आस्था, व्यवस्था और विकास... काशी के नाम योगी का बड़ा संकल्प
"श्रद्धा भी सुरक्षित रहे, विकास भी अविराम चले" : सीएम योगी
श्रावण की तैयारियों पर हाईलेवल समीक्षा, विश्वनाथ धाम से
जल जीवन मिशन तक हर मोर्चे पर तय की जवाबदेही
सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता
सर्वोच्च प्राथमिकता
काशीवासियों को
मिलेगा
अलग
दर्शन
मार्ग,
कांवड़ियों
की
सुरक्षा
से
विकास
परियोजनाओं
तक
मुख्यमंत्री
का
स्पष्ट
संदेश
सुरेश गांधी
वाराणसी. श्रावण मास में करोड़ों
शिवभक्तों के स्वागत की
तैयारियों के बीच मंगलवार
को वाराणसी पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने काशी के
लिए आस्था, विकास और सुशासन का
ऐसा व्यापक खाका प्रस्तुत किया,
जिसमें बाबा विश्वनाथ के
दर्शन से लेकर शहर
की आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था, पेयजल, यातायात, पर्यटन और जनसुविधाओं तक
हर पहलू को सर्वोच्च
प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री
ने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा
करते हुए निर्देश दिया
कि श्रावण मास के दौरान
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
में काशीवासियों के दर्शन के
लिए अलग मार्ग की
व्यवस्था की जाए, ताकि
स्थानीय नागरिकों को श्रद्धालुओं की
भारी भीड़ के बीच
अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न
करना पड़े।

दो दिवसीय दौरे
पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस
में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों
के साथ विकास परियोजनाओं
तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा
करते हुए स्पष्ट शब्दों
में कहा कि "श्रद्धालुओं
की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान किसी
भी कीमत पर प्रभावित
नहीं होना चाहिए।" मुख्यमंत्री
ने अधिकारियों को निर्देश दिया
कि श्रावण मास में प्रशासन,
पुलिस, नगर निगम, लोक
निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन निगम तथा रेलवे
आपसी समन्वय के साथ कार्य
करें, ताकि लाखों श्रद्धालुओं
की भीड़ के बावजूद
व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं
को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खोया-पाया केंद्र,
आपदा प्रबंधन, निःशुल्क लॉकर तथा पर्याप्त
एम्बुलेंस जैसी सभी मूलभूत
सुविधाएं सहज रूप से
उपलब्ध कराई जाएं। खास यह है कि श्रावण से पहले मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ का यह दौरा
केवल प्रशासनिक समीक्षा भर नहीं रहा,
बल्कि यह स्पष्ट संदेश
भी था कि काशी
में आस्था और विकास अब
समानांतर नहीं, बल्कि एक-दूसरे के
पूरक बनकर आगे बढ़ेंगे।
बाबा विश्वनाथ की नगरी में
श्रद्धालुओं की सुविधा, स्थानीय
नागरिकों की सहजता और
विकास परियोजनाओं की गति—तीनों
को एक सूत्र में
पिरोने का प्रयास इस
समीक्षा बैठक में स्पष्ट
दिखाई दिया।
काशीवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर
पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ.
नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की
ओर से आभार व्यक्त
करते हुए कहा कि
स्थानीय नागरिक लंबे समय से
श्रावण में अलग दर्शन
मार्ग की मांग कर
रहे थे। मुख्यमंत्री ने
अधिकारियों को निर्देश दिया
कि इस व्यवस्था को
पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू
किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं
और स्थानीय लोगों दोनों की सुविधा बनी
रहे। उन्होंने यह भी कहा
कि मैदागिन से गोदौलिया तक
होने वाली बैरिकेडिंग के
कारण स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो तथा
पूरे मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस
और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहें।
जल जीवन मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
जल जीवन मिशन के
कार्यों की समीक्षा करते
हुए दो टूक कहा
कि इस योजना के
लिए धन की कोई
कमी नहीं है। इसलिए
किसी भी स्तर पर
कार्य में देरी या
लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां-जहां पेयजल पाइपलाइन
बिछाने के लिए सड़कें
खोदी गई हैं, वहां
साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मरम्मत
भी सुनिश्चित की जाए। जनता
को टूटी सड़कों और
धूल-गड्ढों की समस्या से
नहीं जूझना चाहिए। शहर में अंडरग्राउंड
केबलिंग के दौरान खोदी
गई सड़कों पर भी मुख्यमंत्री
ने नाराजगी जताई और कहा
कि विभागों के बीच समन्वय
स्थापित कर सड़कों का
समयबद्ध रेस्टोरेशन कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं
की संभावना समाप्त हो।
रोप-वे, यूनिटी मॉल और नई काशी की परियोजनाओं में तेजी
मुख्यमंत्री ने वाराणसी के
महत्वाकांक्षी रोप-वे प्रोजेक्ट
की प्रगति की समीक्षा की।
अधिकारियों ने उन्हें बताया
कि अगस्त तक कार्य पूरा
कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री
ने समयसीमा का कड़ाई से
पालन करने के निर्देश
दिए। इसके साथ ही
उन्होंने आनंद काशी, रुद्र
काशी, काशी स्पोर्ट्स सिटी,
यूनिटी मॉल और एकीकृत
मंडलीय कार्यालय जैसी प्रमुख परियोजनाओं
को तेजी से पूरा
करने के निर्देश दिए।
नाविकों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता
गंगा में लगातार
बढ़ रहे जलस्तर को
देखते हुए मुख्यमंत्री ने
नाव संचालन व्यवस्था की विशेष समीक्षा
की। उन्होंने निर्देश दिया कि छोटी
नावों का नगर निगम
के माध्यम से पंजीकरण कराया
जाए तथा प्रत्येक नाव
पर लाइफ जैकेट सहित
सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध
कराए जाएं। जल पुलिस को
चौबीसों घंटे सतर्क रहने,
सीसीटीवी के माध्यम से
निगरानी रखने तथा घाटों
पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
भी दिए गए।
श्रावण में सुरक्षा व्यवस्था होगी अभेद्य
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों
को निर्देश दिया कि सीमावर्ती
क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
बरती जाए, फुट पेट्रोलिंग
बढ़ाई जाए तथा प्रत्येक
छह महीने पर पुलिस कर्मियों
की ड्यूटी बदली जाए। उन्होंने
कहा कि श्रावण के
दौरान लाखों श्रद्धालु काशी आएंगे, इसलिए
किसी भी प्रकार की
अव्यवस्था, अपराध या असामाजिक गतिविधि
के लिए कोई स्थान
नहीं होना चाहिए। होटलों, रेस्तरां
और बस स्टैंडों पर
श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क
वसूलने वालों के विरुद्ध भी
सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
गए।
वीआईपी संस्कृति पर भी सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने मंदिर व्यवस्था
में लगे कर्मचारियों की
समय-समय पर ड्यूटी
बदलने का निर्देश देते
हुए कहा कि वीआईपी
दर्शन के नाम पर
किसी श्रद्धालु के साथ अन्याय
या ठगी की शिकायत
नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाबा
विश्वनाथ के दरबार में
आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु
सम्मान और सुगमता का
अधिकारी है।
विकास की नई तस्वीर
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को
बताया कि वर्ष 2014 से
अब तक वाराणसी में
536 परियोजनाएं पूरी हो चुकी
हैं, जिनकी लागत 36,210 करोड़ रुपये है। वर्तमान में
25,007 करोड़ रुपये की लागत से
191 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने
सभी परियोजनाओं की प्रगति की
समीक्षा करते हुए समयबद्ध
गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष
बल दिया।
हरित काशी का भी संकल्प
मुख्यमंत्री ने आगामी वृक्षारोपण
महाअभियान की तैयारियों की
समीक्षा करते हुए निर्देश
दिया कि इसे जनभागीदारी
का अभियान बनाया जाए, जिससे विकास
के साथ पर्यावरण संरक्षण
का संतुलन भी बना रहे।
बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश
सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य
मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत
अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र
सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ सुनील पटेल, अपर पुलिस
आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार,
उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार,
डीएफओ श्रीमती निधि चौहान समेत सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।