Wednesday, 17 June 2026

महिला आयोग की जनसुनवाई में गूंजे 28 मामले, दो का मौके पर निस्तारण

महिला आयोग की जनसुनवाई में गूंजे 28 मामले, दो का मौके पर निस्तारण 

राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, कहाहर जरूरतमंद महिला तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ, गांव-गांव चलें जागरूकता अभियान

सुरेश गांधी

वाराणसी। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर देते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई में 28 मामलों की सुनवाई की। दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों पर संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे, इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इस दौरान रवि शंकर सिंह सिटी मजिस्ट्रेट, नम्रता श्रीवास्तव, अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध, महिला कल्याण विभाग से जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र, रशीदा बेगम वरिष्ठ सहायक, रेखा श्रीवास्तव, प्रियंका राय हब फॉर वूमेन एम्पावरमेंट वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रबंधक रश्मि दुबे, पूजा सिंह, अनामिका यादव, केस वर्कर शालिनी पांडे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पी.एल.वी., स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा पिछड़ा कल्याण विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

28 शिकायतें, दो का मौके पर निस्तारण

सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई में 28 आवेदन प्राप्त हुए।

दो मामलों का तत्काल समाधान किया गया।

शेष मामलों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।

भूमि विवाद सबसे बड़ी परेशानी

सर्वाधिक शिकायतें भूमि विवाद से जुड़ी रहीं।

महिला उत्पीड़न, नौकरी के नाम पर ठगी, अवैध कब्जा और उपचार संबंधी मामले भी सामने आए।

आयोग ने सभी मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

हर महिला तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।

कौशल विकास मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को भी प्रचार-प्रसार तेज करने को कहा।

लाभार्थी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर।

महिला सुरक्षा पर प्रशासनिक समन्वय

पुलिस, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, श्रम, समाज कल्याण, पंचायत और विधिक सेवा प्राधिकरण समेत कई विभाग रहे मौजूद।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय से शिकायतों के शीघ्र निस्तारण पर बल।

महिला सशक्तीकरण को लेकर संयुक्त कार्ययोजना बनाने पर जोर।

मुख्यमंत्री के एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग विजन को काशी में मिली नई उड़ान

मुख्यमंत्री के एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग विजन को काशी में मिली नई उड़ान

एआई मेटा के अलर्ट ने बचाई एक जिंदगी, चौबेपुर पुलिस की तत्परता से टली आत्महत्या

बनारस में पहली बार एआई अलर्ट के आधार पर पुलिस ने मिनटों में युवक तक पहुंचकर की काउंसलिंग, तनावग्रस्त युवक ने छोड़ा आत्मघाती कदम

सुरेश गांधी

वाराणसी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि जीवन बचाने का भी माध्यम बन रही है। वाराणसी में पहली बार एआई मेटा के अलर्ट के आधार पर वरुणा जोन की चौबेपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 26 वर्षीय युवक की जान बचा ली। इसे काशी में एआई आधारित पुलिसिंग का पहला उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को एआई मेटा अलर्ट सिस्टम के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि चोलापुर क्षेत्र के एक युवक ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया है। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन में राजेंद्र यादव, दुर्गेश मिश्रा, कांस्टेबल जुगनू पासवान और महिला कांस्टेबल प्रियंका की टीम बिना समय गंवाए युवक के घर पहुंची। पुलिस ने युवक और उसके परिजनों से बातचीत कर काउंसलिंग की। पता चला कि युवक मानसिक तनाव से गुजर रहा था। पुलिस टीम ने उसे जीवन के महत्व और कठिन परिस्थितियों से सकारात्मक तरीके से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया। काउंसलिंग का असर हुआ और युवक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने तथा भविष्य में इस प्रकार की पोस्ट करने का संकल्प लिया।

युवक के परिजनों ने पुलिस की संवेदनशीलता, मानवीय व्यवहार और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि सूचना मिलने में देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहे हैं। वाराणसी की यह पहल बताती है कि तकनीक और संवेदनशील पुलिसिंग का समन्वय केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बचाने में भी प्रभावी साबित हो सकता है।

अपील

वरुणा जोन पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा हो तो उसे अकेला छोड़ें। ऐसी स्थिति में तत्काल 112 या निकटतम थाने से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि हर जीवन अनमोल है और सहायता के लिए पुलिस हर समय तत्पर है। 

12 साल के विकास का महाकुंभ काशी में, योजनाओं से लेकर नए भारत की तस्वीर तक एक मंच पर

12 साल के विकास का महाकुंभ काशी में, योजनाओं से लेकर नए भारत की तस्वीर तक एक मंच पर 

टीएफसी बड़ालालपुर में पांच दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभकेंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने किया उद्घाटन • 21 जून तक जनकल्याण शिविर, स्वास्थ्य शिविर, प्रबुद्धजन संवाद और सरस मेला भी होगा आयोजित

सुरेश गांधी

वाराणसी। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे हुए 12 वर्षों की विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को काशी के बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) में विकास, सुशासन और जनकल्याण का भव्य संगम दिखाई दिया। "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" थीम पर शुरू हुई पांच दिवसीय प्रदर्शनी में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों, जनहितकारी योजनाओं और बदलते भारत की तस्वीर को आधुनिक एवं आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और युवाओं के सशक्तीकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की योजनाएं अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। यह प्रदर्शनी सरकार की विकास यात्रा को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी और विशेष रूप से युवाओं को देश में हो रहे परिवर्तन से परिचित कराएगी।

योजनाओं से लेकर आधुनिक भारत की तस्वीर तक

प्रदर्शनी में आधारभूत संरचना, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, डिजिटल इंडिया, महिला सशक्तिकरण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, गरीब कल्याण और सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए कार्यों को तथ्यात्मक आंकड़ों, आकर्षक फोटो पैनलों और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सरकारी योजनाओं को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किए जाने की सराहना की।

21 जून तक चलेगा विकास महोत्सव

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र नाथ पाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी 21 जून तक प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी। इसी अवधि में जनकल्याण शिविर, स्वास्थ्य शिविर, प्रबुद्धजन संवाद तथा जिला स्तरीय स्वदेशी सरस मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ और जानकारी दोनों उपलब्ध हो सके।

कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

उद्घाटन समारोह में प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप कुमार पटेल, जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी की खास बातें

17 से 21 जून तक चलेगा आयोजन।

21 जून तक सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक रहेगा खुला।

विकास, सुशासन और जनकल्याण पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी।

स्वास्थ्य शिविर, जनकल्याण शिविर, प्रबुद्धजन संवाद और सरस मेले का भी होगा आयोजन।

युवाओं और आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर विशेष फोकस।

महिला आयोग की जनसुनवाई में गूंजे 28 मामले, दो का मौके पर निस्तारण

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