Thursday, 27 April 2023

धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ भड़के भगवान सहस्त्रबाहुजी के वंशज

धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ भड़के भगवान सहस्त्रबाहुजी के वंशज

जायसवाल क्लब का ऐलान : उनके कुल देवता के खिलाफ धीरेंद्र शास्त्री द्वारा की गयी गलत बयानबाजी के खिलाफ देशभर में दर्ज होगा मुकदमा

क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने चेताया, कहा गलतबयानी पर पाखंडी धीरेन्द्र शास्त्री ने माफी नहीं मांगी तो देशभर में फूंका जायेगा पुतला, गांव-गांव होगा आंदोलन

सुरेश गांधी

वाराणसी। बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा हाल ही में परम पूज्य राज राजेश्वर भगवान सहस्त्राबाहु अर्जुन जी महराज को लेकर विवादित बयान दिया है। जिसके बाद उनके उनके वंशजों में आग की ज्वाला दहक उठी है। जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा उनके कुल देवता भगवान सहस्त्राबाहु जी पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उन्हें बलातकारी एवं व्यभिचारी कहे जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस गलत बयानबाजी से पूरे देश में उनके वंशज जायसवाल, कलवार, कलाल, ब्याहुत, गुप्ता, शिवहरे, अहलूवालिया, चौधरी, चौकसी, नेवाड़ा, गुलहरे, बाटम, सुहालका, वालिया आदि में जबरदस्त आक्रोश है। 

मनोज जायसवाल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को देश का सबसे बड़ा पाखंडी बताते हुए कहा कि भाजपा की सह पर देश के भाईचारे को सिर्फ खत्म करने पर तुला है, बल्कि हिन्दु समाज को विखंडित करने के लिए वह जातिय संघर्ष कराना चाहता है। मनोज जायसवाल ने कहा कि सहस्त्रार्जुन भगवान विष्णु के चक्रावतार थे। उनके एक हजार भुजाएं थी और उन्होंने सच्चाई के रास्ते पर चलते हुए रावण जैसे अत्याचारी को सिर्फ परास्त किया बल्कि अपनी भुजाओं में कैद रखा। लेकिन धीरेन्द्र शास्त्री जैसे पांखडी द्वारा ऐसे महान योद्धा को बलातकारी एवं व्यभिचारी कहा जाना उसके दिवालियापन का द्योतक है। 

मनोज जायसवाल ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री जैसा भ्रष्ट पांखंडी का हिन्दुराष्ट्र की मांग सिर्फ दिखावा और राजनीति से प्रेरित है। वह ऐसे उलुल जुलूल बयानों के जरिए भाजपा का चहेता बनकर राज्यसभा या नेता बनने का ख्वाब देख रहा है। मनोज जायसवाल ने ऐलान करते हुए कहा कि जायसवाल क्लब अपने कुल देवता के खिलाफ धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दी गयी आपत्तिजनक टिप्पणी गलत बयानबाजी के खिलाफ देशभर में मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। साथ ही चेताया है कि अगर जल्द ही गलतबयानी पर धीरेन्द्र शास्त्री ने माफी नहीं मांगी तो देशभर में उनका पुतला फूंका जायेगा, गांव-गांव शहर शहर में आंदोलन होगा, क्योंकि उन्होंने भगवान सहस्त्राबाहु के वंशज जायसवाल, कलवार, कलाल, ब्याहुत, गुप्ता, शिवहरे, अहलूवालिया, चौधरी, चौकसी, नेवाड़ा, गुलहरे, बाटम, सुहालका, वालिया सहित 20 करोड़ लोगों को गाली अपमानित करने का काम किया है। ऐसे पाखंडी को अब समाज बख्शने के मूड में नहीं है।

मनोज जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में सहस्त्रबाहुजी महराज के विचारों एवं उनके पराक्रम को आगे बढ़ाने के लिए जायसवाल क्लब संकल्पित है। वे चक्रवर्ती सम्राट भगवान सहस्त्रबाहु जी महराज के वंशज के रुप में जाना जाने वाले कलार, जायसवाल, कलवार, समेत अन्य संबंधित उपजातियों को एकजुट करने का संकल्प लिया है। मनोज जायसवाल ने भगवान सहस्त्राबाहु के व्यक्तित्व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा, वे हैहय वंश के राजा थे। उनकी मां रानी पद्मिनी और पिता राजा कृतवीर्य थे। वे भगवान दत्तात्रेय के अनन्य भक्त थे। अपने तप के बल पर कई वरदान प्राप्त किया था। उनके एक हज़ार अक्षौहिणी सेना थी। महाभारत, वेद ग्रंथों तथा कई पुराणों में सहस्रबाहु की कई कथाएं पाई जाती हैं। सहस्त्रबाहु अर्जुन की जीवनी न्याय लेने के लिए अन्याय से लड़ने की सीख देती है। भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के जीवन चरित्र पूरे मानव जाति के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 

