शादी-समारोह से मिड-डे मील तक असर, वसूली की शिकायत
पूर्वांचल में सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लाइन
कालाबाजारी पर
होगी
सख्त
कार्रवाई,
शिकायत
की
पुष्टि
होने
पर
होगी
रासुका
के
तहत
कार्रवाई
: जिलाधिकारी
सुरेश गांधी
वाराणसी. पूर्वांचल के जिलों में घरेलू गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लाइन लग रही है। वहीं गैस सिलिंडर के चलते शादी-समारोह से लेकर मिड-डे मील तक असर देखने को मिल रहा। उधर, कुछ जगहों पर 1200 रुपये तक वसूली की शिकायत भी मिली है। इस तरह की शिकायतों पर जब जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की गयी तो एक बात साफ नजर आयी, गैस की संकट नहीं बल्कि युद्ध के लंबा खींचने की आशंका से लोग कम से कम एक-दो सिलेंडर घर में एडवांस रखना चाहते है. इसकी पुष्टि खुद कई गैस संचालाकों ने भी की है. भदोही में गैस वितरक संचालक विनोद सोनकर ने सोशल मीडिया में वीडियों जारी करते हुए कहा, वर्तमान में गैस की कोई किल्लत नहीं है. साथ ही उन्होंने लोगों से पैनिक न होने की सलाह दी है.
फिरहाल, अफवाहों एवं कालाबाजारी के
चलते वाराणसी सहित पूर्वांचल के
कई जिलों में गैस सिलिंडर
की किल्लत बढ़ रही है।
शादी-समारोह से लेकर मिड-डे मील तक
यह संकट असर डाल
रहा है। बड़े कार्यक्रमों
में लोग सिलिंडर के
साथ-साथ लकड़ी और
कोयले की भी खरीदारी
शुरू कर रहे हैं।
कई एजेंसियों पर नोकझोंक की
भी शिकायतें आ रही हैं।
हालांकि प्रशासन का दावा है
कि किल्लत नहीं है। अगर
कहीं कोई कालाबाजारी करेगा
तो कार्रवाई की जाएगी। इधर
जिले में लंबे समय
बाद कई एजेंसियों पर
सुबह से ही लंबी
लाइनें लगी दिखाई दीं।
डीएम ने कड़े शब्दों
में चेतावनी देते हुए कहा
कि अफवाह फैलाने वाले, गैस की जमाखोरी
करने वाले या कालाबाजारी
में लिप्त पाए जाने वाले
लोगों के खिलाफ सख्त
कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने
नागरिकों से अपील की
कि गैस की उपलब्धता
को देखते हुए अनावश्यक रूप
से अतिरिक्त सिलेंडर की बुकिंग या
घरों में भंडारण न
करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं
को समय पर गैस
मिल सके। उन्होंने यह
भी स्पष्ट किया कि घरेलू
एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग,
अनधिकृत भंडारण या अवैध वितरण
नियमों के विरुद्ध है।
ऐसे मामलों में संबंधित लोगों
के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई
की जाएगी।
इलाके में गैस की
किल्लत चार दिनों से
बढ़ी है। बताया जा
रहा है कि 800 सिलेंडरों
की मांग थी और
मात्र 465 सिलेंडर तीसरे दिन पहुंचे। जबकि
गैस संचालक का कहना है
कि प्रतिदिन 250 सिलेंडर की खपत होती
है। अभी अचानक मांग
बढ़ गई है। कुछ
ऐसा ही रोहनिया क्षेत्र
में भी देखने को
मिली, जहां शादी वाले
परिवारों ने बताया कि
उन्होंने 1200 रुपये देकर सिलेंडर लिया
है। इसकी बड़ी वजह
बुकिंग नहीं हो पा
रही है.पहले की
तरह एजेंसी पर भी आसानी
से सिलिंडर नहीं मिल पा
रहा है. कुछ फास्ट
फूड का रेस्टोरेंट चलाने
वाले दुकानदारों ने बताया कि
अभी उनके पास कुछ
एक दो दिन का
स्टॉक है। खास यह
है कि शहरी इलाकों
के भी कुछ लोगों
की शिकायत है कि ट्रॉली
वाले पहले डीसी नंबर
लेकर सिलिंडर को ऊंचे दाम
पर बेच रहे हैं
और जिनकी बुकिंग है उनका कॉल
नहीं उठा रहे हैं।
इसके चलते शादी वाले
परिवारों को काफी परेशानी
उठानी पड़ रही है,
जिसके कारण उन्हें महंगे
दामों पर सिलिंडर उठाने
पड़ रहे हैं। जिन
लॉन या वाटिका में
शादी की बुकिंग पहले
