पूर्वांचल को विकास की नई राह, मऊ-बलिया फोरलेन परियोजना मंजूर
ए.के.
शर्मा
की
पैरवी
लाई
रंग
| 55.57 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी
के
चौड़ीकरण
को
स्वीकृति
| NHAI से जल्द टेंडर
सुरेश
गांधी
वाराणसी। पूर्वांचल के बहुप्रतीक्षित मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग-128बी के फोरलेन
निर्माण का रास्ता साफ
हो गया है। नगर
विकास एवं ऊर्जा मंत्री
ए.के. शर्मा के
लगातार प्रयासों और प्रभावी पैरवी
के बाद 55.57 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण
परियोजना को स्वीकृति मिल
गई है। इसे पूर्वांचल
के विकास के लिए एक
बड़ी उपलब्धि माना जा रहा
है।
परियोजना
को जल्द धरातल पर
उतारने के लिए मंत्री
ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र लिखकर
टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य
में तेजी लाने का
अनुरोध किया है। उन्होंने
कहा कि क्षेत्र की
जनता लंबे समय से
इस परियोजना की प्रतीक्षा कर
रही थी और इसके
निर्माण से पूर्वांचल के
विकास को नई गति
मिलेगी।
मंत्री शर्मा ने कहा कि
यह केवल सड़क निर्माण
परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को
नई उड़ान देने वाला ग्रोथ
कॉरिडोर साबित होगा। फोरलेन बनने से मऊ,
बलिया और आसपास के
जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर
होगी, यात्रा समय कम होगा
और सड़क दुर्घटनाओं में
भी कमी आएगी। परियोजना
में कई रेलवे ओवरब्रिजों
के निर्माण का भी प्रावधान
है, जिससे आवागमन बाधारहित होगा। इससे व्यापार, उद्योग
और निवेश को बढ़ावा मिलेगा,
वहीं किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों
को सीधा लाभ मिलेगा।
मऊ-बलिया
फोरलेन
परियोजना
पूर्वांचल
के
आर्थिक
और
सामाजिक
विकास
का
मजबूत
आधार
बनेगी।
इसके
पूरा
होने
से
क्षेत्र
में
निवेश,
रोजगार
और
व्यापार
की
नई
संभावनाएं
खुलेंगी
:-
ए.के.
शर्मा,
नगर
विकास
एवं
ऊर्जा
मंत्री
फोरलेन परियोजना से होंगे ये
बड़े फायदे
मऊ-बलिया के
बीच तेज और सुरक्षित
सफर
कई रेलवे क्रॉसिंग
की समस्या से राहत
व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों
को बढ़ावा
किसानों को बाजार तक
बेहतर पहुंच
निवेश और रोजगार के
नए अवसर
पूर्वांचल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

No comments:
Post a Comment