Monday, 16 February 2026

महाशिवरात्रि पर यूपीआई से बाबा को मिला रिकॉर्ड विवाह नेग

महाशिवरात्रि पर यूपीआई से बाबा को मिला रिकॉर्ड विवाह नेग 

डिजिटल श्रद्धा का संगम, महाशिवरात्रि पर 18 घंटे में उमड़ा आस्था का सैलाब

सुरेश गांधी

वाराणसी. सनातन आस्था की विश्व राजधानी माने जाने वाले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि ने श्रद्धा, तकनीक और अर्थव्यवस्था, तीनों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मात्र 18 घंटे के भीतर 400 श्रद्धालुओं ने यूपीआई के माध्यम से बाबा विश्वनाथ को विवाह का नेग अर्पित करते हुए लगभग पांच लाख रुपये का रिकॉर्ड वर्चुअल चढ़ावा भेज दिया। यह आंकड़ा केवल धार्मिक आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि बदलती डिजिटल संस्कृति में भक्तों की बढ़ती सहभागिता का भी सशक्त प्रमाण बन गया है।

महाशिवरात्रि पर उमड़ी डिजिटल श्रद्धा की बाढ़

महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मोबाइल के माध्यम से दान अर्पित करना शुरू किया, जो देर रात तक लगातार जारी रहा। भक्तों ने न्यूनतम एक रुपये से लेकर अधिकतम 50,001 रुपये तक की राशि बाबा के चरणों में समर्पित की। औसतन प्रत्येक श्रद्धालु ने लगभग 1200 रुपये दान किए। विशेष बात यह रही कि पिछले सात दिनों में जितना ऑनलाइन चढ़ावा प्राप्त हुआ था, उससे अधिक दान केवल महाशिवरात्रि के दिन ही प्राप्त हो गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार फरवरी माह के पहले 15 दिनों में लगभग 1200 श्रद्धालुओं ने करीब 13 लाख रुपये ऑनलाइन दान किए। इसमें औसत दान राशि 1092 रुपये रही। वहीं महाशिवरात्रि को अलग कर दें तो 14 दिनों में 800 भक्तों ने लगभग आठ लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से अर्पित किए।

कॉरिडोर से बदली दर्शन व्यवस्था और आर्थिक तस्वीर

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव आया है। कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को सहज और भव्य दर्शन सुविधा प्रदान की है, जिससे धाम में आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। धार्मिक पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर से जुड़ी स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। होटल, धर्मशालाएं, परिवहन, हस्तशिल्प, प्रसाद व्यवसाय, फूल व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनती काशी

प्राचीन आध्यात्मिक नगरी वाराणसी अब धार्मिक पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर तेजी से उभर रही है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से आने वाले श्रद्धालु भी डिजिटल भुगतान के माध्यम से मंदिर से जुड़े रह रहे हैं। इससे पारदर्शी आर्थिक व्यवस्था के साथ मंदिर प्रशासन को विकास कार्यों में भी सुविधा मिल रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर में होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाएं, स्थानीय बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे काशी की अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिल रही है।

युवाओं में बढ़ रहा डिजिटल भक्ति का आकर्षण

युवा पीढ़ी तेजी से डिजिटल भक्ति संस्कृति से जुड़ रही है। मोबाइल ऐप और यूपीआई के माध्यम से दूर बैठे श्रद्धालु भी बाबा विश्वनाथ को दान अर्पित कर आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति भविष्य में धार्मिक आयोजनों को और व्यापक तथा वैश्विक स्वरूप प्रदान करेगी।

आस्था से विकास तक का मजबूत सेतु

डिजिटल दान व्यवस्था ने मंदिर प्रशासन को पारदर्शी और व्यवस्थित आर्थिक प्रबंधन का मजबूत आधार दिया है। प्राप्त धनराशि श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार, धाम सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सेवा कार्यों में उपयोग की जा रही है। इससे काशी की धार्मिक विरासत के साथ आर्थिक विकास को भी नई गति मिल रही है।

