Saturday, 25 April 2026

बनारस को ‘मॉडल सिटी’ बनाने की कवायद तेज, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : मंत्री ए के शर्मा

बनारस कोमॉडल सिटीबनाने की कवायद तेज, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : मंत्री के शर्मा 

बरसात से पहले नालों की सफाई पूरी करेंट्रिपिंग पर जीरो टॉलरेंसछोटे उपभोक्ताओं को बड़ी राहतसीएम ग्रिड नगरोदय से बदलेगा शहर का स्वरूप

सुरेश गांधी

वाराणसी. धार्मिक और पर्यटन नगरी वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुविधायुक्त शहर बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री के शर्मा ने शनिवार को वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नगर निगम और जलकल विभाग को निर्देश दिया कि नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाए, ताकि बरसात में शहर को जलजमाव की समस्या से जूझना पड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार बारिश में किसी भी हाल में जलभराव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शहरी सौंदर्यीकरण और सड़क सुधार कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था और सौंदर्य दोनों में सुधार होगा।

सीएम ग्रिड योजना और वैश्विक नगरोदय योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं का असर जमीन पर स्पष्ट दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बनारस का विकास सिर्फ कागजों तक सीमित रहे, बल्कि इसे आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित किया जाए।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा में मंत्री के शर्मा ने बिजली ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि वाराणसी में कहीं भी ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल खत्म किया जाए। साथ ही निर्बाध और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों की धीमी गति पर भी मंत्री ने असंतोष जताते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी हो।

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

बैठक में मंत्री ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाले महत्वपूर्ण फैसले भी लिए। उन्होंने निर्देश दिया कि 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी एक माह तक नहीं काटा जाएगा। वहीं 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की राहत दी जाएगी। इसके अलावा किसी भी कनेक्शन को काटने से पहले 5 चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में मंत्री के शर्मा ने कहा कि वाराणसी की पहचान देश-विदेश में है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में मेयर अशोक तिवारी, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अब ‘नो ब्लैकआउट’ की ओर बनारस, 24×7 विद्युत वैन से मिनटों में दूर होंगे फॉल्ट

अबनो ब्लैकआउटकी ओर बनारस, 24×7 विद्युत वैन से मिनटों में दूर होंगे फॉल्ट 

ऊर्जा मंत्री .के. शर्मा ने किया शुभारंभतीन शिफ्टों में तैनात रहेंगी टीमेंट्रांसफॉर्मर से एचटी फॉल्ट तक  ऑन--स्पॉट समाधान

सुरेश गांधी

वाराणसी. वाराणसी में अब बिजली संकट पर त्वरित लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ऊर्जा मंत्री .के. शर्मा ने शनिवार को शहर में अत्याधुनिक 24×7 विद्युत आपातकालीन वैन का शुभारंभ किया, जिससे फॉल्ट सुधार की प्रक्रिया तेज होगी और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति का भरोसा मिलेगा।

इन हाईटेक वैन का मकसद बिजली बाधित होने की स्थिति में रेस्टोरेशन टाइम को न्यूनतम करना है। आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों से लैस ये वाहन किसी भी तरह की तकनीकी चुनौती से निपटने में सक्षम होंगे। सबसे खास बात यह है कि इन वैन पर तैनात टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी। प्रतिदिन 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर की टीम मौके पर तैनात रहेगी, जिससे शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।

हर तरह के फॉल्ट का मौके पर समाधान

यह विशेष वैन केवल सामान्य खराबी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि हाई टेंशन (एचटी) लाइनों के मेंटेनेंस, ब्रेकडाउन सुधार और जरूरत पड़ने पर ट्रांसफॉर्मर क्रॉस आर्म बदलने जैसे जटिल कार्य भी मौके पर ही किए जाएंगे। भूमिगत और एबी केबल में आने वाले फॉल्ट का अत्याधुनिक उपकरणों से तुरंत पता लगाकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही जर्जर तारों और क्षतिग्रस्त कंडक्टर को समय रहते बदलने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में झुके या टूटे बिजली के खंभों को तुरंत दुरुस्त करने के साथ ही ओवरहेड लाइनों की सुरक्षा के लिए पेड़ों की छंटाई और लाइन क्लीयरेंस का काम भी यही टीमें करेंगी।

