बाबा के दरबार में शीश नवाकर सत्यम मिश्र ने संभाली काशी विश्वनाथ धाम की कमान
कालभैरव से
विश्वनाथ
धाम
तक
आस्था
के
साथ
शुरू
हुई
नई
जिम्मेदारी,
श्रद्धालु
सुविधा
और
सुगम
दर्शन
को
दी
प्राथमिकता
सुरेश गांधी
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ
मंदिर न्यास एवं श्री काशी
विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के नव नियुक्त
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्यम मिश्र ने सोमवार को
विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। नई
जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्होंने
काशी के कोतवाल बाबा
कालभैरव के दरबार में
सपरिवार हाजिरी लगाई। इसके बाद श्री
काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा
विश्वनाथ का विधि-विधान
से पूजन-अर्चन किया
और आशीर्वाद लिया।
बाबा के दरबार
में शीश नवाने के
बाद सत्यम मिश्र ने श्री काशी
विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं विशिष्ट क्षेत्र
विकास परिषद कार्यालय पहुंचकर सीईओ का पदभार
ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर
न्यास एवं परिषद के
अधिकारी और कर्मचारी मौजूद
रहे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से
परिचय प्राप्त किया और सभी
का अभिवादन स्वीकार किया। पदभार ग्रहण करने के बाद
सीईओ ने अधिकारियों और
कर्मचारियों से आपसी समन्वय
और टीम भावना के
साथ काम करने पर
जोर दिया।
करोड़ों श्रद्धालुओं की उम्मीदों के बीच नई जिम्मेदारी
श्री काशी विश्वनाथ
धाम अब केवल धार्मिक
आस्था का केंद्र नहीं,
बल्कि देश-दुनिया से
आने वाले श्रद्धालुओं के
लिए काशी की पहली
बड़ी अनुभूति भी है। ऐसे
में मंदिर न्यास और विशिष्ट क्षेत्र
विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक
अधिकारी के रूप में
सत्यम मिश्र के सामने सबसे
बड़ी चुनौती आस्था के इस विराट
केंद्र में व्यवस्था और
श्रद्धा के बीच संतुलन
बनाए रखने की होगी।
बाबा के दर्शन के
लिए लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के
बीच सुगम दर्शन, कतार
प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और दिव्यांग एवं
बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधाएं महत्वपूर्ण
विषय हैं। धाम के
विस्तार के साथ आसपास
के क्षेत्रों में यातायात और
सुविधाओं का समन्वय भी
प्रशासन के लिए अहम
रहेगा। नई जिम्मेदारी की
शुरुआत बाबा कालभैरव और
बाबा विश्वनाथ के दर्शन से
करने के बाद सीईओ
ने जिस तरह श्रद्धालु
सुविधा और सुगम दर्शन
को प्राथमिकता बताया है, उससे आने
वाले दिनों में धाम की
व्यवस्थाओं को लेकर उनकी
कार्यशैली की दिशा का
संकेत मिलता है। अब नजर
इस बात पर रहेगी
कि बाबा के दरबार
में मिली नई जिम्मेदारी
जमीन पर श्रद्धालु अनुभव
को कितना और बेहतर बनाती
है।


