पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प
आवास, पेंशन, सुरक्षा और भवन सरकार की प्राथमिकता : श्रम मंत्री अनिल राजभर
पराड़कर भवन
को
हेरिटेज
स्वरूप
में
किया
जाएगा
विकसित
रिंग रोड
पर
बड़े
और
आधुनिक
भवन
के
लिए
मांगा
गया
स्टीमेट
प्रपोजल
कोरोना काल
में
मृत
पत्रकार
रामेन्द्र
सिंह
के
परिजनों
को
मिलेगी
सहायता
कैंट विधायक
सौरभ
श्रीवास्तव
ने
21हज़ार
दिया
काशी पत्रकार
संघ
की
डायरी
का
अतिथियों
ने
किया
विमोचन
खेल प्रतियोगिताओं
में
भाग
लेने
वाले
पत्रकार
हुए
सम्मानित
सुरेश गांधी
वाराणसी। गणतंत्र दिवस का पावन
अवसर और काशी की
पत्रकारिता—जब ये दोनों
एक साथ मंच पर
आए, तो माहौल केवल
उत्सव का नहीं, बल्कि
आत्ममंथन, संकल्प और भविष्य की
दिशा तय करने वाला
बन गया। काशी पत्रकार
संघ के पराड़कर स्मृति भवन के गर्दे
सभागार में आयोजित आनन्द
चंदोला खेल महोत्सव के
तहत मीडिया खेल पुरस्कार वितरण
समारोह में उत्तर प्रदेश
के श्रम मंत्री अनिल
राजभर ने बतौर मुख्य
अतिथि पत्रकारों के हितों को
लेकर सरकार की प्राथमिकताएं खुलकर
रखीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
पत्रकारों की सुरक्षा, आवास,
पेंशन और कार्यस्थल से
जुड़े बुनियादी ढांचे सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं
में शामिल हैं।
श्रम मंत्री अनिल
राजभर ने कहा कि
पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ
हैं और उनके सशक्तिकरण
के बिना लोकतंत्र मजबूत
नहीं हो सकता। उन्होंने
माना कि काशी पत्रकार
संघ का पराड़कर भवन
ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप
से महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे
पूरी तरह समाप्त करने
की नहीं, बल्कि हेरिटेज के रूप में
विकसित करने की योजना
है। इसके साथ ही
उन्होंने यह भी स्वीकार
किया कि वर्तमान जरूरतों
के लिहाज से भवन छोटा
पड़ रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि शहर
के विस्तार और भविष्य की
आवश्यकताओं को ध्यान में
रखते हुए रिंग रोड
क्षेत्र में एक बड़ा,
आधुनिक और सुविधायुक्त भवन
काशी पत्रकार संघ को मिलना
चाहिए। इसके लिए उन्होंने
संघ से कहा कि
बिंदुवार आवश्यकताओं के साथ अनुमानित
लागत (स्टीमेट) और स्पष्ट रोडमैप
वाला प्रस्ताव तैयार किया जाए। श्रम
मंत्री ने भरोसा दिलाया
कि प्रस्ताव मिलने के बाद सरकार
से स्वीकृति दिलाना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी
होगी।
अनिल राजभर ने
अपने संबोधन में पत्रकारों की
आवासीय समस्या, पेंशन और सुरक्षा को
भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार
चाहती है कि पत्रकार
न केवल सुरक्षित माहौल
में कार्य करें, बल्कि उनके भविष्य की
भी ठोस व्यवस्था हो।
इसी क्रम में उन्होंने
कोरोना काल में दिवंगत
पत्रकार साथी रामेन्द्र सिंह
के मुआवजे के मामले का
उल्लेख करते हुए कहा
कि इसमें शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और
सहायता राशि जल्द ही
उनके परिजनों को सौंपी जाएगी।
साथ ही उन्होंने पत्रकारों के मुद्दे पर
सरकार के स्तर पर
हर सम्भव सहयोग का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि
के रूप में मौजूद
सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र
प्रभार) आयुष मंत्री दयाशंकर
मिश्रा ‘दयालु’ ने कहा कि
काशी की पत्रकारिता ने
हमेशा समाज को दिशा
देने का काम किया
है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों
से जुड़े मामलों में वे भी
हरसंभव सहयोग करेंगे। कहा काशी केवल
आध्यात्मिक नगरी नहीं, बल्कि
वैचारिक और बौद्धिक चेतना
का भी प्राचीन केंद्र
रही है। आधुनिक हिंदी
पत्रकारिता की नींव को
मजबूत करने में काशी
की ऐतिहासिक भूमिका रही है। भारतेंदु
हरिश्चंद्र से लेकर स्वतंत्रता
आंदोलन के दौर के
अनेक संपादकों-लेखकों तक, काशी ने
पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार,
राष्ट्रीय चेतना और जनपक्षधरता से
जोड़ा। यहाँ की पत्रकारिता
ने सत्ता से प्रश्न पूछने
का साहस, समाज की विसंगतियों
को उजागर करने की दृष्टि
और राष्ट्रनिर्माण की भावना को
साथ-साथ साधा। वहीं कैंट
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने
मंच से 21 हज़ार देने का
आश्वासन दिया.
