Saturday, 20 June 2026

जनगणना का पहला मिशन फतह, यूपी ने रचा इतिहास

जनगणना का पहला मिशन फतह, यूपी ने रचा इतिहास 

30 दिन में 100% मकान-सूचीकरण पूरा • 75 जिलों में पांच लाख कर्मियों ने 3.90 लाख से अधिक ब्लॉकों में घर-घर पहुंचकर जुटाए आंकड़े, अब अगले चरण की बारी

सुरेश गांधी

वाराणसी. देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश ने जनगणना-2027 के पहले चरण में बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य में 22 मई से 20 जून 2026 तक चले मकान-सूचीकरण एवं मकान जनगणना (हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस) का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इसे जनगणना-2027 की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

इस महाअभियान के तहत प्रदेश के 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों, 545 नगर पंचायतों, 13 छावनी परिषदों तथा आठ औद्योगिक टाउनशिप में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया गया। लगभग 1.04 लाख गांवों और 14,983 वार्डों में बनाए गए 3,90,717 मकान-सूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए गए। इस विशाल कार्य को सफल बनाने के लिए करीब पांच लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने भीषण गर्मी के बावजूद घर-घर पहुंचकर सूचनाएं एकत्र कीं। उनके समर्पण और मेहनत के कारण निर्धारित समय में पूरा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने इस सफलता का श्रेय मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन तथा भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के प्रभावी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन को दिया है। निदेशालय ने कहा कि शासन स्तर से मिले सहयोग और प्रशासनिक समन्वय के कारण इतने बड़े अभियान को समयबद्ध ढंग से पूरा करना संभव हो पाया। अभियान में सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, जिला जनगणना अधिकारियों, अपर नगर आयुक्तों, चार्ज अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों ने तकनीकी सहायता देकर डिजिटल प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निदेशालय ने विशेष रूप से उन प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का अभिनंदन किया है, जिन्होंने कठिन मौसम में भी घर-घर पहुंचकर पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्व का निर्वहन किया। उनके अथक प्रयासों ने इस अभियान को सफलता तक पहुंचाया। जनगणना कार्य निदेशालय ने मीडिया संस्थानों और पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने अभियान की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही प्रदेश की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा गया कि लोगों ने अपने घरों के द्वार खोलकर प्रगणकों का सहयोग किया और सही जानकारी उपलब्ध कराई। अधिकारियों के अनुसार सरकार, प्रशासन, क्षेत्रीय कर्मियों, मीडिया और आम नागरिकों के इस सामूहिक सहयोग ने जनगणना-2027 के पहले चरण को पूरी तरह सफल बनाते हुए अगले चरण के लिए मजबूत आधार तैयार कर दिया।

एक नजर में

22 मई से 20 जून तक चला पहला चरण

100 प्रतिशत मकान-सूचीकरण कार्य पूरा

75 जिले, 350 तहसीलें अभियान में शामिल

1.04 लाख गांव और 14,983 वार्ड कवर

3,90,717 मकान-सूचीकरण ब्लॉक

करीब 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक रहे तैनात

जनगणना-2027 के अगले चरण की तैयारियों को मिली मजबूत आधारशिला

फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर लगेगी लगाम, बिना पहचान पत्र नहीं होगा निरीक्षण

फर्जी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर लगेगी लगाम, बिना पहचान पत्र नहीं होगा निरीक्षण 

खाद्य सुरक्षा विभाग का सख्त आदेश, व्यापारियों से सतर्क रहने की अपील

खाद्य व्यापार मंडल ने फैसले का किया स्वागत, बोले नवरतन राठीईमानदार कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत

सुरेश गांधी

वाराणसी. खाद्य कारोबारियों को फर्जी अधिकारियों के नाम पर होने वाले उत्पीड़न और अवैध वसूली से राहत दिलाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना विभागीय पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के किसी होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, किराना प्रतिष्ठान अथवा अन्य खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थान का निरीक्षण, सैंपलिंग या प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई नहीं कर सकेगा।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय पहचान पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताकर जांच करने पहुंचे और विभागीय पहचान पत्र प्रस्तुत कर सके, तो उसे अधिकृत अधिकारी नहीं माना जाएगा। ऐसे लोगों को किसी प्रकार का सहयोग करने की भी अपील की गई है।

विभाग ने फर्जी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी की है। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल जिलाधिकारी को देने के साथ-साथ विभाग के मुख्यालय के व्हाट्सएप नंबर 9793429747 अथवा -मेल fdaupgov@gmail.com पर भेजी जा सकती है। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी निरीक्षण, भयादोहन और अवैध वसूली जैसी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

व्यापारियों ने बताया राहत देने वाला फैसला

खाद्य व्यापार मंडल वाराणसी ने विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे व्यापारियों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। मंडल के अध्यक्ष नवरतन राठी ने कहा कि लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्व स्वयं को खाद्य सुरक्षा अधिकारी या सुपरवाइजर बताकर व्यापारियों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने का प्रयास कर रहे थे। विभाग का यह आदेश ऐसे फर्जी लोगों पर प्रभावी रोक लगाएगा और ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न से राहत मिलेगी।

