काशी में मातृशक्तियों की एकता, राष्ट्रगीत और वंदेमातरम् से गूंजा माधव सेवा प्रकल्प
राष्ट्र सेविका
समिति
के
90 वर्षों
की
सेवा
को
नमन,
राष्ट्रभक्ति
से
सराबोर
हुआ
परिसर
सुरेश गांधी
वाराणसी. काशी की धरती
पर सोमवार को मातृशक्ति की
अद्भुत एकता और राष्ट्रभक्ति
का अनुपम दृश्य देखने को मिला। राष्ट्र
सेविका समिति, काशी विभाग द्वारा
आयोजित सामूहिक राष्ट्रगीत और वंदेमातरम् का
भव्य आयोजन माधव सेवा प्रकल्प,
लोहता (चांदपुर) परिसर में अत्यंत गरिमामय
ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता,
समिति की अखिल भारतीय
बौद्धिक प्रमुख डा. शरद रेणु
दीदी ने कहा, “गीत
की रचना मां भारती
के स्वरूप को प्रत्येक भारतीय
के हृदय में देवी
रूप में स्थापित प्राणशक्ति
है। भारत के घरों
में राम और कृष्ण
तब तक हैं, जब
तक भारत राष्ट्र है।”
उन्होंने सेविकाओं को राष्ट्र निर्माण
में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया
और देश सेवा को
जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य
बताया।
समिति की 90 वर्षों की सतत राष्ट्र
सेवा को याद करते
हुए सेविकाओं ने इसे आगे
भी जारी रखने का
संकल्प लिया। गणवेशधारी सेविका बहनों ने जब एक
स्वर में राष्ट्रगीत और
वंदेमातरम् का गायन किया
तो पूरा वातावरण देशभक्ति
से गूंज उठा। कार्यक्रम की
अध्यक्षता श्रीमती वंदना जी, निदेशक अतुलानंद
शिक्षा समूह ने की।
इस अवसर पर क्षेत्र
प्रचारिक शशि बघेल दीदी,
प्रान्त कार्यवाहिका श्रीमती माया दीदी, विभाग
कार्यवाहिका श्रीमती अंजू दीदी सहित
बड़ी संख्या में सेविका बहनें
उपस्थित रहीं। संचालन प्रियंका जी ने और
धन्यवाद ज्ञापन अंजू जी ने
किया।
झलकियाँ
अनुशासन और एकता: सभी
सेविकाओं का गणवेश में
एक साथ उपस्थित होना
संगठन की शक्ति और
अनुशासन का प्रतीक रहा।
राष्ट्रभक्ति का अद्भुत प्रदर्शन:
सामूहिक राष्ट्रगीत और वंदेमातरम् से
परिसर भावविभोर हो उठा।
उत्साह और समर्पण: सेविकाओं
की ऊर्जावान भागीदारी ने राष्ट्र सेवा
के प्रति उनकी अटूट निष्ठा
को उजागर किया।

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