काशी से निकलेगा राष्ट्रीय खेल संदेश : बृजेश पाठक
84 साल बाद यूपी को
मिली
सीनियर
नेशनल
की
मेजबानी
सुरेश गांधी
वाराणसी। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा
कि धर्म और संस्कृति
की विश्वविख्यात नगरी काशी अब
खेल के राष्ट्रीय मानचित्र
पर भी एक नया
इतिहास रचने जा रही
है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय
क्षेत्र वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल
वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन 4 से
11 जनवरी तक डॉ. संपूर्णानंद
स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में किया जा
रहा है। यह प्रतियोगिता
84 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश
को मिली सीनियर नेशनल
वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी के
रूप में दर्ज होगी।
उन्होंने कहा कि देश
के 31 राज्यों की 30 पुरुष और 28 महिला टीमें इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता
में भाग ले रही
हैं। प्रारंभिक चरण में लीग
मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके
बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और 11 जनवरी को फाइनल मुकाबला
आयोजित होगा। प्रतिदिन किसी न किसी
विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति भी
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि डॉ.
संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार
अंतरराष्ट्रीय मानकों के टफलेक्स कोर्ट
पर सीनियर नेशनल वॉलीबॉल के मुकाबले खेले
जा रहे हैं. यह
स्टेडियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि
और खेल अवसंरचना को
लेकर किए गए प्रयासों
का परिणाम है, जिसने काशी
को राष्ट्रीय खेल आयोजनों के
योग्य मंच प्रदान किया
है।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा
कि खिलाड़ी ही देश को
हर मैदान में ऊंचाइयों तक
ले जाते हैं। खेल
हमें हार-जीत से
ऊपर उठकर फिर से
नई चुनौती के लिए तैयार
होना सिखाता है। उन्होंने देशभर
से आए खिलाड़ियों का
उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की
ओर से स्वागत और
अभिनंदन किया। बहुत वर्षों बाद
उत्तर प्रदेश में सीनियर नेशनल
वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन यह
संकेत देता है कि
काशी अब केवल आध्यात्मिक
ही नहीं, बल्कि खेल संस्कृति की
भी राष्ट्रीय पहचान बन रही है।
आने वाले दिनों में
यह आयोजन वाराणसी को देश के
प्रमुख खेल केंद्रों में
स्थापित करने की दिशा
में मील का पत्थर
साबित होगा।
उन्होंने कहा कि भारत
अब केवल विकास का
नहीं, बल्कि खेलों का भी वैश्विक
केंद्र बन रहा है।
खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल नीति और
खेल संगठनों में पारदर्शिता ने
युवाओं को आगे बढ़ने
का मंच दिया है।
उन्होंने बताया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के
लिए भारत गंभीरता से
प्रयास कर रहा है,
ताकि खिलाड़ियों को अधिक से
अधिक अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि खेल
अवसंरचना में हुए बदलाव
का लाभ काशी को
भी मिला है। आधुनिक
स्टेडियम और बड़े आयोजनों
ने वाराणसी को राष्ट्रीय खेल
मानचित्र पर नई पहचान
दी है। जी-20 बैठक,
प्रवासी भारतीय सम्मेलन और अब नेशनल
वॉलीबॉल चैंपियनशिप, काशी लगातार बड़े
आयोजनों का केंद्र बन
रही है। उन्होंने अंत
में खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते
हुए कहा कि यह
चैंपियनशिप भारत के खेल
सपनों को नई ऊंचाई
देगी।

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