Friday, 24 July 2026

दूसरों को न्याय दिलाने वाले खुद 'अन्याय' की राह पर चलने को मजबूर

दूसरों को न्याय दिलाने वाले खुद 'अन्याय' की राह पर चलने को मजबूर 

भदोही जिला न्यायालय परिसर के अधिवक्ता चैंबर मार्ग की बदहाली, हल्की बारिश में सड़क बनी तालाब; रोजाना 200 से अधिक अधिवक्ता, वादकारी और कर्मचारी दलदल पार कर पहुंचते हैं कोर्ट

भदोही जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर तक जाने वाली सड़क पर बारिश के बाद जमा पानी और कीचड़ से होकर अदालत पहुंचते अधिवक्ता

सुरेश गांधी

भदोही। जहां से न्याय की लड़ाई लड़ी जाती है, वहीं तक पहुंचने का रास्ता खुद अन्याय की कहानी बयां कर रहा है। भदोही जिला न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ताओं के चैंबर तक जाने वाली सड़क की बदहाली ऐसी है कि मामूली बारिश होते ही पूरा मार्ग कीचड़ और पानी से भरकर तालाब में तब्दील हो जाता है। ऐसे में प्रतिदिन 200 से अधिक अधिवक्ताओं के साथ सैकड़ों वादकारियों और न्यायालय कर्मचारियों को इसी दलदल से होकर अदालत तक पहुंचना पड़ता है।

बारिश के बाद सड़क पर कई-कई इंच पानी जमा हो जाता है। जगह-जगह बने गड्ढों में कीचड़ भर जाने से राहगीरों को यह भी पता नहीं चलता कि पैर कहां पड़ रहा है। कई बार अधिवक्ता फिसलने से बचते-बचते निकलते हैं, जबकि मुवक्किलों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रास्ता किसी परीक्षा से कम नहीं रह जाता।

विडंबना यह है कि रोजाना संविधान, कानून और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत में बहस करने वाले अधिवक्ता स्वयं मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। काले कोट में कीचड़ से सने जूते और पैंट के साथ अदालत पहुंचना उनकी मजबूरी बन चुकी है। न्यायालय की गरिमा से जुड़ा यह दृश्य लंबे समय से जिम्मेदार विभागों की उदासीनता की गवाही दे रहा है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि इस सड़क की दुर्दशा को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। हर बरसात में यही स्थिति बनती है और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था होने के कारण सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है।

यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था से जुड़े पूरे वातावरण का प्रश्न है। जिस परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों लोग न्याय की उम्मीद लेकर आते हों, वहां की मूलभूत सुविधाएं इस हाल में होना गंभीर चिंता का विषय है। न्यायालय परिसर की सड़क यदि दलदल में बदल जाए तो यह व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत, पक्की जलनिकासी व्यवस्था तथा स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को इस परेशानी से निजात मिल सके।

बदहाली तत्काल सुधारे जाने की मांग

"विडंबना यह है कि जो अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने के लिए अदालत में खड़े होते हैं, उन्हें स्वयं रोज़ अन्यायपूर्ण परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। न्यायालय परिसर की यह बदहाली तत्काल सुधारे जाने की मांग करती है।" सीनियर एडवोकेट तेजबहादुर यादव

स्वर्णिम पड़ाव पर कालीन उद्योग, भदोही बनेगा वैश्विक कारोबार का केंद्र

स्वर्णिम पड़ाव पर कालीन उद्योग, भदोही बनेगा वैश्विक कारोबार का केंद्र 

50वें 'गोल्डन जुबिली' इंडिया कारपेट एक्सपो-2026 की तैयारियां तेज

• 4 से 6 अक्टूबर तक जुटेंगे दुनिया भर के खरीदार

निर्यात, नवाचार और भारतीय हस्तनिर्मित कालीन की 50 वर्षों की गौरवगाथा का होगा भव्य उत्सव

सुरेश गांधी

भदोही। भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने वाले 50वें (गोल्डन जुबिली) इंडिया कारपेट एक्सपो-2026 की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच गई हैं। 4 से 6 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन को अब तक का सबसे भव्य, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कारपेट एक्सपो मार्ट, कारपेट सिटी भदोही में दूसरी तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने की।

