Monday, 15 June 2026

नमो घाट से गूंजा योग का महाशंखनाद, 21 जून को विश्व संग साधेगा भारत

नमो घाट से गूंजा योग का महाशंखनाद, 21 जून को विश्व संग साधेगा भारत

अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह का शुभारंभनमो घाट पर सैकड़ों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यासआयुष मंत्री बोले- योग भारत की सांस्कृतिक चेतना का वैश्विक स्वरूप • 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के रेड रोड से करेंगे राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी की पहल से उत्तर प्रदेश में घर-घर पहुंच रही स्वस्थ जीवनशैली मोदी के नेतृत्व में योग बना वैश्विक जनआंदोलन यूपी में योग संस्कृति को मिल रही नई गति योग केवल व्यायाम नहीं, भारत की आत्मा का वैश्विक उत्सव ऋषियों की साधना से जन-जन की जीवनशैली तक पहुंचा योग स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर होंगे विशेष आयोजन 

सुरेश गांधी

वाराणसी। काशी के नमो घाट से सोमवार को अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह का शुभारंभ केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि भारत की उस प्राचीन ऋषि परंपरा का पुनर्स्मरण बन गया जिसने पूरे विश्व को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाया। उगते सूर्य की लालिमा, गंगा की अविरल धारा और सैकड़ों लोगों के सामूहिक योगाभ्यास ने यह संदेश दिया कि योग अब केवल भारत की विरासत नहीं, बल्कि वैश्विक जीवनशैली का आधार बन चुका है।

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा तथा अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। योग प्रशिक्षक दिनेश कुमार मौर्य एवं आरती सिंह के निर्देशन में सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया।

अपने संबोधन में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जाता है।

एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में योग, आयुष और स्वस्थ जीवनशैली को जन-आंदोलन बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर योग शिविर आयोजित कर लोगों को स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

21 जून को कोलकाता से प्रधानमंत्री देंगे विश्व को योग का संदेश

इस वर्ष 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 21 जून को कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास करेंगे। इस बार देशभर में योग सप्ताह, योग संगम, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, आयुष संस्थानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस वर्ष की थीम

"Yoga for Healthy Ageing" (योग के माध्यम से स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था) इस वर्ष की आधिकारिक थीम है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि योग केवल रोगों से बचाव का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का आधार है।

देशभर में व्यापक तैयारियां

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सप्ताहभर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, ऐतिहासिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया जा रहा है। विभिन्न राज्यों में लाखों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. नितेश श्रीवास्तव, एसडीएम पवन कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय यादव, आयुष मंत्री के पीआरओ गौरव राठी, पारस यादव 'पप्पू', डॉ. दीपिका दवे, विनोद यादव 'गप्पू' सहित आयुष, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

योग : भारत की संस्कृति से विश्व की जीवनशैली तक

वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। आज योग भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का भी सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है।

Sunday, 14 June 2026

माफिया मिटे, अब मोहल्ले के गुंडों की बारी, भौकाल दिखाया तो सीधे हवालात

माफिया मिटे, अब मोहल्ले के गुंडों की बारी, भौकाल दिखाया तो सीधे हवालात

डीजीपी राजीव कृष्ण का वाराणसी से बड़ा संदेश : सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों पर भी होगी कार्रवाई, एआई तकनीक से सुधरेगा ट्रैफिक, साइबर अपराधियों पर भी कसा जाएगा शिकंजा

सुरेश गांधी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों के लिए बच निकलने की कोई जगह नहीं होगी। माफिया से लेकर मोहल्लों में दहशत फैलाने वाले गुंडों और सोशल मीडिया पर 'भौकाल' बनाने वाले असामाजिक तत्वों तक, हर स्तर के अपराधी पुलिस की निगरानी में हैं। प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अब कानून का शिकंजा और अधिक कसा जाएगा। यह स्पष्ट संदेश रविवार को वाराणसी पहुंचे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने दिया। 

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को पूरी तरह अपराधमुक्त बनाना, महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात व्यवस्था को तकनीक से सुदृढ़ करना तथा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने दावा किया कि बीते आठ-दस वर्षों में माफियाओं के विरुद्ध हुई कठोर कार्रवाई के परिणामस्वरूप प्रदेश में संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा है और यह अभियान आगे भी बिना किसी ढिलाई के जारी रहेगा।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अब केवल बड़े अपराधी ही नहीं, बल्कि गांवों और मोहल्लों में भय का वातावरण बनाने वाले स्थानीय गुंडों और सोशल मीडिया के माध्यम से दबंगई का प्रदर्शन करने वालों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इंटरनेट मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।

एआई और गूगल डेटा से खत्म होगा ट्रैफिक जाम

राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश के 20 जिलों में लगभग ढाई महीने पहले 'रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन' परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और गूगल से प्राप्त ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर जाम के कारणों की वैज्ञानिक तरीके से पहचान की जा रही है। वाहनों की औसत गति, अधिकतम एवं न्यूनतम यात्रा समय तथा ट्रैफिक घनत्व का लगातार अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 230 ट्रैफिक कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं, जबकि वाराणसी में 11 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चोक प्वाइंट की पहचान कर वहां सुधारात्मक उपाय लागू किए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है।

काशी की बढ़ती जरूरतों के अनुसार होगी पुलिसिंग

डीजीपी ने कहा कि वाराणसी देश की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। भविष्य में रोपवे जैसी परियोजनाएं यातायात का दबाव कम करेंगी। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल और आधुनिक तकनीक के माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

60 हजार से अधिक नए पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा

उन्होंने बताया कि हाल ही में भर्ती हुए 60,244 पुलिसकर्मी जनपदों में पहुंच चुके हैं और उनका प्रशिक्षण जारी है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद इन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन में तैनात किया जाएगा, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

साइबर अपराधियों पर भी कसेगा शिकंजा

साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस अब तकनीकी स्तर पर ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे शिकायत मिलते ही पीड़ित की रकम बैंक स्तर पर ही रोक दी जाए और धन विदेशों तक पहुंच सके। विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों के खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रत्यर्पण प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी एसआईटी

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित गबन के मामले पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में डीजीपी ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की अपनी व्यवस्थाएं होती हैं, लेकिन यदि किसी प्रकार की शिकायत पुलिस के पास आती है तो नियमानुसार जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के सुझाव पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्ष जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा पर सतत निगरानी

काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर डीजीपी ने कहा कि महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की नियमित समीक्षा की जाती है। इसके लिए गठित स्थायी समिति समय-समय पर सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करती है ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना रहे।

कोडीन सिरप तस्करी में जल्द होगी बड़ी कार्रवाई

कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर डीजीपी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है और इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी के पांच बड़े संदेश

माफिया और स्थानीय गुंडों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रहेगा।

सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वाले भी पुलिस की रडार पर हैं।

एआई और गूगल डेटा के जरिए ट्रैफिक जाम कम करने की नई रणनीति लागू।

60,244 नए पुलिसकर्मी जल्द संभालेंगे कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी।

साइबर अपराधियों के खिलाफ देश-विदेश तक कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।

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