श्रावण से पहले 'ऑन रोड' उतरे डीएम-सीपी, कांवड़ मार्ग पर हर कदम की ली परीक्षा
गड्ढे भरने,
जलभराव
खत्म
करने,
बिजली-पानी,
बैरिकेडिंग,
मेडिकल
सहायता
और
सुरक्षा
व्यवस्था
पर
सख्त
निर्देश;
होटल-ढाबा
संचालकों
को
भी
चेतावनी—
श्रद्धालुओं
से
अभद्रता,
ओवरचार्जिंग
और
लापरवाही
बर्दाश्त
नहीं
होगी
सुरेश गांधी
वाराणसी। सावन की शुरुआत
से पहले जिला प्रशासन
और पुलिस ने कांवड़ यात्रा
की तैयारियों को अंतिम रूप
देने के लिए शनिवार
को पूरा फोकस मैदान
पर रखा। पुलिस आयुक्त
मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र
कुमार ने गुड़िया ठठरा,
मिर्जामुराद, मोहनसराय, जगतपुर, रोहनिया और चांदपुर सहित
पूरे कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण
कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी,
वहीं दूसरी ओर गोमती जोन
के अपर पुलिस उपायुक्त
ने कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल,
ढाबा और प्रतिष्ठान संचालकों
के साथ बैठक कर
श्रद्धालुओं की सुविधा और
कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट
दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान डीएम
और पुलिस कमिश्नर ने सड़क की
गुणवत्ता, गड्ढामुक्त मार्ग, साफ-सफाई, पेयजल,
प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, शौचालय, चिकित्सा सहायता केंद्र, एंबुलेंस, पार्किंग, विश्राम स्थल और यातायात
प्रबंधन का बारीकी से
जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों
को निर्देश दिया कि सावन
शुरू होने से पहले
सभी व्यवस्थाएं हर हाल में
पूरी कर ली जाएं,
ताकि लाखों कांवड़ियों को किसी प्रकार
की असुविधा का सामना न
करना पड़े। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण
विभाग को विशेष रूप
से चेतावनी दी कि कांवड़
मार्ग पूरी तरह समतल
और गड्ढामुक्त होना चाहिए। जहां
भी सड़क क्षतिग्रस्त है,
वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। जलभराव
वाले स्थानों का स्थायी समाधान
किया जाए। विद्युत विभाग
को खुले और जर्जर
तार तत्काल दुरुस्त करने तथा निर्बाध
बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
दिए गए।
पुलिस कमिश्नर ने संवेदनशील स्थलों
पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती,
प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन, नियमित पेट्रोलिंग और प्रत्येक व्यवस्था
की सतत निगरानी सुनिश्चित
करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कांवड़
यात्रा आस्था का सबसे बड़ा
आयोजन है और प्रशासन
की प्राथमिकता प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम
और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। उधर, मिर्जामुराद थाना परिसर में
आयोजित बैठक में अपर
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नृपेन्द्र ने
होटल, ढाबा, चिकित्सालय और अन्य प्रतिष्ठान
संचालकों को स्पष्ट निर्देश
दिए कि श्रद्धालुओं के
साथ शालीन व्यवहार करें, किसी प्रकार की
अभद्रता या विवाद की
स्थिति उत्पन्न न होने दें
तथा निर्धारित दर से अधिक
कीमत न वसूलें। सभी
प्रतिष्ठानों पर साफ-सफाई,
शुद्ध पेयजल, शौचालय और आवश्यक सुविधाएं
उपलब्ध रखने के साथ
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए
रखने के निर्देश दिए
गए।
बैठक में प्रतिष्ठानों
पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन
कराने, संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की
सूचना तत्काल पुलिस को देने, सोशल
मीडिया पर अफवाहों से
बचने और कांवड़ मार्ग
पर किसी प्रकार का
अतिक्रमण या अव्यवस्थित पार्किंग
न होने देने पर
भी विशेष जोर दिया गया।
आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को
निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने और कानून-व्यवस्था
बनाए रखने में पुलिस
का सहयोग करने की अपील
भी की गई।
प्रशासन
और पुलिस का स्पष्ट संदेश
है कि इस बार
कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की
सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था
से किसी भी स्तर
पर समझौता नहीं किया जाएगा।
तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग
होगी और लापरवाही मिलने
पर संबंधित विभागों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों
के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
तैयारियों की चेकलिस्ट
कांवड़ मार्ग पूरी तरह गड्ढामुक्त
होगा
जलभराव वाले स्थान तत्काल
दुरुस्त होंगे
पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल
तैयार किए जाएंगे
बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और एंबुलेंस की
उपलब्धता सुनिश्चित होगी
पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन
की अलग व्यवस्था रहेगी
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस
बल तैनात रहेगा
होटल-ढाबों के लिए सख्त निर्देश
श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार
अनिवार्य
रेट लिस्ट स्पष्ट
रूप से प्रदर्शित करनी
होगी
ओवरचार्जिंग और बासी भोजन
पर कार्रवाई होगी
साफ-सफाई, शुद्ध
पेयजल और शौचालय की
व्यवस्था अनिवार्य
सीसीटीवी कैमरे चालू रखें, कर्मचारियों
का पुलिस सत्यापन कराएं
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत
पुलिस और डायल-112 को
सूचना दें
प्रशासन का संदेश
कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा
और निर्बाध यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
है। किसी भी व्यवस्था
में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगाह इन बिंदुओं पर
सड़क से सुरक्षा
तक सतत मॉनिटरिंग
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर
आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्बाध
मार्ग
सभी विभागों के बीच समन्वय से व्यवस्थाएं

