Tuesday, 12 May 2026

व्यापार मंडल ने बढ़ाया आयुर्वेद अस्पताल का हाथ

व्यापार मंडल ने बढ़ाया आयुर्वेद अस्पताल का हाथ 

21 कुर्सियां, 700 लीटर फिनायल-टॉयलेट क्लीनर भेंट, मुफ्त इलाज व्यवस्था की सराहना

आयुष मंत्री से अस्पताल पर विशेष ध्यान देने की अपील, बोले सुविधाएं बढ़ें तो मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

सुरेश गांधी

वाराणसी। शहर के संपूर्णानंद आयुर्वेद चिकित्सालय में मंगलवार को सामाजिक सरोकार और सेवा भावना का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। वाराणसी व्यापार मंडल की ओर से अस्पताल को 21 कुर्सियां तथा करीब 700 लीटर फिनायल और टॉयलेट क्लीनर सौंपा गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सालय की प्रभारी अधीक्षक डॉ. पूनम द्विवेदी और डॉ. भगवान दास की मौजूदगी में सामग्री अस्पताल प्रशासन को सौंपी गई।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्घा ने कहा कि संपूर्णानंद आयुर्वेद चिकित्सालय गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत का केंद्र है, जहां मरीजों को निःशुल्क इलाज, भर्ती और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि अस्पताल को अपेक्षित सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है। ऐसे में व्यापार मंडल आगे भी जरूरत के अनुसार सहयोग करता रहेगा।

उन्होंने प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु से अस्पताल की सुविधाओं और संसाधनों पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि इससे डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस अवसर पर डॉ. भगवान दास ने लोगों से अंधविश्वास और भूत-प्रेत जैसी बातों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारियों के इलाज के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय पद्धति पर भरोसा करना चाहिए। कार्यक्रम में महामंत्री कविंद्र जायसवाल, डॉ. संजय सिंह, राजीव वर्मा, अरविंद जायसवाल, सुजीत वर्मा, प्रिया अग्रवाल, खुर्शीदा बेगम, शाहिद समेत व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

“सोना छोड़िए, देश जोड़िए”: पीएम मोदी की अपील को सफल बनाने में जुटे भाजपाई

सोना छोड़िए, देश जोड़िए”: पीएम मोदी की अपील को सफल बनाने में जुटे भाजपाई 

पेट्रोल-डीजल की बचत, सादगी और संयम ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत: सरवर सिद्दीकी

सुरेश गांधी

वाराणसी. देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों, वैश्विक अस्थिरता और ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना खरीदने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सादगीपूर्ण जीवन अपनाने की अपील को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सरवर सिद्दीकी ने राष्ट्रहित में बड़ा और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश केवल आर्थिक सलाह नहीं, बल्किराष्ट्र निर्माण का सामाजिक अभियानहै, जिसे हर नागरिक को गंभीरता से अपनाना चाहिए।

सरवर सिद्दीकी ने कहा कि आज विश्व आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और बढ़ती उपभोक्तावादी संस्कृति से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश देश को आत्मनिर्भरता, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता की ओर ले जाने वाला है। उन्होंने कहा कि यदि देशवासी एक वर्ष तक अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचें और ईंधन की खपत सीमित करें, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। लोगों को निजी वाहनों का कम उपयोग कर मेट्रो, रेल, बस और साझा परिवहन व्यवस्था को अपनाना चाहिए। इससे प्रदूषण भी कम होगा और देश ऊर्जा बचत की दिशा में आगे बढ़ेगा।

भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री की उस अपील का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने लोगों से भोजन में तेल और घी का सीमित उपयोग करने तथा अनावश्यक विलासिता से बचने की बात कही। सिद्दीकी ने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव सादगी, संयम और संतुलित जीवन की पक्षधर रही है। आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज दिखावे और फिजूलखर्ची से बाहर निकलकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा किफालतू की सैर-सपाटा, अनावश्यक विदेश यात्राएं और अत्यधिक खर्च वाले आयोजनों से बचना भी देशभक्ति का हिस्सा है।घर से ही अधिकतर कार्य निपटाने की आदत विकसित करनी चाहिए ताकि ईंधन की बचत हो और समय का भी सदुपयोग हो सके।