मेयर अशोक तिवारी
ने भी पत्रकारों एवं
पत्रकारिता के मूल्यों पर
विस्तार से चर्चा की.
कहा गणतंत्र दिवस हमें यह
स्मरण कराता है कि अभिव्यक्ति
की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन उसका
उपयोग सत्य, न्याय और लोकहित के
लिए होना चाहिए। काशी
की पत्रकारिता परंपरा इसी मूल्यबोध की
वाहक रही है। जनप्रतिनिधियों
ने पराड़कर जी की स्थली
को संरक्षित और संवर्धित करने
में हर स्तर पर
सहयोग का भरोसा दिया।
इस अवसर पर
काशी पत्रकार संघ की वार्षिक
डायरी – 2026 का भी अतिथियों
द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। डायरी
को पत्रकारों के लिए उपयोगी
जानकारी, संपर्क सूत्र और संघ की
गतिविधियों का दस्तावेज बताया
गया। अतिथियों ने डायरी के
प्रकाशन को संघ की
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समारोह के दौरान आयोजित
खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने
वाले पत्रकारों को पुरस्कार देकर
सम्मानित भी किया गया।
यह आयोजन न केवल खेल
भावना को प्रोत्साहित करने
वाला रहा, बल्कि पत्रकारों
के बीच आपसी सौहार्द
और सामूहिकता को भी मजबूत
करने वाला साबित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी
पत्रकार संघ के अध्यक्ष
अरुण मिश्रा ने की। अपने
अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा
कि संघ का उद्देश्य
केवल भवन या सुविधाएं
हासिल करना नहीं, बल्कि
पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा
और सामाजिक प्रतिष्ठा को मजबूत करना
है। उन्होंने श्रम मंत्री और
अन्य अतिथियों का आभार जताते
हुए कहा कि यह
पहली बार है जब
किसी मंत्री ने इतनी स्पष्टता
से प्रस्ताव मांगते हुए उसे स्वीकृत
कराने की जिम्मेदारी स्वयं
ली है।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री
जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने
मंच से पत्रकारों की
समस्याओं, आवश्यकताओं और संघ की
भावी योजनाओं को क्रमबद्ध तरीके
से रखा। उन्होंने सभी
पत्रकार साथियों से आह्वान किया
कि वे एकजुट होकर
ठोस और व्यावहारिक प्रस्ताव
तैयार करें, ताकि सरकार के
समक्ष मजबूती से अपनी बात
रखी जा सके। खेल आयोजन
पर प्रकाश रोहित चतुर्वेदी ने डाला। रामजी
श्रीवास्तव व अनूप शील
पिन्टू ने सुमधुर गीतो
से लोगों का दिल जीत
लिया। इसके पूर्व काशी
पत्रकार संघ के अध्यक्ष
अरुण मिश्र ने पूर्वान्ह नौ
बजे पराड़कर स्मृति भवन पर राष्ट्रीय
ध्वज फहराया।
समारोह के अंत में
यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि यदि
सरकार, जनप्रतिनिधि और पत्रकार संगठन
मिलकर समन्वित प्रयास करें, तो काशी में
पत्रकारों के लिए न
केवल बेहतर कार्यस्थल, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य
भी सुनिश्चित किया जा सकता
है। गणतंत्र दिवस के अवसर
पर यह आयोजन केवल
औपचारिकता नहीं, बल्कि पत्रकार हितों के लिए एक
नई शुरुआत के रूप में
देखा गया।
अतिथियों व आगंतुकों का
स्वागत काशी पत्रकार संघ
के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने
किया। जबकि कार्यक्रम का
संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव एवं धन्यवाद डॉ.
