Friday, 12 June 2026

दुनिया ऊर्जा संकट और महंगाई से जूझ रही, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से नागरिकों के साथ खड़ा : सीएम योगी

मोदी के 12 वर्ष : काशी से गूंजा विकास, विश्वास और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

दुनिया ऊर्जा संकट और महंगाई से जूझ रही, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से नागरिकों के साथ खड़ा : सीएम योगी 

जनकल्याण शिविर में लाभार्थियों को बांटे स्वीकृति पत्र, स्ट्रीट वेंडरों से लेकर युवा उद्यमियों तक को मिला योजनाओं का लाभ

बिना रुके, बिना थके, बिना झुकेसेवा के 12 वर्ष पूरे होने पर काशीवासियों को दी बधाई

सुरेश गांधी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में शुक्रवार को चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल विकास, सुशासन और जनकल्याण के उत्सव का साक्षी बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां आयोजित जनकल्याण शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, ऋण सहायता और उपकरण वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है और काशीवासियों को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि देश का नेतृत्व उनके सांसद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष पहले काशी ने देश को नया नेतृत्व दिया था। आज वही नेतृत्व  भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के राष्ट्राध्यक्ष भारत की उपलब्धियों का मूल्यांकन करते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ काशी, उत्तर प्रदेश और देश के नागरिकों की भी सराहना करते हैं।

2014 से पहले और आज का भारत, दोनों में बड़ा अंतर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, अविश्वास, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। किसानों की आत्महत्या, युवाओं में बेरोजगारी और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार आम बात थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश के 120 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे और सीमाओं पर घुसपैठ की घटनाएं लगातार हो रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की दिशा और दशा दोनों बदली हैं। आज हर योजना गरीब, किसान, महिला, युवा, कारीगर और बुजुर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित हो रही है।

डीबीटी ने भ्रष्टाचार की कमर तोड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनधन खातों के माध्यम से गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना एक ऐतिहासिक कदम था। पहले सरकारी सहायता का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन आज डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पूरी राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि एक समय देश के प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करते थे कि दिल्ली से भेजे गए 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही लाभार्थियों तक पहुंचते हैं, जबकि आज तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से पूरा पैसा सीधे गरीबों तक पहुंच रहा है।

12 करोड़ शौचालय, 4 करोड़ आवास और आयुष्मान का सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के घर मिले। आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज की चिंता से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन दौर में भी देशवासियों को मुफ्त जांच, मुफ्त उपचार, मुफ्त वैक्सीन और मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत आज भी 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा है।

ऊर्जा संकट के बीच भारत बना दुनिया के लिए उदाहरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया ऊर्जा संकट और महंगाई की चुनौती का सामना कर रही है। अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में भी महंगाई कई गुना बढ़ी है और अनेक देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों के कारण भारत अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व ही किसी राष्ट्र को महान बनाता है और काशीवासियों को इस बात का गर्व होना चाहिए कि देश को ऐसा नेतृत्व उनके सांसद नरेंद्र मोदी के रूप में मिला है।

काशी का बदलता स्वरूप दुनिया देख रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में वर्षों से जाम और अव्यवस्था की समस्या थी, लेकिन आज स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम, घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक परिवहन सुविधाओं ने शहर की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों ने देश के परिवहन ढांचे को नई ऊंचाई दी है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। काशी के घाटों की सुंदरता आज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

रोपवे बनेगा काशी के लिए नया अनुभव

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी। इसके शुरू होने के बाद लोगों को आवागमन का नया और आधुनिक अनुभव मिलेगा, जो शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लाभार्थियों को मिला योजनाओं का सीधा लाभ

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की। स्ट्रीट वेंडर प्रमिला देवी, राजू और दीपक कुमार बरनवाल को पथ विक्रय प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत बेबी मौर्य को 50 हजार रुपये का चेक तथा कन्हैया को 30 हजार रुपये का क्रेडिट कार्ड दिया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत रोशनी कुमारी को 4.5 लाख रुपये और यशिका सिंह को 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत ललिता और खुशबू जायसवाल को सिलाई मशीन एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था।

बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ से की प्रार्थना

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल श्री कालभैरव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधिवत दर्शन-पूजन किया। उन्होंने बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के उनके संकल्प की सफलता के लिए प्रार्थना की।

