अब आसमान से दिखेगी शिव की नगरी रोपवे से श्रद्धा और पर्यटन दोनों को मिलेगा नया आयाम
₹10 में उड़ान, ₹50 में
गोदौलिया...
बनारस
रोपवे
के
किराये
ने
चौंकाया,
मिलेगा
रोपवे
का
रोमांच
15 किलो सामान दो
घंटे
तक
मुफ्त,
एक
गंडोला
में
10 यात्रियों
की
सुविधा
अब जाम
नहीं,
गंडोला
की
सवारी...
बनारस
तैयार
आसमान के
रास्ते
काशी,
जेब
पर
नहीं
पड़ेगा
बोझ
पर्यटकों के
साथ
स्थानीय
लोगों
को
भी
मिलेगी
जाम
से
राहत,
समय
और
ईंधन
दोनों
की
होगी
बचत
सुरेश गांधी
वाराणसी। आस्था की नगरी काशी
अब केवल आध्यात्मिक पर्यटन
का केंद्र ही नहीं, बल्कि
आधुनिक शहरी परिवहन का
भी नया अध्याय लिखने
जा रही है। देश
के पहले अर्बन पब्लिक
ट्रांसपोर्ट रोपवे के लिए जारी
किराया सूची ने आम
लोगों की उम्मीदों को
नई उड़ान दे दी है।
सबसे बड़ी बात यह
है कि रोपवे का
किराया इतना किफायती रखा
गया है कि विद्यार्थी,
नौकरीपेशा, व्यापारी, पर्यटक और आम नागरिक—सभी बिना किसी
झिझक के इसका लाभ
उठा सकेंगे।
जारी प्रस्तावित किराये
के अनुसार कैंट रेलवे स्टेशन
से गोदौलिया तक पूरे मार्ग
की यात्रा के लिए मात्र
50 रुपये देने होंगे। वहीं,
एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन
तक का किराया सिर्फ
10 रुपये निर्धारित किया गया है।
यानी यदि कोई यात्री
भारत माता मंदिर स्टेशन
से रथयात्रा स्टेशन तक जाना चाहता
है तो उसे केवल
10 रुपये खर्च करने होंगे।
सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रोपवे सेवा शुरु हो जायेगी.
रोपवे संचालन से जुड़ी एक
और बड़ी सुविधा यात्रियों
को आकर्षित करेगी। प्रत्येक यात्री 15 किलोग्राम तक का सामान
दो घंटे के लिए
स्टेशन पर निःशुल्क सुरक्षित
रख सकेगा। इससे बाहर से
आने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों
और रेल यात्रियों को
काफी राहत मिलेगी। ये
सभी व्यवस्थाएं संकेत देती हैं कि
यह रोपवे केवल पर्यटन का
आकर्षण नहीं, बल्कि काशी की दैनिक
जीवनशैली बदलने वाला सार्वजनिक परिवहन
बनने जा रहा है।
अब शहर को इंतजार
है उस दिन का,
जब बनारस सचमुच जाम से ऊपर
उड़ान भरेगा।
एक गंडोला में 10 यात्रियों की सुविधा
रोपवे के प्रत्येक गंडोला
(केबिन) में 10 यात्री एक साथ आरामदायक
यात्रा कर सकेंगे। वातानुकूलित,
सुरक्षित और आधुनिक तकनीक
से लैस ये गंडोला
शहर के व्यस्त इलाकों
के ऊपर से गुजरेंगे,
जिससे सड़क जाम का
सामना किए बिना कुछ
ही मिनटों में गंतव्य तक
पहुंचा जा सकेगा।
डिजिटल सुविधा और आधुनिक प्रबंधन
यात्रियों की सुविधा को
ध्यान में रखते हुए
ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल टिकटिंग, आधुनिक स्टेशन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य यात्री
सुविधाओं को भी परियोजना
में शामिल किया गया है।
इसका उद्देश्य केवल यात्रा कराना
नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन का अनुभव देना
है।
जाम से राहत, पर्यटन को नई रफ्तार
कैंट रेलवे स्टेशन,
भारत माता मंदिर, रथयात्रा
और गोदौलिया जैसे शहर के
सबसे व्यस्त मार्ग पर प्रतिदिन हजारों
वाहन चलते हैं। रोपवे
शुरू होने के बाद
इस मार्ग पर सड़क यातायात
का दबाव कम होगा।
इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ
प्रतिदिन आने वाले हजारों
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को
भी बड़ी राहत मिलेगी।
देश के लिए बनेगा मॉडल
वाराणसी देश का पहला
शहर बनने जा रहा
है, जहां सार्वजनिक शहरी
परिवहन के रूप में
रोपवे का नियमित संचालन
होगा। यदि यह प्रयोग
सफल रहता है तो
देश के अन्य भीड़भाड़
वाले शहरों में भी इसी
मॉडल को अपनाने का
रास्ता खुलेगा।
रोपवे किराया एक नजर में
▶️
कैंट से गोदौलिया : ₹50
▶️
एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन
तक : ₹10
▶️
15 किलो तक सामान : 2 घंटे
मुफ्त क्लॉक रूम सुविधा
▶️
एक गंडोला में : 10 यात्री
▶️
ऑनलाइन बुकिंग व डिजिटल टिकटिंग
▶️
वातानुकूलित एवं आधुनिक केबिन
▶️
जाम से राहत, समय
की बचत और प्रदूषण
में कमी

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