हर-हर महादेव के जयघोष में डूबा काशी, बरेका से विश्वनाथ धाम तक ऐतिहासिक स्वागत
विश्वनाथ धाम
में
विधिवत
पूजा-अर्चना,
जनप्रतिनिधियों
से
संवाद
में
झलका
विकास
का
संकल्प
लहुराबीर पर
छात्राओं
का
सल्यूट,
पीएम
ने
मुस्कान
के
साथ
किया
अभिवादन
स्वीकार
सुरेश
गांधी
वाराणसी.
दो दिवसीय काशी प्रवास पर
पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार
सुबह बरेका से श्री काशी
विश्वनाथ धाम तक अभूतपूर्व
और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। सुबह लगभग
आठ बजे जैसे ही
प्रधानमंत्री का काफिला बरेका
गेस्ट हाउस से निकला,
पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’
के गगनभेदी उद्घोष, ढोल-नगाड़ों की
थाप, शंखनाद और डमरू दल
की गूंज से जीवंत
हो उठा। बरेका मुख्य द्वार से बनारस स्टेशन
होते हुए विश्वनाथ धाम
तक सड़क के दोनों
ओर उमड़ी भीड़ अपने सांसद
की एक झलक पाने
को आतुर नजर आई।
पूरे मार्ग को प्रशासन और संगठन की ओर से पांच प्रमुख स्वागत स्थलों में विभाजित किया गया था, जहां जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग अंदाज में प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
हालांकि इन निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त भी जगह-जगह नागरिकों ने स्वतःस्फूर्त तरीके से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे पूरा मार्ग एक भव्य जनउत्सव में तब्दील हो गया।विश्वनाथ धाम पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके उपरांत
मंदिर परिसर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों—कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य
मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र
‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, विधायक
डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी
धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य
से कुशलक्षेम पूछते हुए काशी के
विकास कार्यों पर संक्षिप्त चर्चा
भी की।
पांच प्रमुख
स्वागत
स्थलों
की
झलक:
1 (मंडुआडीह): कैबिनेट
मंत्री अनिल राजभर, एमएलसी
हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र राय, जिला पंचायत
अध्यक्ष पूनम मौर्या सहित
कई जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।
3 (लहुराबीर—कैंट): विधायक सौरभ श्रीवास्तव समेत
कई नेताओं की मौजूदगी में
जोरदार स्वागत हुआ, वहीं NCC छात्राओं
ने सलामी देकर माहौल को
गौरवपूर्ण बना दिया।
-5 (काशी विश्वनाथ मंदिर
गेट):
डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी और
सैकड़ों बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार
के बीच प्रधानमंत्री का
भव्य स्वागत किया।
काशी की सड़कों
पर उमड़ा यह जनसैलाब केवल
एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, जुड़ाव और विश्वास का
जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। ‘हर-हर महादेव’ के
जयघोष के बीच काशी
ने एक बार फिर
अपने सांसद का स्वागत उसी
आत्मीयता और गर्व के
साथ किया, जिसने इस शहर को
देश की सांस्कृतिक राजधानी
का गौरव दिलाया है।