बता दे, इन दिनों धीरेंद्र शास्त्री पूरे हिंदू समाज को अज्ञानता, अंधविश्वासी बताते हुए जगह-जगह नफरती बयान दे रहा है। कभी वह साई बाबा के खिलाफ बोलता है तो कभी भगवान सहस्त्रबाहु जी अर्जुन पर अभद्र टिप्पणी करता है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भगवान सहस्त्रबाहु और उनके वंशजों यानी संपूर्ण कलचुरी समाज या यूं कहे जायसवाल, कलवार, कलाल, ब्याहुत, गुप्ता, शिवहरे, अहलूवालिया, चौधरी, चौकसी, नेवाड़ा, गुलहरे, बाटम, सुहालका, वालिया सहित 20 करोड़ लोगों के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। इस वीडियो में वह एक पर्चा पढ़ते हुए बोल रहा है कि हैहय वंश का राजा बहुत दुष्ट, कुकर्मी और महिलाओं पर बलात्कार करने वाला था। इसीलिए परशुराम ने सहस्त्रबाहु पर फरसा उठाया था और उनका वध किया था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहता है कि उनके वंशजों के बच्चे जब बड़े हो गए और पिता का बदला लेने के लिए परशुराम पर आक्रमण किया तो परशुराम ने उनका भी बध कर दिया। इसके बाद उनके बच्चे जवान हुए तो उनका भी बध किया। इस तरह परशुराम ने आताताई हैहय वंश का 21 बार बध किया। धीरेंद्र सिंह के इस अभद्र टिप्पणी को लेकर जायसवाल क्लब सहित कलचुरी समाज में जबरदस्त आक्रोश है। 

Monday, 10 April 2023

काशी पत्रकार संघ के अत्रि भारद्वाज व वाराणसी प्रेस क्लब के अरुण मिश्रा अध्यक्ष निर्वाचित

केपीएस के अत्रि भारद्वाज वीपीसी के अरुण मिश्रा अध्यक्ष निर्वाचित

काशी पत्रकार संघ का द्विवार्षिक चुनाव सकुशल संपंन

प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद के लिए अरुण मिश्रा निर्विरोध चुने गए, विनय शंकर मंत्री संदीप कोषाध्यक्ष निर्वाचित 

सभी विजेता प्रत्याशियों को देर रात बधाई देने वालों का चला दौर

सुरेश गांधी

वाराणसी। काशी पत्रकार संघ के द्विवार्षिक चुनाव (सत्र 2023-2025) के लिए अध्यक्ष पद पर अत्रि भारद्वाज, महामंत्री पद पर अखिलेश मिश्र कोषाध्यक्ष के लिए पंकज त्रिपाठी निर्वाचित घोषित किये गये। जबकि संघ से संचालित वाराणसी प्रेस क्लब के भी द्विवार्षिक चुनाव में अरुण मिश्रा निर्विरोध निर्वाचित हुए। जबकि मंत्री पद पर विनय शंकर सिंह ने जीत दर्ज की।

रविवार को पराड़कर स्मृति भवन में हुए मतदान की गणना सोमवार को हुई और सायंकाल परिणामों की घोषणा निर्वाचन अधिकारी कृष्णदेव नारायण राय ने की। संघ के अध्यक्ष पद पर डॉ अत्रि भारद्वाज (85) ने बीबी यादव को (74) को 11 मतों से हराया। उपाध्यक्ष के तीन पदों पर सुरेन्द्र नारायण तिवारी (111) उमेश गुप्ता (109) डॉ लोकनाथ पाण्डेय (93) विजयी घोषित किये गये। महामंत्री पद पर अखिलेश मिश्र (98) ने जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (92) को 6 मतों से हराया। मंत्री के दो पदों पर सुनील शुक्ला (128) अश्वनी कुमार श्रीवास्तव (102) विजयी घोषित किये गये। कोषाध्यक्ष पद पर पंकज त्रिपाठी (135) ने जयप्रकाश श्रीवास्तव (129) को 6 मतों से हराया। कार्यसमिति के दस पदों के लिए कैलाश यादव (173), विनय कुमार सिंह (156), राधेश्याम कमल (151), अजय कृष्ण चतुर्वेदी (149), छवि किशोर मिश्र (114), मोहम्मद जावेद (110), अजय कुमार पाण्डेय (97), राजेश राय (89), राकेश सिंह (85) अरुण कुमार सिंह (79) विजेता घोषित किये गये। यद्यपि कार्यसमिति के लिए आनन्द कुमार मौर्य को भी अरुण कुमार सिंह के बराबर 79 मत मिले, लेकिन लॉटरी के आधार पर अरुण कुमार सिंह को विजेता घोषित किया गया। संघ के कुल 311 सदस्यों में से 279 सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। 