योगी का विकास मंत्र : सड़कों पर दिखे रफ्तार, फाइलों में नहीं

योगी का विकास मंत्र : सड़कों पर दिखे रफ्तार, फाइलों में नहीं 

7175 करोड़ की 2630 परियोजनाओं की समीक्षा

अभियंताओं को सख्त चेतावनी- गुणवत्ता और समयसीमा से नहीं होगा समझौता

वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों की परियोजनाओं पर विशेष फोकस

सुरेश गांधी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास कार्यों को और गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और अभियंताओं के साथ लंबी समीक्षा बैठक कर स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सड़कें, सुगम यातायात और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और तय मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सभागार में वाराणसी मंडल के अंतर्गत चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात से पहले पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य कराया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वाराणसी परिक्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की कुल 7175 करोड़ रुपये लागत की 2630 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में संचालित हैं। इनमें से 687 परियोजनाएं शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 542 परियोजनाएं 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं अकेले वाराणसी जनपद में 3223 करोड़ रुपये लागत के 421 कार्य गतिमान हैं। इनमें 85 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 158 परियोजनाओं का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य संपन्न हो चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास परियोजनाओं की सफलता केवल धनराशि स्वीकृत होने से नहीं, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से तय होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तत्काल प्रस्तुत की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परियोजना में स्वीकृति, निविदा और क्रियान्वयन के बीच अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "वेटिंग कल्चर" समाप्त होना चाहिए और परियोजनाएं स्वीकृत होते ही जमीन पर उतरनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें करें और कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखें। यदि कहीं भूमि, तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाएं हैं तो उनका तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।

सड़कों की मरम्मत और निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री विशेष रूप से गंभीर दिखे। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मार्गों की मरम्मत प्रस्तावित है, उनका पहले वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए और उसके बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए। नगर निगम को भी नगरीय क्षेत्रों की जर्जर सड़कों के सुधार हेतु सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को योजनाओं में प्राथमिकता के साथ शामिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं में जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय आवश्यकताओं का प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने चंदौली में निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का लगभग 18 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पर मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाएं जनता की सुविधा और न्याय व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने वाराणसी में प्रस्तावित यूनिटी मॉल परियोजना की भी समीक्षा की और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और ‘वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वाराणसी परिक्षेत्र में चल रही परियोजनाओं, उनकी प्रगति, लागत और आगामी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण के विभिन्न बिंदुओं पर सवाल पूछते हुए परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, विभिन्न जनपदों के विधायक, एमएलसी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि वाराणसी मंडल में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को लेकर प्रदेश सरकार किसी प्रकार की शिथिलता के मूड में नहीं है। विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए अब हर परियोजना की निगरानी और जवाबदेही दोनों पहले से अधिक सख्त होने वाली है।

एक नजर में पीडब्ल्यूडी की प्रगति

वाराणसी परिक्षेत्र में कुल परियोजनाएं : 2630

कुल लागत : 7175 करोड़ रुपये

100% पूर्ण परियोजनाएं : 687

90% से अधिक पूर्ण परियोजनाएं : 542

वाराणसी जिले में कुल कार्य : 421

लागत : 3223 करोड़ रुपये

जिले में पूर्ण कार्य : 85

90% से अधिक पूर्ण कार्य : 158

चंदौली इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स : 18% कार्य पूर्ण

यूनिटी मॉल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

"सड़क विकास की रफ्तार ही प्रदेश की प्रगति का आधार है, इसलिए समयसीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

राष्ट्र पहले, बाद में सुविधा : वैश्विक संकट के बीच पीएम को लिखे पत्र में झलका एक आम भारतीय का संकल्प

राष्ट्र पहले, बाद में सुविधा :

वैश्विक संकट के बीच पीएम को लिखे पत्र में झलका एक आम भारतीय का संकल्प 

ईरान-अमेरिका तनाव से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों के बीच कानपुर निवासी आशुतोष यादव ने प्रधानमंत्री को लिखा भावनात्मक पत्र

