Sunday, 26 April 2026

प्रधानमंत्री का दो दिवसीय दौरा, 42 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात

यूपी में विकास का महाअभियान : काशी से गंगा एक्सप्रेसवे तक

प्रधानमंत्री का दो दिवसीय दौरा, 42 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात 

काशी मेंमोदी मैजिक’ : 14 किमी का मेगा रोड शो, 50 हजार महिलाओं संग संवाद... विकास का महाधमाका!

काशी का संदेश : आस्था, शक्ति और विकास का संगम

काशी में पीएम मोदी का रोड शो से विकास शो तक, बदलती राजनीति और नई दिशा का संकेत

सुरेश गांधी

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम भर नहीं है, बल्कि यह उस बदलते परिदृश्य का प्रतीक है, जहां आस्था, जनसंपर्क और विकास एक साथ नई राजनीतिक भाषा गढ़ रहे हैं। करीब 14 किमी लंबा प्रस्तावित रोड शो अपने आप में अभूतपूर्व है। यह सिर्फ दूरी का विस्तार नहीं, बल्कि जनविश्वास की उस परिधि का संकेत है, जिसे भाजपा नेतृत्व लगातार व्यापक करने की कोशिश कर रहा है।

बीएलडब्ल्यू से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक का यह मार्ग काशी की आत्मा से होकर गुजरता है, जहां हर मोड़ पर सिर्फ राजनीति और संस्कृति का संगम दिखाई देता है, बल्कि जनआस्था और जनसमर्थन का महासागर होगा। खास यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले काशी पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। शहर के हर चौराहे पर चकाचौंध, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और जनता का उफनता उत्साह, सब मिलकर इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने को तैयार हैं।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 और 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान काशी से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे तक विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। प्रधानमंत्री वाराणसी में महिला सम्मेलन में भाग लेते हुए 6,350 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, वहीं हरदोई में 36,230 करोड़ की लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे।

50 हजार महिलाओं के बीचशक्ति संवाद

इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष बरेका में 50 हजार महिलाओं के साथ प्रस्तावित संवाद है। यह केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमेंनारी शक्तिको केंद्र में रखकर सामाजिक समीकरणों को पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। महिलाओं की भागीदारी को प्रतीकात्मकता से आगे ले जाकर उसे नीतिगत और संवादात्मक स्तर पर स्थापित करने की यह कोशिश, आने वाले चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। खास यह है कि जर्मन हैंगर तकनीक से बने भव्य पंडाल में आधुनिक सुविधाओं के साथनारी शक्तिका विराट स्वरूप नजर आएगा। केसरिया रंग से सजे इस पंडाल में गर्मी को देखते हुए एसी, कूलर और पंखों की व्यापक व्यवस्था की गई है। शहर के आठों विधानसभा क्षेत्रों से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। शहर में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिल रहा है, जहां छात्राएंवर्लीलोककला से बैरिकेडिंग को सजा रही हैं।

विकास की रफ्तार और उसका संदेश

6,269 करोड़ की 160 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास इस बात का संकेत है कि काशी को केवल धार्मिक राजधानी नहीं, बल्कि पूर्वांचल के विकास इंजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास हो रहे हैं। इनमें 1,052 करोड़ की 48 परियोजनाओं का उद्घाटन और 5,216 करोड़ की 112 योजनाओं की आधारशिला शामिल है। प्रमुख परियोजनाओं में गंगा पर 15 किमी लंबा रेल-सड़क पुल, रामनगर में पेयजल सीवर नेटवर्क, 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बीएचयू में जी$4 हॉस्टल और घाटों का विकास शामिल है। इसके अलावा इसमें वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग का चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर में रेलवे ओवरब्रिज, भगवानपुर में 55 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल जीवन मिशन की 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं और चंद्रावती घाट का कायाकल्प प्रमुख हैं। इसके साथ ही सारनाथ क्षेत्र में पर्यटन विकास, संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण, यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बेड का वृद्धाश्रम और सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी परियोजनाएं भी जनता को समर्पित होंगी। मतलब साफ है रेल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं यह दर्शाती हैं कि विकास अब केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि जीवन स्तर में प्रत्यक्ष बदलाव का माध्यम बनने की ओर अग्रसर है।