सरवर सिद्दीकी ने पूर्व प्रधानमंत्री प्दकपतं ळंदकीप का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1967 में भी उन्होंने देशवासियों से सोना खरीदने की अपील की थी। उस समय भी देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा था और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि मानते हुए जनता से सहयोग मांगा गया था। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश कठिन दौर से गुजरा है, तब-तब जनता ने त्याग और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र को मजबूत किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग प्रधानमंत्री की हर अपील को नकारात्मक राजनीति के चश्मे से देखते हैं, जबकि यह संदेश पूरी तरह राष्ट्रहित और जनकल्याण से जुड़ा हुआ है। देश को मजबूत बनाने के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग की भावना आवश्यक है।

सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल सरकार की नीति नहीं, बल्किनए भारत की जीवनशैलीका संकेत है, जहां आत्मसंयम, स्वदेशी सोच और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इस संदेश को जन आंदोलन का रूप दें और आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण में भागीदार बनें।

46 साल बाद कचहरी कांड में फैसला : पूर्व विधायक विजय मिश्रा हत्या के मामले में दोषी करार

46 साल बाद कचहरी कांड में फैसला : पूर्व विधायक विजय मिश्रा हत्या के मामले में दोषी करार

प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला, सजा पर आज होगा ऐलान; कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी

सुरेश गांधी

प्रयागराज। लगभग 46 वर्षों तक न्यायालय की चौखट पर लंबित रहे बहुचर्चित प्रयागराज कचहरी हत्याकांड में मंगलवार को बड़ा फैसला आया। प्रयागराज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट योगेश कुमार तृतीय ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप सिद्ध माने। अदालत अब बुधवार को सजा का ऐलान करेगी।

फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर न्यायिक हलकों तक हलचल तेज हो गई है। हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोष सिद्ध होने के बाद विजय मिश्रा को उम्रकैद से लेकर कठोर दंड तक मिलने की संभावना जताई जा रही है। अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई। मामला वर्ष 1980 का है, जब प्रयागराज कचहरी परिसर के भीतर दिनदहाड़े गोलीबारी कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। उस समय इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। लंबे समय तक मुकदमे की सुनवाई चलती रही और अब करीब साढ़े चार दशक बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।

क्या था प्रयागराज कचहरी हत्याकांड?

मामले के अनुसार, कर्नलगंज थाने में हाथी गांव नवाबगंज निवासी श्याम नारायण पांडे ने 11 फरवरी 1980 को एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह एक मुकदमे में जमानत कराने के लिए कचहरी आए थे और अपने अधिवक्ता की सीट पर बैठे थे। उसी दौरान विजय मिश्रा, बलराम, संतराम और जीत नारायण बंदूक और राइफल लेकर पहुंचे तथा प्रकाश नारायण पांडे पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से प्रकाश नारायण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए थे। अदालत में श्याम नारायण पांडे का बयान शपथपूर्वक दर्ज किया गया, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी

पूर्व विधायक विजय मिश्रा फिलहाल आगरा जेल में बंद हैं। उन्हें इस मामले की पूरी सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। विजय मिश्रा पहले से ही कई अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं। उन पर दुष्कर्म, रंगदारी, गैंगस्टर, हत्या, अपहरण और शस्त्र अधिनियम समेत अनेक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

सफेदपोश माफियाके रूप में चिन्हित

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विजय मिश्रा कोसफेदपोश माफियाकी श्रेणी में चिह्नित किया जा चुका है। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उनकी एक अरब रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, विजय मिश्रा के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, खनन अधिनियम और रंगदारी समेत 77 से अधिक मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज रहे हैं। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर और मेरठ तक के मामले शामिल हैं। हालांकि, कुछ मामलों में वह बरी भी हो चुके हैं, जबकि कई मुकदमों की सुनवाई अभी जारी है।

लंबित मामलों में बड़ा संदेश

प्रयागराज कचहरी हत्याकांड में आया यह फैसला प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। करीब आधी सदी पुराने इस मुकदमे में अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने को न्यायिक दृढ़ता और कानून के प्रति जवाबदेही के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें बुधवार को होने वाले सजा के ऐलान पर टिकी हैं, जहां अदालत विजय मिश्रा और अन्य दोषियों के भविष्य पर अंतिम मुहर लगाएगी।

व्यापार मंडल ने बढ़ाया आयुर्वेद अस्पताल का हाथ

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