Sunday, 19 April 2026

काशी में ‘नारी शक्ति’ का महासंगम : पीएम मोदी के स्वागत में 50 हजार महिलाओं की होगी भागीदारी

काशी मेंनारी शक्तिका महासंगम : पीएम मोदी के स्वागत में 50 हजार महिलाओं की होगी भागीदारी

28 अप्रैल का कार्यक्रम बनेगा महिला नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का राष्ट्रीय संदेश

सुरेश गांधी

वाराणसी. धर्म और संस्कृति की राजधानी काशी एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। आगामी 28 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी दौरे को इस बार एक भव्यनारी शक्ति महोत्सवके रूप में आयोजित करने की तैयारी जोरों पर है। पार्टी ने इस कार्यक्रम को पूरी तरह महिलाओं को समर्पित करते हुए इसकी कमानमातृशक्तिको सौंपने का निर्णय लिया है।

सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का सशक्त प्रदर्शन होगा।

नारी शक्ति के हाथों में आयोजन की कमान

बैठक में तय किया गया कि कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा, संचालन, अनुशासन और जनसंपर्क अभियान की जिम्मेदारी महिला मोर्चा संभालेगा। बूथ स्तर तक जिम्मेदारियों का निर्धारण कर दिया गया है, ताकि कार्यक्रम में अधिकतम महिला सहभागिता सुनिश्चित हो सके। धर्मपाल सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ इस आयोजन को सफल बनाएं, जिससे काशी से पूरे देश को यह संदेश जाए कि भारत की नारी अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता भी है।

50 हजार महिलाओं का अभूतपूर्व स्वागत

भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने जानकारी दी कि बरेका परिसर में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाएं प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत और अभिनंदन करेंगी। यह आयोजन वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री के पहले काशी आगमन को विशेष बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वागत समारोह नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद, उनके सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का मंच भी बनेगा।

नारी सशक्तिकरण बनेगा मुख्य संदेश

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कार्यक्रम का केंद्रीय विषय नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और राजनीतिक भागीदारी रहेगा। धर्मपाल सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं, जिनका प्रभाव आज समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का हर कार्यक्रम प्रेरणा देता है, और इस बार काशी का आयोजननारी सामर्थ्यका जीवंत उदाहरण बनेगा।

सामाजिक संदेश का मंच

इस आयोजन को केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। जब हजारों महिलाएं एक साथ मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी, तो यह देशभर में महिला नेतृत्व और सहभागिता का एक मजबूत संदेश देगा। काशी की धरती, जो सदियों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक रही है, अब नारी शक्ति के इस महाआयोजन की साक्षी बनने जा रही है।

व्यापक सहभागिता, संगठन की ताकत

बैठक में क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या सहित कई जनप्रतिनिधि, विधायक, एमएलसी और महिला मोर्चा की पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

काशी से उठेगा देशव्यापी संदेश

28 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन केवल वाराणसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में यह संदेश देगा कि भारत में महिला शक्ति अब निर्णायक भूमिका में है। जब काशी की धरती पर 50 हजार महिलाएं एक साथ खड़ी होकर प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगी, तब यह दृश्य केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलते भारत की तस्वीर होगाजहां नारी अब शक्ति, नेतृत्व और परिवर्तन की प्रतीक बन चुकी है।

Saturday, 18 April 2026

काशी में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था का ‘मेगा रिहर्सल’

काशी में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था कामेगा रिहर्सल’ 

पीएम दौरे और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड से पहले पुलिस कमिश्नर का सख्त निरीक्षण, ट्रैफिक से लेकर स्वच्छता तक हर मोर्चे पर कसी कमान

सुरेश गांधी

वाराणसी। आगामी वीवीआईपी मूवमेंट, विशेषकर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड (पीओपी ) को लेकर काशी में सुरक्षा और व्यवस्था का व्यापकड्राई रनशुरू हो गया है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइन और शहर के प्रमुख मार्गों का गहन निरीक्षण कर प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश दियाकोई चूक नहीं, हर स्तर पर परफेक्शन चाहिए।

