काशी से उठेगा समरसता का संदेश, संत रविदास जयंती वर्ष पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी अभियान
29 जुलाई को
सीर
गोवर्धनपुर
से
होगा
शुभारंभ
• भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष
नितिन
नवीन,
मुख्यमंत्री
योगी
आदित्यनाथ
और
संत
गुरु
निरंजन
दास
महाराज
रहेंगे
शामिल
• 131 पवित्र कलशों
के
साथ
निकलेगी
शोभायात्रा,
20 फरवरी
2027 तक
पांच
चरणों
में
चलेंगे
कार्यक्रम
सुरेश गांधी
वाराणसी. संत शिरोमणि सद्गुरु
श्री गुरु रविदास महाराज
के 650वें प्रकाश पर्व
को वर्षभर राष्ट्रीय स्तर पर मनाने
के लिए भारतीय जनता
पार्टी 29 जुलाई से "श्री गुरु रविदास
महाराज समरसता संकल्प अभियान" की शुरुआत करेगी।
अभियान का शुभारंभ संत
रविदास की जन्मस्थली सीर
गोवर्धनपुर से होगा और
20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा एवं
संत रविदास जयंती) तक देशभर में
विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान
के शुभारंभ समारोह में भाजपा के
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ तथा डेरा सचखंड
बल्लां (जालंधर) एवं संत रविदास
जन्मस्थली के प्रमुख संत
गुरु निरंजन दास महाराज विशेष
रूप से मौजूद रहेंगे।
सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित
पत्रकार वार्ता में भाजपा अनुसूचित
वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
लाल सिंह आर्य और
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने
अभियान की विस्तृत जानकारी
दी।
बेगमपुरा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
लाल सिंह आर्य
ने कहा कि संत
रविदास किसी एक समाज
के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के
संत हैं। उन्होंने समता,
सेवा, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता का
जो संदेश दिया, उसे देश के
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस
अभियान का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि संत
रविदास का 'बेगमपुरा' का
आदर्श समाज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका
साथ, सबका विकास, सबका
विश्वास और सबका प्रयास"
के संकल्प के अनुरूप है।
अभियान सामाजिक समरसता को मजबूत करने
के साथ विकसित भारत
के निर्माण में सर्वसमाज की
भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास
करेगा। उन्होंने बताया कि अभियान की
तैयारियों के तहत 19 जुलाई
को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला,
20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय
कार्यशालाएं तथा 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय
कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी
हैं।
28 जुलाई को माटी पूजन, 131 कलशों के साथ निकलेगी शोभायात्रा
समाज कल्याण मंत्री
असीम अरुण ने बताया
कि अभियान के शुभारंभ से
पहले 28 जुलाई को सीर गोवर्धनपुर
स्थित संत रविदास जन्मस्थली
पर पावन मिट्टी का
संग्रह और माटी पूजन
होगा। इसके बाद संत
रविदास स्मारक स्थल से 131 पवित्र
कलशों के साथ भव्य
शोभायात्रा जन्मस्थली मंदिर तक निकाली जाएगी।
देशभर के राज्यों और
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों
से आए प्रतिनिधिमंडल इस
आयोजन में शामिल होंगे
और कलश पूजन में
भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा
के दिन संत-महात्माओं
और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में
पवित्र मिट्टी से भरे कलशों
का पूजन कर उन्हें
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को
सौंपा जाएगा। कार्यक्रम से पहले अतिथि
संत रविदास जन्मस्थली मंदिर में दर्शन-पूजन
करेंगे और बाद में
स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन
अर्पित करेंगे।
देशभर में पांच चरणों में चलेगा अभियान
भाजपा ने अभियान को
पांच प्रमुख चरणों में विभाजित किया
है— 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026: श्री गुरु रविदास
महाराज कलश वंदन अभियान।
29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 : संत संपर्क अभियान।
