Sunday, 17 May 2026

व्यापारियों को प्रशासन का भरोसा: अफवाहों से बचें, सुरक्षा बढ़ाएं

व्यापारियों को प्रशासन का भरोसा: अफवाहों से बचें, सुरक्षा बढ़ाएं

पुलिस आयुक्तजिलाधिकारी की स्वर्णकारों संग बड़ी बैठक • साइबर अपराध, जीएसटी, सुरक्षा और व्यापारिक चुनौतियों पर मंथन • सीसीटीवी, पुलिस सत्यापन और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर

सुरेश गांधी

वाराणसी। शहर के स्वर्ण कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित, पारदर्शी और अफवाहों से मुक्त रखने के उद्देश्य से शनिवार को प्रशासन ने बड़ा संदेश दिया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कैंप कार्यालय में स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों तथा शहर के प्रमुख ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के स्वामियों के साथ संयुक्त गोष्ठी कर सुरक्षा, साइबर अपराध, जीएसटी और व्यापारिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान प्रशासन ने साफ किया कि बदलते वैश्विक और आर्थिक परिदृश्य में व्यापार जगत और प्रशासन को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और सभी को मिलकर चुनौतियों का सामना करना होगा।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने व्यापारियों से कहा कि टैक्स या जीएसटी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल शासन तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने कहा कि कई बार अपुष्ट सूचनाएं बाजार में भ्रम और अनावश्यक भय का वातावरण पैदा कर देती हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।

उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी शिकायतें अथवा समस्याएं सीधे पुलिस कार्यालय पहुंचकर या दूरभाष के माध्यम से अवगत करा सकते हैं। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को व्यापारियों के प्रति सौम्य व्यवहार बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रताड़ना से बचने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में शहर के ज्वेलरी संस्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई गई। प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, आधुनिक डिजिटल लॉकर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करने की सलाह दी। साथ ही निजी सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया। व्यापारियों को यूपीसीओपी एप और जनहित सेवाएं पोर्टल के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी गई।

चोरी के माल से दूरी बनाने की अपील

गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने स्वर्ण कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष रूप से सतर्क करते हुए कहा कि लाभ के लालच में चोरी का सामान खरीदने और बेचने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि थोड़े लाभ की लालसा कई बार गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, वस्तु या लेन-देन को लेकर कोई संदेह हो तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

साइबर अपराध के तीन बड़े कारण बताए

बैठक में साइबर अपराध को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर ठगी के अधिकांश मामलों में तीन कारण प्रमुख रूप से सामने आते हैंलालच, डर और असावधानी। व्यापारियों को फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी गई। साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा नजदीकी थाना और साइबर सेल से संपर्क करने को कहा गया। स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों ने भी जीएसटी से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं और व्यापारिक कठिनाइयों को अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता से विचार कर समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागयाच, अपर आयुक्त राज्य जीएसटी दीप्ती कटियार समेत अन्य अधिकारी एवं व्यापारिक प्रतिनिधि मौजूद रहे.

 प्रशासन की व्यापारियों को पांच बड़ी सलाह

टैक्स संबंधी अफवाहों पर विश्वास न करें

प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी लगाएं

कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों का पुलिस सत्यापन कराएं

संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना दें

शनि जयंती पर काशी हुई शनिमय, मंदिरों में दिनभर उमड़ी आस्था की भीड़

शनि जयंती पर काशी हुई शनिमय, मंदिरों में दिनभर उमड़ी आस्था की भीड़  

हनुमान मंदिरों और शनि धामों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

सुरेश गांधी

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में शनिवार को शनि जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के प्रमुख शनि मंदिरों और हनुमान मंदिरों में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। पूरे दिन पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, हवन और विशेष अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। मंदिर परिसरों में "जय शनिदेव" और "जय बजरंगबली" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। 

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित नवग्रह मंडप में विराजमान भगवान शनि को समर्पित शिवलिंग का विशेष रुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराया गया। पुरोहितों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान शनि की कृपा से समस्त जनकल्याण, सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। इसके साथ ही मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शनि की प्रतिमा का भी विशेष श्रृंगार और पूजन किया गया।

शनि जयंती के अवसर पर काशी के विभिन्न हनुमान मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान हनुमान की उपासना से शनिदेव की कुदृष्टि का प्रभाव कम होता है, इसलिए श्रद्धालुओं ने हनुमान मंदिरों में पहुंचकर सिंदूर, चमेली का तेल और प्रसाद अर्पित किया। कई स्थानों पर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी आयोजित किया गया।

शहर के विभिन्न शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने सरसों का तेल, काला तिल, उड़द और नीले पुष्प अर्पित कर शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना रहा कि शनि जयंती पर विधिवत पूजा-अर्चना से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

दिनभर मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मंदिरों में विशेष प्रबंध किए गए थे। शाम के समय आरती के दौरान मंदिर परिसर दीपों और श्रद्धा के प्रकाश से जगमगा उठे। काशी में शनि जयंती का पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति के जीवंत स्वरूप का भी प्रतीक बनकर सामने आया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाया।

बरसात से पहले बनारस में ‘क्लीन-अप और पावर-अप’ मिशन, मंत्री ए.के. शर्मा ने अफसरों को दिया अल्टीमेटम

बरसात से पहले बनारस मेंक्लीन-अप और पावर-अपमिशन, मंत्री .के. शर्मा ने अफसरों को दिया अल्टीमेटम  

देर रात शहर का निरीक्षण कर लिया कामकाज का जायजा, नालों की सफाई, कूड़ा निस्तारण और बिजली आपूर्ति में लापरवाही पर सख्ती के संकेत

