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Wednesday, 7 October 2026

वडनगर से काशी तक दौड़ी सेवा की बाइक, बाबा विश्वनाथ के चरणों में पहुंचा संकल्प सेवा

मोदी इतिहास पढ़ने वाले नहीं, इतिहास के निर्माता : नितिन नवीन

वडनगर से काशी तक दौड़ी सेवा की बाइक, बाबा विश्वनाथ के चरणों में पहुंचा संकल्प सेवा

20 हजार किमी की यात्रा के बाद काशी पहुंचे युवा, गूंजा विकसित भारत का संकल्प

25 साल पहले गुजरात से शुरू हुई यात्रा ने बदली देश की तस्वीर : योगी

सुरेश गांधी

वाराणसी। वडनगर की मिट्टी से उठी आस्था, सेवा और जनसंपर्क की यात्रा बुधवार को बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी में पहुंचकर अपने पड़ाव पर पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर निकली वडनगर-काशी सेवा संकल्प बाइक यात्रा के समापन समारोह में राजनीति के तीन अलग-अलग भूगोल—गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम—एक मंच पर दिखाई दिए। करीब 20 हजार किमी की यात्रा पूरी कर काशी पहुंचे युवाओं का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। यात्रा के दौरान युवाओं ने जगह-जगह सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सरोकारों से जुड़कर प्रधानमंत्री के सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। यात्रा में 500 बाइक यात्री शामिल रहे।

जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित समापन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री पंकज चौधरी, भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। समारोह में काशी ने वडनगर से आए यात्रियों का स्वागत किया तो मंच से सेवा, संकल्प और विकसित भारत का संदेश गूंजा। कार्यक्रम में 50 हजार लोगों की मौजूदगी का लक्ष्य रखा गया था।

नितिन नवीन बोले—इतिहास पढ़ने वाले नहीं, इतिहास के निर्माता हैं मोदी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल इतिहास को पढ़ने का काम नहीं किया, बल्कि इतिहास के निर्माता बनने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास बनाने की क्षमता उसी व्यक्ति में होती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का संकल्प और समाज के लिए कुछ करने का सामर्थ्य रखता है। उन्होंने कहा कि गुजरात में आए भूकंप के बाद नरेंद्र मोदी ने स्वयं को गुजरात के पुनर्निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। गुजरात को संकट से निकालकर विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का काम किया गया। गुजरात मॉडल के माध्यम से विकास की जिस सोच को आगे बढ़ाया गया, उसका प्रभाव बाद में पूरे देश में देखने को मिला। नितिन नवीन ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो भारत अनेक चुनौतियों से गुजर रहा था। देश का युवा निराशा और अनेक समस्याओं के दौर से गुजर रहा था। आज उसी भारत में विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। जम्मू-कश्मीर से लेकर देश के विभिन्न क्षेत्रों तक विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम हुआ है। भारत आज अपनी जरूरतों की वस्तुएं स्वयं बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी देश अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि एक गांव से दूसरे गांव और एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचकर लोगों से जुड़ना, सेवा करना और राष्ट्र निर्माण का संदेश देना इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यही युवा विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की शक्ति हैं।

योगी बोले—25 साल पहले गुजरात से शुरू

हुई यात्रा ने बदल दी भारत की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा और उसमें शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को गुजरात से शुरू होकर पूरे देश के परिवर्तन की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि काशी की इस पावन धरती पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और यात्रा में शामिल सभी युवाओं का काशीवासियों तथा उत्तर प्रदेश के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से हृदय से स्वागत और अभिनंदन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी का गुजरात की धरती पर मुख्यमंत्री के रूप में आगमन हुआ था। यह वही समय था, जब गुजरात भूकंप की त्रासदी से गुजर रहा था। भूकंप ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। ऐसे कठिन समय में नरेंद्र मोदी को गुजरात की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने कहा कि गुजरात उस समय उजड़ा हुआ था। लोगों के सामने अनेक चुनौतियां थीं। लेकिन नरेंद्र मोदी ने साहस के साथ गुजरात को फिर से खड़ा करने का प्रयास किया। राहत से पुनर्वास और पुनर्वास से विकास की यात्रा शुरू हुई। देखते ही देखते गुजरात संकट से बाहर निकला और विकास के एक मॉडल के रूप में सामने आया। योगी ने कहा कि 25 वर्ष पहले गुजरात की धरती से शुरू हुई यह यात्रा आज पूरे भारत के परिवर्तन की यात्रा बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मानचित्र पर एक ताकत के रूप में उभरा है।

