वाराणसी को मिले नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. एनपी सिंह ने संभाला कार्यभार
शासन का
तत्काल
प्रभाव
से
आदेश,
मिर्जापुर
मंडल
से
वाराणसी
भेजे
गए
वरिष्ठ
स्वास्थ्य
अधिकारी
हर मरीज
तक
बेहतर
स्वास्थ्य
सुविधा
पहुंचाना
लक्ष्य,
टीमवर्क
से
मजबूत
होगी
जिले
की
स्वास्थ्य
व्यवस्था
: डॉ.
एनपी
सिंह
स्वास्थ्य सेवाओं
को
और
मजबूत
बनाने
का
संकल्प,
मातृ-शिशु
स्वास्थ्य,
टीकाकरण
और
रोग
नियंत्रण
पर
रहेगा
विशेष
फोकस
सुरेश गांधी
वाराणसी। प्रदेश सरकार ने वाराणसी की
स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रशासनिक
बदलाव करते हुए प्रदेशीय
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा
संवर्ग के संयुक्त निदेशक
ग्रेड के वरिष्ठ चिकित्सा
अधिकारी डॉ. नरेंद्र प्रताप
सिंह (एनपी सिंह) को
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), वाराणसी नियुक्त किया है। शासन
ने उनकी तैनाती तत्काल
प्रभाव से करते हुए
निर्देश दिया कि वे
अविलंब अपना कार्यभार ग्रहण
कर शासन को कार्यभार
ग्रहण करने की सूचना
उपलब्ध कराएं। शासनादेश जारी होने के
बाद डॉ. एनपी सिंह
सोमवार को सीएमओ कार्यालय
पहुंचे और उन्होंने विधिवत
कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के दौरान
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों,
चिकित्सकों और कर्मचारियों ने
उनका स्वागत किया।
डॉ. एनपी सिंह
इससे पहले अपर निदेशक
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,
मिर्जापुर मंडल कार्यालय में
संयुक्त निदेशक के पद पर
कार्यरत थे। मंडलीय स्तर
पर प्रशासनिक अनुभव रखने वाले डॉ.
सिंह को वाराणसी जैसे
बड़े और संवेदनशील जिले
की स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपे
जाने को महत्वपूर्ण माना
जा रहा है। वाराणसी
पूर्वांचल का प्रमुख चिकित्सा
केंद्र है। यहां जिला
अस्पतालों के साथ बीएचयू,
मंडलीय चिकित्सालय, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य इकाइयों
तथा बड़ी संख्या में
निजी अस्पतालों का व्यापक नेटवर्क
संचालित है। सावन, कांवड़
यात्रा, धार्मिक आयोजनों और तीर्थ यात्राओं
के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से
स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव
पड़ता है। ऐसे समय
में नए सीएमओ की
नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि
से अहम माना जा
रहा है।
पदभार संभालते ही उन्होंने स्वास्थ्य
विभाग की विभिन्न योजनाओं
और कार्यक्रमों की समीक्षा कर
अधिकारियों को जनहित में
प्राथमिकता के आधार पर
कार्य करने के निर्देश
दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाराणसी
के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ
और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता
होगी। डॉ. एनपी सिंह
ने कहा कि उनकी
पहली प्राथमिकता सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं
की गुणवत्ता सुधारना, मरीजों को समय पर
उपचार उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों
तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच मजबूत
करना होगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों
में चिकित्सकों की उपलब्धता, दवा
वितरण, जांच सुविधाएं, मातृ
एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की नियमित समीक्षा
की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत
दिया कि जिला स्वास्थ्य
तंत्र की कार्यप्रणाली को
अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने
पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनशिकायतों
के त्वरित निस्तारण, स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण और
फील्ड मॉनिटरिंग की व्यवस्था को
सुदृढ़ किया जाएगा ताकि
आम लोगों को सरकारी स्वास्थ्य
सेवाओं का बेहतर लाभ
मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के
अनुसार आने वाले दिनों
में जिला अस्पताल, महिला
चिकित्सालय और ग्रामीण स्वास्थ्य
केंद्रों की विस्तृत समीक्षा
बैठक आयोजित की जाएगी। टीकाकरण
अभियान, संचारी रोग नियंत्रण, डेंगू-मलेरिया रोकथाम, पोषण कार्यक्रम और
आयुष्मान भारत योजना की
प्रगति भी नए सीएमओ
की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।
सीएमओ कार्यालय में पदभार ग्रहण
के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने
नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जिले की
स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक
प्रभावी बनाने की अपेक्षा जताई।
कई चिकित्सकों ने कहा कि
वाराणसी में मरीजों का
दबाव लगातार बढ़ रहा है
और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करना
समय की आवश्यकता है।
जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र
से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है
कि डॉ. एनपी सिंह
के प्रशासनिक अनुभव का लाभ वाराणसी
को मिल सकता है।
विशेष रूप से मंडलीय
स्तर पर काम करने
के कारण उन्हें स्वास्थ्य
योजनाओं के क्रियान्वयन, संसाधन
प्रबंधन और विभागीय समन्वय
का व्यापक अनुभव है।
नए सीएमओ एक नजर में
नाम:
डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह (एनपी सिंह)
नई
तैनाती: मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी
पूर्व
पद: संयुक्त निदेशक, अपर निदेशक चिकित्सा,
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
कार्यालय, मिर्जापुर मंडल
शासनादेश:
तत्काल प्रभाव से नियुक्ति
कार्यभार
ग्रहण: सोमवार को सीएमओ कार्यालय,
वाराणसी
मुख्य प्राथमिकताएं:
अस्पतालों की
व्यवस्था
सुधार,
ग्रामीण
स्वास्थ्य
सेवाएं,
दवा
उपलब्धता,
मातृ-शिशु
स्वास्थ्य,
संचारी
रोग
नियंत्रण
✔ गुणवत्तापूर्ण
एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना
✔ मातृ
एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं
को मजबूत करना
✔ नियमित
टीकाकरण अभियान को गति देना
✔ संचारी
रोग नियंत्रण पर विशेष फोकस
✔ राष्ट्रीय
स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन
✔ सीएचसी,
पीएचसी एवं हेल्थ एंड
वेलनेस सेंटरों की नियमित समीक्षा
✔ मरीजों
को बेहतर और सम्मानजनक उपचार
सुनिश्चित करना

