Wednesday, 27 August 2025

फिर रौद्र हुईं गंगा, खतरे के पार पहुंची लहरें

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण

फिर रौद्र हुईं गंगा, खतरे के पार पहुंची लहरें 

डेंजर जोन की ओर बढ़ते हालात से सहमें कछारवासी 

जलस्तर में लगातार 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि हो रही है  

राहत शिविरों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी : सत्येंद्र कुमार

सुरेश गांधी

वाराणसी. गंगा एक बार फिर अपने रौद्र रूप में दिख रही हैं। या यूं कहे गंगा का जलस्तर लगातार चढ़ाव पर है और घाट किनारे की बस्तियों के लिए अब खतरे की घंटी बजने लगी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार बुधवार को शाम 6 बजे तक गंगा का जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया है। यह जलस्तर चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से ऊपर पहुंच गया है। खतरनाक स्तर 71.262 मीटर है। विशेषज्ञों के अनुसार, जलस्तर में लगातार 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि हो रही है। आयोग के मुताबिक चेतावनी स्तर : 70.262 मीटर है, खतरे का स्तर : 71.262 मीटर है। जबकि अब तक का उच्चतम स्तर (एचएफएल) : 73.901 मीटर है।

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी ने घाटों निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मतलब साफ है गंगा का जलस्तर एक बार फिर वाराणसी में खतरे का संकेत दे रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने राजघाट, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, अस्सी और वरुणा संगम क्षेत्रों में दबाव बढ़ा दिया है। निचले इलाकों में रहने वालों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। वहीं कछार के परिवारों को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने गंगा घाटों पर बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। नगर निगम, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। राहत सामग्री का भंडारण किया जा रहा है और घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नाव संचालन पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राजघाट, पंचगंगा, मच्छोदरी और अस्सी घाट की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। घाटों पर पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो चुकी हैं। नाविक और घाट किनारे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। नाव संचालन पहले से बंद है। आदमपुर, सरैया, नागवा और बलुआघाट जैसे इलाकों में लोग अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर यूपी की नदियों होने लगा है। शीतला मंदिर में एक बार फिर से गंगा का पानी प्रवेश कर गया। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट का निचला हिस्सा पूरी तरह डूबने से मणिकर्णिका घाट पर छत पर शवदाह हो रहा है जबकि हरिश्चंद्र घाट में अब गली में शवदाह हो रहा है।

प्रशासन अलर्ट

जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया है। राहत दल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को सक्रिय किया गया है। नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित बस्तियों में पीने के पानी और अस्थायी आश्रय स्थल की व्यवस्था शुरू की है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, बिजली सुरक्षा, और राहत सामग्री तैनात की जा रही है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे परिवारों को खाद्य राहत सामग्री और मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही हो।  जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने अब तक राहत शिविरों में शरण नहीं ली है, उन्हें भी खाद्य सामग्री और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाए, जब तक कि पानी कम नहीं हो जाता। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नाव से विभिन्न बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार और संबंधित लेखपाल से उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने लाउड हेलर के माध्यम से प्रभावित नागरिकों से नदियों में स्नान से परहेज करने और नजदीकी राहत शिविरों में शरण लेने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने नमो घाट से एनडीआरएफ की मोटरबोट द्वारा आदिकेशव घाट होते हुए वरुणा नदी किनारे किला कुहना, कोनिया, सरैया, ढेलवारीया, सलारपुर, हुकुलगंज, दनियालपुर और नक्खीघाट क्षेत्रों का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी काशी ज़ोन गौरव वंशवाल, डीसीपी गोमती ज़ोन प्रमोद कुमार, एसडीएम सदर नितिन सिंह, नायब तहसीलदार, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौजूद रहीं।

गंगा जलस्तर स्थिति (सीडब्ल्यूसी राजघाट, वाराणसी)

समयः शाम 600 बजे

चेतावनी स्तर : 70.262 मीटर

खतरा स्तर : 71.262 मीटर

आज का जलस्तर : 70.66 मीटर

डेंजर जोन : 73.901 मीटर

वर्तमान रुझान : प्रति घंटे लगभग 3 सेमी की वृद्धि

बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्याः 65 

राहत शिविर संचालितः 12

राहत शिविरों में ठहरे परिवारः 450

एनडीआरएफ नावें तैनातः 15

जल पुलिस नावेंः 10

तैनात अधिकारी कर्मचारीः 200

प्रमुख प्रभावित क्षेत्र : किला कुहना, कोनिया, सरैया, ढेलवारीया, सलारपुर, हुकुलगंज, दनियालपुर, नक्खीघाट

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