संघर्ष से शिखर तकः भाजपा स्थापना दिवस पर गूंजा राष्ट्रवाद का स्वर वंदे मातरम्
झाड़ू हाथ में, संगठन मैदान में : स्थापना दिवस भाजपा का स्वच्छता संग्राम
कार्यालयों में
दिखा
उत्सव
और
अनुशासन
का
संगम,
काशी
क्षेत्र
के
16 जिलों
में
चला
अभियान
फूलों-लाइटों
से
सजे
कार्यालय,
स्वच्छता
के
साथ
संगठन
को
मिला
उत्सवी
रंग
से गूंजा
वातावरण
फूलों, रंगोली
और
रोशनी
से
सजा
परिसर,
वरिष्ठ
कार्यकर्ताओं
का
हुआ
सम्मान
सुरेश गांधी
वाराणसी. भाजपा के स्थापना दिवस
के मौके पर काशी
क्षेत्र में संगठनात्मक ऊर्जा
और स्वच्छता का अद्भुत समागम
देखने को मिला। रोहनिया
एवं गुलाब बाग स्थित कार्यालय
उत्साह, संगठन शक्ति और वैचारिक प्रतिबद्धता
का केंद्र बना रहा। सजे-धजे परिसर में
आयोजित समारोह में सैकड़ों कार्यकर्ताओं
की मौजूदगी ने कार्यक्रम को
ऐतिहासिक रूप दे दिया।
इस अवसर पर दिलीप
पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, मीडिया प्रभारी नवरतन राठी भाजपा के
संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते
हुए कहा कि पार्टी
राष्ट्र प्रथम की भावना से
कार्य करती है। उन्होंने
बताया कि 1951 में डॉ. श्यामा
प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ से शुरू हुई
यात्रा 1980 में भाजपा के
रूप में विकसित हुई,
जिसके प्रथम अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी
थे। उन्होंने 1984 से लेकर 2014 और
उसके बाद के दौर
तक पार्टी की राजनीतिक यात्रा
और उपलब्धियों का जिक्र करते
हुए कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में देश में विकास
और विरासत दोनों को नई दिशा
मिली है। कार्यक्रम में
जनसंघ कालीन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र और
माल्यार्पण कर सम्मानित किया
गया। दीप प्रज्वलन और
पुष्पांजलि से कार्यक्रम की
शुरुआत हुई, वंदे मातरम्
के साथ वातावरण गूंजा
और राष्ट्रगान के साथ समापन
हुआ। समारोह में पूर्व सांसद
राजेश मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष
पूनम मौर्य एमएलसी धर्मेंद्र सिंह राय
सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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