28 को काशी में ‘विकास पर्व’, पीएम मोदी का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित
7000 करोड़ की सौगात, सिग्नेचर
ब्रिज
लोकार्पण
से
लाट
भैरव
सेतु
शिलान्यास
तक,
प्रशासन
हाई
अलर्ट
महिला सशक्तिकरण
पर
बड़ा
संदेश,
जनसभा
की
भव्य
तैयारी
सुरेश गांधी
वाराणसी। देश के प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी एक बार
फिर अपने संसदीय क्षेत्र
काशी को विकास की
नई ऊंचाइयों पर ले जाने
के लिए तैयार हैं।
28 से 29 अप्रैल तक प्रस्तावित दो
दिवसीय दौरे को लेकर
जिला प्रशासन से लेकर केंद्र
और राज्य की एजेंसियां पूरी
तरह सक्रिय हो गई हैं।
हालांकि कार्यक्रम की अंतिम तिथि
का औपचारिक ऐलान अभी शेष
है, लेकिन तैयारियों की रफ्तार इस
बात का संकेत दे
रही है कि काशी
में जल्द ही एक
बड़ा राजनीतिक और विकासात्मक आयोजन
होने जा रहा है।
बता दें, संभावित
इस दौरे को “विकास
पर्व” के रूप में
तैयार किया जा रहा
है, जिसमें करीब 7000 करोड़ की 100 से
अधिक परियोजनाओं का लोकार्पण और
शिलान्यास प्रस्तावित है। भाजपा संगठन
और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम
की टाइमिंग पश्चिम बंगाल चुनाव के प्रचार थमने
और मतगणना के बीच तय
किए जाने की रणनीति
पर काम चल रहा
है।
सिग्नेचर ब्रिज से लाट भैरव सेतु तक, इन्फ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार
इस दौरे की
सबसे बड़ी झलक काशी
के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव
होगी, सिग्नेचर ब्रिज का लोकार्पण, बाबा
लाट भैरव सेतु का
शिलान्यास, सड़क, रेल और
खेल से जुड़ी परियोजनाओं
का विस्तार, गंगा पार रामनगर
क्षेत्र में सेंटर ऑफ
एक्सीलेंस सहित कई योजनाएं
भी प्रस्तावित हैं, जो काशी
को आधुनिकता और परंपरा के
संगम के रूप में
स्थापित करेंगी.
अमृत 2.0 से बदलेगी पानी की तस्वीर
अमृत 2.0 के तहत पेयजल
व्यवस्था को मजबूत करने
के लिए बड़े पैमाने
पर काम प्रस्तावित है,
814 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं
का शिलान्यास, वरुणा पार, रामनगर, सूजाबाद
सहित 18 वार्डों में विस्तार, 651 किमी
नई पाइपलाइन बिछेगी. करीब 3 लाख लोगों को
सीधा लाभ, 67,886 घरों को शुद्ध
जल आपूर्ति से जोड़ा जाएगा,
इसके अलावा 98 करोड़ की लागत
से नगर निगम के
नए सदन भवन का
शिलान्यास भी कार्यक्रम का
हिस्सा होगा।
बरेका में ठहराव, जनसभा से राजनीतिक संदेश
दौरे के दौरान
प्रधानमंत्री का ठहराव बरेका
में प्रस्तावित है। यहीं से
कार्यक्रमों का संचालन होगा।
इस दौरान एक भव्य जनसभा
की भी तैयारी, पूर्वांचल
को साधने और विकास एजेंडा
को धार देने की
रणनीति, संगठन और प्रशासन के
बीच समन्वय तेज हो गया
है.
बाबा विश्वनाथ और कालभैरव दर्शन
अपने पारंपरिक काशी
दौरे की तरह प्रधानमंत्री
काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव
मंदिर में दर्शन-पूजन
भी करेंगे। इससे विकास और
आस्था, दोनों संदेश एक साथ जाएंगे।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर
प्रस्तावित दौरे को लेकर
सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर तैयार
की जा रही है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र
कुमार ने बरेका से
लेकर सड़क मार्ग की
स्थिति कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण,
प्रवेश/निकास द्वारों की व्यवस्था, भीड़
नियंत्रण और बैरिकेडिंग, हेलीपैड,
वीवीआईपी एंट्री और ड्रॉपिंग जोन,
पार्किंग और आपातकालीन मार्ग,
सभी पहलुओं पर अपनी पैनी
निगाह लगाएं हुए है. संवेदनशील
स्थानों पर सीसीटीवी कवरेज
बढ़ाने और सुरक्षा बलों
की तैनाती के निर्देश दिए
गए हैं। यातायात व्यवस्था
के लिए शहर में
व्यापक डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा,
ताकि आम जनजीवन प्रभावित
न हो और वीवीआईपी
मूवमेंट निर्बाध रहे।
राजनीतिक टाइमिंग और रणनीति
यह दौरा केवल
विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं
है, बल्कि इसकी राजनीतिक टाइमिंग
भी अहम मानी जा
रही है, बंगाल चुनाव
प्रचार के बाद काशी
से संदेश. मतगणना के बीच राष्ट्रीय
फोकस को साधने की
कोशिश, “काशी मॉडल” को
फिर राष्ट्रीय विमर्श में लाने की
रणनीति. मतलब साफ है
काशी एक बार फिर
इतिहास रचने को तैयार
है। 7000 करोड़ की परियोजनाएं,
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था और आस्था के
केंद्रों से जुड़ा यह
दौरा काशी को नए
युग में ले जाने
का संकेत देता है। विकास,
राजनीति और आध्यात्मिकता, तीनों
के संगम से यह
दौरा न केवल वाराणसी,
बल्कि पूरे देश के
लिए एक बड़ा संदेश
साबित हो सकता है।

