जीएसटी सुधार : खुशियों का पर्व और अर्थव्यवस्था की नई उड़ान
कर सरलीकरण
से
उपभोक्ताओं
को
राहत,
निवेश
व
रोजगार
को
नई
गति
: प्रेम शुक्ला
सुरेश गांधी
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में देश ने आज़ादी
के बाद सबसे बड़ा
आर्थिक सुधार देखा है। भाजपा
के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने वाराणसी में
पत्रकार वार्ता में इसे “खुशियों
का पर्व” करार दिया और
कहा कि 22 सितंबर से रोज़मर्रा की
अधिकतर आवश्यक वस्तुएं सस्ती होंगी। इसका लाभ किसानों,
गृहिणियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और बच्चों तक
सभी को मिलेगा।
सर्किट हाउस में आयोजित संवाद में उन्होंने कहा कि नए जीएसटी सुधारों से मांग बढ़ेगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और करोड़ों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उद्योग जगत टैक्स दरों में हुई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक अवश्य पहुंचाए।
प्रेम शुक्ला ने कर नीति का आदर्श उदाहरण देते हुए रामचरितमानस का उल्लेख किया—“जहां अधिक क्षमता हो, वहां से अधिक और जहां कम हो, वहां से कम कर लिया जाए।”
उन्होंने कहा कि जीएसटी का यही स्वरूप है। उनके अनुसार, इन सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था में पाँच “पंचरत्न” जुड़े हैं—सरल कर प्रणाली, नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, खपत और विकास को नया बूस्टर, निवेश व रोजगार को बल देने वाली ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और केंद्र-राज्य साझेदारी को मजबूत करने वाला सहकारी संघवाद। शुक्ला ने कांग्रेस शासनकाल की कर व्यवस्था को आमजन पर बोझ बताया। उन्होंने कहा कि उस समय टूथपेस्ट, साबुन, सिलाई मशीन, होटल बुकिंग, बच्चों की टॉफी तक पर 17% से 27% तक कर वसूला जाता था।उन्होंने दावा किया कि
मोदी सरकार के साहस और
दूरदृष्टि ने भारत को
दुनिया की सबसे तेज़ी
से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, चौथी सबसे बड़ी
अर्थव्यवस्था और तीसरे सबसे
बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदल दिया
है। “मोदी है तो
मुमकिन है” का नारा
इसी उपलब्धि का प्रतीक है।
पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष
व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी और सह
प्रभारी संतोष सोलापुरकर भी मौजूद रहे।




No comments:
Post a Comment