योगी का विकास मंत्र : सड़कों पर दिखे रफ्तार,
फाइलों में नहीं
7175 करोड़ की 2630 परियोजनाओं
की समीक्षा
अभियंताओं को सख्त चेतावनी-
गुणवत्ता और समयसीमा से नहीं होगा समझौता
वाराणसी, चंदौली और आसपास
के जिलों की परियोजनाओं पर विशेष फोकस
सुरेश गांधी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय
क्षेत्र वाराणसी के विकास कार्यों को और गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और अभियंताओं
के साथ लंबी समीक्षा बैठक कर स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं
में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार
की प्राथमिकता जनता को बेहतर सड़कें, सुगम यातायात और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना
उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और तय मानकों के अनुरूप
पूरे किए जाएं।
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री
ने सर्किट हाउस सभागार में वाराणसी मंडल के अंतर्गत चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं
की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात
से पहले पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर
कार्य कराया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समीक्षा के दौरान प्रस्तुत
आंकड़ों के अनुसार वाराणसी परिक्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की कुल 7175 करोड़ रुपये
लागत की 2630 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में संचालित हैं। इनमें से 687 परियोजनाएं शत-प्रतिशत
पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 542 परियोजनाएं 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर अंतिम चरण
में पहुंच चुकी हैं। वहीं अकेले वाराणसी जनपद में 3223 करोड़ रुपये लागत के 421 कार्य
गतिमान हैं। इनमें 85 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 158 परियोजनाओं का 90 प्रतिशत
से अधिक कार्य संपन्न हो चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
विकास परियोजनाओं की सफलता केवल धनराशि स्वीकृत होने से नहीं, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण
क्रियान्वयन से तय होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना
तत्काल प्रस्तुत की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परियोजना में स्वीकृति,
निविदा और क्रियान्वयन के बीच अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "वेटिंग
कल्चर" समाप्त होना चाहिए और परियोजनाएं स्वीकृत होते ही जमीन पर उतरनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे
अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें करें और कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी
रखें। यदि कहीं भूमि, तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाएं हैं तो उनका तत्काल समाधान कराया
जाए, ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।
सड़कों की मरम्मत और निर्माण को लेकर
मुख्यमंत्री विशेष रूप से गंभीर दिखे। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मार्गों की मरम्मत
प्रस्तावित है, उनका पहले वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए और उसके बाद ही कार्य प्रारंभ
किया जाए। नगर निगम को भी नगरीय क्षेत्रों की जर्जर सड़कों के सुधार हेतु सक्रिय भूमिका
निभाने को कहा गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को योजनाओं में
प्राथमिकता के साथ शामिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं में जनता की
अपेक्षाओं और स्थानीय आवश्यकताओं का प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने चंदौली में निर्माणाधीन
इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि
परियोजना का लगभग 18 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पर मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता
और समयसीमा दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक अवसंरचना
से जुड़ी परियोजनाएं जनता की सुविधा और न्याय व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी होती हैं,
इसलिए इनमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने वाराणसी
में प्रस्तावित यूनिटी मॉल परियोजना की भी समीक्षा की और निर्माण कार्य में तेजी लाने
के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और ‘वोकल
फॉर लोकल’ की अवधारणा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव लोक निर्माण
विभाग अजय चौहान ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वाराणसी परिक्षेत्र में चल रही
परियोजनाओं, उनकी प्रगति, लागत और आगामी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री के
समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण के विभिन्न बिंदुओं पर सवाल पूछते
हुए परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक
में पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री
(स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र
‘दयालु’, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश
चंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, विभिन्न
जनपदों के विधायक, एमएलसी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर
आयुक्त हिमांशु नागपाल तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित
रहे।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट
संकेत मिला कि वाराणसी मंडल में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को लेकर
प्रदेश सरकार किसी प्रकार की शिथिलता के मूड में नहीं है। विकास की रफ्तार बनाए रखने
के लिए अब हर परियोजना की निगरानी और जवाबदेही दोनों पहले से अधिक सख्त होने वाली है।
एक नजर में पीडब्ल्यूडी की प्रगति
वाराणसी परिक्षेत्र में कुल परियोजनाएं
: 2630
कुल लागत : 7175 करोड़ रुपये
100% पूर्ण परियोजनाएं : 687
90% से अधिक पूर्ण परियोजनाएं : 542
वाराणसी जिले में कुल कार्य : 421
लागत : 3223 करोड़ रुपये
जिले में पूर्ण कार्य : 85
90% से अधिक पूर्ण कार्य : 158
चंदौली इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स
: 18% कार्य पूर्ण
यूनिटी मॉल निर्माण में तेजी लाने के
निर्देश
"सड़क विकास की
रफ्तार ही प्रदेश की प्रगति का आधार है, इसलिए समयसीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
होगा" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


No comments:
Post a Comment