आस्था और सत्ता का संतुलन

दौरे के दुसरे दिन 29 अप्रैल की सुबह प्रधानमंत्री का भव्य रोड शो बीएलडब्ल्यू से शुरू होकर मंडुवाडीह, लहरतारा, पुलिस लाइन, लहुराबीर और मैदागिन होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचेगा। करीब एक घंटे के इस रोड शो में शहर के पांच प्रमुख स्थानों - बनारस रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन चौराहा, लहुराबीर, मैदागिन, काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र पर भव्य स्वागत होगा। हर स्थल पर लगभग 3-3 हजार लोग मौजूद रहेंगे। यह रोड शो 2024 के चुनावी रोड शो (बीएचयू से दशाश्वमेध, 5 किमी) से कहीं बड़ा और ऐतिहासिक होगा। करीब 1 साल 10 महीने बाद उनका यह दौरा आस्था और विकास के संगम का प्रतीक बनेगा। मतलब साफ है काशी विश्वनाथ धाम में प्रधानमंत्री का दर्शन-पूजन उस राजनीतिक संदेश को भी पुष्ट करता है, जिसमें आस्था और शासन एक-दूसरे के पूरक के रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। यानी दर्शन-पूजन के साथ काशी की आध्यात्मिक धड़कन से भी प्रधानमंत्री जुड़ेंगे। काशी, जो सदियों से आध्यात्मिक केंद्र रही है, अब राजनीतिक और विकासात्मक विमर्श का भी केंद्र बनती जा रही है।

5,300 करोड़ की नई परियोजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री 112 से अधिक परियोजनाओं की नींव रखेंगे, जिनमें अमृत 2.0 के तहत सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, 500 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, घाटों का विकास (अस्सी, दशाश्वमेध, नमो घाट) और प्रशासनिक भवन शामिल हैं। रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक तीसरी-चौथी रेलवे लाइन और गंगा पर रेल-सह-सड़क पुल की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिससे पूर्वांचल और बिहार की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।

दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात

प्रधानमंत्री दो नई ट्रेनों, बनारस-पुणे (हडपसर). अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें अयोध्या और मुंबई जैसे प्रमुख धार्मिक और आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए यात्रियों को सस्ती और आधुनिक सुविधा देंगी।

गंगा एक्सप्रेसवेः यूपी की विकास रीढ़

29 अप्रैल को प्रधानमंत्री हरदोई में देश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ-प्रयागराज यात्रा समय 10-12 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा। शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी आपातकालीन एयरस्ट्रिप इसकी रणनीतिक मजबूती को और बढ़ाती है।

सुरक्षा हाई अलर्ट, शहर बना किला, दुल्हन बनी काशी

शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, एसपीजी की सक्रियता और प्रशासन की तैयारियां यह दर्शाती हैं कि इस दौरे को लेकर कोई भी चूक स्वीकार्य नहीं है। साथ ही, शहर की सजावट, सांस्कृतिक चित्रांकन और जनभागीदारी यह संकेत देते हैं कि यह आयोजन केवल सरकारी नहीं, बल्कि सामाजिक उत्सव का रूप ले चुका है. लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से लेकर पूरे रोड रूट तक करीब 25 किमी को एसपीजी और पुलिस ने सुरक्षा का अभेद चक्र बना दिया है।

व्यापक राजनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, आस्था, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण के संगम का एक बड़ा संदेश है. जहां काशी से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे तक विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है। या यूं कहे काशी में प्रधानमंत्री का यह दौरा कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। यह केवल विकास परियोजनाओं की शुरुआत है, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी है, जहां जनसंपर्क, नारी सशक्तिकरण और आस्था को एक साथ साधकर नई राजनीति की पटकथा लिखी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि काशी से निकला यह संदेश उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति को किस दिशा में मोड़ता है।

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