अक्षय तृतीया : सोने की चमक से दमका पूर्वांचल, 1500 करोड़ तक कारोबार का अनुमान
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शादी सीजन
और
शुभ
मुहूर्त
का
असर
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हल्के-डिजाइनर
गहनों
की
मांग
बढ़ी
·
ज्वेलर्स के
ऑफर
से
ग्राहकों
में
उत्साह
सुरेश गांधी
वाराणसी. अक्षय तृतीया के अवसर पर
पूर्वांचल का सर्राफा बाजार
पूरी तरह से सज
चुका है। वाराणसी समेत
भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर
और सोनभद्र तक सोने-चांदी
की दुकानों पर ग्राहकों की
आवाजाही तेज हो गई
है। इस बार अक्षय
तृतीया पर धार्मिक आस्था
के साथ-साथ शादी-विवाह के सीजन और
निवेश की प्रवृत्ति ने
बाजार को खासा गर्म
कर दिया है। व्यापारिक
संगठनों और सर्राफा कारोबारियों
के अनुसार, इस बार पूरे
पूर्वांचल में अक्षय तृतीया
के दिन करीब 1200 से
1500 करोड़ रुपये तक का कारोबार
होने का अनुमान है।
इसमें सबसे बड़ा हिस्सा
वाराणसी का होगा, जहां
बड़े ब्रांडेड शो-रूम से
लेकर पारंपरिक सर्राफा बाजार तक ग्राहकों की
अच्छी भीड़ देखने को
मिल रही है।
मान्यता है कि इस
दिन बिना मुहूर्त देखे
भी खरीदारी शुभ होती है।
अक्षय तृतीया पर पूर्वांचल का
ज्वेलरी बाजार पूरी तरह से
उत्साह और संभावनाओं से
भरा हुआ है। धार्मिक
आस्था, विवाह सीजन और निवेश
की सोच ने मिलकर
इस पर्व को आर्थिक
दृष्टि से भी अत्यंत
महत्वपूर्ण बना दिया है।
वाराणसी से लेकर बलिया
और सोनभद्र तक, हर जिले
में सोने-चांदी की
चमक न केवल बाजार
को रोशन कर रही
है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों
को भी नई ऊर्जा
दे रही है।
बनारस बना बाजार का केंद्र, जिलों में भी रौनक
पूर्वांचल में ज्वेलरी कारोबार
का सबसे बड़ा केंद्र
वाराणसी है। यहां के
चौक, गोदौलिया, लहुराबीर, सिगरा और महमूरगंज जैसे
इलाकों में स्थित ज्वेलरी
शोरूमों में ग्राहकों की
भीड़ लगातार बढ़ रही है।
अनुमान के मुताबिक, वाराणसी
में अकेले 400 से 500 करोड़ रुपये तक
का कारोबार हो सकता है।
वहीं भदोही, मिर्जापुर और जौनपुर जैसे
जिलों में भी बाजार
सक्रिय है। ग्रामीण और
कस्बाई क्षेत्रों में भी अक्षय
तृतीया को लेकर उत्साह
कम नहीं है। आजमगढ़,
मऊ, बलिया, गाजीपुर और सोनभद्र में
मध्यमवर्गीय परिवार और किसान वर्ग
सोने-चांदी की खरीदारी को
शुभ मानते हैं, जिससे इन
जिलों में भी 70 से
120 करोड़ रुपये तक का कारोबार
होने की संभावना जताई
जा रही है।
महंगा सोना, फिर भी मांग बरकरार
हालांकि इस समय सोने
की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास
बनी हुई हैं, इसके
बावजूद खरीदारी पर खास असर
नहीं पड़ा है। कारोबारियों
का कहना है कि
अक्षय तृतीया ऐसा पर्व है,
जब लोग कीमत की
परवाह कम करते हैं
और शुभता को प्राथमिकता देते
हैं। हालांकि महंगाई के कारण ग्राहकों
के खरीदारी के तरीके में
बदलाव जरूर आया है।
पहले जहां भारी गहनों
की मांग ज्यादा होती
थी, वहीं अब लोग
हल्के और डिजाइनर गहनों
को प्राथमिकता दे रहे हैं।
बदलता ट्रेंड : हल्के और डिजाइनर गहनों की बढ़ी मांग
इस बार बाजार
में पारंपरिक भारी गहनों के
साथ-साथ आधुनिक डिजाइन
के हल्के गहनों की मांग तेजी
से बढ़ी है। ज्वेलर्स
के अनुसार : 10 से 20 ग्राम तक के हल्के
सेट्स की मांग ज्यादा.
डायमंड और स्टोन जड़ित
ज्वेलरी लोकप्रिय. प्लैटिनम रिंग और कपल
बैंड का ट्रेंड. रोजमर्रा
पहनने वाले (डेली वियर) गहनों
की बिक्री में उछाल. इसके
अलावा, अक्षय तृतीया पर शगुन के
तौर पर गोल्ड कॉइन
और चांदी के सिक्के खरीदने
की परंपरा भी कायम है।
शादी सीजन ने बढ़ाई खरीदारी
अक्षय तृतीया के बाद पूर्वांचल
में विवाह का सीजन शुरू
हो जाएगा। ऐसे में लोग
अभी से गहनों की
खरीदारी कर रहे हैं।
ज्वेलर्स के अनुसार : ब्राइडल
सेट्स की एडवांस बुकिंग
बढ़ी. कस्टमाइज्ड ज्वेलरी का ट्रेंड बढ़ा.
