महाशिवरात्रि को लेकर काशी विश्वनाथ धाम में अलर्ट, सुरक्षा व व्यवस्थाओं की बनी अभेद्य रूपरेखा
उच्चस्तरीय बैठक
में
विभागों
को
जिम्मेदारियां
तय,
45 घंटे
निर्बाध
दर्शन
और
बदले
समय
पर
होगी
मंगला
आरती
सुरेश गांधी
वाराणसी. महाशिवरात्रि पर्व को सकुशल
और भव्य रूप से
संपन्न कराने के लिए श्री
काशी विश्वनाथ धाम में प्रशासनिक
तैयारियां तेज कर दी
गई हैं।
शनिवार को धाम स्थित बोर्ड रूम में मंडलायुक्त एस रालिंगम, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल तथा जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर पर्व की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के बाद मंडलायुक्त ने धाम परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। विशेष दर्शन और स्पर्श दर्शन की अनुमति महाशिवरात्रि पर्व पर संभव नहीं होगी। खास यह है कि काशीवासियों के लिए प्रातः 4 बजे से 5 बजे तक दर्शन व्यवस्था तय करने के लिए संबंधित पक्षों से अलग बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंगला आरती का समय परिवर्तित रहेगा और यह प्रातः 2ः15 बजे से 3ः15 बजे तक संपन्न होगी। इसके बाद गर्भगृह की साफ-सफाई कर सामान्य दर्शन प्रारंभ होंगे, जो लगातार 45 घंटे तक जारी रहेंगे। 16 फरवरी 2026 की रात्रि 11 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।बैठक में नगर निगम, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग सहित सुरक्षा और सुविधा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की गईं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। विद्युत विभाग को धाम परिसर और आसपास के सभी विद्युत खंभों की टेपिंग सुनिश्चित करने तथा विद्युत सुरक्षा ऑडिट पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं अग्निशमन विभाग को अग्नि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग को श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धाम परिसर में बैरिकेडिंग, प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही धाम परिसर में ग्लूकोज, ओआरएस, गुड़ और मेडिकल हेल्पडेस्क की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।
नगर निगम को पर्व
से पूर्व बंदरों और आवारा पशुओं
के नियंत्रण के लिए विशेष
अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में श्रद्धालुओं से
अपील की गई कि
वे धाम में प्रवेश
करते समय बड़े बैग,
मोबाइल फोन, स्मार्ट या
डिजिटल घड़ी, पेन, तंबाकू,
पॉलीथीन बैग, प्लास्टिक सामग्री
सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं
अपने साथ न लाएं।
साथ ही श्रद्धालुओं से
खाली पेट दर्शन के
लिए न आने की
भी अपील की गई
है।



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