से हुई है, वे
भी तमाम तरह की
समस्याएं बता रहे हैं।
भंडारा और मिड-डे मील व्यवस्था प्रभावित
कामर्शियल गैस सिलिंडर की
किल्लत बढ़ने से वैवाहिक
व धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ
विद्यालयों में मिड-डे
मील व्यवस्था भी प्रभावित होने
लगी है। प्राथमिक पाठशालाओं
से संबंधित कुछ प्रधानों ने
बताया कि गैस सिलिंडर
उपलब्ध न होने के
कारण बच्चों का मिड-डे
मील लकड़ी और उपले
के सहारे बनवाना पड़ रहा है।
धार्मिक आयोजन पर भी प्रभाव
शहर में चल
रहे धार्मिक आयोजनों पर भी गैस
की किल्लत का असर दिखाई
दे रहा है। श्रीमद्भागवत
कथा के आयोजनों व
अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भंडारे के
लिए पहले से बुक
कराए गए गैस के
सिलिंडर की उपलब्धता नहीं
होने से आयोजक परेशान
हैं।
अफवाहों में आकर भी कुछ लोग लगा रहे भीड़
शहरी व ग्रामीण
क्षेत्रों में गैस एजेंसियों
से सप्लाई होती है। एजेंसी
प्रबंधन का कहना है
कि रोज की तरह
ही सिलेंडर की आपूर्ति हो
रही है, हालांकि 60 रुपये
बढ़े दाम उपभोक्ताओं से
लिए जा रहे हैं।
खास यह है कि
कुछ गांवों में गैस पाइपलाइन
होने के बावजूद लोग
सिलिंडर भराने के लिए एजेंसियों
का चक्कर लगा रहे हैं।
इसकी बड़ी वजह यह
है कि गैस की
किल्लत से ज्यादा अफवाहों
के कारण लोग घबराकर
पहले बुकिंग कराने की होड़ लगा
रहे हैं।
अफवाहों पर न दें ध्यान, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य : डीएम
जिलाधिकारी ने कहा कि
हाल के दिनों में
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर सोशल
मीडिया पर गैस की
संभावित कमी से जुड़ी
भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही
हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भ्रम
फैल रहा है। उन्होंने
स्पष्ट किया कि जिले
में गैस की कोई
कमी नहीं है और
आम नागरिकों को ऐसी अफवाहों
से सावधान रहने की जरूरत
है। साथ ही जिले
में रसोई गैस की
कमी को लेकर सोशल
मीडिया पर फैल रही
अफवाहों को लेकर जिला
प्रशासन ने स्पष्ट किया
है कि एलपीजी गैस
की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
है। जिलाधिकारी ने लोगों से
अफवाहों पर ध्यान न
देने और अनावश्यक रूप
से गैस सिलेंडर का
भंडारण न करने की
अपील की है।
कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान
पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल
के क्षेत्रीय प्रबंधकों ने बताया कि
जिले में गैस की
आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
है और सभी वितरकों
को उनकी मांग के
अनुसार समय-समय पर
सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे
हैं। फिर भी जिलाधिकारी
ने गैस वितरकों को
निर्देश दिया है कि
उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों
के अनुसार समय पर गैस
सिलेंडर उपलब्ध कराएं और वितरण व्यवस्था
में किसी प्रकार की
अनियमितता न होने दें।
साथ ही संबंधित अधिकारियों
को एलपीजी गोदामों और वितरण केंद्रों
का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यकता
पड़ने पर तलाशी और
जब्ती की कार्रवाई करने
के निर्देश दिए। कहा कि
जिले में एलपीजी गैस
की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
है और किसी प्रकार
की घबराहट की जरूरत नहीं
है। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर
भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं
के तहत कार्रवाई की
जाएगी।


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