रिजर्व पुलिस
लाइन
में
भव्य
पासिंग
आउट
परेड,
पुलिस
आयुक्त
मोहित
अग्रवाल
की
मौजूदगी
में
महिला
आरक्षियों
ने
ली
जनसेवा
की
शपथ
सुरेश गांधी
वाराणसी. काशी की धरती
ने रविवार को एक ऐतिहासिक
क्षण का साक्षी बनते
हुए महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के
नए युग का उद्घोष
किया। रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में 491 महिला प्रशिक्षु आरक्षियों की भव्य दीक्षान्त
परेड (पासिंग आउट परेड) गरिमामय
वातावरण में सम्पन्न हुई।
लगभग नौ माह के
कठिन आंतरिक एवं बाह्य प्रशिक्षण
के बाद ये सभी
महिला आरक्षियां अब औपचारिक रूप
से उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन
गई हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य
में आयोजित इस समारोह में
अनुशासन, समर्पण और शारीरिक दक्षता
का अद्भुत संगम देखने को
मिला। 18 टोलियों ने परेड कमांडर
रेनू के नेतृत्व में
सधे कदमों और एकरूपता के
साथ शानदार मार्च पास्ट किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर
दिया।
समारोह के दौरान सभी
महिला आरक्षियों ने कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी,
निष्पक्षता और जनसेवा के
प्रति समर्पण की शपथ ली।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में पुलिस आयुक्त
ने कहा कि “पुलिस
की वर्दी केवल रोजगार नहीं,
बल्कि समाज के प्रति
विश्वास और राष्ट्र सेवा
का प्रतीक है।” उन्होंने महिला
आरक्षियों को संवेदनशीलता और
पूर्ण निष्ठा के साथ अपने
कर्तव्यों का निर्वहन करने
का आह्वान किया।
इस आयोजन में
भावनाओं का भी विशेष
रंग देखने को मिला। बड़ी
संख्या में मौजूद परिजनों
की आंखों में गर्व और
खुशी झलक रही थी,
जब उनकी बेटियां वर्दी
में कदमताल करती नजर आईं।
तालियों की गूंज ने
पूरे परेड मैदान को
उत्साह और गौरव से
भर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट
प्रदर्शन करने वाली महिला
आरक्षियों को सम्मानित भी
किया गया। रोशनी गुप्ता
ने सर्वांग सर्वोत्तम का खिताब हासिल
किया, जबकि रेनू ने
परेड कमांडर और बाह्य विषयों
में सर्वोत्तम प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा
का लोहा मनवाया।
यह दीक्षान्त परेड
केवल प्रशिक्षण की पूर्णता नहीं,
बल्कि महिला सशक्तिकरण, सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था और सुरक्षित समाज
निर्माण की दिशा में
एक मजबूत कदम के रूप
में दर्ज हुई है।
काशी की इन बेटियों
ने खाकी पहनकर यह
संदेश दे दिया है
कि अब सुरक्षा की
कमान और भी सशक्त
हाथों में है।




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