बैठक में एक्सपो की सुरक्षा, आगंतुक सुविधाएं, प्रदर्शनी प्रबंधन, खरीदारों के स्वागत, लॉजिस्टिक व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न प्रशासनिक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। सभी समितियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं के अनुरूप संपन्न हो सके।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो केवल एक व्यापारिक मेला नहीं, बल्कि भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की आधी सदी की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शिल्प, परंपरा, नवाचार और वैश्विक प्रतिष्ठा का स्वर्णिम उत्सव है। यह आयोजन दुनिया के प्रमुख खरीदारों, निर्यातकों, आयातकों, डिजाइनरों और निर्माताओं को एक ही मंच पर लाएगा, जिससे नए व्यावसायिक संबंध स्थापित होंगे और भारतीय कालीन उद्योग के लिए निर्यात के नए द्वार खुलेंगे।

सीईपीसी पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि गोल्डन जुबिली संस्करण भारतीय कालीन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान देने के साथ-साथ 'मेड इन इंडिया' हस्तनिर्मित कालीनों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा। इससे भदोही सहित पूर्वांचल के हजारों बुनकरों, कारीगरों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

बैठक में मेला संयोजक वासिफ अंसारी के साथ प्रशासनिक समिति के सदस्य अनिल कुमार सिंह, इम्तियाज अहमद, संजय गुप्ता, हुसैन जफर हुसैनी और रोहित गुप्ता उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण समन्वय, समयबद्ध कार्ययोजना और सामूहिक प्रयास का संकल्प दोहराया।

50वां इंडिया कारपेट एक्सपो-2026

तिथि: 4 से 6 अक्टूबर, 2026

स्थान: कारपेट एक्सपो मार्ट, कारपेट सिटी, भदोही

विशेषता: गोल्डन जुबिली (50वां संस्करण)

मुख्य उद्देश्य: भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ना

अपेक्षा: देश-विदेश के खरीदार, निर्यातक, निर्माता और डिजाइन विशेषज्ञ होंगे शामिल

फोकस: निर्यात विस्तार, नए व्यापारिक समझौते और भारतीय कालीन उद्योग की वैश्विक ब्रांडिंग

राहुल गांधी देश की छवि धूमिल करने में जुटे, संसद छोड़ सड़क की राजनीति कर रहे : सरवर सिद्दीकी

राहुल गांधी देश की छवि धूमिल करने में जुटे, संसद छोड़ सड़क की राजनीति कर रहे : सरवर सिद्दीकी 

पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बोलेप्रधानमंत्री आवास पर प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत, जंतर-मंतर के आंदोलन की निष्पक्ष जांच कराने की उठाई मांग

सुरेश गांधी

वाराणसी। पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सरवर सिद्दीकी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान और गतिविधियां देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर लगातार काम कर रही हैं, लेकिन विपक्ष तथ्यात्मक बहस के बजाय भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है।

सरवर सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार कर रहे हैं और विदेश यात्राओं के दौरान भी ऐसे बयान देते हैं, जिनसे भारत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना का अधिकार सभी को है, किंतु आलोचना तथ्यों और राष्ट्रीय हितों के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने ऐसे व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति दिखाई है जिन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सिद्दीकी ने कहा कि इस प्रकार के राजनीतिक संदेश समाज में गलत संकेत देते हैं और जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सरवर सिद्दीकी ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो और सरकार चर्चा के लिए तैयार हो, तब राजनीतिक मतभेदों को संसद के भीतर उठाना अधिक उचित है। उन्होंने कहा कि सड़क पर टकराव की राजनीति लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय अनावश्यक विवादों को जन्म देती है। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के संबंध में उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे विदेशी शक्तियों की भूमिका होने की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे किसी इनपुट या साक्ष्य की पुष्टि होती है तो संबंधित जांच एजेंसियों को निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कर सच्चाई देश के सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े किसी भी मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

सिद्दीकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है तथा उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। ऐसे समय में विपक्ष को निराधार आरोपों के बजाय रचनात्मक राजनीति और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक संवाद करना चाहिए।

दूसरों को न्याय दिलाने वाले खुद 'अन्याय' की राह पर चलने को मजबूर

दूसरों को न्याय दिलाने वाले खुद ' अन्याय ' की राह पर चलने को मजबूर  भदोही जिला न्यायालय परिसर के अधिवक्ता चैंबर ...