Monday, 1 June 2026

वाराणसी के मेधावियों का जलवा, प्रदेश में लहराया सफलता का परचम

वाराणसी के मेधावियों का जलवा, प्रदेश में लहराया सफलता का परचम

हाईस्कूल में सूर्यदीप प्रजापति ने प्रदेश में छठा स्थान पाकर बढ़ाया जिले का मान • 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान, ₹21 हजार नकद पुरस्कार मेडलमुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सर्किट हाउस में हुआ सीधा प्रसारण

सुरेश गांधी

वाराणसी। यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में वाराणसी के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। हाईस्कूल में पी.एम. श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के छात्र सूर्यदीप प्रजापति ने प्रदेश की मेरिट सूची में छठा स्थान हासिल कर काशी का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया।

सर्किट हाउस में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र, मेडल और ₹21 हजार का पुरस्कार प्रदान किया गया। राज्य स्तर के चयनित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपये, टैबलेट और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। हाईस्कूल में जिले का परीक्षा परिणाम 91.49 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का 79.41 प्रतिशत रहा। वहीं सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में अदिति सिंह ने प्रदेश में तीसरा और राम तिवारी ने चौथा स्थान प्राप्त कर वाराणसी का मान बढ़ाया।

समारोह में राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दिनेश सिंह भोलेंद्र प्रताप सिंह एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शिक्षा विभाग ने सभी मेधावियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया संबल

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया संबल 

वाराणसी में दोना-पत्तल और पॉपकॉर्न मेकिंग मशीनें होंगी निःशुल्क वितरित, 10 जून तक करें आवेदन

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की पहल; पारंपरिक कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

"गांव में ही रोजगार, हाथों को काम और परिवार को सम्मान"— खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की यह योजना ग्रामीण उद्यमिता को नई उड़ान देने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही है

सुरेश गांधी

वाराणसी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत वर्ष 2026-27 में वाराणसी जनपद के पात्र लाभार्थियों को सेमी मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन तथा पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और ग्रामोद्योग से जुड़ने के इच्छुक लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। "गांव में ही रोजगार, हाथों को काम और परिवार को सम्मान"— खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की यह योजना ग्रामीण उद्यमिता को नई उड़ान देने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही है।

खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग को मुख्यालय से वाराणसी के लिए 10 सेमी मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन और 10 पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग का मानना है कि छोटी पूंजी में शुरू होने वाले ये उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकते हैं तथा परिवारों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि दोना-पत्तल निर्माण का व्यवसाय पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। प्लास्टिक के उपयोग पर बढ़ती रोक और जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण दोना-पत्तल उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। वहीं पॉपकॉर्न निर्माण एवं बिक्री का व्यवसाय भी कम लागत में बेहतर आय का साधन बन सकता है।

योजना के अंतर्गत आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से विभागीय वेबसाइट पर स्वीकार किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद मुख्यालय के निर्देशानुसार जनपद स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे अपना स्वयं का लघु उद्योग स्थापित कर सकें।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, राशन कार्ड अथवा परिवार आईडी तथा मोबाइल नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी एवं समस्त प्रमाण पत्रों की प्रतियां जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, टकटकपुर, वाराणसी में 10 जून तक जमा करनी होंगी। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि यह योजना प्रधानमंत्री और प्रदेश सरकार की आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा, पलायन में कमी आएगी और गांवों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

आवेदन के लिए जरूरी बातें

मशीनें पूरी तरह निःशुल्क वितरित होंगी

वाराणसी को 10 दोना मेकिंग और 10 पॉपकॉर्न मेकिंग मशीनों का लक्ष्य

आयु सीमा : 18 से 50 वर्ष

आवेदन की अंतिम तिथि : 10 जून 2026

आवेदन वेबसाइट पर ऑनलाइन करना होगा

हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, टकटकपुर में जमा करनी होगी

अधिक जानकारी के लिए संपर्क : 9580503155

पीएचसी की हकीकत पर हंसी का तड़का, 20 से दर्शकों के बीच आएगी ‘छोड़ो यार जाने दो’

पीएचसी की हकीकत पर हंसी का तड़का, 20 से दर्शकों के बीच आएगीछोड़ो यार जाने दो’ 

बनारस और यूपी के वास्तविक लोकेशनों पर शूट हुई वेब सीरीज में हास्य, व्यंग्य, राजनीति और भावनाओं का अनूठा संगम, हितेन तेजवानी समेत कई चर्चित कलाकार निभा रहे अहम किरदार 

सुरेश गांधी  

वाराणसी। ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था, गांव की राजनीति, आम लोगों के संघर्ष और रिश्तों की गर्माहट को हास्य-व्यंग्य के रंग में पिरोकर तैयार की गई नई हिंदी वेब सीरीजछोड़ो यार जाने दोआगामी 20 जून को दर्शकों के बीच होगी। सोशल मीडिया पर इसके ट्रेलर और शॉर्ट वीडियो पहले ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। यूट्यूब के डीजी फिलमिंग ओटीटी ओरिजिनल्स प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही यह वेब सीरीज मनोरंजन के साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी सच्चाइयों को भी सामने लाने का दावा करती है। 

