मोदी सरकार @12: देश बदला या बदल गई देश की सोच?
सियासत में कुछ वर्ष केवल कैलेंडर की तारीखें नहीं होते, वे इतिहास के पन्नों पर दर्ज ऐसे अध्याय बन जाते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विमर्श का विषय बनते हैं। वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की सत्ता संभाली, तब देश उम्मीदों, असंतोष और बदलाव की आकांक्षाओं के चौराहे पर खड़ा था। बारह वर्षों बाद भारत का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य काफी बदल चुका है। गांव की चौपाल से लेकर वैश्विक मंचों तक, बैंक खाते से लेकर डिजिटल भुगतान तक, कश्मीर की वादियों से लेकर अयोध्या के भव्य मंदिर तक—इस दौर ने अनेक ऐसी तस्वीरें गढ़ीं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। यह सफर केवल योजनाओं, चुनावी जीतों और सरकारी घोषणाओं का नहीं है। यह उन फैसलों की कहानी भी है जिन्होंने देश को विभाजित बहसों के बीच नई दिशा देने का दावा किया। नोटबंदी की कतारें, जीएसटी का बदलाव, अनुच्छेद-370 का अंत, राम मंदिर का निर्माण, जी-20 की मेजबानी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प—इन सबने मिलकर एक ऐसे राजनीतिक युग को आकार दिया जिसे समर्थक परिवर्तन का कालखंड कहते हैं और आलोचक प्रश्नों से भरा दौर। 12 वर्षों का यह सफर उपलब्धियों, चुनौतियों, विवादों और जनविश्वास की उस कहानी का नाम है, जिसने भारतीय राजनीति की धुरी ही बदल दी…
सुरेश गांधी
26 मई 2014 को जब गुजरात
के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश
के 15वें प्रधानमंत्री के
रूप में शपथ ली
थी, तब शायद ही
किसी ने अनुमान लगाया
होगा कि भारतीय राजनीति
एक ऐसे दौर में
प्रवेश करने जा रही
है जो आने वाले
वर्षों तक देश की
दिशा और दशा दोनों
को प्रभावित करेगा। वर्ष 2026 में मोदी सरकार
अपने 12 वर्ष पूरे कर
चुकी है। इन 12 वर्षों
में भारत ने आर्थिक,
सामरिक, कूटनीतिक और सामाजिक स्तर
पर अनेक परिवर्तन देखे,
तो वहीं सरकार को
कई विवादों, आंदोलनों और राजनीतिक चुनौतियों
का भी सामना करना
पड़ा। मोदी का यह
सफर केवल एक प्रधानमंत्री
का कार्यकाल नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के एक नए
अध्याय की कहानी है,
जिसमें करिश्माई नेतृत्व, मजबूत निर्णय, वैश्विक पहचान और तीखे राजनीतिक
संघर्ष समानांतर चलते रहे हैं।
नोटबंदी की कतारों से लेकर राम
मंदिर के उद्घाटन तक,
अनुच्छेद-370 से जी-20 की
अध्यक्षता तक—मोदी सरकार
के 12 वर्ष भारतीय राजनीति
के सबसे चर्चित, निर्णायक
और परिवर्तनकारी कालखंडों में दर्ज हो
चुके हैं। जनधन से
डिजिटल क्रांति तक, वैश्विक नेतृत्व
से राजनीतिक चुनौतियों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी का 12 वर्षों का सफर काफी उथल-पुथल भरा रहा. मतलब साफ है 2014 में ‘अच्छे दिन’
के वादे के साथ
शुरू हुई यात्रा 2026 में
12 वर्षों के पड़ाव पर
पहुंच चुकी है। इस
दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे
अनेक फैसले लिए जिन्होंने भारत
की राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, सुरक्षा और विदेश नीति
को नई दिशा दी।
समर्थक इसे ‘नए भारत
का निर्माण’ कहते हैं, जबकि
आलोचक कई फैसलों पर
सवाल उठाते रहे हैं।
12 साल पहले शुरू हुआ था एक नया राजनीतिक अध्याय
26 मई 2014 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की
एक महत्वपूर्ण तारीख बन गई। गुजरात
के मुख्यमंत्री के रूप में
विकास मॉडल की पहचान
बना चुके नरेंद्र मोदी
ने देश के प्रधानमंत्री
पद की शपथ ली
और भारतीय राजनीति में एक नए
युग की शुरुआत हुई।
उस समय देश भ्रष्टाचार, महंगाई,
नीतिगत अस्थिरता और आर्थिक सुस्ती
जैसे मुद्दों से जूझ रहा
