Saturday, 10 January 2026

केरल व रेलवे फाइनल में, सेमीफाइनल में दिखा जज्बा, दम और रोमांच

72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में वॉलीबॉल का शिखर महासंग्राम

पुरुष और महिला दोनों वर्गों में केरल रेलवे फाइनल में, सेमीफाइनल में दिखा जज्बा, दम और रोमांच 

महिला वर्ग में केरल रेलवे ने दिखाई क्लास, पुरुषों में रेलवे ने सर्विसेज को किया पस्त 

पुरुष सेमीफाइनल में केरल ने पंजाब को सीधे सेटों में किया बाहर

तीसरे सेट से पांचवें सेट तक रोमांच ने थामे रखी दर्शकों की सांसें

सुरेश गांधी

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी इन दिनों खेल ऊर्जा से सराबोर है। डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम (सिगरा) में नगर निगम द्वारा आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप अब निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुकी है। सातवें दिन खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों ने यह साफ कर दिया कि खिताब की राह आसान नहीं थी। महिला वर्ग में केरल और रेलवे ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई, जबकि पुरुष वर्ग में रेलवे ने सर्विसेज को कड़े संघर्ष में हराकर फाइनल का टिकट कटाया। सिगरा स्टेडियम में अब हर निगाह फाइनल पर टिकी है, जहां देश की सर्वश्रेष्ठ टीमें वॉलीबॉल के इस महासमर में इतिहास रचने उतरेंगी। खास यह है कि आज खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों ने यह साबित कर दिया कि खिताब की राह सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि धैर्य, रणनीति और अनुभव से होकर गुजरती है।

केरल की जीत, लेकिन हरियाणा का जज़्बा दिल जीत ले गया

महिला वर्ग के पहले सेमीफाइनल में केरल और हरियाणा की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबला भले ही 3-0 से केरल के पक्ष में गया, लेकिन यह स्कोरलाइन हरियाणा के संघर्ष की पूरी कहानी नहीं कहती। पहले दो सेटों में केरल ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल के दम पर 25-19 और 25-21 से बढ़त बना ली। तीसरा सेट टूर्नामेंट के सबसे यादगार पलों में शुमार हो गया। हार के कगार पर खड़ी हरियाणा ने अद्भुत वापसी करते हुए स्कोर 33-33 तक बराबर कर दिया। हरियाणा की निशा और पूजा ने लगातार स्मैश से केरल की डिफेंस को झकझोर दिया, लेकिन निर्णायक क्षणों में अन्न मैथ्यू, एंजल थॉमस और एन.वी. जैकब का अनुभव भारी पड़ा। केरल ने 35-33 से सेट जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। मैच में अनाघा आर. के दमदार स्मैश और सटीक सर्विस दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि भूमिका और नंदना ने डिफेंस में चट्टान की तरह खड़े रहकर टीम को मजबूती दी।

रेलवे की रफ्तार, राजस्थान की जुझारू चुनौती

दूसरे सेमीफाइनल में रेलवे और राजस्थान के बीच मुकाबला शक्ति और रणनीति की टक्कर का गवाह बना। रेलवे ने पहले दो सेट 25-13 और 25-16 से जीतकर यह संकेत दे दिया कि टीम खिताब के इरादे से उतरी है। तीसरे सेट में राजस्थान ने जबरदस्त पलटवार किया। कविता देवी, पूजा और गुंजन रानी के आक्रामक खेल ने रेलवे को बैकफुट पर धकेल दिया और राजस्थान ने 26-24 से सेट जीतकर स्टेडियम में नया उत्साह भर दिया। हालांकि चौथे सेट में रेलवे ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। रुक्साना खातून की सधी हुई सर्विस, कविता के प्रभावी ब्लॉक, एस. शालिनी की फुर्ती, डी.पी. एझिलमथी की सूझबूझ और लिबेरो जेसना एन.टी. की शानदार डिफेंस ने रेलवे को 25-19 से सेट जिताकर फाइनल में पहुंचा दिया। प्रेरणा पाल संकट के समय रेलवे की सबसे मजबूत दीवार साबित हुईं।

पुरुष वर्ग में रेलवे की संघर्षपूर्ण छलांग

पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में रेलवे और सर्विसेज के बीच मुकाबला रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचा। पांच सेट तक चले इस महासंग्राम में रेलवे ने सर्विसेज को 3-2 (22-25, 25-23, 21-25, 25-17, 15-13) से हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह मुकाबला शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती की भी परीक्षा बना। 

पुरुष वर्ग: केरल और रेलवे की टक्कर तय

केरल ने पंजाब को सीधे सेटों में किया बाहर. पुरुष वर्ग के एक अन्य सेमीफाइनल में केरल ने अनुशासित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए पंजाब को सीधे सेटों में 3-0 (25-23, 25-23, 25-22) से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। तीनों सेटों में पंजाब ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन निर्णायक क्षणों में केरल की बेहतर रिसीविंग, सटीक ब्लॉक और संतुलित अटैक ने अंतर पैदा किया। लगातार अंक बटोरते हुए केरल ने मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और बिना सेट गंवाए फाइनल का टिकट कटाया। इससे पहले पुरुष वर्ग के दूसरे सेमीफाइनल में रेलवे ने सर्विसेज को पांच सेटों के रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

खेल और सम्मान का संगम

सेमीफाइनल मुकाबलों के दौरान बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी और एमएलसी विनीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन समिति के अध्यक्ष महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा सचिव सर्वेश पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। नगर निगम के अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

स्कोर कार्ड

महिला सेमीफाइनलः केरल ने हरियाणा को 3-0 से हराया (25-19, 25-21, 35-33)

