सामूहिक वाणी है, जो
आने वाले भारत के
उज्ज्वल, आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य
का मंगल गीत बनकर
गूंजती रहेगी।








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