था। यूपीए सरकार के खिलाफ व्यापक
जनाक्रोश था। ऐसे माहौल
में नरेंद्र मोदी ने "अच्छे
दिन आने वाले हैं"
का नारा दिया और
भाजपा को पूर्ण बहुमत
दिलाते हुए केंद्र की
सत्ता तक पहुंचाया। आज,
2026 में मोदी सरकार अपने
12 वर्ष पूरे कर चुकी
है। इन वर्षों में
सरकार ने केवल शासन
नहीं किया बल्कि कई
ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए जिनकी चर्चा
देश ही नहीं बल्कि
दुनिया भर में हुई।
कुछ फैसलों ने राजनीतिक इतिहास
बदल दिया तो कुछ
ने व्यापक बहस और विवादों
को जन्म दिया।
मोदी सरकार के 12 बड़े फैसले जिन्होंने बदली देश की दिशा
1. जम्मू-कश्मीर
से
अनुच्छेद
370 का
खात्मा
: 5 अगस्त
2019 को मोदी सरकार ने
संविधान के अनुच्छेद 370 और
35A को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर
को विशेष राज्य का दर्जा खत्म
कर दिया। यह भाजपा के
सबसे पुराने राजनीतिक संकल्पों में शामिल था।
सरकार का तर्क था
कि इससे जम्मू-कश्मीर
पूरी तरह भारत की
मुख्यधारा में शामिल होगा,
विकास को गति मिलेगी
और अलगाववाद कमजोर होगा। विपक्ष ने इसे संघीय
ढांचे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया
के खिलाफ बताया, लेकिन सरकार अपने फैसले पर
कायम रही। आज यह
मोदी सरकार के सबसे बड़े
और ऐतिहासिक निर्णयों में गिना जाता
है।
2. नोटबंदी एक
ऐसा
फैसला
जिसने
पूरे
देश
को
चौंका
दिया
: 8 नवंबर
2016 की रात प्रधानमंत्री मोदी
ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को
बंद करने की घोषणा
की। सरकार ने इसे काले
धन, भ्रष्टाचार, नकली नोटों और
आतंकवाद की फंडिंग के
खिलाफ बड़ा कदम बताया।
देशभर में बैंकों और
एटीएम के बाहर लंबी
कतारें लगीं। समर्थकों ने इसे साहसिक
निर्णय कहा, जबकि आलोचकों
ने अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापार
पर इसके नकारात्मक प्रभावों
को लेकर सवाल उठाए।
आज भी नोटबंदी भारतीय
राजनीति का सबसे चर्चित
निर्णय माना जाता है।
3. जीएसटी एक
देश,
एक
टैक्स
: 1 जुलाई
2017 को वस्तु एवं सेवा कर
(जीएसटी)
लागू किया गया। स्वतंत्र
भारत के सबसे बड़े
कर सुधार के रूप में
देखे जाने वाले इस
कदम ने केंद्र और
राज्यों के अलग-अलग
करों को एक व्यवस्था
में समाहित कर दिया। व्यापारियों
को शुरुआती कठिनाइयों का सामना करना
पड़ा लेकिन सरकार का दावा है
कि इससे कर संग्रह
बढ़ा और व्यापार व्यवस्था
अधिक पारदर्शी हुई।
4. तीन तलाक कानून
: मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं
को तत्काल तीन तलाक की
प्रथा से राहत दिलाने
के लिए कानून बनाया। सरकार
ने इसे महिला सम्मान
और लैंगिक न्याय का कदम बताया। विपक्ष
और कुछ मुस्लिम संगठनों
ने इसे धार्मिक मामलों
में हस्तक्षेप करार दिया। फिर भी यह
कानून मोदी सरकार के
प्रमुख सामाजिक सुधारों में शामिल हो
गया।
5. महिलाओं को
33 प्रतिशत
आरक्षण
: 2023 में संसद ने नारी
शक्ति वंदन अधिनियम पारित
किया। इस कानून के
तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं
में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत
आरक्षण का रास्ता साफ
हुआ। यह दशकों से
लंबित राजनीतिक सुधार था जिसे मोदी
सरकार ने पूरा किया।
6. नागरिकता संशोधन
कानून
(सीएए)
सीएए मोदी सरकार के
सबसे विवादित फैसलों में रहा। सरकार का कहना था
कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से
धार्मिक उत्पीड़न झेलकर आए अल्पसंख्यकों को
नागरिकता देने के लिए
यह कानून लाया गया। जबकि विरोधियों ने
इसे भेदभावपूर्ण बताया। देशभर में व्यापक विरोध
प्रदर्शन हुए लेकिन सरकार
ने अपना रुख नहीं
बदला।
7. अग्निवीर योजना
: 2022 में सेना भर्ती प्रणाली
में बदलाव करते हुए अग्निपथ
योजना लागू की गई।
