रंग बरसाने को सजा बाजार, भीगने को आतुर ग्राहक, 1500 करोड़ के कारोबार के आसार
होली का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, बाजारों में रंगों की रौनक और खरीदारी की चहल-पहल तेज होती जा रही है। इस बार होली बाजार केवल पारंपरिक गुलाल और पिचकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स और डिजाइनर गिफ्ट पैक ने त्योहार को नया रूप दे दिया है। व्यापारियों के अनुसार इस बार होली बाजार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक और आधुनिक दिख रहा है। अबीर-गुलाल की खुशबू, पिचकारी की धार, होली से पहले खरीदारी ने पकड़ी रफ्तार. हर्बल गुलाल, डिजाइनर पिचकारी, फनी मास्क और आकर्षक गिफ्ट पैक ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं. बच्चे जहां कार्टून पिचकारी को लेकर उत्साहित हैं, वहीं युवा थीम बेस्ड होली एक्सेसरीज और रंगीन टी-शर्ट की खरीदारी में जुटे हैं
सुरेश गांधी
होली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजार रंगों से सराबोर हो उठे हैं। गलियों से लेकर बड़े बाजारों तक अबीर-गुलाल की खुशबू फैल गई है और पिचकारियों की कतारें दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं। इस बार बाजार पहले से अधिक रंगीन और आधुनिक नजर आ रहा है। हर्बल गुलाल, डिजाइनर पिचकारी, फनी मास्क और आकर्षक गिफ्ट पैक ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। बच्चे जहां कार्टून पिचकारी को लेकर उत्साहित हैं, वहीं युवा थीम बेस्ड होली एक्सेसरीज और रंगीन टी-शर्ट की खरीदारी में जुटे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार होली बाजार में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रौनक दिखाई दे रही है। त्योहार में अभी कुछ दिन शेष हैं, लेकिन खरीदारी का उत्साह अभी से चरम पर पहुंचने लगा है। व्यापारियों के अनुसार होली से जुड़े उत्पादों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।
केवल वाराणसी शहर
में ही इस बार
300 से 400 करोड़ रुपये तक
के कारोबार का अनुमान है,
जबकि पूरे पूर्वांचल में
यह आंकड़ा 1500 से 2000 करोड़ रुपये तक
पहुंच सकता है। व्यापारिक
संगठनों के अनुसार देशभर
में होली का कुल
कारोबार 70 से 80 हजार करोड़ रुपये
के बीच रहने का
अनुमान है, जिसमें स्थानीय
उत्पादों की हिस्सेदारी तेजी
से बढ़ी है। दावा
है कि इस बार
‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान
का असर साफ दिख
रहा है और विदेशी
उत्पादों की तुलना में
स्वदेशी उत्पाद अधिक बिक रहे
हैं। छोटे कस्बों में
भी खरीदारी बढ़ने से बाजार
में नई ऊर्जा दिखाई
दे रही है। कुल
मिलाकर होली की आहट
के साथ बाजार पूरी
तरह रंगीन हो चुका है।
परंपरा और आधुनिकता के
संगम के बीच ग्राहक
भी रंगों में भीगने और
गोटा लगाने को आतुर हैं।
व्यापारियों को उम्मीद है
कि जैसे-जैसे होली
नजदीक आएगी, बाजार की रफ्तार और
तेज होगी और इस
बार कारोबार नए रिकॉर्ड बना
सकता है। कुल मिलाकर
होली 2026 का बाजार उत्साह,
नवाचार और व्यापारिक संभावनाओं
से भरपूर नजर आ रहा
है। पूर्वांचल से लेकर पूरे
भारत तक बाजारों में
बढ़ती रौनक यह संकेत
दे रही है कि
रंगों का यह पर्व
केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि
अर्थव्यवस्था का भी बड़ा
उत्सव बन चुका है।
व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होली नजदीक
आएगी, बाजार की रफ्तार और
तेज होगी और इस
बार का कारोबार पिछले
सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
हर्बल गुलाल बना पहली पसंद
पिचकारियों में दिखा नया ट्रेंड
होली बाजार में
पिचकारियों का आकर्षण हमेशा
खास रहता है, लेकिन
इस बार इनके डिजाइन
और तकनीक में बड़ा बदलाव
देखने को मिल रहा
है। बाजार में उपलब्ध प्रमुख
