Wednesday, 1 February 2023

19 जोड़ों की हुई शादी, सभी को उपहार एवं आर्शिवाद दिए गए

19 जोड़ों की हुई शादी, सभी को उपहार एवं आर्शिवाद दिए गए

समाज की फिजूलखर्ची को रोकने के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन जरुरी : मनोज जायसवाल

परिचय सम्मेलन से एक ही मंच पर होता है दो अलग-अलग परिवारों का सामजंस्य

जायसवाल समाज का युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं सामूहिक विवाह

सुरेश गांधी

वाराणसी। जायसवाल क्लब के तत्वावधान में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 19 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। सभी जोड़ों का हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम कराया गया। साथ ही नव दंपत्तियों को घरेलू सामान भेंट किये गए। इसके साथ ही प्रत्येक नवविवाहित दंपत्ति को उपहार एवं आर्शिवाद भी दिए गए।

समारोह में जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि समाज के लिए गर्व की बात है कि समारोह के संयोजक एवं नागपुर के उद्यमी समाजसेवी दीपक जायसवाल के सानिध्य में 19 निर्धन परिवार की कन्याओं के हाथ पीले हो रहे हैं। यह आयोजन जरुरतमंद मां-बाप के लिए वरदान साबित हो रही है। उनका प्रयास है कि समाज के असहाय जरुरतमंद किसी भी तरह की मदद से ना रहे। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की जरुरत को महसूस करते हुए विवाह समारोह का आयोजन किया गया है।

समारोह में समाज के 21 वर्ष का युवक तथा 18 वर्ष की युवती का सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिचय करवाते हुए मनोज जायसवाल ने कहा कि समाज की फिजूलखर्ची को रोकने के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कई ऐसे पिता होते हैं जो बिटिया की शादी करवाने के लिए कर्ज ले लेते हैं और बाद में चुकाना मुश्किल हो जाता है ऐसी रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ने के लिए सुमित विवाह सम्मेलन ही एकमात्र उपाय है जहां पर बिना किसी दहेज के और कर्ज के बिना करवाया जा सकता है. इसी के साथ ही सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह रोकने में सामूहिक विवाह सम्मेलन कारगर साबित होता है. मनोज जायसवाल ने कहा कि परिचय सम्मेलन से एक ही मंच पर दो अलग-अलग परिवारों का सामजंस्य होता है। बदलते परिवेश में परिचय सम्मेलन महत्ती आवश्यकता होती है। इस तरह के आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। ऐसे आयोजन से समाज को गति मिलती है। इसके आलवा समाज की सबसे बडी महत्वपूर्ण आवश्यकता शिक्षा है, जो कि अवश्य होना चाहिए। शिक्षा ही व्यक्ति को उसके जीवन में आगे बढ़ाती है।

मनोज जायसवाल ने कहा कि 21वीं सदी के इस युग में आज समय बदला रहा है और आगे बढ रहा है लेकिन दुर्भाग्य है कि समाज शिक्षा के क्षेत्र में पीछे है। सम्मेलन का कार्य समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाता है युवाओं ने जो इस महत्वपूर्ण कार्य को करना का जिम्मा उठाया है वह बहुत ही प्रशंसनीय है। नागपुर में आयोजित समाज का यह 7वां भव्य एवं ऐतिहासिक सामूहिक विवाह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन है। संयोजक दीपक जायसवाल के सानिध्य में समिति के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यगणों, समाज के अनेक वर्गो के सम्मानियों सहित लगभग 5-7 हजार ऊर्जावान स्वजातिय बंधुओं की उपस्थिति में भव्यता के साथ यह समारोह संपन्न हुआ। हर कार्य समयानुसार करने एवं करवाने के टाईम मैनेजमेंट के लिए कलचुरी समाज गौरव भाईजी दीपक जायसवाल नागपुर और उनकी पूरी टीम बधाई के पात्र है. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सेवानिवृत्त जज संतोष जायसवाल, मुंबई अनिल, साईनाथ तेलगाना, सतीश ग्वालियर, राकेश राय सीहोर, अरुण नाडर सहित मेजबान संस्था के लोग पूरे जिम्मेदारी से अपने काम को अंजाम दे रहे थे। सभी ने दीपक को इस नेक कार्य के लिए सम्मानित किया।

बजट : मोदी समर्थकों ने सराहा, विपक्ष ने नकारा, आमजन गदगद

बजट : मोदी समर्थकों ने सराहा, विपक्ष ने नकारा, आमजन गदगद  

बजट को लेकर पूरे दिन लोगों में उत्सूकता के साथ
गलियों से लेकर सड़कों तक में चर्चा होती रही 

वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा इंडियन इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन, वाराणसी के आरके चौधरी के नेतृत्व में कार्यक्रमों का आयोजन कर सिर्फ लाइव प्रसारण देखा बल्कि व्यापारियों, चार्टेड एकाउंटेंटों विशेषज्ञों से चर्चा भी कराई गयी

