वाराणसी पुलिस ने 8 लाख का गाजा पकड़ा, बोलेरो समेत तस्कर दबोचा
लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस
व एसओजी की संयुक्त रेड, दिल्ली कनेक्शन उजागर, अंतरराज्यीय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
डीसीपी नीतू कादयान ने
इस गुडवर्क टीम को 25 हजार का नगद ईनाम दिया है
सुरेश गांधी
वाराणसी. पुलिस कमिश्नरेट की अपराध शाखा ने शहर
में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए 88 किलो गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार
किया है, जिसकी कीमत 8 लाख रुपये बतायी जा रही है. यह सफलता थाना लालपुर-पाण्डेयपुर
और एसओजी की संयुक्त टीम को मिली है. दावा है कि पहाड़िया मंडी इलाके में दबिश देकर
बोलेरो वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ
शहर में सक्रिय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि अंतरराज्यीय सप्लाई चेन के
संकेत भी मिले हैं। खास यह है कि पुलिस की यह बड़ी सफलता उस वक्त हाथ लगी, जब डीसीपी
नीतू कादयान अपना कार्यभर संभाल रही थी और उन्होंने इस गुडवर्क टीम को 25 हजार का नगद
ईनाम भी दिया है. डीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ
अभियान लगातार चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में लगातार हो रही कार्रवाई से तस्करों
में हड़कंप मचा है। शहर में बाहरी राज्यों से आने वाली नशे की खेपों पर विशेष नजर रखी
जा रही है और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, मौके पर दबोचा
गया तस्कर
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत
करते हुए डीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (अपराध) के निर्देशन में प्रभारी
निरीक्षक राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम को सूचना मिली कि पहाड़िया मंडी में एक
बोलेरो वाहन से बड़ी मात्रा में गांजा लाकर बिक्री की तैयारी की जा रही है। सूचना की
पुष्टि होते ही थाना लालपुर-पाण्डेयपुर और एसओजी की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की
घेराबंदी कर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया,
जिसके कब्जे से 56 पैकेट गांजा (कुल 88 किलो) बरामद हुआ।
दिल्ली में रहकर चला रहा था तस्करी का नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कपिलदेव सिंह
(46 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है, जबकि वर्तमान में
उत्तरी दिल्ली के नेहरू विहार, तिमारपुर क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस की प्रारंभिक
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय था और
विभिन्न राज्यों से गांजा लाकर पूर्वांचल के बाजारों में खपाने का काम करता था।
बोलेरो में छिपाकर लाई गई थी खेप
पुलिस के अनुसार गांजा की खेप बोलेरो
वाहन (संख्या एचजे 10 बीजे 7297) में छिपाकर लाई गई थी। आरोपी पहाड़िया मंडी में इसे
छोटे-छोटे हिस्सों में बेचने की तैयारी में था। समय रहते की गई कार्रवाई से पुलिस ने
इस बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया।
कार्रवाई करने वाली टीम
इस पूरी कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
के सदस्य : प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह (थाना लालपुर-पाण्डेयपुर). उपनिरीक्षक
गौरव सिंह (प्रभारी, एसओजी). उपनिरीक्षक आयुष पाण्डेय (एसओजी). मुख्य आरक्षी ब्रह्मदेव
(एसओजी). मुख्य आरक्षी प्रमोद सिंह (एसओजी). आरक्षी अवनीश पाण्डेय (एसओजी). आरक्षी
आलोक मौर्य (एसओजी). आरक्षी दिनेश कुमार (एसओजी). आरक्षी पवन कुमार तिवारी (एसओजी).
आरक्षी प्रेम पटेल (एसओजी). उपनिरीक्षक कमलेश कुमार (थाना लालपुर-पाण्डेयपुर). मुख्य
आरक्षी सिद्धार्थ राय (थाना लालपुर-पाण्डेयपुर). आरक्षी सूरज तिवारी (थाना लालपुर-पाण्डेयपुर).
बरामदगी एक नजर में
56 पैकेट अवैध गांजा
कुल वजनः 88 किलोग्राम
बोलेरो वाहन
₹200 नकद
आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी
वीवो मोबाइल फोन
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज, जांच जारी
थाना लालपुर-पाण्डेयपुर में आरोपी के
खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और बीएनएस की धारा 336(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया
गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा कर रहे हैं। पुलिस अब आरोपी के
नेटवर्क, सप्लाई चैन और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
पहले भी रहा है अपराधी इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी
पहले भी नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है, वर्ष 2020 में मिर्जापुर
में एनडीपीएस एक्ट का मामला, वर्ष 2022 में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई. इससे साफ है
कि आरोपी पेशेवर तस्कर है और पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुका है।
यहां से हुई गिरफ्तारी
आरोपी को पहाड़िया मंडी गेट नंबर-01, सीआरपीएफ
कैंप के पीछे, थाना लालपुर-पाण्डेयपुर क्षेत्र, वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
बड़ी बात
👉 88 किलो गांजा की बड़ी खेप जब्त
👉 अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत
👉 दिल्ली कनेक्शन आया सामने
👉 पहले भी एनडीपीएस मामलों में शामिल रहा आरोपी

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