इस योजना के तहत युवाओं
को चार वर्षों के
लिए सेना में भर्ती
करने का प्रावधान किया
गया। सरकार ने इसे सेना
को युवा और आधुनिक
बनाने का प्रयास बताया।
हालांकि कई राज्यों में इसके खिलाफ
आंदोलन भी हुए।
8. राम मंदिर निर्माण
: अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय
के फैसले के बाद राम
मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त
हुआ। 22 जनवरी 2024 को भव्य राम
मंदिर में रामलला की
प्राण प्रतिष्ठा हुई। करोड़ों हिंदुओं
के लिए यह ऐतिहासिक
और भावनात्मक क्षण था।
9. सर्जिकल स्ट्राइक
और
बालाकोट
एयर
स्ट्राइक
: उरी और पुलवामा आतंकी
हमलों के बाद भारत
ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य
कार्रवाई की। 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयर
स्ट्राइक ने राष्ट्रीय सुरक्षा
पर मोदी सरकार की
आक्रामक नीति को स्थापित
किया।
10. आर्थिक रूप
से
कमजोर
वर्ग
(इडब्ल्यूएस)
को
आरक्षण
: मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग
के आर्थिक रूप से कमजोर
लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। इसे स्वतंत्र भारत
की आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव
माना गया।
11. नई शिक्षा
नीति
2020 : करीब 34 वर्षों बाद देश को
नई शिक्षा नीति मिली। इसमें
स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल
विकास और मातृभाषा में
पढ़ाई पर विशेष जोर
दिया गया।
12. डिजिटल इंडिया
और
तकनीकी
क्रांति
: डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने शासन प्रणाली
को पूरी तरह बदल
दिया। आज यूपीआई, आधार,
डीबीटी और ऑनलाइन सेवाओं
ने भारत को दुनिया
की सबसे बड़ी डिजिटल
अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर
दिया है।
मोदी सरकार की 12 योजनाएं जिन्होंने आम लोगों का जीवन बदला
1. प्रधानमंत्री जनधन
योजना
: वित्तीय समावेशन की दिशा में
यह सबसे बड़ा अभियान
माना जाता है। करोड़ों
गरीब परिवार पहली बार बैंकिंग
प्रणाली से जुड़े। आज
अधिकांश सरकारी सहायता सीधे खातों में
पहुंच रही है।
2. प्रधानमंत्री उज्ज्वला
योजना
: गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी
कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। इससे ग्रामीण महिलाओं
को धुएं से राहत
मिली और स्वास्थ्य में
सुधार हुआ।
3. आयुष्मान भारत
योजना
: गरीब परिवारों को पांच लाख
रुपये तक का मुफ्त
स्वास्थ्य बीमा। लाखों लोगों को महंगे इलाज
का लाभ मिला।
4. प्रधानमंत्री आवास
योजना
: "हर परिवार को पक्का घर"
के लक्ष्य के साथ करोड़ों
आवासों का निर्माण कराया
गया।
5. स्वच्छ भारत
मिशन
: 2 अक्टूबर
2014 को शुरू हुए इस
अभियान ने देशभर में
शौचालय निर्माण और स्वच्छता को
जनआंदोलन बनाया।
6. पीएम किसान
सम्मान
निधि
: किसानों के खातों में
प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता सीधे
भेजी जाती है।
7. जल जीवन मिशन
: हर घर नल से
जल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर
यह योजना शुरू की गई।
8. सौभाग्य योजना
देश के दूरस्थ गांवों
तक बिजली पहुंचाने का अभियान।
9. मुद्रा योजना
: छोटे कारोबारियों और युवाओं को
बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया
गया।
10. स्टार्टअप इंडिया
: युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने
के लिए यह योजना
लाई गई। आज भारत
दुनिया के सबसे बड़े
स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
11. पीएम सूर्य
घर
योजना
: घरों की छतों पर
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सहायता
दी जा रही है।
12. आत्मनिर्भर भारत
अभियान
: कोरोना महामारी के बाद शुरू
किए गए इस अभियान