पिचकारियां : कार्टून और सुपरहीरो थीम
पिचकारी, बैकपैक टैंक पिचकारी, मशीनगन
डिजाइन वॉटर गन, एलईडी
लाइट पिचकारी, हाई प्रेशर स्प्रे
पिचकारी. दुकानदारों के अनुसार बच्चों
की खरीदारी कुल बिक्री का
बड़ा हिस्सा तय कर रही
है।
फनी मास्क और होली एक्सेसरीज की बढ़ी मांग
युवाओं में “होली सेल्फी
ट्रेंड” का असर बाजार
पर साफ दिखाई दे
रहा है। सबसे ज्यादा
बिक रहे आइटम : जोकर
और फनी फेस मास्क,
रंगीन चश्मे, होली कैप, रंग
स्प्रे. कॉलेज छात्रों और युवाओं में
इन उत्पादों का खास क्रेज
देखा जा रहा है।
गिफ्ट पैक का बढ़ता चलन
इस बार होली
पर गिफ्ट देने की परंपरा
भी तेजी से बढ़ी
है। बाजार में आकर्षक पैकेजिंग
वाले होली गिफ्ट पैक
उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल
हैं : डिजाइनर गुलाल बॉक्स, ड्राई फ्रूट पैक, मिठाई और
रंग कॉम्बो, कॉर्पोरेट होली हैम्पर. व्यापारियों
का कहना है कि
संस्थाओं और कंपनियों से
इनसा ऑर्डर भी मिल रहे
हैं।
कपड़ा बाजार भी हुआ रंगीन
होली के साथ
फैशन बाजार भी गुलजार हो
गया है। सबसे अधिक
बिक रहे हैं : व्हाइट
होली टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, रंगीन दुपट्टे, युवाओं में “होली फोटो
शूट” का ट्रेंड इनकी
मांग बढ़ा रहा है।
दाम में हल्की बढ़ोतरी, उत्साह बरकरार
कच्चे माल और पैकेजिंग
लागत बढ़ने के कारण
कुछ उत्पादों के दाम में
हल्की बढ़ोतरी देखी गई है,
लेकिन खरीदारी पर इसका असर
नहीं पड़ा है।
अनुमानित
कीमतें
:
गुलाल : 20 से 120 रुपये
हर्बल गुलाल : 60 से 200 रुपये
पिचकारी : 50 से 1500 रुपये
ग्राहक गुणवत्ता को प्राथमिकता दे
रहे हैं।
ग्रामीण बाजारों में भी दिखा उत्साह
इस बार ग्रामीण
क्षेत्रों में भी होली
की खरीदारी तेजी से बढ़ी
है। गांवों से लोग शहरों
में खरीदारी के लिए पहुंच
रहे हैं। ग्रामीण बाजारों
में खास मांग : सस्ते
गुलाल, बच्चों की पिचकारी, पारंपरिक
रंग.
छोटे दुकानदारों को भी बड़ी उम्मीद
सड़क किनारे अस्थायी
दुकानें भी सज गई
हैं। छोटे दुकानदारों का
कहना है कि होली
का त्योहार उनके लिए सबसे
बड़ा व्यापारिक अवसर होता है।
त्योहार के करीब आते
ही बिक्री में तेजी आने
की उम्मीद है।
सुरक्षित रंगों पर प्रशासन की नजर
बाजार में मिलावटी और
केमिकल रंगों को रोकने के
लिए प्रशासन द्वारा जांच भी की
जा रही है। खाद्य
सुरक्षा विभाग और नगर निगम
की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं
ताकि सुरक्षित रंग ही बाजार
में उपलब्ध रहें।
थोक कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
गोदौलिया में पर्यटकों और युवाओं की भीड़
शहर का प्रमुख
व्यावसायिक क्षेत्र गोदौलिया चौराहा होली की खरीदारी
का सबसे आकर्षक केंद्र
बना हुआ है। यहां
रंगीन चश्मे, फनी मास्क, होली
टी-शर्ट और डिजाइनर
गुलाल युवाओं को खूब आकर्षित
कर रहे हैं। पर्यटकों
के लिए विशेष “होली
किट” भी उपलब्ध हैं,
जिनमें शामिल हैं : हर्बल गुलाल, छोटे पैक पिचकारी,
होली कैप, रंगीन स्कार्फ,
सेल्फी और सोशल मीडिया
ट्रेंड के कारण होली
एक्सेसरीज की बिक्री में
तेजी देखी जा रही
है।
लहुराबीर में बच्चों की पिचकारी का क्रेज
लहुराबीर चौराहा क्षेत्र में बच्चों के
लिए पिचकारी बाजार सबसे अधिक सक्रिय
दिख रहा है। बाजार
में उपलब्ध प्रमुख पिचकारियां : कार्टून थीम पिचकारी, टैंक
बैकपैक पिचकारी, मशीनगन डिजाइन वॉटर गन, एलईडी
लाइट पिचकारी. दुकानदारों के अनुसार बच्चों
की खरीदारी कुल बिक्री का
लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा तय कर रही
है।
चौक क्षेत्र में पारंपरिक गुलाल और पूजा सामग्री की मांग
पुराने शहर का प्रमुख
बाजार चौक वाराणसी इस
बार भी पारंपरिक होली
सामग्री के लिए लोगों
की पहली पसंद बना
हुआ है। यहां सबसे
अधिक मांग है : अबीर
और गुलाल, चंदन मिश्रित रंग,
पूजा के लिए विशेष
गुलाल.
