Tuesday, 5 May 2026

शिक्षामित्रों को सम्मान का संबल: बढ़े मानदेय के साथ मिला आत्मविश्वास

शिक्षामित्रों को सम्मान का संबल: बढ़े मानदेय के साथ मिला आत्मविश्वास

गोरखपुर से मुख्यमंत्री का लाइव संदेश, वाराणसी में चेक वितरण के साथ हुआ भव्य सम्मान समारोह

शिक्षामित्रों को डमी चेक देकर सम्मानित किया गया

सुरेश गांधी

वाराणसी. प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को लेकर मंगलवार को वाराणसी में एक गरिमामय और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी संकुल में आयोजित इस समारोह में शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीक चेक वितरित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गोरखपुर में आयोजित मुख्य समारोह, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि थे, उसका सजीव प्रसारण भी यहां उपस्थित जनसमूह को दिखाया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान शिक्षामित्रों को डमी चेक देकर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षामित्रों के चेहरों पर संतोष और उत्साह स्पष्ट नजर आया। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा भी प्रदान की।

राष्ट्र निर्माण की नींव हैं शिक्षामित्र : अनिल राजभर

श्रम मंत्री अनिल राजभर ने शिक्षामित्रों और शिक्षकों की भूमिका को देश के भविष्य की आधारशिला बताते हुए कहा कि ये वर्ग केवल शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि राष्ट्र के चरित्र का निर्माण कर रहा है। उन्होंने मानदेय वृद्धि को शिक्षामित्रों के मनोबल को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।

सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ा फैसला : रविन्द्र जायसवाल

स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उनके सम्मान और आत्मसम्मान को मजबूत करने वाला कदम है।

जनप्रतिनिधियों ने सराहा निर्णय

एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने इसे शिक्षामित्रों के लिए प्रेरणादायक पहल बताया, वहीं विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षामित्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, प्रदीप अग्रहरि, अदिति पटेल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी और शिक्षा विभाग से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

शिक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर को मजबूती

शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का यह कदम सिर्फ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की एक बड़ी पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार का यह संदेश साफ है कि शिक्षा के आधार स्तंभ को मजबूत किए बिना समग्र विकास संभव नहीं।

नन्हें लेखकों ने गंगा की गूंज को दिया शब्दों का स्वर

नन्हें लेखकों ने गंगा की गूंज को दिया शब्दों का स्वर 

सनबीम के 23 विद्यार्थियों की पुस्तकगंगा - विस्पर्स ऑफ रिवरका भव्य विमोचन, काशी की संस्कृति और संवेदना का अनूठा संगम

सुरेश गांधी

वाराणसी. शिक्षा, संस्कृति और सृजनशीलता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब सनबीम शिक्षण समूह के विद्यार्थियों द्वारा लिखित पुस्तकगंगा - विस्पर्स ऑफ रिवरका भव्य विमोचन लहरतारा स्थित परिसर में किया गया। यह अवसर केवल एक पुस्तक के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि काशी की आत्मागंगाके प्रति नई पीढ़ी की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का सशक्त प्रदर्शन भी बना। 

सनबीम समूह की इस पांचवीं छात्र-लेखित पुस्तक का विमोचन देश के प्रतिष्ठित विद्वानों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में संकटमोचन मंदिर के महंत एवं प्रख्यात पर्यावरणविद प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में 39 जीटीसी वाराणसी के स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर जयदीप चंदा, कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ सत्यम मोहन, मेजर कंवरदीप सिंह नेगी, शिक्षाविद संदीप सेठी, परनब मुखर्जी, स्कॉलास्टिक इंडिया के नवीन कुमार सिंह, लेखकीय सलाहकार राहुल सैनी सहित सनबीम समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मधोक और निदेशिका श्रीमती अमृता बर्मन मौजूद रहीं।

इस पुस्तक को 23 मेधावी छात्र-छात्राओं ने मिलकर लिखा और संकलित किया है, जिसमें गंगा के प्रति उनके व्यक्तिगत अनुभव, विचार और संवेदनाएं समाहित हैं। पुस्तक का संपादन और प्रकाशन स्कॉलास्टिक्स राइटर्स अकादमी द्वारा किया गया है, जबकि कवर डिजाइन छात्र कार्तिकेय कुमार गोंड ने तैयार किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तुलसी के पौधे पर गंगाजल अर्पित कर किया गया और छात्र राघवेंद्र ने गंगाष्टकम का सस्वर पाठ कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और काशी के गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि गंगा के प्रति जिम्मेदारी का संदेश है। उन्होंने विद्यार्थियों की मेधा और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। ब्रिगेडियर जयदीप चंदा ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी यदि बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहकर इतना परिपक्व लेखन कर रहे हैं, तो यह शिक्षा की वास्तविक सफलता है। वहीं सीईओ सत्यम मोहन ने इसे वैश्विक विरासत पर आधारित सारगर्भित प्रयास बताया।