परिवार एक साथ बड़ी
खरीदारी कर रहे हैं.
शादी-ब्याह के कारण इस
बार बाजार में सामान्य दिनों
की तुलना में कहीं अधिक
उत्साह देखा जा रहा
है।
महिलाओं में खास उत्साह
महिलाओं के बीच अक्षय
तृतीया को लेकर विशेष
उत्साह है। वे इसे
न केवल धार्मिक पर्व,
बल्कि निवेश और भविष्य की
तैयारी के रूप में
भी देख रही हैं।
अब एक नया ट्रेंड
देखने को मिल रहा
है, “अभी खरीदें, बाद
में पहनें” यानी महिलाएं अक्षय
तृतीया के शुभ मुहूर्त
पर गहने खरीद रही
हैं और उनका उपयोग
शादी या अन्य त्योहारों
में करने की योजना
बना रही हैं।
ऑफर और स्कीम से बाजार में प्रतिस्पर्धा
ग्राहकों को आकर्षित करने
के लिए ज्वेलर्स ने
कई तरह की योजनाएं
शुरू की हैं। मेकिंग
चार्ज में छूट, पुराने
गहनों के बदले नए
गहने, एडवांस बुकिंग पर विशेष ऑफर,
गोल्ड रेट प्रोटेक्शन स्कीम,
कई शोरूम ग्राहकों को आकर्षित करने
के लिए “जीरो मेकिंग
चार्ज” और आकर्षक गिफ्ट
भी दे रहे हैं।
निवेश का भरोसेमंद विकल्प बना सोना
भारतीय परंपरा में सोना सिर्फ
आभूषण नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश
माना जाता है। अक्षय
तृतीया पर खरीदा गया
सोना “अक्षय” यानी कभी खत्म
न होने वाली समृद्धि
का प्रतीक माना जाता है।
इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों
में भी लोग अपनी
क्षमता के अनुसार सोना
या चांदी जरूर खरीदते हैं।
बाजार की रणनीति : कम वजन, ज्यादा डिजाइन
महंगाई के कारण बाजार
ने भी अपनी रणनीति
बदली है। हल्के वजन
में आकर्षक डिजाइन, कम बजट में
ज्यादा विकल्प, एक्सचेंज और ईएमआई विकल्प.
इससे ग्राहकों को राहत भी
मिल रही है और
बाजार की गति भी
बनी हुई है।
अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त
तिथिः 19 अप्रैल 2026, पूरे दिन अबूझ
मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ), खरीदारी के प्रमुख समय
: सुबहः 05ः50 बजे से
12ः20 बजे तक. दोपहर
: 12ः20 बजे से 03ः00
बजे तक. शामः 05ः30
बजे से 08ः00 बजे
तक.
हर जिले की अलग भूमिका, अनुमानित कारोबार
वाराणसी
: पूर्वांचल का सबसे बड़ा
सर्राफा बाजार, यहां ब्रांडेड शो-रूम से लेकर
पारंपरिक सुनार तक सभी सक्रिय
हैं। अनुमानित कारोबार : 400 से 500 करोड़ तक.
भदोही
: कालीननगरी के रूप में
पहचान, लेकिन यहां निवेश के
रूप में सोने की
खरीद बढ़ी. अनुमान : 100 से
150 करोड़.
मिर्जापुर
: ग्रामीण-शहरी मिश्रित बाजार,
चांदी और हल्के गहनों
की मांग अधिक. अनुमानः
120 से 150 करोड़ तक.
जौनपुर,
आजमगढ़,
मऊ
: मिडिल क्लास और ग्रामीण खरीदारों
का बड़ा बेस, अनुमानः
प्रत्येक जिले में 80 से
120 करोड़.
बलिया,
गाजीपुर,
सोनभद्र
: शादी सीजन की एडवांस
खरीदारी से बाजार सक्रिय,
अनुमान : 70 से 100 करोड़ प्रति जिला.
क्या खरीद रहे हैं ग्राहक? बदला ट्रेंड
इस बार बाजार
में सिर्फ पारंपरिक भारी गहनों की
जगह डिजाइनर और हल्के गहनों
का ट्रेंड दिख रहा है।
नए
ट्रेंड
: हल्के वेट की गोल्ड
ज्वेलरी, डायमंड और स्टडेड ज्वेलरी,
प्लैटिनम रिंग्स और कपल बैंड,
डेली वीयर ज्वेलरी.
गोल्ड
कॉइन
(शगुन
के
लिए)
: अब ग्राहक “वैल्यू ओवर वॉल्यूम” यानी
कम वजन लेकिन बेहतर
डिजाइन को प्राथमिकता दे
रहे हैं।
विवाह मुहूर्त— कब बजेगी शहनाई, कब रहेगा विराम
मांगलिक कार्य शुरू: बुधवार से, अक्षय तृतीया
के साथ विवाह सीजन
की शुरुआत
कुल
विवाह
मुहूर्त
अप्रैल : 6 दिन → 20, 21, 25, 26, 28, 30
मई : 7 दिन → 03, 05, 06, 07, 08,
12, 14
जून : 10 दिन → 19, 20, 21, 22, 23,
24, 25, 27, 28, 29
जुलाई : 6 दिन → 01, 02, 06, 07, 08, 11
अप्रैल–मई में कुल 13 शुभ विवाह मुहूर्त

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