Tuesday, 7 July 2026

श्रद्धा के शिखर से विकास की धरातल तक… काशी में योगी का सुशासन संकल्प

श्रद्धा के शिखर से विकास की धरातल तक काशी में योगी का सुशासन संकल्प 

कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के चरणों में नमन, श्रावण की तैयारियों की गहन समीक्षा, विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण; मुख्यमंत्री बोले"श्रद्धा भी सुरक्षित रहे, विकास भी अविराम चले"… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वाराणसी दौरा केवल बैठकों और निरीक्षणों तक सीमित नहीं रहा। यह उस शासन दर्शन का परिचायक था, जिसमें आस्था को सम्मान, नागरिकों को सुविधा और विकास को गतितीनों को समान महत्व दिया जाता है। कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के चरणों में नमन से लेकर चौकाघाट के विद्युत सब स्टेशन तक पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि नई काशी केवल मंदिरों की नगरी नहीं, बल्कि आधुनिक अधोसंरचना, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संतुलित संगम के रूप में विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी संकल्प को और अधिक स्पष्ट तथा मजबूत करता है 

सुरेश गांधी

काशी में मंगलवार का दिन केवल एक सरकारी दौरे का दिन नहीं था, बल्कि वह दिन था जब आस्था, प्रशासन और विकास एक ही सूत्र में बंधे दिखाई दिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी प्रवास के पहले दिन यह स्पष्ट संदेश दिया कि विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी में आध्यात्मिक गरिमा और आधुनिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। बाबा विश्वनाथ की नगरी में मुख्यमंत्री का पूरा दिन धार्मिक आस्था, प्रशासनिक अनुशासन और विकास कार्यों की गति को समर्पित रहा। 

काशी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रावण मास के दौरान काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन निगम और रेलवे पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, निःशुल्क लॉकर, खोया-पाया केंद्र, पर्याप्त एम्बुलेंस, आपदा प्रबंधन तथा सुरक्षित यातायात जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराई जाएं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, घाटों पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सीसीटीवी निगरानी को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जल जीवन मिशन में धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जहां-जहां पेयजल पाइपलाइन या अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए। जनता को असुविधा और दुर्घटनाओं का सामना नहीं करना चाहिए।

बैठक में रोप-वे परियोजना, यूनिटी मॉल, आनंद काशी, रुद्र काशी, काशी स्पोर्ट्स सिटी, एकीकृत मंडलीय कार्यालय सहित सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री चौकाघाट स्थित निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन पहुंचे। उन्होंने परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही काशी के लिए मजबूत विद्युत व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, फुट पेट्रोलिंग तेज करने, पुलिसकर्मियों की समय-समय पर ड्यूटी बदलने तथा आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ जनता का विश्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वृक्षारोपण महाअभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि काशी का विकास पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित होना चाहिए।

बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में 536 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिन पर 36,210 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं, जबकि 25,007 करोड़ रुपये की लागत वाली 191 परियोजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष बल दिया।सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के कोतवाल श्री कालभैरव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। मान्यता है कि कालभैरव की अनुमति के बिना काशी यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और लोकमंगल की कामना करते हुए बाबा कालभैरव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने देवाधिदेव महादेव का विधिवत पूजन-अर्चन किया। श्रावण मास के आगमन से ठीक पहले बाबा विश्वनाथ के चरणों में नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और सेवायतों ने उनका स्वागत किया। पूरे वातावरण में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के उद्घोष गूंजते रहे।

दिनभर चले इस दौरे में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

श्रावण मास केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि काशी की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का विराट उत्सव है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की चुनौती केवल भीड़ नियंत्रित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सम्मानजनक और सहज दर्शन उपलब्ध कराना भी है। इस वर्ष की तैयारियों से स्पष्ट है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम प्रशासन ने परंपरा और आधुनिक प्रबंधन का संतुलित मॉडल तैयार किया है। समान दर्शन की व्यवस्था, तकनीक आधारित लाइव प्रसारण, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, मजबूत सुरक्षा तंत्र और व्यापक स्वास्थ्य प्रबंधन इस बात का प्रमाण हैं कि काशी केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्कृष्ट व्यवस्थापन का भी उदाहरण बन रही है। श्रावण के पावन महीने में जब हर-हर महादेव के उद्घोष से संपूर्ण काशी गुंजायमान होगी, तब बाबा विश्वनाथ का धाम केवल मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र बनकर विश्व को भारतीय अध्यात्म की विराटता का संदेश देगा।

काशी कोतवाल बाबा विश्वनाथ से लिया आशीर्वाद, विकास कार्यों की भी परखी रफ्तार  

मुख्यमंत्री योगी ने कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के चरणों में किया विधिवत् पूजन, चौकाघाट विद्युत सब स्टेशन का निरीक्षण कर समयबद्ध कार्य पूरा करने के दिए निर्देश

सुरेश गांधी

वाराणसी. धर्मनगरी काशी में जब शासन, श्रद्धा और विकास एक साथ कदम बढ़ाते हैं तो उसकी तस्वीर कुछ अलग ही दिखाई देती है। दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर जहां काशी के अधिष्ठाता और नगर रक्षक कालभैरव तथा देवाधिदेव बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में विधिवत् दर्शन-पूजन कर प्रदेश और जनकल्याण की मंगलकामना की, वहीं दूसरी ओर शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों की गति भी परखी।

सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सीधे चौकाघाट स्थित निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने परियोजना की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्युत सब स्टेशन से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि वाराणसी जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में निर्बाध और सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति विकास की मूल आवश्यकता है। इसलिए परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजना समय पर पूर्ण होकर आमजन को उसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण कार्य और पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समयबद्ध रूप से जनता तक पहुंचे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए सबसे पहले काशी के कोतवाल श्री कालभैरव मंदिर पहुंचकर विधिवत् पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले कालभैरव का आशीर्वाद प्राप्त करना काशी की प्राचीन धार्मिक परंपरा का अभिन्न अंग है। मुख्यमंत्री ने इस परंपरा का पालन करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक एवं विधिवत् पूजन-अर्चन किया। श्रावण मास के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री का यह दर्शन-पूजन विशेष महत्व का माना जा रहा है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रदेश में सुख, समृद्धि और लोकमंगल की प्रार्थना की तथा काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की व्यापक उपस्थिति रही। उनके साथ श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल धार्मिक अनुष्ठान या प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी देता है कि काशी में आस्था और विकास अब समानांतर नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। बाबा विश्वनाथ और कालभैरव के चरणों में नमन के साथ विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा यह दर्शाती है कि सरकार आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक आधारभूत संरचना को भी समान महत्व दे रही है। यही संतुलन आज नई काशी की पहचान बनता जा रहा है।

"श्रद्धा भी सुरक्षित रहे, विकास भी अविराम चले" : सीएम योगी

आस्था, व्यवस्था और विकास... काशी के नाम योगी का बड़ा संकल्प

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श्रावण की तैयारियों पर हाईलेवल समीक्षा, विश्वनाथ धाम से जल जीवन मिशन तक हर मोर्चे पर तय की जवाबदेही

सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता 

काशीवासियों को मिलेगा अलग दर्शन मार्ग, कांवड़ियों की सुरक्षा से विकास परियोजनाओं तक मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

सुरेश गांधी

वाराणसी. श्रावण मास में करोड़ों शिवभक्तों के स्वागत की तैयारियों के बीच मंगलवार को वाराणसी पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के लिए आस्था, विकास और सुशासन का ऐसा व्यापक खाका प्रस्तुत किया, जिसमें बाबा विश्वनाथ के दर्शन से लेकर शहर की आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था, पेयजल, यातायात, पर्यटन और जनसुविधाओं तक हर पहलू को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए निर्देश दिया कि श्रावण मास के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़े।

दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि "श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावण मास में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन निगम तथा रेलवे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खोया-पाया केंद्र, आपदा प्रबंधन, निःशुल्क लॉकर तथा पर्याप्त एम्बुलेंस जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराई जाएं। खास यह है कि श्रावण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा भर नहीं रहा, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी था कि काशी में आस्था और विकास अब समानांतर नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक बनकर आगे बढ़ेंगे। बाबा विश्वनाथ की नगरी में श्रद्धालुओं की सुविधा, स्थानीय नागरिकों की सहजता और विकास परियोजनाओं की गतितीनों को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास इस समीक्षा बैठक में स्पष्ट दिखाई दिया।

काशीवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय नागरिक लंबे समय से श्रावण में अलग दर्शन मार्ग की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों की सुविधा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मैदागिन से गोदौलिया तक होने वाली बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय व्यापार प्रभावित हो तथा पूरे मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहें।

जल जीवन मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए दो टूक कहा कि इस योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है। इसलिए किसी भी स्तर पर कार्य में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां-जहां पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मरम्मत भी सुनिश्चित की जाए। जनता को टूटी सड़कों और धूल-गड्ढों की समस्या से नहीं जूझना चाहिए। शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान खोदी गई सड़कों पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़कों का समयबद्ध रेस्टोरेशन कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना समाप्त हो।

रोप-वे, यूनिटी मॉल और नई काशी की परियोजनाओं में तेजी

मुख्यमंत्री ने वाराणसी के महत्वाकांक्षी रोप-वे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अगस्त तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आनंद काशी, रुद्र काशी, काशी स्पोर्ट्स सिटी, यूनिटी मॉल और एकीकृत मंडलीय कार्यालय जैसी प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

नाविकों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता

गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नाव संचालन व्यवस्था की विशेष समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि छोटी नावों का नगर निगम के माध्यम से पंजीकरण कराया जाए तथा प्रत्येक नाव पर लाइफ जैकेट सहित सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। जल पुलिस को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखने तथा घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

श्रावण में सुरक्षा व्यवस्था होगी अभेद्य

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए तथा प्रत्येक छह महीने पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बदली जाए। उन्होंने कहा कि श्रावण के दौरान लाखों श्रद्धालु काशी आएंगे, इसलिए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अपराध या असामाजिक गतिविधि के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। होटलों, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

वीआईपी संस्कृति पर भी सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की समय-समय पर ड्यूटी बदलने का निर्देश देते हुए कहा कि वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी श्रद्धालु के साथ अन्याय या ठगी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सम्मान और सुगमता का अधिकारी है।

विकास की नई तस्वीर

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में 536 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनकी लागत 36,210 करोड़ रुपये है। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की लागत से 191 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयबद्ध गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

हरित काशी का भी संकल्प

मुख्यमंत्री ने आगामी वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए, जिससे विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन भी बना रहे। बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ सुनील पटेल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, डीएफओ श्रीमती निधि चौहान समेत सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रद्धा के शिखर से विकास की धरातल तक… काशी में योगी का सुशासन संकल्प

श्रद्धा के शिखर से विकास की धरातल तक … काशी में योगी का सुशासन संकल्प  कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के चरणों में नमन, श्रावण की तैयारियों की ...