सीरीज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी कहानी ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की पृष्ठभूमि पर आधारित है। आमतौर पर फिल्मों और धारावाहिकों में गांव की जिंदगी को सतही तौर पर दिखाया जाता है, लेकिनछोड़ो यार जाने दोगांव के स्वास्थ्य केंद्रों, वहां कार्यरत कर्मचारियों, स्थानीय राजनीति, जनता की उम्मीदों और रोजमर्रा के संघर्षों को हल्के-फुल्के मगर प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत करती है।

निर्देशक समर के. मुखर्जी के निर्देशन में बनी यह सिचुएशनल कॉमेडी केवल हंसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन पहलुओं को भी उजागर करती है, जिनसे ग्रामीण भारत का बड़ा वर्ग प्रतिदिन रूबरू होता है। कहानी में हास्य और व्यंग्य के साथ भावनात्मक प्रसंग भी हैं, जो दर्शकों को पात्रों के साथ जोड़ने का काम करेंगे। सीरीज की कहानी इमरान ने लिखी है, जबकि इसके स्क्रीनप्ले और संवाद शकील कुरैशी ने तैयार किए हैं। संवादों में स्थानीय बोली, ग्रामीण परिवेश और सामाजिक परिस्थितियों की झलक देखने को मिलेगी, जिससे कहानी अधिक वास्तविक और प्रभावी बनती है।

वेब सीरीज में छोटे पर्दे के लोकप्रिय अभिनेता हितेन तेजवानी, डेज़ी बोपन्ना, अनंत जोग और प्रिंस दुआ प्रमुख भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इनके साथ वाराणसी और पूर्वांचल के कई स्थानीय कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। इनमें सुरोजीत चटर्जी, अमर मुखर्जी, आनंद कुमार, अखिलेश शुक्ला, शिल्पी बनर्जी और सुनील कटियार जैसे कलाकार शामिल हैं। निर्देशक समर के. मुखर्जी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र की कहानी को वास्तविक रूप में प्रस्तुत करने के लिए वहां के स्थानीय कलाकारों और लोकेशनों का उपयोग बेहद जरूरी होता है। यही कारण है कि सीरीज की शूटिंग वाराणसी सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न वास्तविक स्थलों पर की गई है। गांव की गलियां, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत का माहौल और स्थानीय परिवेश दर्शकों को कहानी से जोड़ने का काम करेंगे।

निर्माताओं के अनुसारछोड़ो यार जाने दोकेवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज के जीवन का आईना है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां, गांव के लोगों की उम्मीदें, राजनीतिक समीकरण, मानवीय रिश्ते और परिस्थितिजन्य हास्य को संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यही वजह है कि ट्रेलर जारी होने के बाद से सोशल मीडिया पर इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। निर्माण टीम ने बताया कि यह सीरीज फिलहाल सीजन-1 के रूप में रिलीज की जा रही है। पहले इसे यूट्यूब पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके बाद विभिन्न फ्री-टू-एयर टीवी चैनलों पर भी प्रसारित करने की योजना है। यदि दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो इसके अगले सीजन भी लाए जाएंगे।

ग्रामीण भारत की कहानियों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह वेब सीरीज ऐसे समय में रही है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर छोटे शहरों और गांवों की वास्तविक कहानियों को दर्शक तेजी से पसंद कर रहे हैं।छोड़ो यार जाने दोइसी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते हुए हास्य और संवेदना के माध्यम से समाज की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करने का प्रयास करती दिखाई दे रही है।

 छोड़ो यार जाने दोएक नजर में

रिलीज : 20 जून

प्लेटफॉर्म : डीजी फिलमिंग ओटीटी ओरिजिनल्स (यूट्यूब)

शैली : सिचुएशनल कॉमेडी, सटायरिकल ड्रामेडी

पृष्ठभूमि : ग्रामीण पीएचसी और गांव की जिंदगी

निर्देशक : समर के. मुखर्जी

कहानी : इमरान

स्क्रीनप्ले संवाद : शकील कुरैशी

प्रमुख कलाकार : हितेन तेजवानी, डेज़ी बोपन्ना, अनंत जोग, प्रिंस दुआ 

          डीओपी :: मोहसिन खान, विमल मिश्रा

          एडिटर :: मोहम्मद सुहैल

          कस्टयूम :: पूनम देववंश, प्रीति

विशेषता : वाराणसी उत्तर प्रदेश के वास्तविक लोकेशनों पर शूटिंग, स्थानीय कलाकारों को प्रमुख अवसर।

वाराणसी के मेधावियों का जलवा, प्रदेश में लहराया सफलता का परचम

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