Tuesday, 21 April 2026

कैंट स्टेशन पर 16 लाख कैश बरामद, छोटे नोटों का ‘खजाना’ देख दंग रह गई पुलिस

कैंट स्टेशन पर 16 लाख कैश बरामद, छोटे नोटों काखजानादेख दंग रह गई पुलिस 

जीआरपी की चेकिंग में पकड़ा गया कॉस्मेटिक कारोबारी, 10 से 200 रुपये तक के नोटों से भरे थे बैग

सुरेश गांधी

वाराणसी। शहर के व्यस्ततम वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जीआरपी की नियमित चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास से करीब 16 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। खास बात यह रही कि पूरी रकम छोटे नोटों—10, 20, 50, 100 और 200 रुपयेमें थी, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए।

जानकारी के अनुसार, जीआरपी टीम प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसके सामानसूटकेस, बैग और एक बोरेकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस के होश उड़ गए। तीनों बैगों में ठूंस-ठूंसकर भरे छोटे नोटों की गड्डियां मिलीं, जिनकी कुल राशि लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई। इतनी बड़ी रकम छोटे नोटों में मिलने से मामला और भी संदिग्ध हो गया। वाराणसी कैंट स्टेशन पर बरामद यह बड़ी नकदी केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा मामला बन गई है, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रही है कि आखिर इतनी भारी रकम छोटे नोटों में क्यों और किस मकसद से ले जाई जा रही थी। आने वाली जांच में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। 

कारोबारी निकला यात्री

प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि पकड़ा गया व्यक्ति कॉस्मेटिक का कारोबारी है। उसने दावा किया कि यह रकम उसके व्यापार से जुड़ी है, लेकिन वह इसके संबंध में कोई ठोस दस्तावेज या संतोषजनक विवरण नहीं दे सका।

जांच एजेंसियां सतर्क

जीआरपी ने तत्काल नकदी को कब्जे में लेकर मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी है। अब यह जांच की जा रही है कि यह पैसा किसी टैक्स चोरी, अवैध लेनदेन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा तो नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर पूछताछ कर रही है। नकदी की गिनती और स्रोत की जांच जारी है। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

सीएम योगी ने पीएम के सभास्थल बीएलडब्ल्यू में तैयारियों का जाना हाल

सीएम योगी ने पीएम के सभास्थल बीएलडब्ल्यू में तैयारियों का जाना हाल

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; बच्चियों से आत्मीय संवाद ने छुआ दिल

योगी ने विश्वनाथ धाम व कालभैरव के चरणों में नमन

पीएम कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में

सुरेश गांधी

वाराणसी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को काशी दौरा आस्था, प्रशासनिक सख्ती और मानवीय संवेदनाओं का संगम बन गया। 

दो दिवसीय प्रवास के तहत वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सर्किट हाउस में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। 

बैठक में सुरक्षा, यातायात, जनसुविधाओं और कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। 

समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सीधे काशी की आध्यात्मिक धुरी की ओर बढ़े और श्री कालभैरव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर बाबा कालभैरव का आशीर्वाद लिया। 

इसके पश्चात उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाया। काशी की परंपरा के अनुसार यह दर्शन-पूजन उनके दौरे का आध्यात्मिक केंद्र रहा।

दर्शन के बाद मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री का एक बेहद मानवीय और आत्मीय रूप देखने को मिला। 

माला-फूल की दुकान पर बैठी एक छोटी बच्ची को देखकर वे ठहर गए और उसे स्नेहपूर्वक दुलारने लगे। इस दृश्य को देखकर उसकी बड़ी बहन भी उत्सुकता से आगे आ गई। 

मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चियों से बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें मन लगाकर पढ़ने का आशीर्वाद दिया। 

साथ ही उन्होंने परिजनों से भी संवाद कर उनका हालचाल जाना। यह क्षण वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) पहुंचकर प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। 

उन्होंने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओंकृसुरक्षा, मंच, आगंतुक प्रबंधन और यातायात नियंत्रणकृको बारीकी से परखा और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। 

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियां समयबद्ध और उच्च स्तर की होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। इनमें श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन पियूष मोर्डिया, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें काशी की आस्था, परंपरा और जनसरोकारों की झलक भी स्पष्ट दिखाई दी। एक ओर जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर पूरी प्रशासनिक मशीनरी को सतर्क और सक्रिय किया, वहीं दूसरी ओर आम जन, खासकर मासूम बच्चों से उनका सहज संवाद इस दौरे को विशेष बना गया।

ज्ञान, भक्ति और अद्वैत की अनुगूंज : काशी में शंकर की जयंती पर गूंजे वेदांत के स्वर

ज्ञान, भक्ति और अद्वैत की अनुगूंज : काशी में शंकर की जयंती पर गूंजे वेदांत के स्वर 

श्री काशी विश्वनाथ धाम में विद्यार्थियों ने स्तोत्र-पाठ से रचा आध्यात्मिक वातावरण

