Tuesday, 3 June 2025

बिजली निजीकरण के विरोध में तरना उपकेंद्र से जनजागरण की शुरुआत

बिजली निजीकरण के विरोध में तरना उपकेंद्र से जनजागरण की शुरुआत 

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दिया साथ, आज भिखारीपुर में होगा प्रदर्शन

सुरेश गांधी

वाराणसी. प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ़ चल रहे आंदोलन को सोमवार को एक नया आयाम मिला जब विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले तरना विद्युत उपकेंद्र पर जनजागरण अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान में बिजलीकर्मियों के साथ पार्षदों और ग्राम प्रधानों ने भी भागीदारी की और निजीकरण को “जनता के साथ छलावा” करार दिया। 

सभा को संबोधित करते हुए गणेशपुर के पार्षद संदीप जी ने कहा, “बिजली का निजीकरण न उपभोक्ताओं के हित में है और न ही कर्मचारियों के। हम सदन में इसका विरोध करेंगे और प्रस्ताव भी लाएंगे।“ भवानीपुर के पार्षद गोविंद प्रसाद पटेल ने कहा कि, “बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की रोज़ाना शिकायतें निजी कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं।“ चौमाई के ग्राम प्रधान मुकेश जी ने कहा कि वे अन्य ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे और जनता को जागरूक करेंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि मंगलवार (4 जून) को दोपहर 2 से 5 बजे तक भिखारीपुर में प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत बिजलीकर्मी और किसान संगठन संयुक्त रूप से प्रदर्शन करेंगे।

कर्मचारी संगठनों ने किया चेयरमैन के बयान का विरोध

संघर्ष समिति ने यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के इस बयान पर कि “सरकार की नीति कर्मचारी संगठन तय नहीं करेंगे“ पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समिति ने पलटवार करते हुए कहा कि “फिर कथित ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को भी नीति निर्धारण का अधिकार नहीं होना चाहिए।“ समिति ने आरोप लगाया कि नवंबर 2024 में लखनऊ में एक पांच सितारा होटल में हुई बैठक में निजीकरण का निर्णय गुपचुप तरीके से लिया गया, जिसमें डिस्कॉम एसोसिएशन नामक एक नया संगठन गठित किया गया। इसमें डॉ. आशीष गोयल महासचिव और रिलायंस पावर की ठैम्ै यमुना के ब्म्व् अमरदीप सिंह कोषाध्यक्ष बनाए गए। समिति ने इसे “कॉरपोरेट और सरकार के बीच मिलीभगत का परिणाम“ बताया।

लंबी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर सवाल

संघर्ष समिति ने कहा कि “घंटों चलने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अभियंताओं को मुख्य कार्य यानी बिजली आपूर्ति से दूर रखती है।“ उन्होंने चेयरमैन पर अभियंताओं को डांटने और अपमानित करने का आरोप भी लगाया। सभा में ई. नरेंद्र वर्मा, ई. सियाराम, ई. अभिजीत कुमार, ई. अखिलेश गुप्ता, अंकुर पांडेय, सौरभ श्रीवास्तव, मनोज यादव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

Monday, 2 June 2025

पत्रकारों ने सौंपा विश्वास, अरुण और चन्दन को मिली कमान

पत्रकारों ने सौंपा विश्वास, अरुण और चन्दन को मिली कमान 

संघ में अरुण अध्यक्ष, जितेन्द्र महामंत्री, जयप्रकाश कोषाध्यक्ष व क्लब में चन्दन अध्यक्ष, विनय मंत्री, संदीप निर्विरोध

सुरेश गांधी

वाराणसी. काशी पत्रकार संघ और वाराणसी प्रेस क्लब के द्विवार्षिक चुनाव (2025-2027) में सोमवार को पत्रकारों ने लोकतांत्रिक सहभागिता का शानदार उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व का फैसला सुनाया। संघ में अरुण मिश्र अध्यक्ष, जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव महामंत्री और जयप्रकाश श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं प्रेस क्लब में चन्दन रूपानी को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि विनय शंकर सिंह मंत्री चुने गए। क्लब के कोषाध्यक्ष पद पर संदीप गुप्ता निर्विरोध निर्वाचित हुए। 