5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026: जालंधर
से काशी तक समरसता
यात्रा, जो जम्मू-कश्मीर,
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और
उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी।
26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027: छात्रावास संपर्क अभियान। 20 फरवरी 2027 तक: समरसता एवं
सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध
कार्यक्रमों के साथ अभियान
का समापन।
रविदास घाट पर 11 हजार दीपों से जगेगी समरसता की लौ
अभियान के अंतर्गत 'गुरु
रविदास महाराज समरसता दीप अभियान' भी
चलाया जाएगा। इसके तहत 29 जुलाई
को वाराणसी के श्री रविदास
घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित
किए जाएंगे। वहीं संत रविदास
स्मारक स्थल, देशभर के रविदास मंदिरों
और भाजपा के मंडल स्तर
तक दीपोत्सव आयोजित कर सामाजिक समरसता
का संदेश दिया जाएगा।
सामाजिक न्याय के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी
असीम अरुण ने
कहा कि यह अभियान
केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और समरसता को
जन-आंदोलन का रूप देने
की पहल है। गुरु
पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा
तक देशभर के रविदास मंदिरों,
छात्रावासों, गांवों और सामाजिक संस्थाओं
में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास
के विचारों को समाज के
हर वर्ग तक पहुंचाया
जाएगा। पत्रकार वार्ता का संचालन काशी
क्षेत्र के मीडिया प्रभारी
नवरतन राठी ने किया।
इस दौरान काशी क्षेत्र अध्यक्ष
अशोक चौरसिया, विधायक टी. राम तथा
अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
काशी से देशभर तक जाएगा समरसता का संदेश
भाजपा ने अभियान को
केवल वाराणसी तक सीमित नहीं
रखा है। 29 जुलाई को पूजित 131 पवित्र
कलश देश के सभी
राज्यों और उत्तर प्रदेश
के प्रत्येक जिले तक पहुंचाए
जाएंगे। प्रदेश मुख्यालयों से इन कलशों
का मंडलों और स्थानीय मंदिरों
तक विधिवत वितरण होगा। प्रत्येक स्थान पर स्वागत, पूजन
और सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी
का दावा है कि
इससे संत रविदास के
विचार गांव-गांव तक
पहुंचेंगे और स्थानीय स्तर
पर सामाजिक संवाद का नया वातावरण
बनेगा।
संतों और छात्र-युवाओं पर विशेष फोकस
अभियान में धार्मिक आयोजनों
के साथ सामाजिक संवाद
को भी प्रमुखता दी
गई है। देशभर के
संत-महात्माओं से संपर्क के
अलावा अनुसूचित जाति छात्रावासों, महाविद्यालयों
और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम
होंगे। इनमें संत रविदास के
जीवन, उनके 'बेगमपुरा' के दर्शन, कर्मयोग,
समानता और सामाजिक समरसता
पर परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। भाजपा
का मानना है कि नई
पीढ़ी तक उनके विचार
पहुंचाना अभियान का अहम उद्देश्य
है।
संगठन की बूथ स्तर तक तैयारी
अभियान के लिए राष्ट्रीय,
प्रदेश और जिला स्तर
पर कार्यशालाएं पूरी की जा
चुकी हैं। अब मंडल
स्तर तक कार्यकर्ताओं को
जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
प्रत्येक जिले में अलग-अलग टोली बनाकर
कलश यात्रा, दीपोत्सव और संत संपर्क
कार्यक्रमों का संचालन किया
जाएगा। भाजपा इसे संगठन और
समाज के बीच संवाद
बढ़ाने का माध्यम भी
मान रही है।
संत रविदास के इन संदेशों पर रहेगा जोर
"मन चंगा तो
कठौती में गंगा" का
संदेश।
बेगमपुरा जैसे भेदभावमुक्त समाज
की अवधारणा।
कर्म, सेवा और भक्ति
को जीवन का आधार।
जाति और ऊंच-नीच से ऊपर
मानवता का विचार।
सामाजिक समरसता और समान अवसर
का संदेश।
एक नजर
शुभारंभ: 29 जुलाई 2026, सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी)
समापन: 20 फरवरी 2027 (संत रविदास जयंती)
131
पवित्र कलश देशभर में
भेजे जाएंगे।
11
हजार दीप रविदास घाट
पर जलाए जाएंगे।
51
हजार स्थानों पर दीपोत्सव का
लक्ष्य।
पांच चरणों में
चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान।
जालंधर से काशी तक
निकलेगी समरसता यात्रा।
संत संपर्क, छात्रावास
संपर्क और कलश वंदन
अभियान होंगे।