बैठक में व्यापारियों को किया जागरूक

सिगरा स्थित मैरिज प्वाइंट में आयोजित खाद्य व्यापार मंडल की बैठक में अध्यक्ष नवरतन राठी ने सभी व्यापारियों को नए निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि बिना विभागीय पहचान पत्र दिखाए किसी भी व्यक्ति को निरीक्षण या कार्रवाई की अनुमति दें। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला निरीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाएगा। बैठक में रवि धन्नानी, संदीप बरनवाल, गौरव राठी, भैरू सिंह, कमल लखमानी, राजेश केशरी, अनिल सोनकर, राजन जायसवाल, शिवकुमार होतवानी, शिवशंकर केशरी सहित बड़ी संख्या में खाद्य व्यवसायी उपस्थित रहे।

काशी सहित पूरे प्रदेश में विकास की गूंज को मिलेगा नया डिजिटल मंच

काशी सहित पूरे प्रदेश में विकास की गूंज को मिलेगा नया डिजिटल मंच  

काशी सहित पूरे प्रदेश में विकास की गूंज को मिलेगा नया डिजिटल मंच

जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और शासन की उपलब्धियों की प्रमाणिक जानकारी अब होगी एक क्लिक पर उपलब्ध

सुरेश गांधी

वाराणसी। बदलते दौर में सूचना केवल समाचार नहीं, बल्कि शासन और समाज के बीच विश्वास का सबसे मजबूत सेतु बन चुकी है। इसी सोच को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने डिजिटल संचार के क्षेत्र में एक नई और प्रभावी पहल की है। विभाग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल "सूचना प्रवाह" का शुभारंभ लोक भवन, लखनऊ में किया गया। यह मंच प्रदेश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की नीतियों को आमजन तक त्वरित, प्रमाणिक और आकर्षक स्वरूप में पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

वाराणसी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास का नया अध्याय लिख रही है। गंगा के घाटों से लेकर आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तक अनेक परिवर्तनकारी कार्य हो रहे हैं। अब इन विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की प्रमाणिक जानकारी "सूचना प्रवाह" के माध्यम से देश-दुनिया तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।

यह चैनल उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का आधिकारिक डिजिटल मंच होगा, जहां प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, विकास परियोजनाएं, महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय, शासन की उपलब्धियां, जनहितकारी कार्यक्रम तथा विभिन्न विभागों की गतिविधियां तथ्यपरक और विश्वसनीय रूप में नियमित रूप से प्रसारित की जाएंगी। इसके साथ ही विभाग द्वारा निर्मित वृत्तचित्र, विशेष रिपोर्ट, प्रेरणादायी वीडियो, सरकारी अभियानों और प्रमुख आयोजनों का भी प्रसारण इसी मंच पर किया जाएगा।

सहायक सूचना निदेशक, वाराणसी डॉ. सुरेंद्र नाथ पाल ने बताया कि सूचना विभाग समय के अनुरूप आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए जनसंचार के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि "सूचना प्रवाह" के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा, विशेष रूप से काशी और पूर्वांचल में हो रहे ऐतिहासिक विकास कार्यों, सांस्कृतिक आयोजनों तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे शासन की योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा होगा।

सूचना विभाग की यह पहल केवल एक यूट्यूब चैनल का शुभारंभ भर नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में पारदर्शी, त्वरित और विश्वसनीय सरकारी संचार व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह मंच शासन और समाज के बीच संवाद को नई ऊर्जा देगा तथा उत्तर प्रदेश की विकास गाथा को वैश्विक डिजिटल मंच पर नई पहचान प्रदान करेगा। विशेष रूप से काशी जैसे आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकासशील नगर की उपलब्धियों को अब अधिक व्यापक और प्रभावी स्वर मिलेगा।

बता दें, शुक्रवार को सूचना निदेशक विशाल सिंह एवं अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से चैनल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर निर्माता फिल्म अभय कुमार श्रीवास्तव, फिल्म निर्माण प्रबंधक संदीप पांडेय सहित सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी सहित पूर्वांचल के करोड़ों नागरिकों के लिए यह पहल विशेष महत्व रखती है।  सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि आज डिजिटल मीडिया जनसंचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे समय में "सूचना प्रवाह" सरकार और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। इसके जरिए नागरिकों को सरकार की योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों की प्रमाणिक जानकारी सरल, सहज और आकर्षक स्वरूप में उपलब्ध कराई जाएगी। 

जनगणना का पहला मिशन फतह, यूपी ने रचा इतिहास

जनगणना का पहला मिशन फतह , यूपी ने रचा इतिहास  30 दिन में 100% मकान - सूचीकरण पूरा • 75 जिलों में पांच लाख कर्मियों ने 3.9...