‘आज का भारत 10 वर्ष पहले के भारत से बिल्कुल अलग’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने भी बदलाव की बड़ी यात्रा तय की है। दस वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की जो तस्वीर थी, वह डराने वाली थी। जमीन पर कब्जे का संकट था। जिस जमीन पर माफिया की नजर पड़ जाती थी, वह जमीन उसकी हो जाती थी। व्यापारियों को भय के वातावरण में जीना पड़ता था और शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने में भी डरते थे। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान का संकट था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने उस तस्वीर को बदलने का काम किया है। माफिया और अपराधियों के प्रभाव को समाप्त किया गया और कानून का राज स्थापित हुआ। योगी ने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर और ब्रज-वृंदावन का विकास उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुका है। काशी और अयोध्या की बदलती तस्वीर पूरे देश के सामने है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर सभी के सामने है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करने में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कामाख्या से विश्वनाथ तक पहुंचा एकता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न पवित्र नदियों का जल लेकर युवा काशी पहुंचे हैं। बाबा विश्वनाथ को जल समर्पित करने का यह प्रयास देश की एकता और सांस्कृतिक भावनाओं को जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल युवाओं ने तमाम परिस्थितियों का सामना करते हुए हजारों किलोमीटर की दूरी तय की। रास्ते में उन्होंने सेवा की, लोगों से संवाद किया और स्वच्छता सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया। यात्रा का उद्देश्य केवल काशी तक पहुंचना नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। योगी ने कहा कि यही ऊर्जा आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सेवा-संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए युवा शक्ति को इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।

हिमंत बिस्व सरमा बोले—कामाख्या की

धरती से विश्वनाथ की नगरी को प्रणाम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने काशी पहुंचने पर सबसे पहले बाबा विश्वनाथ को नमन किया। उन्होंने कहा कि वह कामाख्या की धरती से बाबा विश्वनाथ की धरती को प्रणाम करने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में गुजरात गंभीर संकट से गुजर रहा था। उस समय भाजपा के सामने ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता थी, जो गुजरात को संकट से बाहर निकाल सके और आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा सके। पार्टी ने नरेंद्र मोदी को गुजरात की जिम्मेदारी दी। सरमा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात संकट से बाहर निकला और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा। एक व्यक्ति के नेतृत्व में गुजरात का परिवर्तन हुआ और आगे चलकर यही परिवर्तन पूरे देश की विकास यात्रा का आधार बना। उन्होंने कहा कि एक समय भाजपा को देश में सीमित राजनीतिक शक्ति के रूप में देखा जाता था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा देश के व्यापक हिस्से में मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित है। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्र में भी अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का आत्मविश्वास बढ़ा है।

यात्रा में सेवा भी, स्वच्छता का संदेश भी

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं है। यात्रा के दौरान युवाओं ने जहां लोगों का सहयोग लिया, वहीं कई स्थानों पर स्वच्छता और सेवा के कार्य भी किए। किसी ने स्वागत किया, किसी ने साथ चलने की इच्छा जताई और किसी ने सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया। यही इस यात्रा की विशेषता रही। यात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन से मिली प्रेरणा को अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ाना है। सेवा रुकनी नहीं चाहिए और विकसित भारत का संकल्प भी थमना नहीं चाहिए। समारोह का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ हुआ। काशी की धरती पर वडनगर से चली इस यात्रा का पड़ाव युवाओं के लिए सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की नई ऊर्जा लेकर आया।

कार्यक्रम में वडोदरा के सांसद हेमांग जोशी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ सुनील पटेल, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

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