बिजली विभाग में ‘वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग’ पर बवाल
संविदाकर्मियों
की
छंटनी,
इंजीनियरों
पर
कार्रवाई
से
आक्रोश—संघर्ष
समिति
की
चेतावनी,
“गर्मी
में
व्यवस्था
ध्वस्त
होने
की
जिम्मेदारी
प्रबंधन
की”
सुरेश गांधी
वाराणसी. वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर संविदाकर्मियों की छंटनी, नियमित कर्मचारियों के दूरस्थ स्थानांतरण और मेरठ में अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों के निलंबन को लेकर बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की खामियों को छिपाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनी विभाग की छवि को गलत नीतियों के कारण धूमिल किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया
कि नए ट्रांसफार्मर खराब
क्यों नहीं हो रहे,
जबकि 20 से 40 बार मरम्मत किए
जा चुके पुराने ट्रांसफार्मर
ही बार-बार जल
रहे हैं। इसके बावजूद
उनकी क्षति का ठीकरा अभियंताओं
और जूनियर इंजीनियरों पर फोड़ा जाना
तानाशाही का परिचायक है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी
कि यदि गर्मी से
पहले संविदाकर्मियों की वापसी नहीं
की गई तो बिजली
व्यवस्था पूरी तरह चरमरा
सकती है। पूर्वांचल में
लगभग दो हजार और
वाराणसी में 400 से अधिक संविदाकर्मियों
की छंटनी से पहले ही
हालात बिगड़ने लगे हैं।
समिति का आरोप है
कि लखनऊ, अयोध्या, मेरठ सहित अन्य
शहरों में लागू की
गई वर्टिकल व्यवस्था पूरी तरह विफल
रही है। इसके बावजूद
प्रबंधन अपनी नाकामी स्वीकारने
के बजाय कर्मचारियों पर
कार्रवाई कर रहा है।
अयोध्या में एक आदेश
के तहत 52 अल्प वेतनभोगी संविदाकर्मियों
की सेवा समाप्त किए
जाने को भी समिति
ने अमानवीय बताया। संघर्ष समिति ने आशंका जताई
कि आगामी गर्मियों में बिजली आपूर्ति
में संभावित व्यवधानों का ठीकरा कर्मचारियों
पर डालने की तैयारी की
जा रही है।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बंद कर संवाद शुरू नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। सभा को राजेन्द्र सिंह, ई. एस.के. सिंह, अंकुर पाण्डेय, राजेश सिंह, पंकज यादव, मनोज जैसवाल, बंशीलाल, अरुण पटेल और आशुतोष राय सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।


No comments:
Post a Comment