काशी को
पीएम
मोदी
की
6,332 करोड़
की
मेगा
सौगात
: 163 परियोजनाओं से विकास
को
नई
रफ्तार
काशी में गूंजा नारी शक्ति का जयघोष, पीएम ने मांगा आशीर्वाद, 33 फीसदी आरक्षण का दोहराया संकल्प
हजारों बहनों-बेटियों
की
मौजूदगी
में
विकास
योजनाओं
की
सौगात,
विरोधियों
पर
भी
साधा
निशाना
विकसित भारत
का
सपना
तभी
साकार
होगा,
जब
देश
की
नारी
शक्ति
मजबूत
होगी:
पीएम
मोदी
सिग्नेचर ब्रिज,
मल्टीस्पेशियलिटी
अस्पताल,
सीवर-वॉटर
सप्लाई
और
घाटों
के
कायाकल्प
से
बदलेगी
तस्वीर
सुरेश गांधी
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय
दौरे पर मंगलवार को
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां एयरपोर्ट से
लेकर शहर के प्रमुख
मार्गों तक उनका अभूतपूर्व
स्वागत हुआ। “हर-हर महादेव”
और “मोदी-मोदी” के
नारों से पूरी काशी
गूंज उठी। शहर को
होर्डिंग, स्टैंडी और कटआउट से
सजाया गया था, जबकि
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
किए गए थे।
प्रधानमंत्री ने बीएलडब्ल्यू मैदान
में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित किया,
जहां हजारों की संख्या में
महिलाओं की भागीदारी ने
इसे नारी शक्ति के
महाकुंभ में बदल दिया।
कार्यक्रम स्थल पर बने
विभिन्न सेक्टरों में स्वयं जाकर
प्रधानमंत्री ने महिलाओं का
अभिवादन किया, जिससे उत्साह चरम पर पहुंच
गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री
ने वाराणसी को विकास की
ऐतिहासिक सौगात दी। उन्होंने 6,332.08 करोड़ रुपये
लागत की 163 परियोजनाओं का लोकार्पण और
शिलान्यास किया, जिसमें 1,054.69 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और
5,277.39 करोड़ की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल
है। यह सौगात न
केवल काशी बल्कि पूरे
पूर्वांचल के विकास को
नई गति देने वाली
मानी जा रही है।
काशी दिव्य शक्तियों की भूमि
अपने संबोधन की
शुरुआत “हर-हर महादेव”
के उद्घोष से करते हुए
प्रधानमंत्री ने काशी की
आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया,
और सभी माताओं, बहनों
और बेटियों को प्रणाम किया।
उन्होंने कहा कि यह
नगरी मां गंगा, माता
अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी और
बाबा विश्वनाथ की कृपा से
समृद्ध दिव्य ऊर्जा की भूमि है,
शक्ति की प्रतीक है
और यहां की नारी
शक्ति पूरे देश को
दिशा देने का सामर्थ्य
रखती है। इस दौरान
प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति
को केंद्र में रखते हुए
विकास और सशक्तिकरण का
बड़ा संदेश दिया। मां गंगा और
बाबा विश्वनाथ की नगरी में
हजारों की संख्या में
जुटीं महिलाओं के बीच उन्होंने
कहा कि विकसित भारत
का सपना तभी साकार
होगा, जब देश की
नारी शक्ति मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन
में स्पष्ट किया कि सरकार
का सबसे बड़ा लक्ष्य
महिलाओं को उनका अधिकार
दिलाना है। उन्होंने लोकसभा
और विधानसभा में महिलाओं के
लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के
संकल्प को दोहराया। साथ
ही विपक्षी दलों, कांग्रेस, सर्पा और अन्य पर
निशाना साधते हुए कहा कि
कुछ राजनीतिक दल महिलाओं को
आगे बढ़ते नहीं देखना
चाहते और लगातार इस
प्रयास में बाधा डालते
रहे हैं।
विकास की योजनाओं का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि
बीते वर्षों में देश और
काशी में अभूतपूर्व विकास
हुआ है। उन्होंने बताया
कि देश में 12 करोड़
से अधिक शौचालयों का
निर्माण हुआ. करोड़ों परिवारों
को बिजली और गैस कनेक्शन
मिले. सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का
भविष्य सुरक्षित हुआ. मुद्रा योजना
के जरिए महिलाओं को
रोजगार के अवसर मिले.
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर 3 करोड़
से अधिक महिलाएं ‘लखपति
दीदी’ बन चुकी हैं.
