Thursday, 5 February 2026

काशी में ‘वोट जिहाद’ का सनसनीखेज खुलासा!

प्रधानमंत्री के क्षेत्र में लोकतंत्र पर हमला

काशी मेंवोट जिहादका सनसनीखेज खुलासा!

451 बूथों की जांच में 9000 डुप्लीकेट नाम मिलने का दावा

मंत्री रविंद्र जायसवाल बोले, लोकतंत्र को हाईजैक करने की रची गई साजिश

सुरेश गांधी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में मतदाता सूची को लेकर बड़ा सियासी विस्फोट हुआ है। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में कराए गए मतदाता सूची के गहन परीक्षण में करीब 9000 मतदाताओं के नाम एक से अधिक बूथों पर दर्ज पाए जाने का सनसनीखेज दावा सामने आया है। इस मामले को लेकर स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री तथा वाराणसी उत्तरी विधानसभा के पूर्व विधायक रविंद्र जायसवाल ने सीधे तौर पर इसेवोट जिहादकी संगठित साजिश करार देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री ने गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार को संदिग्ध मतदाताओं की सूची सौंपते हुए आधार आधारित सत्यापन और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।

451 बूथों की जांच में खुली गड़बड़ियों की परतें

5 फरवरी को शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के 388 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 451 बूथों पर मतदाता सूची के स्वतः परीक्षण के दौरान यह मामला सामने आने का दावा किया गया। जांच में कथित तौर पर हजारों ऐसे मतदाताओं के नाम सामने आए, जो दो से पांच अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए गए। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें विवाह के वर्षों बाद भी महिलाओं का नाम मायके और ससुराल दोनों स्थानों पर वोटर सूची में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं 30 से 40 वर्ष की आयु पार कर चुकी हैं, लेकिन अभी भी पिता के नाम से मतदाता सूची में दर्ज हैं, जो गंभीर चुनावी अनियमितता की ओर संकेत करता है।

प्रधानमंत्री के क्षेत्र में लोकतंत्र पर हमला

सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री जायसवाल ने बेहद तीखे शब्दों में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में इस तरह की गड़बड़ी सामने आना लोकतंत्र को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश है। यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की खतरनाक कोशिश हो सकती है।उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) द्वारा फाइनल सूची जारी होने के बाद कराई गई विशेष जांच में यह कथित घोटाला सामने आया।

लाखों नाम हटने के बाद भी बच गए हजारों संदिग्ध वोटर

गौरतलब है कि वाराणसी जिले में विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई थी, जिसमें बड़े स्तर पर नाम हटाए गए थे। इस अभियान में जिले में 5.73 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिनमें मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल बताए गए थे। सबसे ज्यादा प्रभाव वाराणसी उत्तरी और कैंट विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां क्रमशः 1.11 लाख और 1.12 लाख नाम काटे गए थे। कुल मिलाकर जिले में पहले मौजूद 31.53 लाख मतदाताओं में से 18 प्रतिशत से अधिक नाम हटाए गए थे। इसके बावजूद अब 9000 नए संदिग्ध मतदाताओं के सामने आने के दावे ने चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

आधार सत्यापन से होगीफर्जी वोटिंगपर चोट!

मंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि सभी संदिग्ध नामों का आधार कार्ड से लिंक कर सत्यापन कराया जाए और यदि किसी प्रकार की धांधली सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा किमतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ होती है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पूरे चुनावी तंत्र को प्रभावित कर सकती है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

सियासत गरमाने के संकेत, चुनावी पारदर्शिता पर उठे सवाल

काशी जैसे राष्ट्रीय महत्व के संसदीय क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर उठे इस विवाद ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और चुनावी एजेंसियों की प्रतिक्रिया अब इस मुद्दे की दिशा तय करेगी, लेकिन इतना तय है कि इस खुलासे के बाद मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनावी शुचिता पर बहस तेज होना तय माना जा रहा है। अब सबकी नजर जिला निर्वाचन प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला केवल काशी ही नहीं बल्कि पूरे चुनावी सिस्टम की पारदर्शिता से जुड़ा माना जा रहा है।


