नमो घाट से गूंजा योग का महाशंखनाद, 21
जून को विश्व संग साधेगा भारत
सुरेश गांधी
वाराणसी। काशी के नमो
घाट से सोमवार को
अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह का
शुभारंभ केवल एक सरकारी
आयोजन नहीं, बल्कि भारत की उस
प्राचीन ऋषि परंपरा का
पुनर्स्मरण बन गया जिसने
पूरे विश्व को शरीर, मन
और आत्मा के संतुलन का
मार्ग दिखाया। उगते सूर्य की
लालिमा, गंगा की अविरल
धारा और सैकड़ों लोगों
के सामूहिक योगाभ्यास ने यह संदेश
दिया कि योग अब
केवल भारत की विरासत
नहीं, बल्कि वैश्विक जीवनशैली का आधार बन
चुका है।
अपने संबोधन में
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र
'दयालु' ने कहा कि
योग भारत की अमूल्य
सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरी
दुनिया को स्वस्थ और
संतुलित जीवन जीने की
दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी
नेतृत्व के कारण योग
को वैश्विक पहचान मिली और आज
विश्व के 190 से अधिक देशों
में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक
मनाया जाता है।
एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के
नेतृत्व में उत्तर प्रदेश
में योग, आयुष और
स्वस्थ जीवनशैली को जन-आंदोलन
बनाने के लिए अनेक
योजनाएं संचालित की जा रही
हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों
पर योग शिविर आयोजित
कर लोगों को स्वस्थ जीवन
के प्रति जागरूक किया जा रहा
है।
21 जून को कोलकाता से प्रधानमंत्री देंगे विश्व को योग का संदेश
इस वर्ष 12वें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का
मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 21 जून को कोलकाता
के रेड रोड पर
आयोजित होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी हजारों लोगों के साथ सामूहिक
योगाभ्यास करेंगे। इस बार देशभर
में योग सप्ताह, योग
संगम, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आयुष संस्थानों तथा
सार्वजनिक स्थलों पर विशेष योग
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे
हैं।
इस वर्ष की थीम
"Yoga for
Healthy Ageing" (योग
के माध्यम से स्वस्थ एवं
सक्रिय वृद्धावस्था) इस वर्ष की
आधिकारिक थीम है। इसका
उद्देश्य यह संदेश देना
है कि योग केवल
रोगों से बचाव का
माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक
चरण में शारीरिक, मानसिक
और भावनात्मक स्वास्थ्य का आधार है।
देशभर में व्यापक तैयारियां
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को
जन-आंदोलन का स्वरूप देने
के लिए केंद्र और
राज्य सरकारों द्वारा सप्ताहभर योग कार्यक्रम आयोजित
किए जा रहे हैं।
स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, ऐतिहासिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों
पर कॉमन योग प्रोटोकॉल
का अभ्यास कराया जा रहा है।
विभिन्न राज्यों में लाखों लोगों
की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए
विशेष अभियान चलाए जा रहे
हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक
एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार,
डॉ. नितेश श्रीवास्तव, एसडीएम पवन कुमार सिंह,
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय यादव, आयुष
मंत्री के पीआरओ गौरव
राठी, पारस यादव 'पप्पू',
डॉ. दीपिका दवे, विनोद यादव
'गप्पू' सहित आयुष, शिक्षा
एवं अन्य विभागों के
अधिकारी और बड़ी संख्या
में नागरिक उपस्थित रहे।
योग : भारत की संस्कृति से विश्व की जीवनशैली तक
वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। आज योग भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का भी सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है।





