Friday, 6 March 2026

काशी से बागेश्वर बाबा का विश्व को संदेश : “प्रेम से प्रकाश, युद्ध से विनाश”

काशी से बागेश्वर बाबा का विश्व को संदेश : “प्रेम से प्रकाश, युद्ध से विनाश” 

अस्सी घाट पर गंगा पूजन, मछली बंदर मठ में संतों से लिया आशीर्वाद

मां के साथ विश्वनाथ धाम में दर्शन कर बोलेसनातन संस्कृति ही दिखा सकती है दुनिया को शांति का मार्ग

सुरेश गांधी

वाराणसी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे और काशी की धरती से विश्व शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव की स्थिति है, लेकिन भारत में शांति का वातावरण है। इसका मूल कारण भारत की सनातन संस्कृति, संत परंपरा और राष्ट्र की एकात्म सोच है। उन्होंने कहा, “प्रेम से प्रकाश होगा और युद्ध से विनाश होगा।यदि दुनिया को स्थायी शांति का रास्ता चाहिए तो उसे भारत और सनातन संस्कृति के विचारों से सीख लेनी होगी।

काशी पहुंचने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सबसे पहले अस्सी क्षेत्र स्थित मछली बंदर मठ पहुंचे, जहां उन्होंने मठ के पीठाधीश्वर से आशीर्वाद लिया। उनके आगमन पर संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।हर-हर महादेव’, ‘जय श्रीरामऔरजय हनुमानके जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बागेश्वर बाबा ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

इसके बाद वे अस्सी घाट पहुंचे और गंगा तट पर विधि-विधान से गंगा पूजन किया। घाट पर भी उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भक्तों के उत्साह के बीच उन्होंने अनुयायियों से बातचीत की और सनातन संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देशों में युद्ध चल रहे हैं, लेकिन भारत आज भी शांति का संदेश देने वाला देश है। इसके पीछे भारतीय सेना की रणनीति, राष्ट्रीय एकजुटता और सनातन संस्कृति की मूल भावना का बड़ा योगदान है।

इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी मां के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सनातन की विचारधारा में वह शक्ति है जो पूरे विश्व में शांति और संतुलन स्थापित कर सकती है। इस दौरान उन्होंने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया और कहा कि संत समाज सदैव धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट रहता है।

महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ धाम में मातृशक्ति के लिए विशेष दर्शन

मातृशक्ति को समर्पित होगा बाबा विश्वनाथ का दरबार

महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ धाम

में मातृशक्ति के लिए विशेष दर्शन 

देशभर से आने वाली महिलाओं को 4-बी गेट से निःशुल्क प्रवेश, गोद में बच्चों वाली महिलाओं को प्राथमिकता

काशीवासियों के लिए निर्धारित समय यथावत

सुरेश गांधी

वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाबा की नगरी काशी में मातृशक्ति के सम्मान का विशेष आयोजन किया गया है। 8 मार्च 2026 को श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाली सभी महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की घोषणा की गई है। इस दिन महिलाओं को द्वार संख्या 4-बी से निःशुल्क प्रवेश देकर भगवान श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन कराए जाएंगे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था केवल काशी की महिलाओं तक सीमित नहीं होगी, बल्कि बाहर से आने वाली महिला श्रद्धालुओं को भी समान रूप से इसका लाभ मिलेगा। विशेष रूप से गोद में छोटे बच्चों को लिए हुए महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा हो। इसके लिए किसी प्रकार का टिकट या शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिदिन की तरह प्रातः 4:00 से 5:00 बजे तथा सायं 4:00 से 5:00 बजे तक का समय काशीवासियों के लिए आरक्षित रहेगा और इस अवधि में पूर्ववत विशेष दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त शेष समय में सभी महिलाओं को द्वार संख्या 4-बी से प्रवेश कराकर दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति को नमन करते हुए कामना की है कि भगवान विश्वनाथ की कृपा और मातृशक्ति का आशीर्वाद संपूर्ण मानवता पर बना रहे तथा सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल का प्रकाश फैलता रहे। 

महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत : केशव प्रसाद मौर्य

महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत : केशव प्रसाद मौर्य 

विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीण योजनाओं में तेजी और गुणवत्ता पर जोर

सुरेश गांधी

वाराणसी. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं में गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केसबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासके संकल्प को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने पर बल दिया।

बैठक में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा मेंलखपति दीदीयोजना के लक्ष्य को वर्ष में एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में लगभग 1.48 लाख स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित कर पात्र दिव्यांग एवं विधवा महिलाओं को आवास योजनाओं से जोड़ा जाए। इन कैंपों में मुख्य चिकित्साधिकारी की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि दिव्यांग लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन नियमानुसार हो सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनपद में बने बारात घरों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाए, जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें। साथ ही विवाह और सामाजिक आयोजनों के लिए उचित किराया निर्धारित कर उनका व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में बारात घर नहीं हैं, वहां उपयुक्त स्थल चिन्हित कर सीएसआर मद से निर्माण कराने की कार्रवाई करने को कहा गया।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में उपलब्ध बजट का पूर्ण और प्रभावी उपयोग किया जाए तथा सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि से प्राप्त प्रस्तावों को 45 दिनों के भीतर शुरू कराने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उपायुक्त स्वरोजगार एवं श्रम रोजगार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

काशी से बागेश्वर बाबा का विश्व को संदेश : “प्रेम से प्रकाश, युद्ध से विनाश”

काशी से बागेश्वर बाबा का विश्व को संदेश : “ प्रेम से प्रकाश , युद्ध से विनाश ”  अस्सी घाट पर गंगा पूजन , मछली बंदर मठ मे...