गोमती जोन में सख्त पुलिसिंग
का आगाज
नवागत डीसीपी नीतू कादयान ने संभाला कार्यभार, थाना प्रभारियों को दिए कड़े निर्देश
तकनीक आधारित पारदर्शी
पुलिसिंग पर जोर
सुरेश गांधी
वाराणसी. कमिश्नरेट वाराणसी के गोमती जोन में कानून-व्यवस्था
को और अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। नवागत पुलिस
उपायुक्त (डीसीपी) गोमती जोन, नीतू कादयान ने अपना कार्यभार ग्रहण करते ही सख्त और
परिणामोन्मुखी पुलिसिंग के संकेत दे दिए। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद डीसीपी कादयान
ने जोन के सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत परिचयात्मक एवं समीक्षा
गोष्ठी आयोजित की। इस बैठक में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का सूक्ष्म विश्लेषण
किया गया और अपराध नियंत्रण से लेकर जनता के प्रति व्यवहार तक हर पहलू पर स्पष्ट दिशा-निर्देश
दिए गए।
कानून-व्यवस्था पर फोकस, अपराध पर जीरो
टॉलरेंस
बैठक के दौरान डीसीपी ने साफ किया कि
गोमती जोन में अपराध के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने
गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता
बढ़ाने तथा अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा को
सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि हर थाना क्षेत्र में महिला संबंधी शिकायतों
पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिक विशेषकर महिलाओं में
सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हो।
जनता से व्यवहार में संवेदनशीलता पर जोर
डीसीपी कादयान ने स्पष्ट निर्देश दिए
कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ शिष्ट, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार किया
जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि व्यवहार से भी बनती
है। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का त्वरित, पारदर्शी
और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, जिससे आमजन का भरोसा पुलिस पर और मजबूत हो।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को बनाया अनिवार्य
आधुनिक दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते
हुए डीसीपी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न केवल कार्य में तेजी आती है, बल्कि पारदर्शिता
और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। ई-साक्ष्य ऐप के जरिए सभी अभियोगों में एसआईडी समयबद्ध
और शुद्ध रूप से जनरेट करने के निर्देश दिए गए। ‘यक्ष ऐप’
पर सभी आवश्यक प्रविष्टियों को नियमित अपडेट करने को अनिवार्य किया गया। बीट आरक्षियों
को अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
के निर्देश दिए गए।
न्यायालयी प्रक्रिया में लापरवाही नहीं
होगी बर्दाश्त
डीसीपी ने न्यायालय से जुड़े मामलों में
विशेष सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि सम्मन, नोटिस,
बीडब्ल्यू और एनबीडब्ल्यू की शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ई-सम्मन
पोर्टल की नियमित जांच कर हर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने
साफ कहा कि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
अवैध गतिविधियों पर चलेगा सख्त अभियान
गोमती जोन में गो-तस्करी, अवैध शराब,
जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ व्यापक और सतत अभियान चलाने के निर्देश दिए
गए। डीसीपी ने कहा कि ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई
की जाए और क्षेत्र में अपराध के प्रति स्पष्ट संदेश जाए कि कानून का उल्लंघन करने वालों
को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
थानों में पारदर्शिता और अनुशासन पर विशेष
जोर
थानों में बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह
प्रतिबंधित करने के निर्देश देते हुए डीसीपी ने कहा कि दलालों या अनधिकृत व्यक्तियों
की मौजूदगी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित
किया कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें और उच्चाधिकारियों
को अवगत कराते हुए विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण और टीमवर्क से मजबूत होगी पुलिसिंग
डीसीपी कादयान ने आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल
पर लंबित प्रशिक्षणों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रशिक्षण
से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और दक्षता में वृद्धि होती है। उन्होंने सभी अधिकारियों
और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों
से ही कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है।
जनविश्वास बढ़ाने का संकल्प
बैठक के अंत में डीसीपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिसिंग का अंतिम उद्देश्य जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करेगी, तो जनता का भरोसा स्वतः बढ़ेगा। गोमती जोन में नवागत डीसीपी की इस सख्त और व्यवस्थित कार्यशैली से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी नजर आएगी।

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