परंपरा और तकनीक का संगम बना नई पहचान

महाशिवरात्रि पर रिकॉर्ड डिजिटल दान ने यह साबित कर दिया कि आस्था समय के साथ बदलती नहीं, बल्कि नए रूप में और व्यापक होती जाती है। बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं का समर्पण अब तकनीक के माध्यम से वैश्विक स्तर पर फैल रहा है और काशी आध्यात्मिकता के साथ डिजिटल युग की नई मिसाल बनती जा रही है।

मतदाता शुद्धिकरण का महाअभियान : 9.49 लाख नोटिस जारी, काशी में चुनावी पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा

मतदाता शुद्धिकरण का महाअभियान : 9.49 लाख नोटिस जारी, काशी में चुनावी पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा 

निरीक्षण पर उतरे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 28 फरवरी तक सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य, बीएलओ को बताया लोकतंत्र की असली ताकत

सुरेश गांधी

वाराणसी। लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में मतदाता सूची शुद्धिकरण का अभियान काशी में तेज रफ्तार पकड़ चुका है। सोमवार को नवदीप रिणवा ने वाराणसी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की जमीनी स्थिति का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 389 वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कम्पोजिट विद्यालय कबीरचौरा स्थित नोटिस सुनवाई केन्द्र का जायजा लिया तथा बाद में गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में बीएलओ और सुपरवाइजरों से संवाद कर चुनावी प्रक्रिया की मजबूती पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत मतदाताओं की भागीदारी है और प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान अधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार की बाधा आने दी जाए।

आंकड़ों में दिखी चुनौती और तैयारी

जनपद में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चल रहे अभियान में बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 25,80,502 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,62,888 मतदाता नो मैपिंग श्रेणी और 7,84,679 मतदाता लॉजिकल डिस्क्रीपेन्सी श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए कुल 9,49,015 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 2,87,102 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,99,322 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को 28 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

नोटिस सुनवाई केन्द्र पर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की परखी नब्ज

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं, शिकायत निस्तारण प्रणाली और नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने वहां मौजूद मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई और निर्वाचन प्रक्रिया में उनके सहयोग की सराहना की गई। इसके साथ ही बूथ और सोसायटी स्तर पर विशेष कैम्प, घर-घर सत्यापन, वीडियो कॉल वेरीफिकेशन तथा डिजिटल आईडी जांच जैसी नई व्यवस्थाओं को भी अभियान में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित रहे।

बीएलओ को बताया चुनावी व्यवस्था की रीढ़

संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण अभियान की सफलता पूरी तरह बीएलओ की कार्यक्षमता पर निर्भर है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां मतदाताओं की अधिक भीड़ हो, वहां अतिरिक्त कैम्प लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी हो। जिला निर्वाचन प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और घर-घर सत्यापन कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। संवाद कार्यक्रम में 384 पिण्डरा, 385 अजगरा (अजा), 386 शिवपुर, 387 रोहनियां, 388 वाराणसी उत्तरी, 389 वाराणसी दक्षिणी, 390 वाराणसी कैण्टोमेन्ट और 391 सेवापुरी विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और सुपरवाइजरों ने भाग लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां फार्म-6 और मैपिंग कार्य के लिए अधिक भीड़ हो, वहां अतिरिक्त कैम्प लगाकर मतदाताओं को सुविधा प्रदान की जाए।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 बीएलओ, 8 सुपरवाइजर, 2 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशासन ने इसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा अभियान

मतदाता सूची शुद्धिकरण का यह महाअभियान सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा मिशन बन चुका है। काशी में चल रहा यह अभियान यह तय करेगा कि आने वाले चुनावों में हर मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो और चुनावी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।

महाशिवरात्रि पर यूपीआई से बाबा को मिला रिकॉर्ड विवाह नेग

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