किसान था पहला इनोवेटर, कारीगर हैं आत्मनिर्भर भारत की ताकत : योगी
विज्ञान भारती
के
राष्ट्रीय
अधिवेशन
में
बोले
मुख्यमंत्री,
कृषि
और
एमएसएमई
को
बताया
विकास
का
आधार
• बीएचयू
में
150 करोड़
से
बन
रहे
नेशनल
एजिंग
सेंटर
का
किया
निरीक्षण
सुरेश गांधी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
शनिवार को कहा कि
भारत की असली ताकत
उसके किसान, कारीगर और उद्यमी हैं।
एक समय किसान केवल
अन्नदाता नहीं, बल्कि नवाचार करने वाला पहला
इनोवेटर था और भारतीय
व्यापारी देश को जोड़ने
वाली महत्वपूर्ण कड़ी। उन्होंने कहा कि विज्ञान
का वास्तविक उद्देश्य लोककल्याण है और दुनिया
में जिन देशों ने
प्रगति की है, उनके
विकास के केंद्र में
यही भावना रही है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय
के स्वतंत्रता भवन में विज्ञान
भारती के सातवें राष्ट्रीय
अधिवेशन के उद्घाटन सत्र
को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री
ने कहा कि भारत
की प्राचीन ज्ञान परंपरा, कृषि व्यवस्था और
व्यापारिक कौशल ने कभी
देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था
में अग्रणी बनाया था। उन्होंने कहा
कि स्वतंत्रता से पहले भारत
की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी लगातार
घटती गई, इसलिए हमें
अपनी परंपराओं और वैज्ञानिक सोच
के समन्वय से आगे बढ़ना
होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
कृषि कभी घाटे का
सौदा नहीं थी। किसान
अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के
अनुरूप नवाचार करता था। भारत
आज भी कृषि प्रधान
देश है और कृषि
तथा एमएसएमई क्षेत्र उसकी सबसे बड़ी
ताकत हैं। उन्होंने कहा
कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 के
बाद "एक जिला-एक
उत्पाद" योजना के माध्यम से
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को
नया बाजार उपलब्ध कराया है। डिजाइन, पैकेजिंग
और विपणन की सुविधाओं से
उन्हें वैश्विक मंच मिला है।
योगी ने बताया
कि उत्तर प्रदेश का निर्यात दो
लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच
चुका है, जिसमें एमएसएमई
क्षेत्र की बड़ी भूमिका
है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों
में लगभग तीन करोड़
लोग कार्य कर रहे हैं।
इससे रोजगार के अवसर बढ़े
हैं और बेरोजगारी दर
में उल्लेखनीय कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
मां गंगा के प्रति
भारत की सनातन आस्था
रही है और भारतीय
संस्कृति में प्रकृति तथा
विज्ञान एक-दूसरे के
पूरक हैं। उन्होंने किसानों
को रसायनों के अनावश्यक प्रयोग
से बचने की सलाह
देते हुए ऑर्गेनिक और
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
देने पर जोर दिया।
साथ ही अनुसंधान और
नवाचार को विकसित भारत
की अनिवार्य आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप
प्रज्ज्वलन एवं भारत माता
के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित
कर हुई। इस दौरान
विज्ञान भारती की पुस्तिका का
विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में विज्ञान भारती
के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. शेखर पांडेय, सूक्ष्म,
लघु एवं मध्यम उद्यम
राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बीएचयू के कुलपति प्रो.
अजीत चतुर्वेदी सहित कई जनप्रतिनिधि
और अधिकारी मौजूद रहे।
नेशनल एजिंग सेंटर का किया निरीक्षण
अधिवेशन से पहले मुख्यमंत्री
ने बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान
संस्थान में लगभग 150 करोड़
रुपये की लागत से
बन रहे 200 बेड के सात
मंजिला अत्याधुनिक नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का
निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य को समयबद्ध और
उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा
करने के निर्देश दिए।
यह केंद्र देश का तीसरा
और उत्तर भारत का प्रमुख
जरा चिकित्सा संस्थान होगा। यहां बुजुर्गों के
लिए मल्टी-स्पेशियलिटी ओपीडी, मेमोरी क्लिनिक, गठिया क्लिनिक, आईसीयू, पुनर्वास सेवाएं और आधुनिक जांच
सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही जरा
चिकित्सा के क्षेत्र में
चिकित्सकों और नर्सों के
प्रशिक्षण तथा अनुसंधान को
भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य बातें
🔹 96 लाख एमएसएमई इकाइयों
में
3 करोड़
लोगों
को
रोजगार
🔹 ओडीओपी से
कारीगरों
को
मिला
नया
बाजार
🔹 बीएचयू में
150 करोड़ की
लागत
से
बन
रहा
200 बेड
का
नेशनल
एजिंग
सेंटर
🔹 ऑर्गेनिक व
जीरो
बजट
खेती
को
बढ़ावा
देने
पर
जोर
🔹 ‘मां गंगा के
प्रति
आस्था
और
विज्ञान
साथ-साथ
चलते
हैं’
विज्ञान भारती
के
सातवें
राष्ट्रीय
अधिवेशन
का
उद्घाटन
विज्ञान को
बताया
लोककल्याण
का
माध्यम
कृषि और
एमएसएमई
को
बताया
भारत
की
सबसे
बड़ी
ताकत

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