उन्होंने कहा कि 30 करोड़
से अधिक महिलाओं के
बैंक खाते खोले गए,
जिससे आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला।
उन्होंने कहा कि सरकार
का प्रयास है कि हर
महिला आत्मनिर्भर बने और अपने
घर की मालकिन के
रूप में सशक्त जीवन
जी सके।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने यूपी की
बदली तस्वीर का जिक्र करते
हुए कहा कि एक
समय था जब महिलाओं
के लिए घर से
निकलना भी चुनौती था,
लेकिन आज स्थिति बदल
चुकी है। महिला पुलिस
चैकियों और सख्त कानून
व्यवस्था से महिलाओं का
आत्मविश्वास बढ़ा है।
नारी शक्ति से मांगा आशीर्वाद
प्रधानमंत्री ने भावुक अंदाज
में कहा, मैं आज
यहां आप सभी बहनों-बेटियों से आशीर्वाद लेने
आया हूं। आपका समर्थन
ही मेरी सबसे बड़ी
ताकत है। उन्होंने महिलाओं
से आह्वान किया कि वे
देश के विकास में
भागीदारी बढ़ाएं और सशक्त भारत
के निर्माण में सहयोग दें।
विरोधियों पर तीखा प्रहार
सभा के दौरान
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर
तीखा हमला बोलते हुए
कहा कि कुछ दल
केवल परिवारवाद की राजनीति करते
हैं और महिलाओं के
अधिकारों को नजरअंदाज करते
हैं। उन्होंने कहा कि जब
भी महिलाओं के लिए बड़े
फैसले लेने की बात
आती है, यही दल
सबसे पहले विरोध में
खड़े हो जाते हैं।
इन दलों ने वर्षों
तक महिलाओं की उपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि उनकी
सरकार “नागरिक देवो भवः” और
“नारी शक्ति सम्मान” के सिद्धांत पर
काम करती है।
काशी में दिखा उत्सव जैसा माहौल
प्रधानमंत्री की सभा को
लेकर पूरे शहर में
उत्साह का माहौल रहा।
कार्यक्रम स्थल पर सुबह
से ही महिलाओं की
भारी भीड़ जुटनी शुरू
हो गई थी। पारंपरिक
वेशभूषा में आईं महिलाओं
ने जयघोष के साथ प्रधानमंत्री
का स्वागत किया। काशी की धरती
से प्रधानमंत्री का यह संदेश
साफ रहा कि आने
वाले समय में नारी
शक्ति ही भारत के
विकास की सबसे बड़ी
आधारशिला बनेगी। 33ः आरक्षण के
वादे और योजनाओं के
जिक्र के साथ उन्होंने
महिलाओं को केंद्र में
रखकर राजनीतिक और विकासात्मक दोनों
मोर्चों पर अपनी प्राथमिकता
स्पष्ट कर दी। उन्होंने
कहा, “नारी शक्ति ही
नए भारत की असली
ताकत है और जब
महिलाएं आगे बढ़ती हैं
तो पूरा समाज आगे
बढ़ता है।
अमृत भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने काशी से
पुणे के लिए अमृत
भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी
दिखाकर रवाना किया। इससे काशी, अयोध्या
और महाराष्ट्र के बीच यात्रा
और अधिक आसान हो
जाएगी तथा श्रद्धालुओं को
आधुनिक सुविधा मिलेगी।
आधी आबादी में विपक्ष के खिलाफ गुस्सा: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
प्रधानमंत्री का स्वागत करते
हुए उन्हें “नए भारत का
निर्माता” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
के नेतृत्व में काशी में
अब तक 35 हजार करोड़ रुपये
की परियोजनाएं पूरी हो चुकी
हैं, जबकि 20 हजार करोड़ की
परियोजनाएं प्रगति पर हैं। योगी
ने विपक्ष पर हमला बोलते
हुए कहा कि “आधी
आबादी के मन में
विपक्ष के खिलाफ गुस्सा
है।
महिलाएं समाज और परिवार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती : नितिन नबीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
नितिन नबीन ने कहा
कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में
महिलाओं के जीवन में
अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने
कहा, “जिस प्रकार मां
गंगा भारतीय संस्कृति को सिंचित करती
हैं, उसी प्रकार देश
की महिलाएं समाज और परिवार
के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाती हैं।
काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय
मंत्री पंकज चैधरी ने
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
में पूजा-अर्चना कर
देश की समृद्धि की
कामना की।
पीएम के भाषण की 5 बड़ी बातें
नारी
शक्ति
को
बताया
विकसित
भारत
की
आधारशिला
33ः महिला आरक्षण
लागू
करने
का
दोहराया
वादा
3 करोड़ ‘लखपति
दीदी’
का
जिक्र
काशी
को
बताया
वैश्विक
पहचान
वाला
शहर
विपक्ष
पर
परिवारवाद
और
महिला
विरोध
का
आरोप
आंकड़ों में नारी सशक्तिकरण
12 करोड़़ शौचालय
30 करोड़़ महिलाओं
के
बैंक
खाते
3 करोड़़ ‘लखपति
दीदी’
करोड़ों
उज्ज्वला
गैस
कनेक्शन
लाखों
स्वयं
सहायता
समूह
सक्रिय
महिलाओं में दिखा उत्साह
सम्मेलन में शामिल महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आई महिलाओं ने योजनाओं का लाभ मिलने की बात कही और प्रधानमंत्री के संबोधन पर जोरदार समर्थन जताया। मतलब साफ है काशी की धरती से प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा, नारी शक्ति ही विकसित भारत की धुरी है। विकास परियोजनाओं, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और 33ः आरक्षण के संकल्प के साथ उन्होंने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में राजनीति और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।

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