विंध्य धाम से गंगा आरती तक... रेखा गुप्ता ने सराहा 'नया काशी मॉडल'
दो दिवसीय
दौरे
पर
दिल्ली
की
मुख्यमंत्री
पहुंचीं
वाराणसी,
विंध्यवासिनी
धाम
में
किया
दर्शन-पूजन,
नमो
घाट
से
क्रूज
यात्रा
कर
दशाश्वमेध
घाट
पर
देखी
विश्वप्रसिद्ध
गंगा
आरती,
आज
श्री
काशी
विश्वनाथ
धाम
में
करेंगी
बाबा
का
अभिषेक
सुरेश गांधी
वाराणसी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा
गुप्ता का दो दिवसीय
वाराणसी दौरा शनिवार को
आध्यात्मिक आस्था और विकास की
नई तस्वीर के साथ शुरू
हुआ। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर
पहुंचने के बाद वह
सीधे मिर्जापुर स्थित विश्वविख्यात मां विंध्यवासिनी धाम
गईं। वहां विधि-विधान
से दर्शन-पूजन कर प्रदेश
और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद वह वाराणसी
लौटीं और शहर के
सबसे आधुनिक एवं आकर्षक पर्यटन
स्थलों में शामिल नमो
घाट का भ्रमण किया।
शाम ढलते ही
मुख्यमंत्री नमो घाट से
क्रूज पर सवार होकर
गंगा के जलमार्ग से
दशाश्वमेध घाट पहुंचीं। इस
दौरान उन्होंने गंगा के दोनों
तटों पर विकसित घाटों
की भव्यता, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण
को नजदीक से देखा। क्रूज
यात्रा के दौरान उनके
साथ मौजूद अधिकारियों ने काशी में
हुए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी
दी। दशाश्वमेध घाट पर मुख्यमंत्री
ने विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में
भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की अनुगूंज और
दीपों की अलौकिक छटा
के बीच उन्होंने मां
गंगा की पूजा-अर्चना
की।
घाट पर मौजूद
श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने
भी मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।
आरती के बाद उन्होंने
घाटों के संरक्षण, स्वच्छता
और पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री
रेखा गुप्ता ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में काशी का स्वरूप
ऐतिहासिक रूप से बदल
गया है। उन्होंने कहा
कि यह केवल आधारभूत
संरचना का विकास नहीं,
बल्कि भारत की सांस्कृतिक
और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं
के साथ जोड़ने का
सफल प्रयास है। विश्वनाथ धाम
कॉरिडोर, नमो घाट, क्रूज
सेवा, घाटों का पुनर्विकास, बेहतर
यातायात व्यवस्था और स्वच्छता अभियान
ने काशी को वैश्विक
धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर
नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि काशी
का विकास मॉडल आज देश
के अन्य तीर्थ नगरों
के लिए भी प्रेरणा
बन रहा है। यहां
विरासत का संरक्षण करते
हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया
गया है, जिससे श्रद्धालुओं,
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों
सभी को लाभ मिल
रहा है। उन्होंने विश्वास
व्यक्त किया कि आने
वाले वर्षों में काशी आध्यात्मिक
राजधानी के साथ-साथ
सांस्कृतिक और पर्यटन की
वैश्विक राजधानी के रूप में
और अधिक सशक्त होगी।
मुख्यमंत्री रविवार प्रातः श्री काशी विश्वनाथ
धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का
विधिवत जलाभिषेक एवं दर्शन-पूजन
करेंगी। इसके बाद वह
धाम परिसर में विकसित विभिन्न
सुविधाओं का निरीक्षण करेंगी
तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों
से मुलाकात भी प्रस्तावित है।
बता दें, आस्था की राजधानी काशी
में शनिवार को दिल्ली की
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की
यात्रा केवल एक धार्मिक
कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि
यह उस 'नए काशी
मॉडल' का साक्षात्कार भी
बनी, जिसने बीते एक दशक
में दुनिया का ध्यान अपनी
ओर खींचा है। विंध्याचल में
मां विंध्यवासिनी के दर्शन से
शुरू हुई उनकी यात्रा
नमो घाट, गंगा की
क्रूज यात्रा और दशाश्वमेध घाट
की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती तक
पहुंची। मुख्यमंत्री ने काशी में
हुए व्यापक बदलावों की सराहना करते
हुए कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में यह नगरी अपनी
प्राचीन आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते
हुए आधुनिक भारत की विकास
यात्रा का भी प्रतीक
बन गई है। रविवार
को वह श्री काशी
विश्वनाथ धाम में बाबा
विश्वनाथ का दर्शन-पूजन
करेंगी, जहां से उनका
यह आध्यात्मिक एवं विकासपरक दौरा
नई दिशा प्राप्त करेगा।
मुख्य बातें
✦
बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे पहुंचीं
मां विंध्यवासिनी धाम।
✦
नमो घाट का भ्रमण
कर आधुनिक घाट विकास का
लिया जायजा।
✦
क्रूज से गंगा के
घाटों का निहारा विहंगम
दृश्य।
✦
दशाश्वमेध घाट पर विश्वप्रसिद्ध
गंगा आरती में हुईं
शामिल।
✦
काशी में हुए विकास
कार्यों की खुलकर की
सराहना।
✦
रविवार सुबह श्री काशी
विश्वनाथ धाम में करेंगी
दर्शन-पूजन।
क्या बोलीं रेखा गुप्ता
काशी आज भारत
की सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास
का अद्भुत संगम है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में यहां जो परिवर्तन
हुआ है, वह देश
के लिए प्रेरणास्रोत है।
विरासत को सुरक्षित रखते
हुए विकास कैसे किया जाता
है, इसका श्रेष्ठ उदाहरण
आज की काशी है।
काशी मॉडल क्यों बना चर्चा का विषय
श्री काशी विश्वनाथ
धाम के निर्माण से
श्रद्धालुओं को मिली विश्वस्तरीय
सुविधाएं।
नमो घाट ने
धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक
शहरी विकास की नई पहचान
बनाई।
गंगा में क्रूज
सेवा और घाटों का
सौंदर्यीकरण पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण
बना।
सड़क, यातायात, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं
में व्यापक सुधार।
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय
व्यापार और रोजगार को
नई गति मिली।
आज का कार्यक्रम
रविवार
प्रातः
श्री
काशी विश्वनाथ धाम में बाबा
विश्वनाथ का दर्शन एवं
जलाभिषेक।
धाम
परिसर का अवलोकन।
स्थानीय
जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों
से मुलाकात।
निर्धारित
कार्यक्रमों के बाद दिल्ली
के लिए प्रस्थान।

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