महाकुंभ जैसी होगी बाबा दरबार की सुरक्षा, नेमी श्रद्धालुओं को मिलेगा विशेष प्रवेश
पुलिस आयुक्त
मोहित
अग्रवाल
ने
काशी
विश्वनाथ
धाम
का
किया
स्थलीय
निरीक्षण
• गेट
नंबर-4
से
काशीवासियों
को
सुगम
दर्शन
• सीसीटीवी,
ड्रोन,
एटीएस
व
अर्धसैनिक
बल
की
रहेगी
चौकस
निगरानी
सुरेश गांधी
वाराणसी। आगामी श्रावण मास में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का व्यापक जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार श्रावण मास की समस्त व्यवस्थाएं महाकुंभ स्तर की व्यापकता और दक्षता के अनुरूप हों, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण, सुगम दर्शन और निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान सबसे
महत्वपूर्ण निर्णय स्थानीय नेमी दर्शनार्थियों (काशीवासियों)
के लिए लिया गया।
उन्हें मंदिर के गेट संख्या-4
से जिग-जैग बैरिकेडिंग
के माध्यम से नियंत्रित और
व्यवस्थित प्रवेश दिया जाएगा, जिससे
उनके नियमित दर्शन बिना किसी बाधा
के संपन्न हो सकें। पुलिस
आयुक्त ने निर्देश दिए
कि सामान्य दिनों में व्यापारिक गतिविधियां
प्रभावित न हों। इसलिए
प्रमुख मार्गों को यथासंभव खुला
रखा जाएगा तथा केवल विशेष
पर्वों और अत्यधिक भीड़
वाले दिनों में ही अतिरिक्त
बैरिकेडिंग लागू की जाएगी।
श्रद्धालुओं को दर्शन के
बाद मंदिर चौक क्षेत्र में
भ्रमण, खरीदारी, स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने
और काशी की सांस्कृतिक
विरासत का अनुभव करने
के लिए भी सुरक्षित
एवं सुगम व्यवस्था सुनिश्चित
की जाएगी। साथ ही पार्किंग
स्थलों को मंदिर क्षेत्र
से 500 मीटर से एक
किलोमीटर के दायरे में
विकसित करने के निर्देश
दिए गए हैं, ताकि
श्रद्धालुओं को अनावश्यक लंबी
दूरी पैदल न तय
करनी पड़े। श्रावण मास के दौरान
भीड़ नियंत्रण के लिए गोदौलिया
और मैदागिन मार्ग पर जिग-जैग
बैरियर लगाए जाएंगे। मंदिर
परिसर के प्रवेश एवं
निकास मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस
बल की तैनाती होगी
और कतार व्यवस्था को
अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन
एवं अन्य सामान जमा
करने और वापस प्राप्त
करने की प्रक्रिया को
भी अधिक सरल, व्यवस्थित
और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए
गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक
से लैस करते हुए
पूरे श्रावण मास में मंदिर
क्षेत्र और प्रमुख मार्गों
पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन तथा अन्य आधुनिक
निगरानी प्रणालियों के माध्यम से
चौबीसों घंटे नजर रखी
जाएगी। किसी भी आपात
स्थिति से तत्काल निपटने
के लिए पुलिस, अर्धसैनिक
बल और एटीएस की
संयुक्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण
के दौरान अपर पुलिस आयुक्त
(कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी
मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव
बंशवाल, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव,
अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर, अपर
पुलिस उपायुक्त सुरक्षा नम्रता श्रीवास्तव सहित कमिश्नरेट के
अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रावण मास की प्रमुख तैयारियां
✔️
काशीवासियों के लिए गेट
नंबर-4 से विशेष प्रवेश
✔️
महाकुंभ स्तर की सुरक्षा
व्यवस्था
✔️
सीसीटीवी और ड्रोन से
24 घंटे निगरानी
✔️
पुलिस, एटीएस और अर्धसैनिक बल
की संयुक्त तैनाती
✔️
गोदौलिया व मैदागिन पर
जिग-जैग बैरियर
✔️
मंदिर से 500 मीटर–1 किमी के दायरे
में पार्किंग
✔️ मोबाइल जमा-निकासी व्यवस्था होगी और अधिक आसान


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