सुरेश गांधी

वाराणसी. वाराणसी की पावन धरा, जहां हर श्वास में शिवत्व का स्पंदन है, वहीं आज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर एक बार फिर अद्वैत वेदांत की दिव्य ज्योति से आलोकित हो उठा। अवसर था जगद्गुरु आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती काएक ऐसा क्षण, जब ज्ञान, भक्ति और साधना एक साथ सजीव हो उठे। मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने केवल एक धार्मिक अनुष्ठान का रूप नहीं लिया, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की गहराइयों को अनुभव कराने वाला आध्यात्मिक उत्सव बन गया। प्रो. सिद्धिदात्री जी के मार्गदर्शन में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जब शंकराचार्य जी की प्रतिमा के समक्ष आसन ग्रहण किया, तो वह दृश्य मानो समय के प्रवाह को थाम लेने जैसा थाजहां गुरु और शिष्य परंपरा पुनः साकार हो रही थी।

कार्यक्रम का शुभारंभगणेश पंचरत्नम्के मधुर और शास्त्रीय उच्चारण से हुआ। इसके पश्चात अन्नपूर्णा स्तोत्रम्, शिव मानस पूजन, वेद शरणम् शिव स्तुति, भवान्यष्टकम्, निर्वाणषट्कम् तथा दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम् का क्रमबद्ध पाठ किया गया। हर श्लोक के साथ वातावरण में एक अलग ही कंपन उत्पन्न होता गयामानो काशी की वायु स्वयं वेदों की ध्वनि को अपने भीतर समेट रही हो। विद्यार्थियों की एकाग्रता और भावनात्मक समर्पण ने इस आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की। उनके स्वर केवल शब्द नहीं थे, बल्कि साधना की वह धारा थे, जो श्रोताओं के अंतर्मन तक पहुंचकर उन्हें आत्मचिंतन के लिए प्रेरित कर रही थी। उपस्थित श्रद्धालु भी इस दिव्य वातावरण में डूबते चले गए और स्वतः ही उनके मन में श्रद्धा और शांति का संचार होता रहा।

यह आयोजन केवल एक स्मरण नहीं था, बल्कि उस अद्वैत दर्शन की पुनर्प्रतिष्ठा भी था, जिसे शंकराचार्य जी ने पूरे भारत में स्थापित किया। उनका संदेश—“ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या”—आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना शताब्दियों पूर्व था। मंदिर प्रशासन ने इस अवसर को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक चेतना के प्रति जागरूक भी बनाते हैं। काशी में आज का यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस सनातन परंपरा की पुनः पुष्टि था, जो समय की सीमाओं से परे हैजहां ज्ञान ही पूजा है और साधना ही जीवन का सार।

योगी ने अफसरों को दिया सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक ‘जीरो एरर’ का मंत्र

योगी ने अफसरों को दिया सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तकजीरो एररका मंत्र

महिला सम्मेलन से लेकर शहर की सफाई तक हर मोर्चे पर परफेक्ट हो तैयारी, जुलाई तक बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

सुरेश गांधी

वाराणसी। काशी में प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। तैयारियों को लेकर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभालते हुए साफ कर दिया है कि इस बार कोई चूक बर्दाश्त नहीं होगी। दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों कोजीरो एररके मंत्र के साथ काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर स्तर पर चाक-चौबंद इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने रूट डायवर्जन की ऐसी प्रभावी योजना बनाने को कहा, जिससे आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो और वीवीआईपी मूवमेंट भी सुचारु बना रहे। साफ शब्दों में निर्देश दिया गया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई हो।

महिला सम्मेलन पर विशेष फोकस

सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान प्रस्तावित महिला सम्मेलन को लेकर विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिया कि सम्मेलन में आने वाली महिलाओं के आवागमन, बैठने, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी है, इसलिए इसकी भव्यता और सुव्यवस्था दोनों सुनिश्चित होनी चाहिए।

शहर की सफाई और व्यवस्था पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने काशी की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पूरे शहर में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी गंदगी की तस्वीर सामने नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं और स्ट्रीट डॉग्स को आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया। स्ट्रीट वेंडरों के व्यवस्थित संचालन पर भी जोर देते हुए कहा कि यातायात और सौंदर्य दोनों प्रभावित हों।

विकास परियोजनाओं की समीक्षा, काम में तेजी के निर्देश

बैठक में प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के दौरान लोकार्पण और शिलान्यास होने वाली परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रोप-वे परियोजना की गति पर संतोष जताते हुए इसे और तेज करने के निर्देश दिए। गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्टेडियम का निर्माण कार्य जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अलावा मणिकर्णिका घाट और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को भी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा करने का निर्देश दिया गया।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी

इस अहम बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी तैयारियों पर अपने सुझाव दिए। वहीं मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी समेत सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंप दी गई है। प्रधानमंत्री के संभावित वाराणसी दौरे को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों ने यह साफ कर दिया है कि काशी में इस बार सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की एक नई मिसाल पेश करने की तैयारी है।

कैंट स्टेशन पर 16 लाख कैश बरामद, छोटे नोटों का ‘खजाना’ देख दंग रह गई पुलिस

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