Monday, 15 June 2026

हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच कैलाश धाम की ओर बढ़े आस्था के कदम

हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच कैलाश धाम की ओर बढ़े आस्था के कदम 

गाजियाबाद के कैलाश मानसरोवर भवन से प्रथम दल रवाना, शिवभक्ति, वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों से गूंजा परिसर | मंत्री सुनील शर्मा ने दिखाई हरी झंडी, 21 दिन की दिव्य यात्रा पर निकले 47 श्रद्धालु

सुरेश गांधी

वाराणसी. मानो स्वयं देवाधिदेव महादेव ने अपने भक्तों को कैलाश धाम का निमंत्रण भेज दिया हो। "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और " नमः शिवाय" के गगनभेदी जयघोष, शिव भजनों की मधुर स्वर लहरियों, ढोल-नगाड़ों की मंगलध्वनि और श्रद्धा से भीगी आंखों के बीच सोमवार को गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम के कैलाश मानसरोवर भवन से कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के प्रथम दल का भव्य शुभारंभ हुआ। पूरा परिसर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो कैलाश पर्वत की दिव्य अनुभूति स्वयं धरती पर उतर आई हो।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर विधिवत यात्रा के लिए रवाना किया। उनके साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं के उत्साह, भक्ति और आस्था ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। इस प्रथम दल के लिए कुल 50 श्रद्धालुओं का पंजीकरण हुआ था। विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण के बाद 47 श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया। इन्हें लाइजन ऑफिसरों, आईटीबीपी के जवानों और चिकित्सा दल की निगरानी में विशेष बसों के माध्यम से एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया, जहां से उनकी आगे की यात्रा प्रारंभ होगी।

पूजा-अर्चना के बाद लिया भोलेनाथ का आशीर्वाद

प्रस्थान से पूर्व सभी श्रद्धालुओं ने कैलाश मानसरोवर भवन स्थित शिव मंदिर में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान शिव का रुद्राभिषेक एवं आरती संपन्न हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने परिवारजनों और उपस्थित लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए भावुक क्षणों के बीच यात्रा का शुभारंभ किया। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं, तो अनेक भक्त भक्ति संगीत पर झूमते हुए शिव नाम का गुणगान करते दिखाई दिए।

शिवभक्ति में डूबा रहा पूरा परिसर

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने यात्रियों की विदाई को अविस्मरणीय बनाने के लिए विशेष सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की थी। परिसर में लगातार शिव भजनों का गायन, ताशों और ढोल की मंगलध्वनि तथा श्रद्धालुओं का सामूहिक जयघोष ऐसा वातावरण निर्मित कर रहा था, जिसे देखकर उपस्थित हर व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हो उठा। बसों के प्रस्थान के समय श्रद्धालु "हर-हर महादेव" के उद्घोष के साथ भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए कैलाश यात्रा पर निकल पड़े।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित रहा पांच दिवसीय प्रवास

यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं ने कैलाश मानसरोवर भवन में पांच दिनों तक प्रवास किया। इस दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने उन्हें आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराईं। सुरक्षित एवं आरामदायक आवास, सात्विक एवं पौष्टिक भोजन, योग एवं प्राणायाम के माध्यम से उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अनुरूप शारीरिक तैयारी, चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस सेवा, आध्यात्मिक साहित्य तथा यात्रा संबंधी मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ टीम की व्यवस्था की गई। पूरे प्रवास के दौरान प्राधिकरण के उपाध्यक्ष स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करते रहे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़े।

श्रद्धालुओं ने जताया आभार

यात्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा की व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं से कठिन हिमालयी यात्रा भी अधिक सुरक्षित और सहज बन रही है।

नाथुला दर्रे से कैलाश धाम तक पहुंचेगा प्रथम दल

कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का यह पहला दल सिक्किम के नाथुला दर्रे के मार्ग से भगवान शिव के परम पावन धाम कैलाश मानसरोवर की ओर अग्रसर होगा। लगभग 21 दिनों तक चलने वाली इस आध्यात्मिक यात्रा में श्रद्धालु कैलाश पर्वत की पवित्र परिक्रमा तथा मानसरोवर के दर्शन कर अपने जीवन की सबसे दुर्लभ आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता योगेश पटेल, उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव (धर्मार्थ कार्य) विश्व भूषण मिश्रा सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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