कालीन उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, निवेश और सुविधाओं पर मंथन
मेगा टेक्सटाइल
मेले
से
लेकर
एयर
कनेक्टिविटी
तक,
निवेश
और
सुविधाओं
पर
हुआ
मंथन
भदोही में
इन्वेस्ट
यूपी
और निर्यातकों की बैठक,
जमीन,
बिजली,
प्रशिक्षण
और
कनेक्टिविटी
पर
उठा
बड़ा
सवाल
निर्यात बढ़ाने
और
उद्योग
की
बाधाएं
दूर
करने
को
सरकार
व
उद्योग
जगत
ने
बनाया
रोडमैप
सुरेश गांधी
भदोही। प्रदेश के कालीन उद्योग
को नई गति देने
और निर्यात क्षेत्र की चुनौतियों के
समाधान के उद्देश्य से
सोमवार को कारपेट एक्सपो
मार्ट, भदोही में उत्तर प्रदेश
सरकार की इन्वेस्ट
उप्र टीम
और कालीन उद्योग से जुड़े प्रमुख
निर्यातकों के बीच महत्वपूर्ण
बैठक आयोजित की गई। बैठक
में उद्योग से संबंधित लंबित
मुद्दों, आधारभूत ढांचे के विकास और
निर्यात को बढ़ावा देने
पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में इन्वेस्ट उप्र की
पांच सदस्यीय टीम में एजीएम
पॉलिसी निखिल दीक्षित, एजीएम इन्वेस्टमेंट पॉलिसी समीर मेहदी, अंकुर
कौशल (कनेक्ट सेल) और जिला
उद्योग विभाग के उद्यमी मित्र
राजेश कुमार शामिल रहे। वहीं कालीन
निर्यात संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष असलम
महबूब, प्रशासनिक समिति सदस्य एवं एकमा सचिव
पियूष बरनवाल सहित लगभग 20 उद्योग
प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान
कारपेट एक्सपो मार्ट में लंबे समय
से लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा
कर उसके नियमित संचालन
को प्रारंभ कराने पर जोर दिया
गया। साथ ही भदोही
में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल एवं
कालीन मेले के आयोजन
के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर,
एयर व रेल कनेक्टिविटी,
होटल सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं
पर गंभीर चर्चा हुई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कालीन उद्योग
के समक्ष मौजूद चुनौतियों और आवश्यकताओं को
भी सामने रखा। परिषद के
उपाध्यक्ष असलम महबूब ने
भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज और जौनपुर के
आईटीआई संस्थानों में कालीन बुनाई,
धुलाई, कटाई, डिजाइन और फिनिशिंग से
संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की
मांग की। इसके अलावा
उद्योग के लिए रियायती
दर पर भूमि उपलब्ध
कराने, कालीन बुनकरों को पावरलूम बुनकरों
की तर्ज पर निश्चित
दर पर बिजली देने
तथा एलसीएल योजना के तहत निर्यात
शिपमेंट में सब्सिडी प्रदान
करने का सुझाव दिया।
एकमा सचिव पियूष
बरनवाल ने कहा कि
कालीन उद्योग को कौशल विकास
मिशन से जोड़ा जाए
और विश्वकर्मा सम्मान योजना के तहत बुनकरों
को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। साथ
ही जीआई टैग आधारित
उत्पादों के निर्यात को
प्रोत्साहित करने के लिए
प्रोत्साहन राशि देने का
भी सुझाव रखा गया। बैठक
के अंत में इन्वेस्ट उप्र टीम
ने उद्योग जगत को भरोसा
दिलाया कि सभी सुझावों
और मांगों पर प्रदेश सरकार
स्तर पर गंभीरता से
विचार करते हुए उद्योग
हित में आवश्यक कदम
उठाए जाएंगे। बैठक में कालीन निर्यातक
अमित मौर्या , एजाज अहमद, पंकज
बरनवाल, महफूज अहमद, असीम अंसारी, नफीस
अहमद, तौसीफ अंसारी, संजय श्रीवास्तव
सहित लगभग 20 उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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