प्रो-एक्टिव सिस्टम से मिलेगा फायदा

नई व्यवस्था केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित सर्वेक्षण के जरिए संभावित फॉल्ट्स को पहले ही पहचानकर उन्हें दूर करने की रणनीति भी लागू की गई है। इससे भविष्य में बड़े ब्रेकडाउन की आशंका कम होगी। ऊर्जा मंत्री .के. शर्मा ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली सुविधा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वाराणसी में इन 24×7 वैन के संचालन से केवल बिजली लाइनों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को बार-बार होने वाली कटौती से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पहल शहर कोस्मार्ट और रेस्पॉन्सिव पावर सिस्टमकी दिशा में आगे बढ़ाएगी, जहां शिकायत के बजाय समाधान पहले पहुंचेगा।

Friday, 24 April 2026

काशी से विकास का महाशंखनाद : पीएम मोदी 28 को देंगे 7000 करोड़ की सौगात

काशी से विकास का महाशंखनाद : पीएम मोदी 28 को देंगे 7000 करोड़ की सौगात 

दो नई ट्रेनों को हरी झंडी, ‘अमृत भारत एक्सप्रेसका शुभारंभ, गंगा पर बनेगा देश का सबसे चौड़ा डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज

50 हजार महिलाओं के सम्मेलन से लेकर विश्वनाथ धाम दर्शन तक, दो दिन काशी के नाम

सुरेश गांधी

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से विकास का ऐसा महाशंखनाद करने जा रहे हैं, जिसकी गूंज पूर्वांचल से लेकर बंगाल तक सुनाई देगी। इस दौरे में वह करीब 7000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिसमें आधुनिक रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला सशक्तिकरण का बड़ा संदेश शामिल है।

सबसे बड़ी सौगात के तौर पर प्रधानमंत्री वाराणसी से दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। बरेका जनसभा स्थल से वाराणसी - पुणे ट्रेन को रवाना करने के साथ ही अयोध्या - मुंबईअमृत भारत एक्सप्रेसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेन कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधा के लिहाज से बड़ा कदम मानी जा रही है।

काशी से दौड़ेगी विकास की रफ्तार

रेलवे तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों का वाराणसी दौरा प्रस्तावित है। नई ट्रेनों के संचालन से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वांचल के बीच आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी।

गंगा पर बनेगा देश का सबसे आधुनिक डबल डेकर ब्रिज

प्रधानमंत्री इस दौरान गंगा नदी पर करीब 2500 करोड़ की लागत से बनने वाले देश के सबसे चौड़े डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज की नींव भी रखेंगे। जिसमें नीचे 4 रेलवे ट्रैक, ऊपर 6 लेन की सड़क के साथ ही 100 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां. करीब 1 किमी लंबे इस पुल से वाराणसी सीधे मुगलसराय से जुड़ जाएगा और 137 साल पुराने मालवीय पुल पर दबाव कम होगा।

50 हजार महिलाओं का महासम्मेलन, सियासी संदेश भी मजबूत

प्रधानमंत्री इसी दिन बरेका में आयोजित होने वाले विशाल महिला सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे, जिसमें लगभग 50 हजार महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। यह सम्मेलन केवल सामाजिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

विश्वनाथ धाम में दर्शन, काशी में रात्रि विश्राम

पीएम मोदी काशी पहुंचने के बाद बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका) में परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, फिर महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और उसी दिन काशी में रात्रि विश्राम करेंगे। 29 अप्रैल की सुबह वे ज्ञेंप टपेूंदंजी ज्मउचसम में दर्शन-पूजन करेंगे।

29 को करेंगे मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन

29 अप्रैल को प्रधानमंत्री तिब्बती संस्थान के रिंपा सेंगपा अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे।

काशी से बंगाल तक जाएगा सियासी संदेश

पीएम मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पूर्वी भारत में चुनावी माहौल गर्म है। काशी और बंगाल के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंधों के चलते यह जनसभा और महिला सम्मेलन राजनीतिक रूप से भी बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है। कुल मिलाकर, 28-29 अप्रैल का यह दौरा रेल, रोड, महिला शक्ति और सांस्कृतिक आस्था, चारों मोर्चों पर काशी को नई पहचान देने वाला साबित होने जा रहा है।

बनारस को ‘मॉडल सिटी’ बनाने की कवायद तेज, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : मंत्री ए के शर्मा

बनारस को ‘ मॉडल सिटी ’ बनाने की कवायद तेज , गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : मंत्री ए के शर्मा  बरसात से पहले नालों की सफा...