का उद्देश्य भारत को उत्पादन,
उद्योग और तकनीक के
क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना
है।
विदेश नीति: वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत
मोदी सरकार की
विदेश नीति को उसके
सबसे मजबूत पक्षों में गिना जाता
है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले
12 वर्षों में अमेरिका, फ्रांस,
रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, सऊदी अरब और
अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों
को नई ऊंचाइयों तक
पहुंचाया। भारत ने— जी-20 की
अध्यक्षता की क्वाड को
मजबूत किया. वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाई
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को
वैश्विक पहचान दिलाई, रक्षा और तकनीकी सहयोग
बढ़ाया. आज भारत को विश्व
राजनीति में निर्णायक शक्ति
के रूप में देखा
जाता है।
विपक्ष के आरोप और राजनीतिक चुनौतियां
मोदी सरकार की
उपलब्धियों के साथ कई
चुनौतियां और विवाद भी
जुड़े रहे। विपक्ष लगातार
निम्न मुद्दे उठाता रहा— बेरोजगारी, महंगाई,
किसानों की समस्याएं, आर्थिक
असमानता, संस्थागत स्वतंत्रता, विपक्षी नेताओं पर एजेंसियों की
कार्रवाई, कृषि कानूनों के
खिलाफ चले आंदोलन ने
सरकार को पीछे हटने
पर मजबूर किया। यह मोदी सरकार
के लिए सबसे बड़ी
राजनीतिक चुनौतियों में से एक
माना जाता है।
मोदी की राजनीतिक ताकत का रहस्य
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मोदी
की लोकप्रियता के पीछे कई
कारण रहे— मजबूत नेतृत्व
की छवि, राष्ट्रवाद, कल्याणकारी
योजनाएं, सीधे संवाद की
शैली, डिजिटल और सोशल मीडिया
का प्रभावी उपयोग, संगठनात्मक रूप से मजबूत
भाजपा, इन्हीं कारणों से मोदी लगातार
तीन बार प्रधानमंत्री बनने
में सफल रहे।
2026 के बाद की चुनौतियां
मोदी सरकार के
सामने आने वाले वर्षों
में कई महत्वपूर्ण चुनौतियां
हैं— करोड़ों युवाओं को रोजगार, विकसित
भारत 2047 का लक्ष्य, कृषि
सुधार, विनिर्माण क्षेत्र को गति, चीन
की चुनौती, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा.
एक ऐसा दौर जिसने भारत की राजनीति बदल दी
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों
का कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के सबसे प्रभावशाली
दौरों में गिना जाएगा।
समर्थकों के लिए यह
राष्ट्रीय पुनर्जागरण, विकास, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा
का कालखंड है, जबकि आलोचकों
के लिए यह कई
विवादों और बहसों का
दौर भी रहा है।
लेकिन इतना तय है
कि 2014 से 2026 तक का यह
समय भारत की राजनीति,
शासन व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और समाज को
गहराई से प्रभावित करने
वाला कालखंड रहा है। इतिहास
जब 21वीं सदी के
भारत का आकलन करेगा,
तब "मोदी युग" एक
अलग और महत्वपूर्ण अध्याय
के रूप में दर्ज
होगा।
मोदी सरकार के 12 सबसे चर्चित फैसले
✔ अनुच्छेद 370 समाप्त
✔ नोटबंदी
✔ जीएसटी लागू
✔ तीन तलाक कानून
✔ महिला आरक्षण कानून
✔ CAA लागू
✔ अग्निवीर योजना
✔ राम मंदिर निर्माण
✔ सर्जिकल स्ट्राइक
✔ EWS आरक्षण
✔ नई शिक्षा नीति
✔ डिजिटल इंडिया मिशन
मोदी सरकार की 12 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं
✔ जनधन योजना
✔ उज्ज्वला योजना
✔ आयुष्मान भारत
✔ आवास योजना
✔ स्वच्छ भारत मिशन
✔ पीएम किसान
✔ जल जीवन मिशन
✔ सौभाग्य योजना
✔ मुद्रा योजना
✔ स्टार्टअप इंडिया
✔ पीएम सूर्य घर योजना
✔ आत्मनिर्भर भारत अभियान
"12 वर्षों में मोदी सरकार
ने विकास, राष्ट्रवाद, कल्याणकारी योजनाओं और वैश्विक कूटनीति
के जरिए एक नई
राजनीतिक कथा गढ़ी, जिसकी
गूंज आने वाले दशकों
तक सुनाई देगी।"
