Sunday, 4 January 2026

विरासत से आधुनिकता तक, खेल बने नए भारत की पहचान : योगी आदित्यनाथ

काशी में खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय

विरासत से आधुनिकता तक, खेल बने नए 

भारत की पहचान  : योगी आदित्यनाथ

योगी ने वॉलीबॉल उछालकर किया 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन

सुरेश गांधी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर काशी में उपस्थित खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का हृदय से स्वागत अभिनंदन किया। साथ ही यूपी एवं बिहार के बीच खेले जा रहे मैच का मुख्यमंत्री ने ग्राउंड पर वॉलीबॉल उछालकर खेल का आगाज भी किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन काशी और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े ग्यारह वर्षों में देश ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी प्राचीन विरासत के साथ आधुनिक विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिस पर आज हर भारतवासी गर्व कर रहा है। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि खेल केवल समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। भारतीय मनीषा प्राचीन काल से ही यह सिखाती आई है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सफल जीवन का वास होता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुएखेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक खेल अवसंरचना ने खेल संस्कृति को नई दिशा दी है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक खेल प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य हुआ है। आज ग्रामीण अंचल से राष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ी उभर रहे हैं। प्रत्येक गांव में खेल का मैदान, विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम और नगर निकायों में खेल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 वर्षों बाद वाराणसी में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में खेलों का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है।

उन्होंने कहा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनी सुविधाएं और साई के साथ हुए एमओयू से खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि यह आयोजन केवल काशी बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को खेल के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा और युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देगा।

काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। स्टेडियम को रंग-बिरंगे झंडों, बैनर और होर्डिंग्स से भव्य रूप से सजाया गया। मुख्यमंत्री योगी के आगमन परमोदी-योगी जल्दी आवाऔरहर-हर महादेवके नारे गूंजते रहे।

काशी के कोर्ट पर गरजा यूपी का पराक्रम, बिहार बेबस

काशी के कोर्ट पर गरजा यूपी का पराक्रम, बिहार बेबस 

वॉलीबॉल महाकुंभ का पहला दिन : मेजबान यूपी की विजयी शुरुआत, दिल्ली, चंडीगढ़ का भी दमदार प्रदर्शन

सुरेश गांधी

वाराणसी। धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की विश्वविख्यात नगरी काशी अब खेल के शौर्य और पराक्रम की साक्षी बन रही है। सिगरा स्थित डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार से शुरू हुई 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप, 2026 ने पहले ही दिन रोमांच की ऊँचाइयाँ छू लीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल उद्घाटन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश से उत्साहित खिलाड़ियों ने कोर्ट पर उतरते ही अपना सर्वस्व झोंक दिया। दिन का सबसे प्रतीक्षित मुकाबला मेजबान उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच खेला गया, जिसमें यूपी ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने ऐसा पराक्रम दिखाया कि बिहार की टीम हर मोर्चे पर बेबस नजर आई।

नेट पर खड़ी यूपी कीदीवार’, बिहार के हर वार पर ब्रेक

मुकाबले की शुरुआत से ही यूपी के खिलाड़ियों ने आक्रामक तेवर अपनाए। पहले सेट में बिहार ने कुछ समय तक बराबरी की कोशिश की, लेकिन यूपी के स्मैशर्स और ब्लॉकर्स ने नेट पर मजबूत दीवार खड़ी कर दी। तेज सर्विस, सटीक रिसीव और बेहतरीन तालमेल के दम पर यूपी ने पहला सेट 25-19 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी बिहार ने वापसी की कोशिश की, लेकिन हर निर्णायक क्षण में यूपी का अनुभव और संयम भारी पड़ा। एक के बाद एक दमदार स्मैश और सटीक ब्लॉक से यूपी ने दूसरा सेट भी 25-19 से जीत लिया। तीसरे सेट में मुकाबला अपेक्षाकृत रोमांचक रहा, मगर निर्णायक अंकों पर यूपी की पकड़ मजबूत रही और मेजबान टीम ने 25-22 से सेट जीतकर मुकाबला 3-0 से समाप्त कर दिया।

दिल्ली और चंडीगढ़ ने भी दिखाया दम

यूपी की जीत के साथ ही अन्य मुकाबलों में भी खेल प्रेमियों को भरपूर रोमांच देखने को मिला। दिल्ली ने पुडुचेरी के खिलाफ तेज रफ्तार खेल का प्रदर्शन करते हुए सर्विस और अटैक में अपनी श्रेष्ठता साबित की और 25-17, 25-21, 25-12 से सीधी सेटों में जीत दर्ज की। चंडीगढ़ की टीम ने लद्दाख के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में अपनी ताकत दिखाई। शुरुआती सेट से ही चंडीगढ़ का दबदबा रहा और उसने 25-14, 25-08, 25-19 से जीत हासिल कर पूरे अंक बटोरे। मध्य प्रदेश और बिहार के बीच खेले गए दूसरे मुकाबले में दर्शकों को कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहाँ मध्य प्रदेश ने पांच सेट तक चले संघर्ष में 3-2 से बाजी मारी।

महिला वर्ग में तेलंगाना का ऐतिहासिक प्रदर्शन

महिला वर्ग में तेलंगाना की टीम ने लद्दाख के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी को चौंका दिया। तकनीकी दक्षता, तेज मूवमेंट और सटीक अटैक के दम पर तेलंगाना ने लद्दाख को पूरी तरह बैकफुट पर रखा। मैच का स्कोर 25-02, 25-05, 25-03 रहा, जिसमें लद्दाख की टीम तीनों सेटों में कुल मिलाकर सिर्फ 10 अंक ही जुटा सकी। यह टूर्नामेंट के शुरुआती दौर की सबसे प्रभावशाली जीतों में शामिल रही। इसके अलावा झारखंड की महिला टीम ने जम्मू-कश्मीर को 3-0 से हराकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रतियोगिताः देशभर की प्रतिभा का संगम

इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 30 पुरुष और 28 महिला टीमें हिस्सा ले रही हैं। देश के कोने-कोने से आए 1000 से अधिक खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित खिताब के लिए मुकाबला कर रहे हैं। प्रतियोगिता 11 जनवरी 2026 तक चलेगी और आने वाले दिनों में मुकाबलों का स्तर और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।

सोमवार को मुकाबलों की भरमार

टूर्नामेंट के दूसरे दिन सोमवार को सिगरा स्टेडियम के चारों कोर्ट्स पर सुबह 8 बजे से एक साथ मुकाबलों की शुरुआत होगी। 30 से अधिक लीग मैच खेले जाएंगे। खेल प्रेमियों की नजरें भारतीय रेलवे, केरल और सर्विसेज जैसी दिग्गज टीमों पर रहेंगी, जो अपने पहले मुकाबले खेलने उतरेंगी। काशी के कोर्ट पर वॉलीबॉल का यह महासमर अभी शुरू हुआ है, लेकिन पहले ही दिन यूपी के पराक्रम ने यह साफ कर दिया है कि इस बार खिताबी जंग बेहद कड़ी और यादगार होने वाली है।

विरासत से आधुनिकता तक, खेल बने नए भारत की पहचान : योगी आदित्यनाथ

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