सुरेश गांधी

वाराणसी. बरसात से पहले शहर को जलभराव, गंदगी और बिजली संकट जैसी समस्याओं से बचाने के लिए प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री . के. शर्मा ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। वाराणसी में नगर विकास और ऊर्जा विभाग की अलग-अलग समीक्षा बैठकों में मंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य तत्काल प्रभाव से पूरे किए जाएं। मंत्री ने सड़क, नाली निर्माण, दीवारों की पेंटिंग, पार्कों के रखरखाव, पार्कों के सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग और सड़क किनारे सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर की सुंदरता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी लंबित कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। समीक्षा बैठक के साथ मंत्री ने 15 मई की देर रात नगर आयुक्त के साथ शहर का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों, नालों, सौंदर्यीकरण परियोजनाओं और विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कई स्थानों पर उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति के बारे में जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने कार्यों की गुणवत्ता को संतोषजनक बताया।

मंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश शुरू होने से पहले शहर के सभी प्रमुख और छोटे नालों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव जैसी समस्या नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बनती है, इसलिए इसे रोकने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। साथ ही शहर में कहीं भी कूड़ा जमा होने देने और नियमित सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस बार बनारस को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए केवल सरकारी तंत्र ही नहीं बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। बेहतर कार्य और स्वच्छ वातावरण के दम पर शहर को नई पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली संकट की शिकायतें कम से कम हों और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन लाइनों की मजबूती और तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्युत उपकेंद्रों पर बैठकर आम लोगों की शिकायतें सुनी जाएं और समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में हंसराज विश्वकर्मा, हिमांशु नागपाल, शंभू कुमार सहित नगर विकास और ऊर्जा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

जेब पर दोहरी मार, बिगड़ा रसोई खर्च, निर्यात प्रभावित, उद्यमी हलकान, परेशान मिडिल क्लास!

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जब तेल महंगा होता है तो असर सिर्फ वाहन के मीटर पर नहीं, बल्कि घर की रसोई और अर्थव्यवस्था की धड़कन पर भी दिखाई देता है : अजीत सिंह

सुरेश गांधी 

वाराणसी. पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का असर अब पूर्वांचल के जिलों में अलग-अलग रूप में दिखाई देने लगा है। वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़ और मऊ में कृषि, उद्योग, परिवहन और घरेलू खर्चों पर इसका दबाव महसूस किया जा रहा है। महंगाई का असर अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और छोटे कारोबारियों तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं इसके प्रमुख कारण हैं। इसका प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि रसोई, खेती, उद्योग और निर्यात क्षेत्र तक पहुंच चुका है। मतलब साफ है जब तेल महंगा होता है तो असर सिर्फ वाहन के मीटर पर नहीं, बल्कि घर की रसोई और अर्थव्यवस्था की धड़कन पर भी दिखाई देता है। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है. क्या यही है आंकड़ों का खौफनाक सच!

वाराणसी : माल ढुलाई बढ़ी, बाजार पर असर

थोक बाजारों से रोजाना बड़ी मात्रा में सब्जियां, कपड़ा और अन्य वस्तुएं आसपास के जिलों में भेजी जाती हैं। व्यापारियों के अनुसार परिवहन लागत बढ़ने से बाजार कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।

भदोही : कालीन उद्योग की चिंता बढ़ी

विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग में कच्चा माल, बिजली और परिवहन लागत बढ़ने से छोटे निर्यातकों और बुनकरों पर दबाव बढ़ रहा है।

मिर्जापुर : ट्रांसपोर्ट बना चुनौती

पत्थर कारोबार और छोटे उद्योगों में डीजल आधारित परिवहन पर निर्भरता अधिक होने से लागत बढ़ने की चिंता है।

चंदौली : खेती पर असर

धान उत्पादन वाले क्षेत्र में किसानों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सिंचाई और कृषि उपकरणों का खर्च बढ़ रहा है।

सोनभद्र : खनन क्षेत्र में दबाव

खनन और भारी वाहनों पर आधारित गतिविधियों में बढ़ती ईंधन लागत चिंता का कारण बन रही है।

गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ : घरेलू बजट पर असर

मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसाय से जुड़े परिवारों का कहना है कि मासिक खर्चों का संतुलन बनाना कठिन हो रहा है।

कहां पड़ता है सीधा असर?

वाहन संचालन महंगा

रसोई का मासिक खर्च बढ़ा

फल-सब्जियां और जरूरी वस्तुएं प्रभावित

कृषि लागत में बढ़ोतरी

व्यापार और निर्यात पर दबाव

छोटे उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ी

परिवारों की बचत क्षमता प्रभावित

क्यों बढ़ती हैं कीमतें?

युद्ध और वैश्विक तनाव : जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या तनाव बढ़ता है तो तेल आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ता है।

ईंधन महंगा तो हर चीज महंगी : ट्रक, मालवाहक वाहन, कृषि उपकरण और उद्योग डीजल पर निर्भर हैं। इसलिए ईंधन महंगा होने पर लागत का असर अंततः उपभोक्ता तक पहुंचता है।

गैस सिलेंडर से बिगड़ा रसोई बजट : घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने परिवारों के मासिक खर्च को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

चार्टर्ड अकाउंटेंट केपी दुबे का कहना है कि ऊर्जा लागत बढ़ने का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे आर्थिक तंत्र को प्रभावित करता है। वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा का कहना है कि ऊर्जा कीमतों में बदलाव अब सीधे आम आदमी के जीवन और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

आगे चुनौती

विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल वैश्विक तेल कीमतों पर निर्भर रहना लंबी अवधि में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वैकल्पिक ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और घरेलू ऊर्जा उत्पादन पर तेजी से काम करने की आवश्यकता होगी।

व्यापारियों को प्रशासन का भरोसा: अफवाहों से बचें, सुरक्षा बढ़ाएं

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