Tuesday, 27 October 2026

बूथ से सोशल मीडिया तक महिला मोर्चा की घेराबंदी

बूथ से सोशल मीडिया तक महिला मोर्चा की घेराबंदी 

मेधा कुलकर्णी ने काशी क्षेत्र में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का दिया मंत्र, महिला मतदाताओं से निरंतर संवाद पर जोर

विधानसभा स्तर पर पांच हजार से अधिक फॉलोअर्स वाली 50 सक्रिय महिलाओं को चिह्नित करने की तैयारी, डॉक्टरों-वकीलों से लेकर स्वयं सहायता समूहों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति

सुरेश गांधी

वाराणसी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा महिला मोर्चा ने काशी क्षेत्र में बूथ स्तर पर संगठन विस्तार की रणनीति बनाई है। हर बूथ पर पांच महिला कार्यकर्ताओं की टीम गठित करने, महिला मतदाताओं से घर-घर संपर्क बढ़ाने और सोशल मीडिया पर सक्रिय महिलाओं को जोड़ने पर जोर दिया गया। मंगलवार को बाबतपुर स्थित बनारस किला में हुई क्षेत्रीय बैठक में महिला सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के प्रचार और विभिन्न वर्गों की महिलाओं के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की रूपरेखा तय की गई।

बैठक की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश की सह प्रभारी डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और महिलाओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की पहुंच घर-घर तक होनी चाहिए। सरकार की योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के साथ लाभार्थियों की समस्याएं सुनना और उनके समाधान के प्रयास करना भी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।

हर विधानसभा में सोशल मीडिया की 50 सक्रिय महिलाओं पर नजर

बैठक में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सोशल मीडिया पर पांच हजार से अधिक फॉलोअर्स वाली 50 सक्रिय महिलाओं को चिह्नित करने की रणनीति भी सामने आई। इसके साथ प्रत्येक मंडल में बूथ समन्वय बैठकें करने और संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा पर जोर दिया गया। महिला मोर्चा का नेटवर्क मजबूत करने के लिए घर-घर संपर्क, महिला समूहों के साथ संवाद और योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

सुरक्षा, सम्मान और सरकारी योजनाओं पर जोर

डॉ. कुलकर्णी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा और भाजपा सरकारों के कार्यकाल की तुलना करते हुए योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महिला सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने को कहा। लाभार्थी महिलाओं से संवाद बढ़ाकर योजनाओं का लाभ लेने में आ रही कठिनाइयों को समझने पर भी जोर दिया।

डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षिकाओं को जोड़ने की तैयारी

महिला मोर्चा का दायरा समाज के विभिन्न वर्गों तक बढ़ाने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षिकाओं, उद्यमियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बैंक सखियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संपर्क करने की रणनीति बनाई गई। प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने अनुभवी पदाधिकारियों के मार्गदर्शन और नई कार्यकर्ताओं की सक्रियता को संगठन की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों का असर बूथ और समाज के बीच दिखाई देना चाहिए। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऊषा बाजपेयी, प्रदेश उपाध्यक्ष कृतिका अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष रानिका जायसवाल, क्षेत्र अध्यक्ष सुनीता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, क्षेत्रीय महामंत्री अनूप जायसवाल, रीता जायसवाल और नम्रता चौरसिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

चार स्टेशनों पर पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम, परखी यात्री सुविधाएं

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बनारस से वाराणसी सिटी तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा, हरदत्तपुर में संरक्षा प्रक्रियाओं की जांच; निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज तय समय में पूरा करने का निर्देश

सुरेश गांधी

वाराणसी. यात्री सुविधाओं में सुधार, रेल परिचालन की संरक्षा और स्टेशन परिसरों की साफ-सफाई को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे ने निगरानी तेज कर दी है। मंगलवार को महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने बनारस, राजातालाब, हरदत्तपुर और वाराणसी सिटी स्टेशनों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उन्होंने जहां यात्री सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया, वहीं हरदत्तपुर में संरक्षा प्रक्रियाओं की जांच की। वाराणसी सिटी स्टेशन पर निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज का काम निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। महाप्रबंधक ने प्रमुख मुख्य इंजीनियर तुषार कांत पाण्डेय, वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार और मुख्यालय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

बनारस स्टेशन पर प्रवेश द्वार और सफाई पर जोर

निरीक्षण की शुरुआत बनारस स्टेशन से हुई। महाप्रबंधक ने प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद द्वितीय प्रवेश द्वार और सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि यात्रियों को बेहतर वातावरण मिल सके।

राजातालाब में यात्री सुविधाओं की पड़ताल

राजातालाब स्टेशन पर महाप्रबंधक ने प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

