‘एक देश-एक पत्रकार पहचान’ का मुद्दा भी मुख्यमंत्री तक पहुँचा
स्वास्थ्य सुरक्षा
संबंधी
मांगों
पर
सकारात्मक
कार्रवाई
का
आश्वासन
लखनऊ। काशी के पत्रकारों
की स्वास्थ्य सुरक्षा, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, आवासीय सुविधा तथा पत्रकार सुरक्षा
तंत्र जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों
को लेकर बुधवार को
पत्रकार सुरेश गांधी ने प्रदेश के
स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क
मंत्री रविंद्र जायसवाल के साथ मुख्यमंत्री
से मुलाकात कर विस्तृत मांग
पत्र सौंपा। इस अवसर पर
पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह तथा पूर्व
विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद
रहे।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए
ज्ञापन में वाराणसी के
पत्रकारों को आयुष्मान भारत
योजना का लाभ दिलाने,
विशेष पत्रकार स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड योजना लागू करने, वरिष्ठ
पत्रकारों के लिए सम्मानजनक
पेंशन योजना प्रारंभ करने तथा पत्रकारों
की सुरक्षा के लिए प्रभावी
तंत्र विकसित करने की मांग
प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अतिरिक्त पत्रकार आवास योजना को
प्राथमिकता से लागू करने
और पत्रकारिता की ऐतिहासिक धरोहरों
के संरक्षण का मुद्दा भी
रखा गया।
बातचीत के दौरान स्वास्थ्य
सुरक्षा और पत्रकार कल्याण
से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से
आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
स्टाम्प मंत्री रविंद्र जायसवाल ने पत्रकारों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज लोकतंत्र की महत्वपूर्ण शक्ति है और उसकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई तथा यथासंभव शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।पत्रकार सुरेश गांधी ने कहा कि बड़ी संख्या में पत्रकार स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा विषय बताते हुए पत्रकारों के लिए स्थायी सुरक्षा कवच की आवश्यकता पर बल दिया।
काशी के पत्रकार समाज ने मुख्यमंत्री के आश्वासन को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उम्मीद जताई है कि स्वास्थ्य सुरक्षा, पेंशन और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं से संबंधित मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा।
काशी के पत्रकारों के लिए बड़ी पहल
देने
एक सप्ताह में आयुष्मान कार्ड का आश्वासन
लोकभवन में
सूचना
निदेशक
से
मिले
पत्रकार
प्रतिनिधि;
“एक
देश–एक
पत्रकार
पहचान
पत्र”
को
बताया
सही
कदम,
मुख्यमंत्री
से
हुई
मुलाकात
का
भी
हुआ
जिक्र
इस दौरान
पत्रकारों के लिए आयुष्मान
कार्ड, चिकित्सा सहायता, कल्याण योजनाओं तथा “एक देश–एक पत्रकार पहचान
पत्र” जैसे राष्ट्रीय स्तर
के प्रस्ताव पर विस्तार से
चर्चा की गई।
सुरेश गांधी ने कहा कि ने काशी सहित प्रदेश के अनेक पत्रकार आज भी स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रभावी दायरे से बाहर हैं।
फील्ड
में लगातार सक्रिय रहने वाले पत्रकार
दुर्घटना, बीमारी और आकस्मिक परिस्थितियों
का जोखिम उठाते हैं, लेकिन उनके
लिए समुचित स्वास्थ्य संरक्षण की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
इस पर सूचना निदेशक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि काशी के पात्र पत्रकारों को एक सप्ताह के भीतर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
इस दौरान पत्रकार कल्याण कोष की प्रभावी क्रियान्विति, आकस्मिक चिकित्सा सहायता, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधा, पत्रकार परिवारों की सुरक्षा ल, पेंशन और सूचना विभाग के साथ बेहतर समन्वय जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए गए।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पत्रकारों के लिए एक स्थायी स्वास्थ्य सहायता तंत्र विकसित किया जाए, ताकि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।