सुरेश गांधी

वाराणसी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश केंद्रीय बजट की जहां मोदी समर्थकों ने सराहा है, वहीं विपक्ष ने इसे पूरी तरह नकारते हुए झूठ का पुलिंदा बताया। जबकि आम जनमानस से लेकर मध्यमवर्गीय परिवारों गृहणियों ने कहा अब तक शानदार बजट है। खास बात यह रही कि बजट को लेकर पूरे दिन लोगों में उत्सूकता बनी रही और गलियों से लेकर सड़कों तक में चर्चा होती रही। जबकि वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा के नेतृत्व में राजेन्द्र नगर के आेंकार भवन में इंडियन इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन, वाराणसी के आरके चौधरी के नेतृत्व में विनायक प्लाजा में कार्यक्रमों का आयोजन कर सिर्फ लाइव प्रसारण देखा बल्कि व्यापारियों, चार्टेड एकाउंटेंटों विशेषज्ञों से चर्चा भी कराई। 

इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों इस बजट को आदमी के लिए खास बताते हुए कहा गया कि विकास की रफ्तार के साथ सुधारों पर फोकस किया गया है। वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। नई टैक्स व्यवस्था में सात लाख तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। 

वाराणसी व्यापार मंडल रामनगर औद्योयोगी एसोसिएशन, एग्रो पार्क इंडस्ट्री वेलफेयर सोसायटी, होटल एसोसिएशन वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, देव भट्टाचार्य एवं मनोज मधेशीया के नेतृत्व में व्यापारियों का एक समूह राजेंद्र विहार कॉलोनी सुंदरपुर स्थित ओमकार भवन में बजट का अवलोकन किया। समीक्षा में बताया गया कि यह बजटलोक लुभावानी एवं चुनावी बजट है। पूरानी व्यवस्था में 2.5 लाख से बड़ा कर 3 लाख तक जो छूट दिया गया है वो सराहनीय है। मध्यम वर्ग के लिए राहत की बात है। व्यापारीयों को राहत नहीं मिली। जीएसटी स्लैब के नियमों में और सरलीकरण की उम्मीद थी। मोटे अनाजों का बढ़ावा अच्छा है। खाने पिने के समान को टैक्स फ्री करने की जरुरत है। वरिष्ठ नागरिकों की जो सुविधा बंद किया गया है उसे पुनः जारी करना चाहिए। स्वास्थ्य लाभ के लिए आयुष्यामान योजना का कार्ड सभी मध्यम वर्गीय नागरिकों का बनाया जाना चाहिए। 

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वाणिज्य विभाग के हेड प्रो. कृपाशंकर जायसवाल ने इस बजट को कड़ी मेहनत करने वाले मध्य वर्ग को लाभ पहुंचाने वाला बताते हुए कहा कि ये घोषणाएं छूट, कर संरचना में बदलाव, नई कर व्यवस्था में मानक छूट के लाभ का विस्तार सर्वोच्च सरचार्ज दर में कटौती तथा गैर सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर अवकाश नकदीकरण पर कर छूट की सीमा का विस्तार से संबंधित हैं और इनसे कामकाजी मध्य वर्ग को ठोस लाभ प्राप्त होगा। जायसवाल ने कहा कि छूट के संबंध में अपनी पहली घोषणा में, उन्होंने नई कर व्यवस्था में छूट सीमा को बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया, जिसका अर्थ यह होगा कि नई कर व्यवस्था में 7 लाख रुपए तक आय वाले व्यक्तियों को कोई कर अदा नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में, 5 लाख रुपए तक की आय वाले व्यक्ति पुरानी तथा नई दोनों कर व्यवस्थाओं में किसी कर का भुगतान नहीं करते। इसके अलावा उन्होंने स्लैब की संख्या को घटाकर 5 करने तथा कर छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख करने के द्वारा नई व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था में कर संरचना में बदलाव का प्रस्ताव रखा, जो स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रारंभ करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, ऐसा इस बजट में प्रावधान किया गया है जिससे कृषि क्षेत्र में युवाओं को नए व्यवसाय खोलने में सहायता मिलेगी।

इंडियन इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन, वाराणसी के आरके चौधरी ने कहा कि बजट शक्तिशाली, समृद्ध और संपन्न भारत की संकल्पना का रोडमैप है। यह बहुत ही शानदार बजट है। आयकर में छूट देकर आम जनता को लाभ दिया है। रोजगार, नौकरी, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव दिखेंगे। कौशल विकास के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि अनुसंधान से मोटा अनाज और किसानों को बढ़ावा मिलेगा। 

एकमा के पूर्व अध्यक्ष रवि पाटौदिया ने निर्यात घटने के कारण को रुस यूक्रेन युद्ध बताते हुए कहा कि यह बजट देश के विकास को गति देने वाला है। इसमें सर्व समाज का ध्यान रखा गया है। इसमें किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं का पूरा ख्याल किया गया है। जो आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होगा।

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