पीएचसी की हकीकत पर हंसी का तड़का, 20 से दर्शकों के बीच आएगी ‘छोड़ो यार जाने दो’
बनारस और
यूपी
के
वास्तविक
लोकेशनों
पर
शूट
हुई
वेब
सीरीज
में
हास्य,
व्यंग्य,
राजनीति
और
भावनाओं
का
अनूठा
संगम,
हितेन
तेजवानी
समेत
कई
चर्चित
कलाकार
निभा
रहे
अहम
किरदार
सुरेश गांधी
वाराणसी। ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य
व्यवस्था, गांव की राजनीति,
आम लोगों के संघर्ष और
रिश्तों की गर्माहट को
हास्य-व्यंग्य के रंग में
पिरोकर तैयार की गई नई
हिंदी वेब सीरीज ‘छोड़ो
यार जाने दो’ आगामी
20 जून को दर्शकों के
बीच होगी। सोशल मीडिया पर
इसके ट्रेलर और शॉर्ट वीडियो
पहले ही चर्चा का
विषय बने हुए हैं।
यूट्यूब के डीजी फिलमिंग
ओटीटी ओरिजिनल्स प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने
जा रही यह वेब
सीरीज मनोरंजन के साथ-साथ
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी सच्चाइयों
को भी सामने लाने
का दावा करती है।
सीरीज की सबसे बड़ी
खासियत यह है कि
इसकी कहानी ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य
केंद्र (
पीएचसी)
की पृष्ठभूमि पर
आधारित है। आमतौर पर
फिल्मों और धारावाहिकों में
गांव की जिंदगी को
सतही तौर पर दिखाया
जाता है,
लेकिन ‘
छोड़ो
यार जाने दो’
गांव
के स्वास्थ्य केंद्रों,
वहां कार्यरत कर्मचारियों,
स्थानीय राजनीति,
जनता की उम्मीदों
और रोजमर्रा के संघर्षों को
हल्के-
फुल्के मगर प्रभावशाली अंदाज
में प्रस्तुत करती है।
निर्देशक समर के.
मुखर्जी
के निर्देशन में बनी यह
सिचुएशनल कॉमेडी केवल हंसाने तक
सीमित नहीं है,
बल्कि
समाज के उन पहलुओं
को भी उजागर करती
है,
जिनसे ग्रामीण भारत का बड़ा
वर्ग प्रतिदिन रूबरू होता है। कहानी
में हास्य और व्यंग्य के
साथ भावनात्मक प्रसंग भी हैं,
जो
दर्शकों को पात्रों के
साथ जोड़ने का काम करेंगे।
सीरीज की कहानी इमरान ने लिखी है,
जबकि इसके स्क्रीनप्ले और
संवाद शकील कुरैशी ने
तैयार किए हैं। संवादों
में स्थानीय बोली,
ग्रामीण परिवेश और सामाजिक परिस्थितियों
की झलक देखने को
मिलेगी,
जिससे कहानी अधिक वास्तविक और
प्रभावी बनती है।
वेब सीरीज में
छोटे पर्दे के लोकप्रिय अभिनेता
हितेन तेजवानी, डेज़ी बोपन्ना, अनंत जोग और
प्रिंस दुआ प्रमुख भूमिकाओं
में दिखाई देंगे। इनके साथ वाराणसी
और पूर्वांचल के कई स्थानीय
कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदार
निभा रहे हैं। इनमें
सुरोजीत चटर्जी, अमर मुखर्जी, आनंद
कुमार, अखिलेश शुक्ला, शिल्पी बनर्जी और सुनील कटियार
जैसे कलाकार शामिल हैं। निर्देशक समर के. मुखर्जी
का मानना है कि किसी
भी क्षेत्र की कहानी को
वास्तविक रूप में प्रस्तुत
करने के लिए वहां
के स्थानीय कलाकारों और लोकेशनों का
उपयोग बेहद जरूरी होता
है। यही कारण है
कि सीरीज की शूटिंग वाराणसी
सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न वास्तविक
स्थलों पर की गई
है। गांव की गलियां,
स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत का माहौल और
स्थानीय परिवेश दर्शकों को कहानी से
जोड़ने का काम करेंगे।
निर्माताओं के अनुसार ‘छोड़ो
यार जाने दो’ केवल
मनोरंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज के जीवन
का आईना है। इसमें
स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां, गांव
के लोगों की उम्मीदें, राजनीतिक
समीकरण, मानवीय रिश्ते और परिस्थितिजन्य हास्य
को संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया
गया है। यही वजह
है कि ट्रेलर जारी
होने के बाद से
सोशल मीडिया पर इसे सकारात्मक
प्रतिक्रिया मिल रही है।
निर्माण टीम ने बताया
कि यह सीरीज फिलहाल
सीजन-1 के रूप में
रिलीज की जा रही
है। पहले इसे यूट्यूब
पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके बाद विभिन्न फ्री-टू-एयर टीवी
चैनलों पर भी प्रसारित
करने की योजना है।
यदि दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद
मिलता है तो इसके
अगले सीजन भी लाए
जाएंगे।
ग्रामीण भारत की कहानियों
को केंद्र में रखकर बनाई
गई यह वेब सीरीज
ऐसे समय में आ
रही है, जब डिजिटल
प्लेटफॉर्म पर छोटे शहरों
और गांवों की वास्तविक कहानियों
को दर्शक तेजी से पसंद
कर रहे हैं। ‘छोड़ो
यार जाने दो’ इसी
प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते
हुए हास्य और संवेदना के
माध्यम से समाज की
एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करने का
प्रयास करती दिखाई दे
रही है।
‘छोड़ो यार जाने दो’ एक नजर में
रिलीज : 20 जून
प्लेटफॉर्म : डीजी फिलमिंग ओटीटी
ओरिजिनल्स (यूट्यूब)
शैली : सिचुएशनल कॉमेडी, सटायरिकल ड्रामेडी
पृष्ठभूमि : ग्रामीण पीएचसी और गांव की
जिंदगी
निर्देशक : समर के. मुखर्जी
कहानी : इमरान
स्क्रीनप्ले व संवाद : शकील
कुरैशी
प्रमुख कलाकार : हितेन तेजवानी, डेज़ी बोपन्ना, अनंत जोग, प्रिंस
दुआ
डीओपी
:: मोहसिन खान, विमल मिश्रा
एडिटर
:: मोहम्मद सुहैल
कस्टयूम
:: पूनम देववंश, प्रीति
विशेषता : वाराणसी व उत्तर प्रदेश
के वास्तविक लोकेशनों पर शूटिंग, स्थानीय
कलाकारों को प्रमुख अवसर।