Sunday, 26 April 2026

काशी में खाकी का नया स्वर्णिम अध्याय : 491 बेटियों ने पहनी वर्दी, परेड ग्राउंड पर गूंजा ‘सेवा, सुरक्षा और सम्मान’ का संकल्प

काशी में खाकी का नया स्वर्णिम अध्याय : 491 बेटियों ने पहनी वर्दी, परेड ग्राउंड पर गूंजासेवा, सुरक्षा और सम्मानका संकल्प 

रिजर्व पुलिस लाइन में भव्य पासिंग आउट परेड, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की मौजूदगी में महिला आरक्षियों ने ली जनसेवा की शपथ

सुरेश गांधी

वाराणसी. काशी की धरती ने रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनते हुए महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के नए युग का उद्घोष किया। रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में 491 महिला प्रशिक्षु आरक्षियों की भव्य दीक्षान्त परेड (पासिंग आउट परेड) गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। लगभग नौ माह के कठिन आंतरिक एवं बाह्य प्रशिक्षण के बाद ये सभी महिला आरक्षियां अब औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बन गई हैं।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में अनुशासन, समर्पण और शारीरिक दक्षता का अद्भुत संगम देखने को मिला। 18 टोलियों ने परेड कमांडर रेनू के नेतृत्व में सधे कदमों और एकरूपता के साथ शानदार मार्च पास्ट किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह के दौरान सभी महिला आरक्षियों ने कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, निष्पक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण की शपथ ली। अपने प्रेरणादायी संबोधन में पुलिस आयुक्त ने कहा किपुलिस की वर्दी केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज के प्रति विश्वास और राष्ट्र सेवा का प्रतीक है।उन्होंने महिला आरक्षियों को संवेदनशीलता और पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

इस आयोजन में भावनाओं का भी विशेष रंग देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद परिजनों की आंखों में गर्व और खुशी झलक रही थी, जब उनकी बेटियां वर्दी में कदमताल करती नजर आईं। तालियों की गूंज ने पूरे परेड मैदान को उत्साह और गौरव से भर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला आरक्षियों को सम्मानित भी किया गया। रोशनी गुप्ता ने सर्वांग सर्वोत्तम का खिताब हासिल किया, जबकि रेनू ने परेड कमांडर और बाह्य विषयों में सर्वोत्तम प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

यह दीक्षान्त परेड केवल प्रशिक्षण की पूर्णता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था और सुरक्षित समाज निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में दर्ज हुई है। काशी की इन बेटियों ने खाकी पहनकर यह संदेश दे दिया है कि अब सुरक्षा की कमान और भी सशक्त हाथों में है।

काशी में सजेगा सियासी स्वागत का शिखर, भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का भव्य अभिनंदन

काशी में सजेगा सियासी स्वागत का शिखर, भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का भव्य अभिनंदन 

ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से गूंजेगा बाबतपुर से विश्वनाथ धाम तक का मार्ग, महिला सम्मेलन में भी होगी भागीदारी

सुरेश गांधी

वाराणसी. भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के प्रथम काशी आगमन को लेकर पार्टी संगठन पूरी तरह उत्साहित नजर रहा है। 28 अप्रैल को प्रस्तावित इस दौरे को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए शहर भर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। काशी की धार्मिक गरिमा और सियासी ऊर्जा के संगम के बीच भाजपा अपने शीर्ष नेतृत्व के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पूर्वान्ह लगभग 11 बजे बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। एयरपोर्ट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक का पूरा मार्ग स्वागत बिंदुओं में तब्दील कर दिया गया है, जहां पार्टी कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्पवर्षा कर अपने नेता का अभिनंदन करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष एयरपोर्ट से सीधे बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन-पूजन के लिए जाएंगे। इसके पश्चात वे बरेका परिसर में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में शामिल होंगे, जहां पार्टी की महिला शक्ति का प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा।

स्वागत के लिए चिन्हित प्रमुख स्थलों में बाबतपुर एयरपोर्ट, शिवपुर, अतुलानंद, पुलिस लाइन तिराहा, चौकाघाट, लहुराबीर, मैदागिन और काशी विश्वनाथ मंदिर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर विशेष साज-सज्जा के साथ कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। भाजपा संगठन इस दौरे को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम, बल्कि 2026 के सियासी परिदृश्य में कार्यकर्ताओं के उत्साह और एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है। काशी की गलियों में इस स्वागत को लेकर पहले से ही उत्सव जैसा माहौल बनता दिख रहा है।