परिवार समेत अनावश्यक उपभोग घटाने का लिया संकल्प

प्रधानमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने की भी उठाई मांग

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर जताया भरोसा

सुरेश गांधी

वाराणसी. वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और अनिश्चितताओं के बीच देश में राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाली भावनाएं भी सामने रही हैं। कानपुर निवासी आशुतोष यादव द्वारा प्रधानमंत्री को लिखा गया एक पत्र इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पत्र में उन्होंने केवल प्रधानमंत्री के नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया है, बल्कि अपने परिवार और रिश्तेदारों की ओर से राष्ट्रहित में त्याग, संयम और सहयोग का संकल्प भी दोहराया है।

आशुतोष यादव ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान समय में दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही है। विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित किया है। ऐसी स्थिति में भारत जैसे विकासशील और उभरते हुए राष्ट्र को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब देश संकट में पड़ा, तब-तब भारत के सामान्य नागरिकों ने अपने त्याग और अनुशासन से राष्ट्र को मजबूती प्रदान की है।

पत्र में आशुतोष यादव ने उल्लेख किया कि उनके परिवार ने यह निर्णय लिया है कि वे केवल आवश्यक वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे और अनावश्यक खरीदारी तथा फिजूलखर्ची से बचेंगे। उनका मानना है कि यदि देश के करोड़ों परिवार ऐसा संकल्प लें तो विदेशी मुद्रा के अनावश्यक व्यय को रोका जा सकता है और संकट की घड़ी में राष्ट्रीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रहित में किया गया छोटा-सा त्याग भी भविष्य में बड़ी शक्ति का आधार बन सकता है।

पत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर व्यक्त की गई चिंता से जुड़ा है। आशुतोष यादव ने समाचारों के हवाले से यह उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और काफिले के आकार को सीमित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की सादगी, मितव्ययिता और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि देश के करोड़ों नागरिक उनकी सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का जोखिम स्वीकार नहीं कर सकते।

उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री केवल सरकार के मुखिया नहीं हैं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास के केंद्र हैं। ऐसे समय में जब विश्व अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, भारत को एक मजबूत और स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसलिए उनकी सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। पत्र में आग्रह किया गया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए ताकि राष्ट्र निश्चिंत होकर उनके नेतृत्व में आगे बढ़ सके।

आशुतोष यादव ने अपने पत्र में कोविड-19 महामारी के कठिन दौर का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के समय देश ने अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना किया, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र ने आत्मविश्वास बनाए रखा। वैक्सीन अभियान, गरीबों के लिए राहत योजनाएं और संकट प्रबंधन जैसे प्रयासों ने लोगों के भीतर आशा का संचार किया। उन्होंने इसे भारत की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता का उदाहरण बताया।

पत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी जिक्र किया गया है। आशुतोष यादव ने लिखा कि आज भारत विश्व मंच पर एक प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। आर्थिक, सामरिक, वैज्ञानिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे में वर्तमान वैश्विक संकट भी भारत की प्रगति को रोक नहीं पाएगा, बल्कि देश और अधिक आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनकर उभरेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि परिस्थितियां कठिन भी होती हैं तो देशवासी अभावों और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत की संप्रभुता, स्वाभिमान और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं होने देंगे। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश इस संकल्प को अवश्य साकार करेगा।

पत्र के अंत में आशुतोष यादव ने अपनी दादी श्रीमती कृष्णा देवी, माता-पिता श्री श्याम सिंह और श्रीमती पुष्पा यादव की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने दिवंगत अनुज स्वर्गीय अभिषेक यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया, जो प्रधानमंत्री को अपना प्रेरणास्रोत मानते थे। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए देश की उन्नति और समृद्धि की कामना की।

पत्र की प्रमुख बातें

राष्ट्रहित में अनावश्यक उपभोग कम करने का संकल्प

वैश्विक संकट में आत्मनिर्भरता और संयम पर जोर

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग

कोविड काल में नेतृत्व की सराहना

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर विश्वास

देशहित में हर प्रकार के त्याग के लिए तैयार होने का संदेश

 यदि राष्ट्र को आवश्यकता होगी तो हम सुविधाओं में कटौती और अभावों का सामना करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन भारत के स्वाभिमान और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होने देंगे।”— आशुतोष यादव

दुनिया ऊर्जा संकट और महंगाई से जूझ रही, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से नागरिकों के साथ खड़ा : सीएम योगी

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