                दूसरी तरफ वाराणसी प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष पद पर संजय गुप्ता (139)  अमित शर्मा (58) को 81 मतों से हराया। मंत्री पद पर विनय शंकर सिंह (110) ने रवीन्द्र कुमार पाठक (93) को 17 मतों से हराया। संयुक्त मंत्री पद पर देवकुमार केशरी (127) ने पंकज कुमार मिश्र (78) को 49 मतों से हराया। कोषाध्यक्ष पद पर संदीप गुप्ता (126) ने रौशन कुमार जायसवाल (75) को 51 मतों से हराया। प्रबन्ध समिति के पांच पदों पर हरिबाबू श्रीवास्तवअन्नू’, रवि प्रकाश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, राजू सिंह दुआ अभिषेक सिंह निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये। क्लब के कुल 232 सदस्यों में से 211 सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। 

निर्वाचन मण्डल के सहयोगी सदस्यों के रूप में सर्वश्री शुभाकर दुबे, विकास पाठक, राजेन्द्र रंगप्पा योगेश कुमार गुप्त एवं कार्यालय सहायक-विश्वदीप बापुली राजीव चौरसिया थे। पराड़कर स्मृति भवन के अन्य कर्मचारियों ने भी भरपूर सहयोग दिया। निर्वाचन अधिकारी कृष्णदेव नारायण राय ने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी।

पत्रकारों हित में हर कुर्बानी देंगे : अत्रि भारद्वाज 

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए हालात बेहतर बनाने के लिए संकल्पबद्ध : अरुण मिश्रा 

वाराणसी। काशी पत्रकार संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष अत्रि भारद्वाज ने कहा कि पत्रकार हित में वह हर कुर्बानी देंगे। इसके अलावा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए हालात बेहतर बनाने के लिए वह संकल्पबद्ध है. जबकि वाराणसी प्रेस क्लब के निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों के सम्मान स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। अध्यक्ष द्वय ने कहा कि पत्रकार विषम परिस्थितियों में भी जन-जन की आवाज उठाकर उन्हें न्याय दिलाने के लिये संघर्ष करता रहता है। ऐसे में अनेक शत्रु उत्पन्न हो जाते है। अराजक तत्वों द्वारा जब भी पत्रकारों के उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया जाता है, तो पुलिस उसे सामान्य मारपीट की घटनाओं में केस दर्ज करती है। आवश्यकता इस बात की है कि पत्रकार उत्पीड़न को रोकने के लिए पत्रकार हित मे कानून बने। इसके लिए वह हर लड़ाई लड़ेंगे। हाल के वर्षों में मीडिया और पत्रकारों के लिए शत्रुतापूर्ण माहौल और भड़काऊ दुष्प्रचार के बीच उन्हें बंदी बनाए जाने, उनका अपहरण करने और उन पर शारीरिक हिंसा किए जाने के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. इसके खिलाफ भी संघ आवाज उठायेगा। साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जायेगा कि पत्रकारों के खि़लाफ़ होने वाले अपराधों के लिए जवाबदेही क़ानूनी प्रक्रिया भी पक्की हो. यदि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो संगठन को लेकर सड़कों पर उतरकर लड़ाई को लड़ा जायेगा। अरुण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए संगठन एकजुट होकर हर समय उनके साथ खड़ा रहेगा।

आस्था के आकाश पर उदित हुए नीलकंठ

सावन , सोमवार और शिवलिंग : महादेव की अनंत महिमा… आस्था के आकाश पर उदित हुए नीलकंठ  सावन के आगमन के साथ ही देश का आध्यात्मिक परिदृश...