गोपेश पांडेय के निधन से काशी का पत्रकार जगत शोकाकुल
काशी पत्रकार
संघ
के
पूर्व
अध्यक्ष
रहे
वरिष्ठ
पत्रकार
के
अवसान
पर
पत्रकारों
से
लेकर
राजनीतिक
जगत
तक
श्रद्धांजलि,
कहा—उनका
योगदान
कभी
भुलाया
नहीं
जा
सकता
सुरेश गांधी
वाराणसी। काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं मानद सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार गोपेश पांडेय के निधन से काशी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण पूर्वांचल का पत्रकारिता जगत गहरे शोक में डूब गया है। निष्पक्ष, निर्भीक और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले गोपेश पांडेय के अवसान को पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनके निधन की खबर मिलते ही पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों में शोक की लहर दौड़ गई। घर-घर से लेकर सोशल मीडिया तक उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी जा रही है। उन्होंने समाचार को सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम माना। सच्चाई के पक्ष में खड़े रहना, सत्ता और व्यवस्था से सवाल पूछना तथा आम जन की आवाज़ को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता की पहचान रही। काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूती दी और पत्रकारों के हितों की लड़ाई को मर्यादित, लेकिन दृढ़ स्वर में आगे बढ़ाया।
उनके निधन पर
भारतीय जनता पार्टी के
नेताओं ने भी गहरा
शोक व्यक्त किया है। भाजपा
काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष एवं विधान परिषद
सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और क्षेत्रीय मीडिया
प्रभारी नवरतन राठी सहित कई
नेताओं ने संयुक्त शोक
संवेदना व्यक्त करते हुए कहा
कि गोपेश पांडेय का जाना पत्रकारिता
जगत के लिए अपूरणीय
क्षति है। नेताओं ने
कहा कि उन्होंने अपने
जीवन में निष्पक्ष और
निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से
समाज को जागरूक करने
का कार्य किया, जिसे भुलाया नहीं
जा सकता।
पत्रकार साथियों ने उन्हें एक
ऐसे मार्गदर्शक के रूप में
याद किया, जिन्होंने नई पीढ़ी को
पत्रकारिता के मूल्यों से
परिचित कराया। उनका सादा जीवन,
स्पष्ट विचार और निर्भीक लेखनी
हमेशा प्रेरणा देती रहेगी। कई
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि
गोपेश पांडेय जैसे लोग पत्रकारिता
के स्तंभ होते हैं, जिनके
जाने से एक खालीपन
पैदा हो जाता है,
जिसकी भरपाई आसान नहीं।
सोशल मीडिया पर
भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का
तांता लगा रहा। फेसबुक,
व्हाट्सएप और एक्स जैसे
मंचों पर उनके साथियों
और शिष्यों ने पुरानी तस्वीरें
और संस्मरण साझा कर उन्हें
याद किया। सभी ने एक
स्वर में कहा कि
गोपेश पांडेय का योगदान काशी
की पत्रकारिता के इतिहास में
स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
भाजपा नेताओं एवं पत्रकार संगठनों
ने ईश्वर से प्रार्थना की
कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान
करें और शोकाकुल परिजनों
को इस असहनीय दुःख
को सहने की शक्ति
दें। निस्संदेह, गोपेश पांडेय की कलम भले
ही शांत हो गई
हो, लेकिन उनके विचार, मूल्य
और योगदान पत्रकारिता की पीढ़ियों को
हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे।