हरदत्तपुर में संरक्षा प्रक्रियाओं की जांच

हरदत्तपुर स्टेशन पर महाप्रबंधक ने प्लेटफॉर्म नंबर एक स्थित पैनल रूम का निरीक्षण किया। यहां विफलता पंजिका समेत विभिन्न अभिलेखों और संरक्षा उपकरणों की जांच की। स्टेशन अधीक्षक और प्वाइंट्समैन से ट्रेन परिचालन से जुड़ी संरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल परिचालन में संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

वाराणसी सिटी में एफओबी का काम समय से पूरा करने का निर्देश

निरीक्षण के अंतिम चरण में महाप्रबंधक वाराणसी सिटी स्टेशन पहुंचे। यहां प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और तय मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। उन्होंने वाराणसी सिटी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक और सर्कुलेटिंग एरिया में साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

रखरखाव और सुव्यवस्था पर विशेष जोर

महाप्रबंधक ने रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए रेल परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव, यात्री सुविधाओं में निरंतर सुधार और स्टेशन परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुविधाओं के विस्तार के साथ स्टेशनों की सुव्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यालय गोरखपुर और वाराणसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

काशी में पेयजल-सीवर पर खर्च होंगे 2721 करोड़, 15 लाख आबादी को राहत

काशी में पेयजल-सीवर पर खर्च होंगे 2721 करोड़, 15 लाख आबादी को राहत 

कैबिनेट से अमृत 2.0 की सात परियोजनाओं को मंजूरी, वाराणसी में पेयजल की तीन और सीवरेज की तीन योजनाओं से विस्तारित क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

लहरतारा, चितईपुर और ट्रांस वरुणा जोन में जलापूर्ति व सीवर नेटवर्क का होगा विस्तार, लखनऊ की पेयजल परियोजना भी स्वीकृत

सुरेश गांधी

वाराणसी. काशी के तेजी से विस्तारित होते शहरी क्षेत्र में पेयजल और सीवरेज की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2721 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में अमृत 2.0 के तहत वाराणसी की पेयजल की तीन और सीवरेज की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं से लहरतारा, चितईपुर और ट्रांस वरुणा सहित कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं, लखनऊ में पेयजल व्यवस्था के विस्तार के लिए भी एक परियोजना को स्वीकृति मिली है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि लखनऊ और वाराणसी में पेयजल एवं सीवरेज से जुड़ी सात परियोजनाओं पर कुल 2941.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें पेयजल की चार परियोजनाओं पर 947.45 करोड़ और सीवरेज की तीन परियोजनाओं पर 1994 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों को पेयजल और सीवरेज नेटवर्क से शत-प्रतिशत आच्छादित करना है।

ट्रांस वरुणा के 13 वार्डों को मिलेगा लाभ

वाराणसी में पेयजल व्यवस्था के विस्तार के लिए पुराना ट्रांस वरुणा पेयजल विस्तारीकरण एवं वृद्धिकरण योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 13 वार्डों की लगभग 4.15 लाख आबादी को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना पूरी होने पर संबंधित क्षेत्र को शत-प्रतिशत पेयजल व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। नगर निगम के नवविस्तारित लहरतारा जोन में सिस वरुणा पेयजल विस्तारीकरण एवं वृद्धिकरण योजना भी स्वीकृत हुई है। इससे लगभग 2.18 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। वहीं, नवविस्तारित चितईपुर क्षेत्र में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना के माध्यम से सात वार्डों की करीब 1.89 लाख आबादी को लाभ पहुंचाने की योजना है।

सीवर नेटवर्क से जुड़ेंगे नए शहरी क्षेत्र

पेयजल के साथ सीवरेज व्यवस्था के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। पुराना ट्रांस वरुणा जोन की सीवरेज परियोजना से लगभग 4.05 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र में चयनित आठ वार्डों की करीब 2.04 लाख आबादी को सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसी तरह नवविस्तारित चितईपुर जोन में चयनित 10 वार्डों के लिए सीवरेज परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे लगभग 2.23 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। तीनों परियोजनाओं के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्रों को सीवरेज व्यवस्था से शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य है।

लखनऊ में भी पेयजल व्यवस्था का होगा विस्तार

लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में हैदरगंज तथा आलमनगर के केसरीखेड़ा वार्ड से संबंधित पेयजल परियोजना को भी मंजूरी मिली है। इस पर लगभग 226.45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना से करीब 1.56 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत परियोजनाओं से दोनों शहरों में शहरी बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी। पेयजल आपूर्ति में विस्तार और सीवरेज नेटवर्क के विकास से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

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