सनबीम समूह की निदेशिका अमृता बर्मन ने इसेआशीर्वाद का क्षणबताते हुए कहा कि इतने विद्वानों की उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा सम्मान है। अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक और उपाध्यक्ष भारती मधोक ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे समाज के लिए एक अमूल्य उपहार बताया। यह पुस्तक गंगा के ऐतिहासिक, भौगोलिक, जैविक और आध्यात्मिक पहलुओं को समेटते हुए केवल उसकी महिमा का गुणगान करती है, बल्कि उसके संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है। सनबीम के इन युवा लेखकों ने केवल एक पुस्तक नहीं लिखी, बल्कि गंगा के प्रति एक संवेदनशील विचारधारा को जन्म दिया हैजो आने वाले समय में समाज को दिशा देने का काम करेगी।

काशी में अपराध पर प्रहार: व्यापार मंडल का पुलिस एक्शन को सलाम, एनकाउंटर नीति को खुला समर्थन

कमिश्नर को प्रतीक स्वरूप तलवार भेंट कर जताया गया सम्मान  

काशी में अपराध पर प्रहार: व्यापार मंडल का पुलिस एक्शन को सलाम, एनकाउंटर नीति को खुला समर्थन

कानून के राज पर भरोसा मजबूत, मनीष सिंह हत्याकांड में ताबड़तोड़ कार्रवाई से संतुष्ट व्यापारी, कमिश्नर एसओजी टीम सम्मानितय

कोई अपराधी नहीं बचेगा, जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलेगा: अजीत सिंह बग्गा

सुरेश गांधी

वाराणसी। काशी में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सख्त संदेश गया है। करणी सेना से जुड़े मनीष सिंह हत्याकांड के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सिर्फ अपराधियों के नेटवर्क को झकझोरा है, बल्कि आमजन और व्यापारी वर्ग के भीतर सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत किया है। वाराणसी व्यापार मंडल ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर अपना समर्थन दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस प्रशासन पहले ही इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए 8 से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है, वहीं दो आरोपियों को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ने की कार्रवाई ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल हो रहा है। 

व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा के नेतृत्व में मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एसओजी प्रभारी गौरव सिंह तथा उनकी टीम के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कमिश्नर को प्रतीक स्वरूप तलवार भेंट कर सम्मान जताया गया, जो अपराध के विरुद्ध संघर्ष और न्याय की स्थापना का प्रतीक माना गया। 

इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट शतेंद्र कुमार सिंह से भी टेलीफोनिक वार्ता कर व्यापारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई की सराहना की और विश्वास जताया कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहेगा। 

यह घटनाक्रम केवल एक आपराधिक मामले की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस बदलती प्रशासनिक कार्यशैली का संकेत है, जिसमें अपराध के प्रति कठोरता और त्वरित न्याय की अपेक्षा समाज की प्राथमिकता बन चुकी है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और काशी के अधिकारी उसी सोच के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। 

यह भरोसा केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिख रही कार्रवाई का परिणाम है। 

दिलचस्प पहलू यह भी है कि जिला प्रशासन द्वारा अपराधियों की संपत्तियों की पहचान और माप-तौल की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी ने यह संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है। 

यह नीति जहां एक ओर अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का काम करती है, वहीं दूसरी ओर कानून के कठोर पक्ष को भी उजागर करती है। हालांकि, लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह भी आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह विधिक प्रक्रिया के तहत हों, ताकि न्याय की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

व्यापार मंडल ने 6 मई को किसी भी प्रकार के विरोध या बंद से दूरी बनाते हुए सामान्य रूप से व्यापार जारी रखने का निर्णय लिया, जो यह दर्शाता है कि व्यापारी वर्ग अब अस्थिरता नहीं, बल्कि स्थायित्व और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। 

जिला अध्यक्ष नन्हे जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी व्यापारियों से अपील की कि वे अपने कार्य सामान्य रूप से करें और प्रशासन पर विश्वास बनाए रखें। इस पूरे घटनाक्रम में एक सकारात्मक संदेश यह भी उभरकर सामने आता है कि जब प्रशासन सक्रिय हो और समाज सहयोगी, तब अपराध के खिलाफ लड़ाई अधिक प्रभावी बनती है। वाराणसी में पुलिस और व्यापारियों के बीच बना यह विश्वास आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ कर सकता है। मुख्य रूप से इस अवसर पर खुर्शीद बानो, रविंद्र जायसवाल, संजय गुप्ता, मनीष गुप्ता, कृष्णा राजू वर्मा, जयप्रकाश, रमेश भारद्वाज, सत्य प्रकाश, अरविंद जायसवाल, प्रिया अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी नेता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि काशी में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है और कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।

शिक्षामित्रों को सम्मान का संबल: बढ़े मानदेय के साथ मिला आत्मविश्वास

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