संघ चुनाव : संतुलित मुकाबलों में अनुभव को मिली तरजीह

अध्यक्ष पद पर अरुण मिश्र ने 101 मत पाकर निकटतम प्रतिद्वंद्वी अत्रि भारद्वाज (81) को 20 मतों से पराजित किया। बी.बी. यादव को 52 और सुरेश चन्द्र मिश्र को 25 मत प्राप्त हुए। जबकि महामंत्री पद पर जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने 121 मत पाकर अखिलेश मिश्र (93) को हराया, वहीं रामात्मा श्रीवास्तव को 38 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर जयप्रकाश श्रीवास्तव ने 135 मत लेकर पंकज त्रिपाठी (117) को 18 मतों से शिकस्त दी।

अन्य विजयी प्रत्याशी : पत्रकार संघ 

उपाध्यक्ष (3 पद) : सुरेन्द्र नारायण तिवारी (119), सुनील शुक्ला (117), पुरुषोत्तम चतुर्वेदी (112). मंत्री (2 पद) : अश्वनी कुमार श्रीवास्तव (93), आलोक मालवीय (87). जबकि कार्यसमिति (10 पद) : कैलाश यादव, विनय कुमार सिंह, उमेश गुप्ता, सुरेश गांधी, विजय शंकर गुप्ता ‘बच्चा’, छवि किशोर मिश्र, राकेश सिंह, एमडी जावेद, अरुण कुमार सिंह व आनंद कुमार मौर्य निर्वाचित किए गए। 

प्रेस क्लब में चन्दन की शानदार

जीत, विनय की एकतरफा बढ़त

प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद पर चन्दन रूपानी ने 140 मतों से विजयी होकर सुशील कुमार मिश्र (76) को 64 मतों से हराया। उपाध्यक्ष पद पर देवकुमार केशरी ने 144 वोट पाकर राजू सिंह ‘दुआ’ (71) को हराया। मंत्री पद पर विनय शंकर सिंह को 158 और मुन्ना लाल साहनी को 53 वोट मिले। 
संयुक्त मंत्री पद पर अभिषेक सिंह ने 113 मतों से विजय प्राप्त की, जबकि अमित शर्मा को 49 और हरिबाबू श्रीवास्तव को 45 मत मिले। प्रबन्ध समिति के पाँचों पदों पर अरविन्द कुमार, दिनेश सिंह, मनोज कुमार राय, रौशन जायसवाल और संजय गुप्त निर्विरोध निर्वाचित हुए।

निर्वाचन रहा शांतिपूर्ण, सहयोगियों

का सराहनीय योगदान

पराड़कर स्मृति भवन में शांतिपूर्ण माहौल में हुई मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी कृष्णदेव नारायण राय ने विजेताओं की घोषणा की। सहयोगियों में शुभाकर दुबे, विकास पाठक, राजनाथ तिवारी, योगेश गुप्त, विश्वदीप बापुली व राजीव चौरसिया ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विजेताओं ने जताया आभार, कहा :

सदस्यों के विश्वास पर खरा उतरेंगे

अध्यक्ष बने अरुण मिश्र ने कहा, “यह जीत केवल मेरी नहीं, पूरे पत्रकार समुदाय की है। हम मिलकर संघ को और सशक्त बनाएंगे।“ महामंत्री जितेन्द्र कुमार ने कहा, “सभी मतदाताओं का आभार, आप सबके विश्वास को सेवा में बदलने का प्रयास रहेगा।“ कोषाध्यक्ष जयप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा, “लेखा-व्यवस्था में पारदर्शिता ही मेरी प्राथमिकता रहेगी।“ वहीं प्रेस क्लब अध्यक्ष चन्दन रूपानी ने कहा, “यह जीत मेरे लिए जिम्मेदारी है, क्लब को संवाद और सशक्त गतिविधियों का केंद्र बनाएंगे।“ मंत्री विनय शंकर सिंह ने कहा, “पत्रकारों की जरूरतों और हितों की रक्षा ही हमारा संकल्प है।“ निर्विरोध निर्वाचित कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता ने सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया।

