लोकतंत्र सेनानियों के चरणों में बैठे डिप्टी सीएम
आपातकाल का
संघर्ष
लोकतंत्र
की
सबसे
बड़ी
सीख
: ब्रजेश पाठक
काशी के
मीसा
बंदियों
व
लोकतंत्र
सेनानियों
का
सम्मान
• आपातकाल
की
विभीषिका
पर
आधारित
चित्र
प्रदर्शनी
का
उद्घाटन
• लोकतांत्रिक
मूल्यों
की
रक्षा
का
लिया
संकल्प
सुरेश गांधी
वाराणसी। आपातकाल की 51वीं बरसी
पर शुक्रवार को जगतपुर स्थित
गोकुलधाम में भारतीय जनता
पार्टी की ओर से
काशी क्षेत्र के लोकतंत्र सेनानियों
और मीसा बंदियों का
सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य
अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री
ब्रजेश पाठक ने दीप
प्रज्वलित कर कार्यक्रम का
शुभारंभ किया और आपातकाल
के दौर की घटनाओं
को दर्शाती चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र और
अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित
करते हुए कहा कि
देश का लोकतंत्र उन
लोगों के संघर्ष और
त्याग का ऋणी है
जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में
भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों
की रक्षा के लिए आवाज
बुलंद की।
अपने संबोधन में
ब्रजेश पाठक ने कहा
कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र
न्यायपालिका, निष्पक्ष मीडिया, जागरूक नागरिकों और संविधान के
प्रति अटूट निष्ठा पर
आधारित है। उन्होंने कहा
कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला
अध्याय था, लेकिन उस
दौर में लोकतंत्र की
रक्षा के लिए संघर्ष
करने वाले सेनानियों ने
आने वाली पीढ़ियों के
लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में देश लोकतांत्रिक मूल्यों
को और अधिक सशक्त
करते हुए विकसित भारत
के लक्ष्य की ओर तेजी
से बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक
क्षण तब आया, जब
सम्मान समारोह के बाद उप
मुख्यमंत्री मंच से उतरकर
बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानियों के बीच पहुंचे।
कई सेनानी स्वास्थ्य कारणों से कुर्सियों पर
बैठे थे। ब्रजेश पाठक
स्वयं उनके समीप जमीन
पर बैठ गए, उनका
हालचाल जाना और उनके
संघर्षों को नमन किया।
इस आत्मीय व्यवहार पर पूरा सभागार
तालियों की गड़गड़ाहट से
गूंज उठा।
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि
25 जून 1975 को सत्ता के
अहंकार में लोकतांत्रिक संस्थाओं
पर अभूतपूर्व प्रहार किया गया था।
उस समय अनेक राष्ट्रीय
नेताओं और हजारों लोकतंत्र
समर्थकों को जेलों में
डाल दिया गया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र
की रक्षा के लिए संघर्ष
करने वाले सेनानियों का
सम्मान करना नई पीढ़ी
को इतिहास से परिचित कराने
का महत्वपूर्ण माध्यम है।
समारोह में विधायक केदार
सिंह सहित काशी क्षेत्र
के अनेक लोकतंत्र सेनानियों
एवं मीसा बंदियों को
माल्यार्पण, अंगवस्त्र और अभिनंदन पत्र
देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम
में रोहनिया विधायक सुनील पटेल समेत कई
जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या
में कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन अनिल
श्रीवास्तव ने किया, जबकि
धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष राम
सकल पटेल ने दिया।

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