हर्बल रंगों ने बदला बाजार का ट्रेंड
इस बार होली
बाजार में सबसे बड़ा
बदलाव हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों
की मांग के रूप
में सामने आया है। व्यापारियों
का कहना है कि
: केमिकल रंगों की मांग कम
हुई है. स्कूल और
अभिभावक हर्बल रंग खरीद रहे
हैं. महिलाओं में स्किन-फ्रेंडली
गुलाल की मांग बढ़ी
है. फूलों से बने गुलाल
और आयुर्वेदिक रंग इस बार
बाजार का प्रमुख आकर्षण
हैं।
कपड़ा बाजार भी हुआ रंगीन
होली के मद्देनजर
कपड़ों के बाजार में
भी अच्छी खरीदारी हो रही है।
सबसे अधिक बिक रहे
हैं : व्हाइट टी-शर्ट (होली
प्रिंट), कुर्ता-पायजामा, रंगीन दुपट्टे, युवाओं में “होली फोटो
शूट” का ट्रेंड इस
मांग को बढ़ा रहा
है।
बाजार में दिख रहा है बदलता ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में
होली बाजार का स्वरूप तेजी
से बदला है। पहले
जहां रंग और पिचकारी
ही मुख्य आकर्षण होते थे, वहीं
अब त्योहार “थीम बेस्ड फेस्टिवल
मार्केट” में बदलता जा
रहा है। इस बार
बाजार में तीन बड़े
ट्रेंड सामने आए हैं : हर्बल
और ऑर्गेनिक रंग, डिजाइनर और
थीम बेस्ड पिचकारी, गिफ्टिंग और फैशन प्रोडक्ट्स.
व्यापारियों का कहना है
कि अब ग्राहक केवल
रंग खेलने तक सीमित नहीं
हैं, बल्कि त्योहार को “सेलिब्रेशन पैकेज”
के रूप में देख
रहे हैं। डॉक्टरों और
स्कूलों द्वारा जागरूकता अभियान चलाने का असर भी
बाजार पर दिख रहा
है। कई अभिभावक बच्चों
के लिए केवल ऑर्गेनिक
रंग खरीद रहे हैं।
थोक व्यापारियों के अनुसार हर्बल
गुलाल की बिक्री में
लगभग 35 से 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज
की जा रही है।
कार्टून और सुपरहीरो पिचकारी का क्रेज
बच्चों के लिए इस
बार बाजार बेहद आकर्षक बन
गया है। बाजार में
उपलब्ध पिचकारियों में शामिल हैं
: कार्टून कैरेक्टर पिचकारी, सुपरहीरो थीम वॉटर गन,
बैकपैक टैंक पिचकारी, मशीन
गन डिजाइन पिचकारी, एलईडी लाइट वाली पिचकारी,
कुछ पिचकारियों में प्रेशर मोटर
सिस्टम भी लगाया गया
है, जिससे पानी की धार
अधिक दूरी तक जाती
है। दुकानदारों के अनुसार बच्चों
की खरीदारी कुल बिक्री का
लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा तय करती है।
मुखौटे, रंगीन चश्मे और होली एक्सेसरीज का बाजार
इस बार होली
केवल रंगों तक सीमित नहीं
है। बाजार में “होली एक्सेसरी
सेक्शन” भी तेजी से
बढ़ा है। सबसे ज्यादा
बिक रहे आइटम : रंगीन
फेस मास्क,जोकर और फनी
मुखौटे, कलरफुल गॉगल्स, होली कैप, रंग
स्प्रे. युवाओं में “सेल्फी होली”
का ट्रेंड बढ़ने से इन
उत्पादों की मांग बढ़ी
है।
ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन बाजार
हालांकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी होली
प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं, लेकिन रंग
और पिचकारी खरीदने के लिए ग्राहक
अभी भी बाजार जाना
पसंद कर रहे हैं।
इसके पीछे मुख्य कारण
हैं : रंग की गुणवत्ता
देखना, बच्चों की पसंद, मोलभाव
की सुविधा. ऑफलाइन बाजार की बिक्री इस
बार अधिक रहने का
अनुमान है।
मिठाई और ड्राई फ्रूट बाजार में भी उछाल
होली पर रंगों
के साथ मिठाइयों का
बाजार भी सक्रिय हो
गया है। सबसे अधिक
मांग : गुजिया, काजू कतली, नमकीन
गिफ्ट पैक, मिठाई कारोबार
में 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।








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