रिजर्व पुलिस लाइन में तैयारियों की बारीक समीक्षा

पुलिस आयुक्त ने रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचकर प्रधानमंत्री के संभावित आगमन और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड की तैयारियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। परेड स्थल, अभ्यास व्यवस्था, सुरक्षा घेरा, अनुशासन और प्रोटोकॉलहर पहलू को बारीकी से परखा गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन केवल औपचारिक हो, बल्कि गरिमा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता का प्रतीक बने। महिला आरक्षियों की परेड को लेकर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि यह कार्यक्रम नारी शक्ति और पुलिस बल की प्रतिबद्धता का सार्वजनिक प्रदर्शन है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य होगी।

सुरक्षा, प्रोटोकॉल और समन्वय परजीरो टॉलरेंसनीति

वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल और विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी एजेंसियों के बीच रियल टाइम कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया जाए और हर स्थिति के लिए वैकल्पिक प्लान तैयार रहे। पुलिस आयुक्त ने दो टूक कहा कि समयबद्धता और सतर्कता ही ऐसे आयोजनों की सफलता की कुंजी है।

जी-12’ आवासीय परिसर और पुलिस लाइन का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीनजी-12’ आवासीय परिसर का भी जायजा लिया गया। यहां गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समय सीमा के पालन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस लाइन के आवासीय परिसरों में स्वच्छता, रहन-सहन, कूड़ा निस्तारण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। छज्जों, छतों, दीवारों और परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पुलिस कर्मियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

फिटनेस पर फोकस : जिम व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

पुलिस लाइन स्थित जिमनेजियम का निरीक्षण करते हुए पुलिस आयुक्त ने संसाधनों और उपकरणों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक फिट पुलिस बल ही प्रभावी कानून व्यवस्था की रीढ़ होता है, इसलिए स्वास्थ्य और फिटनेस सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।  

सड़क पर उतरे कमिश्नर : ट्रैफिक व्यवस्था का पैदल परीक्षण

केवल कार्यालयी समीक्षा तक सीमित रहकर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल खुद सड़कों पर उतरे।

ब्रॉडवे होटल से रविन्द्रपुरी रोड, अस्सी तिराहा, लंका, मालवीय चौराहा होते हुए ट्रामा सेंटर तक पैदल गश्त कर उन्होंने यातायात की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। यह निरीक्षण केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि जमीनी हकीकत को समझने और तत्काल समाधान निकालने की पहल थी।

आरटीसी  योजना से ट्रैफिक सुधार की नई रणनीति

रेडसिंग ट्रैफिक  कांगश्चन (आरटीसी) योजना के तहत शहर के 10 प्रमुख मार्गों पर निरीक्षक स्तर के अधिकारियों कोरूट मार्शलनियुक्त किया गया है। ये अधिकारी संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों के साथ मिलकर पीक आवर्स में ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। उद्देश्य साफ हैकम समय में सुगम यात्रा और जाम से राहत।

अतिक्रमण और ट्रैफिक उल्लंघन पर सख्ती

निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण को ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने साफ किया कि मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी सीधे जिम्मेदार होंगे। इसके साथ हीबिना नंबर प्लेट वाहनों पर कार्रवाई. रांग साइड ड्राइविंग और तीन सवारी पर अभियान. अवैध ऑटो-रिक्शा स्टैंड हटाने के निर्देश. ठेला-खुमचा से सड़क बाधित करने वालों पर सख्ती जैसे कदमों को प्राथमिकता देने को कहा गया।

संदेश साफ: ‘व्यवस्था ही पहचान बने काशी की

इस व्यापक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वाराणसी प्रशासन अब केवल तैयारी नहीं, बल्कि परफेक्शन के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड, दोनों ही आयोजन काशी की प्रशासनिक क्षमता और अनुशासन का आईना बनेंगे। पुलिस आयुक्त की सख्ती और सक्रियता से यह संकेत भी मिल रहा है कि आने वाले दिनों में काशी की सड़कों पर केवल सुरक्षा, बल्कि व्यवस्थित ट्रैफिक और स्वच्छ वातावरण भी नजर आएगा।

काशी में ‘नारी शक्ति’ का महासंगम : पीएम मोदी के स्वागत में 50 हजार महिलाओं की होगी भागीदारी

काशी में ‘ नारी शक्ति ’ का महासंगम : पीएम मोदी के स्वागत में 50 हजार महिलाओं की होगी भागीदारी 28 अप्रैल का कार्यक्रम बनेगा...