Wednesday, 17 June 2026

मुख्यमंत्री के एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग विजन को काशी में मिली नई उड़ान

मुख्यमंत्री के एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग विजन को काशी में मिली नई उड़ान

एआई मेटा के अलर्ट ने बचाई एक जिंदगी, चौबेपुर पुलिस की तत्परता से टली आत्महत्या

बनारस में पहली बार एआई अलर्ट के आधार पर पुलिस ने मिनटों में युवक तक पहुंचकर की काउंसलिंग, तनावग्रस्त युवक ने छोड़ा आत्मघाती कदम

सुरेश गांधी

वाराणसी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि जीवन बचाने का भी माध्यम बन रही है। वाराणसी में पहली बार एआई मेटा के अलर्ट के आधार पर वरुणा जोन की चौबेपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 26 वर्षीय युवक की जान बचा ली। इसे काशी में एआई आधारित पुलिसिंग का पहला उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को एआई मेटा अलर्ट सिस्टम के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि चोलापुर क्षेत्र के एक युवक ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया है। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन में राजेंद्र यादव, दुर्गेश मिश्रा, कांस्टेबल जुगनू पासवान और महिला कांस्टेबल प्रियंका की टीम बिना समय गंवाए युवक के घर पहुंची। पुलिस ने युवक और उसके परिजनों से बातचीत कर काउंसलिंग की। पता चला कि युवक मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पुलिस टीम ने उसे जीवन के महत्व और कठिन परिस्थितियों से सकारात्मक तरीके से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया। काउंसलिंग का असर हुआ और युवक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने तथा भविष्य में इस प्रकार की पोस्ट करने का संकल्प लिया।

युवक के परिजनों ने पुलिस की संवेदनशीलता, मानवीय व्यवहार और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि सूचना मिलने में देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहे हैं। वाराणसी की यह पहल बताती है कि तकनीक और संवेदनशील पुलिसिंग का समन्वय केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बचाने में भी प्रभावी साबित हो सकता है।

अपील

वरुणा जोन पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा हो तो उसे अकेला छोड़ें। ऐसी स्थिति में तत्काल 112 या निकटतम थाने से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि हर जीवन अनमोल है और सहायता के लिए पुलिस हर समय तत्पर है। 

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