शिवमय होगी काशी, विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि की दिव्य तैयारियां पूर्ण

मंगला से चतुर्थ प्रहर तक चलेगी आराधना, मोबाइल बैग सहित कई वस्तुएँ रहेंगी निषिद्ध

शिवमय होगी काशी, विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि की दिव्य तैयारियां पूर्ण 

14 से 17 फरवरी तक केवल झांकी दर्शन की व्यवस्था, प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ प्रवेश नहीं

आरतियों की विशेष समय-सारिणी जारी, बाबा दरबार में महाभक्ति की रात, चार प्रहर की आरतियों से गूंजेगी काशी

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुगम दर्शन हेतु विशेष व्यवस्था

पारंपरिक विधि से होंगी आरतियां, श्रद्धालुओं से नियम पालन की अपील

शंखनाद से गूंजेगा, पूरी रात चलेगी झांकी दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू

सुरेश गांधी

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का पावन पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आस्था, आध्यात्मिकता और सनातन परंपरा का विराट उत्सव बनकर सामने आता है। विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सके। इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ की आरतियाँ पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न होंगी, जिनकी समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। मतलब साफ है महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर काशी एक बार फिर शिवमय होने को तैयार है, जहाँ हर हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली अपार श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 14 फरवरी से 17 फरवरी तक धाम परिसर में किसी भी प्रकार का वीआईपी दर्शन नहीं कराया जाएगा। इसके साथ ही बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालुओं को केवल झांकी दर्शन की ही सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर प्रशासन का मानना है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। ऐसे में सभी भक्तों को समान रूप से सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मंगला आरती से होगा शिव जागरण का शुभारंभ

महाशिवरात्रि के पावन दिन की शुरुआत प्रातःकालीन मंगला आरती से होगी। इसके अंतर्गत प्रातः 0215 बजे बाबा का पूजन आरम्भ होगा और 0315 बजे मंगला आरती संपन्न होगी। इसके पश्चात 0330 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिया जाएगा। मान्यता है कि मंगला आरती के समय बाबा विश्वनाथ के दर्शन से जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

मध्याह्न भोग आरती : भक्त और भगवान का मधुर मिलन

मध्याह्न भोग आरती का आयोजन प्रातः 1140 बजे से प्रारम्भ होकर 1220 बजे तक सम्पन्न होगा। इस दौरान बाबा को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा, जो सनातन परंपरा में पालन और पोषण के प्रतीक स्वरूप माना जाता है।

चारों प्रहर की आरतियाँ : शिव तत्व की दिव्य अनुभूति

महाशिवरात्रि की विशेषता चारों प्रहर में होने वाली आरतियाँ हैं, जो पूरी रात्रि शिवमय वातावरण का निर्माण करती हैं।

प्रथम प्रहर आरती : रात्रि 0930 बजे शंखनाद के साथ पूजा की तैयारी आरम्भ होगी। 1000 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 1230 बजे तक चलेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को झाँकी दर्शन का लाभ निरंतर मिलता रहेगा।

द्वितीय प्रहर आरती : रात्रि 0130 बजे से 0230 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें भक्तों को सतत झाँकी दर्शन का अवसर मिलेगा।

तृतीय प्रहर आरती : प्रातः 0330 बजे से 0430 बजे तक संपन्न होगी। यह समय शिव साधना के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।

चतुर्थ प्रहर आरती : प्रातः 0500 बजे से 0615 बजे तक आयोजित होगी, जो शिव आराधना की पूर्णता का प्रतीक मानी जाती है।

धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई वस्तुएँ प्रतिबंधित

महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेन, मोबाइल फोन, बैग, डिजिटल या स्मार्ट घड़ी, तम्बाकू, पॉलिथीन, प्लास्टिक की पानी की बोतल सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परिसर में लाने की अनुमति नहीं होगी। इन वस्तुओं के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन एवं शांति बनाए रखें। महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि शिव तत्व से जुड़ने का आध्यात्मिक अवसर है। भक्तों के सहयोग से ही यह आयोजन भव्य, दिव्य और सफल बन सकेगा।

काशी में ‘वोट जिहाद’ का सनसनीखेज खुलासा!

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