Tuesday, 9 June 2026

मोदी रचेंगे नया कीर्तिमान, देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड आज

मोदी रचेंगे नया कीर्तिमान, देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड आज 

12 वर्ष पूरे होने पर काशी में सेवा, स्वच्छता और दीपोत्सव के भव्य आयोजन

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी होंगे शामिल, अस्पतालों-वृद्धाश्रमों में चलेंगे जनसेवा कार्यक्रम

घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण व प्रसाद वितरण

सुरेश गांधी

वाराणसी. भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मंगलवार का दिन एक नए राजनीतिक अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी  लगातार सबसे लंबे समय तक पदभार संभालने वाले देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इस अवसर पर भाजपा ने इसे जनता के विश्वास, सुशासन और विकास की राजनीति की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए वाराणसी में सेवा, स्वच्छता और दीपोत्सव के व्यापक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज  चौधरी  भी कार्यक्रमों में भाग लेंगे। शाम छह बजे वे काशी  विश्वनाथ  धाम  में आयोजित दीपोत्सव और महाआरती में शामिल होंगे। भाजपा नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, किसान हित और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई मिली है। पार्टी कार्यकर्ता इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरे दिन सेवा और जनसंपर्क कार्यक्रम चलाएंगे।

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा प्रधानमंत्री के नए कीर्तिमान के अवसर पर मंगलवार को जिले और महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि सुबह छह बजे से प्रमुख घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके बाद विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कीर्तिमान जनविश्वास, विकास और सुशासन की राजनीति की विजय का प्रतीक है।

पूर्वाह्न 10 बजे से अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में सेवा कार्यक्रम चलेंगे। जरूरतमंदों को फल, दवाएं, वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की जाएगी। रोहनिया स्थित अपना घर आश्रम, जक्खिनी और चिरईगांव सीएचसी, रामनगर व दुर्गाकुंड वृद्धाश्रम, काशी अनाथालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल तथा चौकाघाट आयुर्वेद कॉलेज सहित कई संस्थानों में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

काशी में दिनभर ऐसे रहेंगे कार्यक्रम

सुबह 6 बजे : स्वच्छता अभियान व वृक्षारोपण

सुबह 8 बजे : मंदिरों में दर्शन-पूजन व प्रसाद वितरण

सुबह 10 बजे : अस्पतालों, वृद्धाश्रमों व अनाथालयों में सेवा कार्यक्रम

शाम 6 बजे : काशी विश्वनाथ धाम में दीपोत्सव व महाआरती

पूरे दिन : मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर जनसंपर्क अभियान

पत्नी की हत्या कर आंगन में दफनाया, छह साल बाद मिला इंसाफ, आजीवन कारावास की सजा 

संपत्ति विवाद में की थी निर्मम हत्या, शव पर नमक डालकर मिटाने की कोशिश की थी पहचान

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत वाराणसी पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई

सुरेश गांधी

वाराणसी। संपत्ति विवाद में पत्नी की हत्या कर उसके शव को घर के आंगन में दफनाने और साक्ष्य मिटाने के सनसनीखेज मामले में वाराणसी की अदालत ने अभियुक्त पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लगभग छह वर्ष पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय के फैसले को "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत वाराणसी पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-14, वाराणसी के न्यायाधीश अतुल चौधरी ने थाना लोहता में वर्ष 2020 में दर्ज हत्या के मामले में अभियुक्त राजेंद्र प्रसाद पुत्र स्व. नखड़ू राम निवासी भिटारी, थाना लोहता को दोषसिद्ध पाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 201 के तहत सजा सुनाई। न्यायालय ने धारा 302 आईपीसी के तहत अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा करने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। वहीं धारा 201 आईपीसी के तहत तीन वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पत्नी को मारकर आंगन में ही दफना दिया था

अभियोजन के अनुसार, वादी रामविलास हरिजन निवासी भिटारी ने थाना लोहता में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि 28 दिसंबर 2020 को वह और उसका भाई अमर अपने-अपने कार्य पर गए थे। दोपहर में घर लौटने पर उनकी मां आशा देवी घर पर नहीं मिलीं। पूछने पर पिता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वह सुनार की दुकान पर गई हैं और जल्द लौट आएंगी। शाम तक मां के वापस आने पर दोनों पुत्रों को संदेह हुआ। इस दौरान उन्होंने देखा कि उनके पिता आंगन में फरसे से मिट्टी समतल कर रहे थे। जब दोनों भाइयों ने कमरे के भीतर जाकर देखा तो वहां खून के छींटे पड़े थे। संदेह गहराने पर उन्होंने उस स्थान की खुदाई की, जहां मिट्टी समतल की जा रही थी। खुदाई में उनकी मां आशा देवी का शव बरामद हुआ, जिसे हत्या के बाद जमीन में दफना दिया गया था। शव को जल्द गलाने के उद्देश्य से उसके ऊपर नमक भी डाला गया था। अभियोजन के मुताबिक, पुत्रों के पूछने पर राजेंद्र प्रसाद ने स्वयं स्वीकार किया था कि वह पत्नी से संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने उसकी हत्या कर शव को आंगन में दफना दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया था।

तीन दिन बाद हुई गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलने पर थाना लोहता पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सफलता

प्रदेश सरकार द्वारा संचालित "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के अंतर्गत पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस लगातार गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग कर रही है। इसी क्रम में इस मामले की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। अभियोजन की ओर से रोहित मौर्य (एडीजीसी क्रिमिनल) तथा अधिवक्ता सुधांशु गुप्ता ने न्यायालय में सशक्त पक्ष रखा। वहीं विवेचना एवं साक्ष्य संकलन में पुलिस अधिकारियों और अभियोजन टीम की समन्वित भूमिका रही, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने अभियुक्त को कठोर दंड सुनाया।

फैसले की प्रमुख बातें

वर्ष 2020 में थाना लोहता क्षेत्र में हुई थी वारदात।

संपत्ति विवाद को लेकर पत्नी आशा देवी की हत्या।

शव को घर के आंगन में दफनाकर ऊपर डाला गया था नमक।

दोनों पुत्रों ने खुदाई कर बरामद किया था मां का शव।

पुलिस ने तीन दिन बाद आरोपी पति को किया था गिरफ्तार।

न्यायालय में 10 गवाहों के बयान हुए दर्ज।

धारा 302 में आजीवन कारावास 50 हजार रुपये जुर्माना।

धारा 201 में तीन वर्ष कारावास 20 हजार रुपये जुर्माना।

"ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता।

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