महिला सेमीफाइनलः रेलवे ने राजस्थान को 3-1 से हराया (25-13, 25-16, 24-26, 25-19)

पुरुष सेमीफाइनलः रेलवे ने सर्विसेज को 3-2 से हराया

आज तय होगा चैंपियन

11 जनवरी को महिला वर्ग के फाइनल में केरल और रेलवे आमने-सामने होंगी, जबकि हरियाणा और राजस्थान कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगी। फाइनल मुकाबलों और पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

सेवा से सजी सर्द रातें, ए.के.एम.डी. ने थामा जरूरतमंदों का हाथ

सेवा से सजी सर्द रातें, .के.एम.डी. ने थामा जरूरतमंदों का हाथ 

200 से अधिक दिव्यांग, वृद्ध विधवाओं को दिया कंबल, कालेज के होनहार बच्चे भी हुए सम्मानित

प्रथम पुरस्कार रेंजर सायकिल, द्वितीय पुरस्कार टेबल फैन तृतीय पुरस्कार कपड़ा प्रेस के साथ मेमेंटो प्रस्सति पत्र भी सौंपा गया 

सुरेश गांधी

वाराणसी। भुलना देवी बेचन वर्मा जन सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित .के.एम.डी. स्पेशल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अटेसुआ-मुरदहाबाजार, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम केवल राहत का माध्यम बना, बल्कि समाजसेवा को स्वावलंबन से जोड़ने की मिसाल भी पेश करता नजर आया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक दिव्यांगजनों, विधवाओं और बुजुर्गों को कंबल वितरित किए गए। ठंड के इस मौसम में मिली यह राहत उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद कंबल वितरण के साथ-साथ शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की दिशा में मेधावी विद्यार्थियों को रेंजर साइकिल, टेबल फैन और ऑटो प्रेस प्रदान किए गए, वहीं कुछ बच्चों को मेडल प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

ट्रस्टी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि ट्रस्ट का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को कंबल या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं और बीते दो-तीन वर्षों से ट्रस्ट उन्हें रोजगार से भी जोड़ने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि .के.एम.डी. संस्था बेसहारा और असहाय वृद्धों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं भाजपा जिला सचिव राणा चौहान तथा अजगरा विधायक टी. राम के प्रतिनिधि सिकंदर राम के हाथों गरीबों और असहायों के बीच कंबल वितरित किए गए। अतिथियों ने .के.एम.डी. स्पेशल कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। राणा चौहान ने कहा कि कड़ाके की ठंड में दिव्यांगों और जरूरतमंदों के चेहरे पर कंबल पाकर जो खुशी दिखाई दी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे पुण्य का कार्य बताते हुए कहा कि इससे जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिलेगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की कि ठंड में बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलें, आवश्यक होने पर सिर ढककर निकलें और सुबह-शाम अलाव का सहारा लें।

ट्रस्टी एवं अध्यक्ष अर्चना पटेल ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में कंबल वितरण किया जाता है। इस वर्ष भी दिव्यांगजन, वृद्ध और असहाय महिला-पुरुषों के बीच कंबल वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबुद्धजनों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट समाजसेवा और परोपकार के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है और इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना है। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने इस प्रयास को मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में आयोजनकर्ता मालती देवी वर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, अध्यक्ष अर्चना पटेल के साथ ट्रस्ट के सदस्य अमूल्य सिंह पटेल, अपर्णा सिंह पटेल, अमरेश सिंह, गुलाब चंद्र वर्मा उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्लाक प्रमुख अमित उपाध्याय, एमजीकेवीपी बच्छाव के प्रोफेसर डॉ. रवि शंकर पटेल, एमजीकेवीपी के प्रोफेसर डॉ. रामजी सिंह यादव, जेपी महिला विद्यालय के डायरेक्टर इंद्रजीत पटेल, एमवीएच इंटर कॉलेज के डायरेक्टर अभिषेक सिंह पटेल, प्रधानाचार्य गणेश प्रसाद, उपप्रधानाचार्य अमित कुमार सिंह, डॉ मनोज कुमार सिंह प्रधानाचार्य माधव प्रसाद भीखा इंटर कालेज, पुष्पाजंलि पटेज जिला पंचायत सदस्या भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी सतीश चंद्र वर्मा, एसबी एजुकेशन के डायरेक्टर आशुतोष आनंद, राजकुमारी बालिका इंटर कॉलेज की कलावती पटेल, आईजीएआर लखनऊ के डॉ. चंद्रशेखर सिंह, अवध नारायण पांडे (दिल्ली), एमपीबीआईसी के प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह, प्रधान संघ संयोजक जौनपुर गोपाल शर्मा, रामकरण प्रसाद, मनोज शर्मा, चंद्रमणि प्रधान, तिवारी उद्यान, राहुल मडियाहू, बीडीओ गोंडा सुभाष पाठक, जिला दिव्यांग अधिकारी विकास कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, विजय शंकर सिंह, रमेश पटेल, सुरेश कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, चंद्र सिंह, रामवृक्ष सिंह तथा भेल अधिकारी मुन्नालाल वर्मा, चंद्रमणि प्रधान बच्चेलाल, राधेश्याम भी मौजूद रहे। समापन पर सभी अतिथियों और ग्रामीणों ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदना, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं तथा जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगाते हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। कुल मिलाकर यह आयोजन केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, संवेदना और स्वावलंबन के संकल्प के साथ समाज को नई दिशा देने वाला प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।

केरल व रेलवे फाइनल में, सेमीफाइनल में दिखा जज्बा, दम और रोमांच

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