धूप का तड़का, ‘भेजा फ्राईपूर्वांचल तवे पर, बनारस 44° पर उबला 

लू के थपेड़ों ने थाम दी जिंदगी की रफ्तार, सड़कें सूनी, लोग बेहाल, चार कदम चलना मुश्किल, कूलर-पंखे बेअसर

प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है

27 अप्रैल तक नहीं राहत, 28 से बदलेगा मौसम

सुरेश गांधी

वाराणसी. पूर्वांचल इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। वाराणसी में रविवार को अधिकतम तापमान 43 से 44° दर्ज किया गया, जबकिफील लाइकतापमान 46° के पार महसूस हुआ। सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा और दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो गए कि लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे। लहुराबीर, सिगरा, मैदागिन से लेकर बीएचयू तक, हर इलाके में गर्मी का एक ही असर दिखा : चार कदम चलते ही गला सूखना. दोपहर के वक्त ऐसा सन्नाटा कि मानो कर्फ्यू लगा हो। राहगीर सिर पर गमछा बांधे, पानी की बोतल लेकर निकल रहे हैं. कूलर-पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं. बिजली की हल्की ट्रिपिंग भी लोगों के लिए भारी पड़ रही है. ठेले वाले, रिक्शा चालक और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके लिए घर में बैठना विकल्प नहीं है।

लू के थपेड़े सीधे चेहरे पर पड़ रहे है। इस बीच प्रदेश स्तर पर स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बांदा में तापमान 47.4° तक पहुंच गया, जो अप्रैल का रिकॉर्ड स्तर है। वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, प्रयागराज, पूरे पूर्वांचल में तापमान 42 से 44° के बीच बना हुआ है और लू की स्थिति बनी हुई है। फिरहाल, उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात तेजी से विकराल होते जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक बांदा में आज तापमान 47.4° दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने के अब तक के सर्वाधिक तापमान की बराबरी है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलतीआग जैसी गर्मीका संकेत है।

पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात बना रहेहीट डोमजैसा असर

मौसम विभाग के अनुसार निचले क्षोभ मंडल में बह रही गर्म पछुआ हवाएं और आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) के कारण गर्मी का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ गए हैं। यही वजह है कि दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म (उष्ण रात्रि) हो रही हैं, जिससे राहत के सारे रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार गर्म पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात के कारण पूरे उत्तर प्रदेश मेंहीट डोमजैसा असर बन गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो रही हैं।

27 अप्रैल तक राहत नहीं, फिर बदलेगा मौसम

प्रेस नोट के अनुसार, 27 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी और कहीं-कहीं उष्ण रात्रि भी होगी। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिख रही है, 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू होगा. इसके बाद यह पूर्वांचल की ओर बढ़ेगा. 28 अप्रैल से तापमान में 3 सेतक गिरावट संभव है। मई की शुरुआत तक हल्की बारिश और बादल राहत दे सकते हैं. प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

स्वास्थ्य पर खतरा, अस्पतालों में बढ़े मरीज

डॉक्टरों के मुताबिक हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर और उल्टी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता जरूरी है। बांदा का 47.4° तापमान पूरे उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी है। बनारस सहित पूर्वांचल इस समयआग के दरियामें बदल चुका है। फिलहाल 27 अप्रैल तक हालात और कठिन रहेंगे, लेकिन 28 अप्रैल के बाद मौसम के करवट लेने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। तब तककृसावधानी ही सुरक्षा है।

काशी में खाकी का नया स्वर्णिम अध्याय : 491 बेटियों ने पहनी वर्दी, परेड ग्राउंड पर गूंजा ‘सेवा, सुरक्षा और सम्मान’ का संकल्प

काशी में खाकी का नया स्वर्णिम अध्याय : 491 बेटियों ने पहनी वर्दी , परेड ग्राउंड पर गूंजा ‘ सेवा , सुरक्षा और सम्मान ’ का संक...