Friday, 8 May 2026

कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ वाराणसी से छिड़ेगा जनजागरण अभियान

बेटी सुरक्षित तो राष्ट्र सुरक्षित

कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ वाराणसी से छिड़ेगा जनजागरण अभियान 

1 से 15 जून तक चलेगाहर घर योद्धाअभियान

युवतियों को नि:शुल्क कराटे, मार्शल आर्ट और नानचाकू प्रशिक्षण देने की घोषणा

हिंदू संगठनों ने कॉर्पोरेट संस्कृति में धार्मिक भेदभाव का भी उठाया मुद्दा

सुरेश गांधी

वाराणसी। सिगरा क्षेत्र में आयोजित हिंदू संगठन बैठक में कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद के मुद्दे पर व्यापक चर्चा करते हुए हिंदू जनजागृति समिति नेबेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षितअभियान चलाने की घोषणा की। बैठक में कहा गया कि हिंदू समाज की महिलाओं और युवतियों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरण कार्यक्रम, संगोष्ठियां और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा द्वारा निर्णय लिया गया कि 1 से 15 जून के बीचहर घर योद्धाअभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत युवाओं और महिलाओं को नि:शुल्क कराटे, मार्शल आर्ट और नानचाकू का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आत्मरक्षा के प्रति सक्षम बन सकें। हिंदू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु निलेश सिंगबाल ने कहा कि समाज में बढ़ती चुनौतियों के बीच हिंदू समाज को संगठित और जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट संस्कृति में हिंदू परंपराओं और धार्मिक पहचान की उपेक्षा की जाती है, जबकि अन्य धर्मों की परंपराओं को सहज स्वीकार्यता मिलती है।

बैठक में वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, चौरसिया व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील चौरसिया, राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति के संयोजक संजीवन यादव, ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े डॉ. सोहनलाल आर्य, अधिवक्ता दीपक सिंह, रवि श्रीवास्तव, समिति के विश्वनाथ कुलकर्णी और राजन केशरी सहित कई हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक विश्वनाथ कुलकर्णी ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों तक अभियान को पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

रोजगार दो या फिर पलायन रोकने की बात छोड़ दो!

रोजगार दो या फिर पलायन रोकने की बात छोड़ दो

मुंगरा बादशाहपुर में गरजा प्रवासी सम्मेलन, उद्योग लगाने और युवाओं को घर में रोजगार देने का उठा संकल्प

मुंबई से लौटे प्रवासियों ने कहाअब पूर्वांचल को मजदूर नहीं, उद्यमी बनाना होगा

पूर्वांचल को अब मजदूर नहीं, मालिक बनाना होगा 

सरकार के भरोसे नहीं, खुद के प्रयास से रुकेगा पलायन 

गांव में रोजगार होगा तभी लौटेगा अपना  

सुरेश गांधी

मुंगरा बादशाहपुर। पूर्वांचल से लगातार हो रहे पलायन को लेकर पहली बार मुंगरा बादशाहपुर की धरती पर ऐसा मंथन हुआ, जहां महानगरों में वर्षों से संघर्ष कर रहे प्रवासी उद्योगपतियों, उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि गांव और छोटे शहरों में रोजगार नहीं बना, तो पलायन कभी नहीं रुकेगा।

नगर में आयोजित भव्य प्रवासी सम्मेलन केवल सम्मान समारोह या औपचारिक बैठक नहीं रहा, बल्कि यह पूर्वांचल की आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को लेकर एक गंभीर विमर्श बन गया। सम्मेलन में मुंबई सहित देश के विभिन्न महानगरों में स्थापित प्रवासी उद्योगपतियों ने साफ कहा कि अब केवल सरकार को दोष देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रवासियों को भी अपने गांव और जिले के विकास की जिम्मेदारी उठानी होगी।

सम्मेलन में जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही से पहुंचे प्रवासियों ने अपने संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पूर्वांचल का युवा आज भी नौकरी और रोजी-रोटी के लिए महानगरों की ओर पलायन करने को मजबूर है। गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं, लेकिन अवसरों का अभाव सबसे बड़ी समस्या है।

वक्ताओं ने कहा कि अगर उद्योग, प्रशिक्षण केंद्र और स्थानीय रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं तो लाखों युवाओं को अपने घर-परिवार से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और उद्योग समूहों को पूर्वांचल में आमंत्रित कर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

सम्मेलन में मौजूद उद्योगपतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने पूर्वांचल में छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यहां कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। जरूरत केवल इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास की है।

कार्यक्रम में मड़ियाहूं विधायक डॉ. आर.के. पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डॉ. अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दुबे, वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरण मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में संपादक राजेश उपाध्याय, अभिज्ञान उपाध्याय और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। सम्मेलन की व्यवस्था में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दुबे और अमरीश दुबे सहित कई लोगों ने सक्रिय योगदान दिया।

सम्मेलन के दौरान सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का सम्मान भी किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी तथा हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों को सम्मानित कर युवाओं को प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

आईजीआरएस रैंकिंग में फिर चमका वाराणसी, पूरे प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

छह माह से नंबर-1 काशी पुलिस

आईजीआरएस रैंकिंग में फिर चमका वाराणसी, पूरे प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान 

सुरेश गांधी

वाराणसी। जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जवाबदेह पुलिसिंग के दम पर पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। माह अप्रैल 2026 की जारी आईजीआरएस रैंकिंग में कमिश्नरेट वाराणसी को पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। लगातार छह माह से प्रदेश में शीर्ष स्थान बनाए रखना कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली, पारदर्शिता और जनकेंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कुशल निर्देशन, सतत समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते यह उपलब्धि हासिल हुई है। आमजन की शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए IGRS पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की गई। यही वजह रही कि अप्रैल माह की रैंकिंग में वाराणसी कमिश्नरेट ने प्रदेशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।

कमिश्नरेट पुलिस द्वारा शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान पर विशेष फोकस किया गया। पुलिस आयुक्त स्वयं प्रत्येक सप्ताह लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते रहे और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते रहे।

विशेष बात यह है कि वाराणसी कमिश्नरेट पिछले छह माह से लगातार आईजीआरएस रैंकिंग में नंबर-1 बना हुआ है। यह उपलब्धि केवल पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था और मजबूत मॉनिटरिंग से आमजन को त्वरित न्याय और राहत दिलाई जा सकती है। कमिश्नरेट वाराणसी की यह सफलता प्रदेश में जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण की एक नई मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ वाराणसी से छिड़ेगा जनजागरण अभियान

बेटी सुरक्षित तो राष्ट्र सुरक्षित कॉर्पोरेट जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ वाराणसी से छिड़ेगा जनजागरण अभियान  1 से 15 जून त...