संघ की गरिमा लौटाना और पत्रकारों को

सम्मान दिलाना होगी प्राथमिकता : मिश्रा

वाराणसी. वरिष्ठ पत्रकार अरुण मिश्रा को काशी पत्रकार संघ का नवनिर्वाचित अध्यक्ष बनते ही उन्होंने संगठन की मर्यादा और पत्रकारों की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि उनका पहला कार्य संघ की आंतरिक सफाई करना और असली व नकली पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए संघ में एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, पेंशन और आवास जैसी सुविधाओं को लेकर वे सरकार से संवाद करेंगे। उन्होंने गोरखपुर की तर्ज पर वाराणसी में भी पत्रकार आवास योजना लागू कराने की मांग को प्राथमिकता बताया। मिश्रा ने माना कि यह कार्य चुनौतीपूर्ण है, लेकिन संघ की गरिमा लौटाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संघ की नई टीम मिलकर पत्रकारों की समस्याओं का समाधान कराएगी और संगठन को एक नई दिशा देगी।

आपके विश्वास को सार्थक करना ही मेरा संकल्प है : सुरेश गांधी

कार्यकारिणा के लिए चुने गए सुरेश गांधी ने सभी पत्रकारों के स्नेह, विश्वास, समर्थन और आशीर्वाद का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, मैं काशी पत्रकार संघ के चुनाव में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में चुना गया हूँ। यह केवल मेरा नहीं, हम सभी पत्रकार साथियों की संघर्षशीलता, एकता और विचारधारा की जीत है। यह पद मेरे लिए गौरव की नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी की प्रतीक है। मैं आप सभी का हृदय से आभार प्रकट करता हूँ। आपके विश्वास को सार्थक करना ही मेरा संकल्प है। आइए, हम सब मिलकर पत्रकारिता के मान और सम्मान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। 



 

 

Sunday, 1 June 2025

90 फीसदी से अधिक मतदान, सभी पदों पर कांटे की टक्कर

90 फीसदी से अधिक मतदान, सभी पदों पर कांटे की टक्कर 

काशी पत्रकार संघ और प्रेस क्लब के चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न

अध्यक्ष-महामंत्री समेत सभी पदों पर कांटे की टक्कर, आज होगी मतगणना

परिणाम को लेकर प्रत्याशियों व समर्थकों में उत्सुकता चरम पर

सुरेश गांधी

वाराणसी. काशी पत्रकार संघ एवं उससे संबद्ध वाराणसी प्रेस क्लब के द्विवार्षिक चुनाव (2025 - 27) रविवार को पराड़कर स्मृति भवन के गर्दे सभागार में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चले मतदान में पत्रकारों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। कुल 286 मतदाताओं वाले काशी पत्रकार संघ में 258 पत्रकारों ने मतदान किया, जो 90.21 प्रतिशत की उल्लेखनीय भागीदारी को दर्शाता है। वहीं प्रेस क्लब के 235 सदस्यों में से 220 पत्रकारों ने वोट डाले, जिससे 93.62 प्रतिशत मतदान दर दर्ज की गई। मतपेटियों को सील कर सुरक्षित रखा गया है।

अध्यक्ष, महामंत्री समेत सभी प्रमुख पदों पर इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा रहा। वरिष्ठ और युवा पत्रकारों के बीच सीधी टक्कर ने चुनावी माहौल को गरमा दिया। दोनों संगठनों में प्रभावशाली प्रत्याशी मैदान में होने से सदस्यों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निर्वाचन अधिकारी कृष्णदेव नारायण राय की देखरेख में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित रही। पराड़कर भवन परिसर में दिनभर चुनावी सरगर्मियां बनी रहीं। समर्थकों में हलचल, गुप्त रणनीतियां और चेहरे के भाव साफ बता रहे थे कि हर मत महत्वपूर्ण है।

मतगणना सोमवार, 2 जून को पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी, जिसके तुरंत बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी। प्रत्याशियों, समर्थकों और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों की नजरें अब मतपेटियों पर टिकी हैं। समर्थकों का कहना है कि यह चुनाव न केवल नेतृत्व बदलने जा रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों की पत्रकारिता की दिशा और दशा तय करने वाला साबित होगा। इधर, पूरे दिन पराड़कर भवन परिसर में चुनावी माहौल बना रहा। अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष से लेकर कार्यकारिणी तक सभी पदों पर इस बार कड़ा मुकाबला देखा गया। वरिष्ठ पत्रकारों के साथ युवा चेहरों ने भी दमखम के साथ अपनी दावेदारी पेश की, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया।

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