टी-20 विश्व कप जीत पर काशी में जश्न की लहर,
सिगरा चौराहे पर जलेबी बांटकर मनाई खुशी
व्यापार मंडल
के
नेतृत्व
में
व्यापारियों
ने
मनाया
विजय
उत्सव,
“भारत
माता
की
जय”
और
“टीम
इंडिया
जिंदाबाद”
के
नारों
से
गूंजा
इलाका
सुरेश गांधी
वाराणसी। भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा टी-20
विश्व कप जीतने की
ऐतिहासिक उपलब्धि पर काशी में
उल्लास और उत्साह का
माहौल देखने को मिला। शहर
के प्रमुख चौराहों और बाजारों में
देर रात तक जश्न
का माहौल बना रहा। सिगरा
चौराहे पर वाराणसी व्यापार
मंडल के अध्यक्ष अजीत
सिंह बग्गा के नेतृत्व में
व्यापारियों ने मिठाइयां और
गर्मागर्म जलेबी वितरित कर टीम इंडिया
की जीत का जश्न
मनाया।
जैसे ही भारत
की जीत की खबर
पूरे देश में फैली,
वैसे ही काशी में
भी खुशी की लहर
दौड़ पड़ी। सिगरा चौराहे
पर बड़ी संख्या में
व्यापारी और स्थानीय लोग
एकत्रित हुए। यहां मिठाई
और जलेबी बांटकर लोगों ने अपनी खुशी
का इजहार किया। कई जगहों पर
छोटे पटाखे छोड़े गए और
युवाओं ने तिरंगा लहराते
हुए “वंदे मातरम्”, “भारत
माता की जय” और
“टीम इंडिया जिंदाबाद” के जोशीले नारे
लगाए।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष
अजीत सिंह बग्गा ने
कहा कि यह जीत
पूरे देश के लिए
गर्व का क्षण है।
पहली बार भारत ने
अपने ही घर में
विश्व कप जीतकर नया
इतिहास रचा है। उन्होंने
कहा कि भारतीय टीम
के खिलाड़ियों ने जिस जज्बे
और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया
है, वह आने वाली
पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
बनेगा। टीम के कप्तान
और खिलाड़ियों की सराहना करते
हुए उन्होंने कहा कि पूरी
टीम ने एकजुट होकर
खेल का बेहतरीन प्रदर्शन
किया और भारत का
नाम विश्व पटल पर और
ऊंचा किया।
जश्न के दौरान
लोगों में जबरदस्त उत्साह
देखने को मिला। शहर
के विभिन्न हिस्सों में युवाओं ने
ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी
का इजहार किया। देर रात तक
लोग एक-दूसरे को
मिठाई खिलाते रहे और देश
की इस ऐतिहासिक जीत
पर गर्व महसूस करते
रहे। कई जगहों पर
लोग सड़कों पर निकलकर एक-दूसरे को बधाई देते
नजर आए।
इस अवसर पर
संजय गुप्ता, शरद गुप्ता, खुर्शीद
बानो, आरती शर्मा, अंबे
सिंह, रामबाबू शिवा, विकास, प्रभाकर सिंह, गौरव, मन्नू यादव और सुनील
गुप्ता सहित बड़ी संख्या
में व्यापारी और स्थानीय नागरिक
उपस्थित रहे। सभी ने
मिलकर टीम इंडिया की
इस ऐतिहासिक जीत का जश्न
मनाया और देश के
उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भारत की इस गौरवपूर्ण
जीत ने काशीवासियों के
दिलों में उत्साह और
देशभक्ति की नई ऊर्जा
भर दी। पूरी रात
शहर में जश्न का
माहौल बना रहा और
काशी की गलियों में
जीत की खुशी देर
तक गूंजती रही।