जय प्रकाश श्रीवास्तव ने दिया। पुरस्कार
वितरण समारोह में कैट विधायक
सौरभ श्रीवास्तव, सहायक श्रमायुक्त अविनाश चंद्र तिवारी, संघ के पूर्व
अध्यक्ष योगेश गुप्त, राजनाथ तिवारी, सुभाष चंद्र सिंह, डॉ॰ अत्रि भारद्वाज,
वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष
चंदन रुपानी, मंत्री विनय शंकर सिंह,
कोषाध्यक्ष संदीप गुप्त, वरिष्ठ पत्रकार शुभाकर दूबे, कविन्द्र नारायण श्रीवास्तव, हिमांशु उपाध्याय, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, आशीष बागची, श्याम
बिहारी श्यामल, आशुतोष पाण्डेय, संजय मिश्र, रमेशचन्द्र
राय, कैलाश यादव, अखिलेश मिश्रा, सुरेन्द्र नारायण तिवारी, पुरूषोत्तम चतुर्वेदी, दीनबन्धु राय, अजय राय,
व्यापारी नेता अजीत सिंह
बग्गा, प्रेम मिश्रा, कमलाकांत पांडे, विनय गुप्ता, घनश्याम
जायसवाल, राहुल मेहता, श्याम किशोर सिंह, संजय जायसवाल, रजनीश
कन्नौजिया, वरिष्ठ सीए सुदेशना वसु,
वरिष्ठ अधिवक्ता अजय मुखर्जी व
धीरेन्द्र नाथ शर्मा, शंकर
चतुर्वेदी, अरविन्द कुमार, राधेश्याम कमल, देवकुमार केशरी,
सुरेश गांधी, उमेश गुप्ता, आनन्द
मौर्या, अभिषेक सिंह, छविकिशोर मिश्र, एमडी जावेद, राजेश
राय, विजय शंकर गुप्ता,
संजय गुप्ता, रविन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, ओंकार तिवारी, संजय उपाध्याय, विमलेश
चतुर्वेदी, मुन्ना लाल साहनी, राजेश
यादव, मिर्जा अतहर हुसैन, मीरा
वोहरा, संजय सिंह, अमित
शर्मा, अवधेश सिंह, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी, राजेन्द्र यादव, आकाश जायसवाल, प्रदीप
सिंह, योगेश यादव, कौशर अली कुरैशी,
मोहम्मद रफउद्दीन फरीदी, अंबरीष सिंह, अजित सिंह, नरेन्द्र
यादव, पंकज सिनहा, अरुण
सिंह, पंकज चतुर्वेदी, जयनारायण
आदि उपस्थित थे।
ये
हुए
पुरस्कृत:
प्रशांत मोहन, संदीप गुप्ता, रविकर दुबे, चंदन रूपानी, रोहित
चतुर्वेदी, आर संजय, अरुण
मालवीय, चन्द्रप्रकाश, संतोष चौरसिया, शंकर चतुर्वेदी, पंकज
त्रिपाठी, रमेश वर्मा, विजय
कुमार, दिनेश दत्त पाठक, अशोक
पाण्डेय, अश्वनी चक्रवाल, जमुनाधर गुप्ता, शोएब रजा।


