Tuesday, 23 June 2026

काशी में अवैध कोचिंग संस्थानों पर चला 'सील का शिकंजा'

काशी में अवैध कोचिंग संस्थानों पर चला 'सील का शिकंजा

आठ संस्थान सील, बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी से लेकर बहुमंजिला भवनों तक कार्रवाई; वीडीए का साफ संदेश—'विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं'

लखनऊ अग्निकांड के बाद वाराणसी में बड़ा एक्शन, मानचित्र स्वीकृति और भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर विकास प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

सुरेश गांधी

वाराणसी। लखनऊ के भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में भवन सुरक्षा और अग्निशमन मानकों को लेकर शुरू हुए अभियान के बीच वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित आठ कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। कार्रवाई उन संस्थानों के खिलाफ की गई जहां बिना स्वीकृत मानचित्र, भवन मानकों के उल्लंघन अथवा बेसमेंट और बहुमंजिला भवनों के अवैध उपयोग की शिकायतें मिली थीं।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई को राजधानी की घटना के बाद काशी में अब तक का सबसे बड़ा प्रवर्तन अभियान माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक मजबूती और शहरी नियोजन के नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अभियान की शुरुआत जोन-1 से हुई, जहां वीडीए के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा स्वयं शिवपुर और सिकरौल क्षेत्र के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान एलेन कोचिंग सेंटर में मानचित्र स्वीकृति और भवन मानकों से संबंधित गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तत्काल परिसर को सील कर दिया गया। संचालकों को आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

जोन-2 में सारनाथ क्षेत्र के पहाड़िया स्थित एक बड़े परिसर में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कोचिंग संस्थान संचालित किया जा रहा था। लगभग एक हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले भवन के तीसरे तल को मौके पर ही सील कर दिया गया। इसी क्षेत्र के पंचकोशी रोड स्थित नई बस्ती में बेसमेंट में लाइब्रेरी और भूतल पर कोचिंग संस्थान संचालित होने की पुष्टि होने पर पूरे परिसर पर भी सील लगा दी गई।

जोन-3 में सिगरा स्थित बी+जी+4 बहुमंजिला भवन में भवन मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई करते हुए परिसर को सील कर दिया। सबसे व्यापक कार्रवाई जोन-4 में देखने को मिली, जहां वीडीए सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में संकट मोचन मार्ग स्थित एलेन कोचिंग की एक शाखा, साकेत नगर स्थित दूसरी शाखा, दुर्गाकुंड क्षेत्र की एल-1 कोचिंग, आकाश इंस्टीट्यूट और महेंद्रा कोचिंग सहित कई संस्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। सभी संबंधित परिसरों को नियमानुसार सील कर दिया गया।

लखनऊ की घटना के बाद प्रदेशभर में यह चिंता बढ़ी है कि बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य संस्थान बहुमंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या तो अधिक है लेकिन भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और स्वीकृत मानकों के पालन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में वाराणसी विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई केवल भवन नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे संभावित हादसों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना स्वीकृत मानचित्र, भवन उपविधियों के उल्लंघन अथवा अवैध निर्माण के आधार पर संचालित किसी भी शिक्षण संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी भवन स्वामियों और संस्थान संचालकों से तत्काल नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। अन्यथा भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

शहर में हुई इस कार्रवाई के बाद अन्य कोचिंग संस्थानों, निजी शिक्षण केंद्रों और भवन स्वामियों में भी हलचल तेज हो गई है। कई संचालकों ने अपने अभिलेखों और भवन स्वीकृतियों की समीक्षा शुरू कर दी है। लखनऊ की त्रासदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों और नागरिकों की जान को जोखिम में डालने जैसा है। ऐसे में वाराणसी में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक होने के संकेत दे रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह कार्रवाई केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित रहती है या फिर होटल, हॉस्टल, अस्पताल, लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और अन्य भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी इसी तरह व्यापक जांच और कार्रवाई की जाएगी।

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