2014: परिवर्तन की उम्मीदों के साथ शुरुआत
2014 का लोकसभा चुनाव
भ्रष्टाचार, महंगाई और नीतिगत पंगुता
के मुद्दों पर लड़ा गया।
कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार
के खिलाफ जनता में व्यापक
असंतोष था। मोदी ने
"अच्छे दिन", विकास और मजबूत नेतृत्व
का नारा दिया। परिणामस्वरूप
भाजपा ने अपने दम
पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। यह तीन दशकों
बाद पहली बार था
जब किसी गैर-कांग्रेसी
दल को पूर्ण बहुमत
मिला।
आर्थिक सुधारों की बड़ी पहल
मोदी सरकार की
सबसे बड़ी पहचान आर्थिक
सुधारों और डिजिटल परिवर्तन
से जुड़ी रही।
जनधन से डिजिटल
इंडिया तक : सरकार ने करोड़ों बैंक
खाते खुलवाकर वित्तीय समावेशन का अभियान चलाया।
आधार, मोबाइल और बैंक खातों
को जोड़कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को मजबूत किया
गया। जनधन योजना डिजिटल
इंडिया यूपीआई क्रांति स्टार्टअप इंडिया मेक इन इंडिया
मुद्रा योजना. इन योजनाओं ने भारत को
दुनिया की सबसे तेज़ी
से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर
दिया।
जीएसटी: एक राष्ट्र, एक कर
2017 में लागू वस्तु
एवं सेवा कर (GST) को
स्वतंत्र भारत का सबसे
बड़ा कर सुधार माना
गया। शुरुआती कठिनाइयों के बावजूद इसने
देश को एकीकृत कर
बाजार उपलब्ध कराया।
कोरोना काल : सबसे बड़ी परीक्षा
2020 में कोविड-19 महामारी
ने पूरी दुनिया को
प्रभावित किया। भारत में भी
लॉकडाउन, प्रवासी मजदूर संकट, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर दबाव और
दूसरी लहर के दौरान
ऑक्सीजन संकट जैसे गंभीर
प्रश्न उठे। हालांकि दुनिया
का सबसे बड़ा टीकाकरण
अभियान चलाकर भारत ने करोड़ों
लोगों को वैक्सीन उपलब्ध
कराई। "वैक्सीन मित्र" के रूप में
भारत ने अनेक देशों
की सहायता भी की।
विदेश नीति: भारत की बढ़ी वैश्विक प्रतिष्ठा
मोदी सरकार की
विदेश नीति को पिछले
12 वर्षों की सबसे बड़ी
उपलब्धियों में गिना जाता
है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका,
जापान, फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त
अरब अमीरात और अफ्रीकी देशों
के साथ संबंधों को
नई ऊंचाई दी। भारत ने
जी-20
की सफल अध्यक्षता की.
क्वाड समूह में सक्रिय भूमिका
निभाई. वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को
मजबूती दी. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को
वैश्विक पहचान दिलाई. आज भारत विश्व राजनीति
में एक महत्वपूर्ण शक्ति
के रूप में देखा
जाता है।
चुनौतियां अभी भी बाकी हैं
12 वर्षों की उपलब्धियों के
बावजूद मोदी सरकार के
सामने कई बड़ी चुनौतियां
मौजूद हैं— युवाओं के
लिए रोजगार सृजन. महंगाई नियंत्रण. कृषि आय में वृद्धि.
विनिर्माण क्षेत्र
का विस्तार. चीन की चुनौती. सामाजिक समरसता.
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट
भारत को 2047 तक
विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य इन्हीं
चुनौतियों के समाधान पर
निर्भर करेगा।
इतिहास का निर्णायक अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली और चर्चित दौरों में दर्ज हो चुके हैं। समर्थकों के लिए यह निर्णायक नेतृत्व, विकास, राष्ट्रीय गौरव और वैश्विक प्रतिष्ठा का युग है, जबकि आलोचकों के लिए यह सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण और कई अनुत्तरित सवालों का कालखंड भी है। फिर भी इतना निर्विवाद है कि पिछले 12 वर्षों ने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और जनमानस पर गहरा प्रभाव छोड़ा है। आने वाले वर्षों में इतिहासकार जब 21वीं सदी के भारत का मूल्यांकन करेंगे, तो "मोदी युग" निश्चित रूप से उस विमर्श का एक केंद्रीय अध्याय होगा।

