दालमंडी चौड़ीकरण का भूमि पूजन, नवंबर तक बन जाएगा नया कॉरिडोर
नीलकंठ बोले-
व्यापार
को
मिलेगी
रफ्तार,
विश्वनाथ
धाम
पहुंचना
होगा
आसान
सुरेश गांधी
वाराणसी. चौक क्षेत्र में
लंबे समय से चर्चा
में रही दालमंडी मार्ग
चौड़ीकरण परियोजना का रविवार को
विधिवत भूमि पूजन कर
निर्माण कार्य शुरू करा दिया
गया। शहर दक्षिणी विधायक
एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी
ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फावड़ा
चलाकर परियोजना की शुरुआत की।
लगभग 221 करोड़ रुपये लागत वाली इस
योजना के तहत 650 मीटर
लंबी और 17.4 मीटर चौड़ी आधुनिक
सड़क बनाई जाएगी।
भूमि पूजन के
बाद आयोजित सभा में डॉ.
तिवारी ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में काशी में अब
तक लगभग 85 हजार करोड़ रुपये
की विकास परियोजनाएं शुरू हो चुकी
हैं और दालमंडी चौड़ीकरण
भी उन्हीं महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सड़क
भले ही छोटी हो,
लेकिन इसका प्रभाव पूरे
चौक, कुंज गली, रेशम
और साड़ी कारोबार तथा विश्वनाथ धाम
आने वाले श्रद्धालुओं पर
व्यापक पड़ेगा।
विधायक ने कहा कि
परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने वर्ष
2025 में किया था। विपक्ष
द्वारा कई बार इसका
विरोध किया गया, लेकिन
स्थानीय लोगों ने विकास योजना
का समर्थन किया और अब
निर्माण का रास्ता पूरी
तरह साफ हो गया
है। विधायक ने कहा कि
परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने वर्ष
2025 में किया था। विपक्ष
द्वारा कई बार इसका
विरोध किया गया, लेकिन
स्थानीय लोगों ने विकास योजना
का समर्थन किया और अब
निर्माण का रास्ता पूरी
तरह साफ हो गया
है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मार्ग
परियोजना के तहत सड़क
के दोनों ओर पैदल पथ
बनाए जाएंगे। सीवर लाइन, जल
निकासी व्यवस्था, पेयजल पाइपलाइन और वाई-फाई
जैसी सुविधाएं भूमिगत रहेंगी ताकि ऊपर तारों
का जाल दिखाई न
दे। अधिकारियों के अनुसार सड़क
निर्माण पर लगभग 25 करोड़
रुपये खर्च किए जाएंगे,
जबकि शेष राशि भूमि
अधिग्रहण और अन्य कार्यों
पर लगेगी।
यातायात दबाव कम होगा
दालमंडी मार्ग चौक क्षेत्र का
अत्यंत व्यस्त व्यावसायिक इलाका है। सड़क चौड़ी
होने से जाम की
समस्या कम होगी और
विश्वनाथ धाम जाने वाले
श्रद्धालुओं को वैकल्पिक सुगम
मार्ग मिलेगा। स्थानीय व्यापारियों का मानना है
कि बेहतर पहुंच से रेशम और
साड़ी बाजार में ग्राहकों की
आवाजाही बढ़ेगी।
नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
डॉ. तिवारी ने
दावा किया कि निर्माण
कार्य तेज गति से
कराया जाएगा और परियोजना को
नवंबर 2026 तक पूरा करने
का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने इसे चौक क्षेत्र
के लिए “प्राणवायु मार्ग”
बताते हुए कहा कि
यह काशी के पारंपरिक
व्यापार और धार्मिक पर्यटन
दोनों को नई गति
देगा। डॉ. तिवारी ने
दावा किया कि निर्माण
कार्य तेज गति से
कराया जाएगा और परियोजना को
नवंबर 2026 तक पूरा करने
का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने इसे चौक क्षेत्र
के लिए “प्राणवायु मार्ग”
बताते हुए कहा कि
यह काशी के पारंपरिक
व्यापार और धार्मिक पर्यटन
दोनों को नई गति
देगा।
भूमि पूजन में मौजूद प्रमुख लोग
क्षेत्रीय पार्षद इंद्रेश सिंह, आत्मा विश्वेश्वर, डॉ. वीरेंद्र सिंह,
राजीव सिंह डब्बू, संजय
केशरी, बबलू सेठ, तारकेश्वर
गुप्ता, संतोष सोलापुरकर, अमरेश गुप्ता उमंग, अनंतराज, कनकलता मिश्रा, अंकूर मल्होत्रा, अभीजित भारद्वाज, अक्षयबर सिंह सहित बड़ी
संख्या में स्थानीय नागरिक,
भाजपा कार्यकर्ता और पीडब्ल्यूडी अधिकारी
उपस्थित रहे।
दालमंडी परियोजना एक नजर में
बिंदु
विवरण
परियोजना
लागत ₹221 करोड़
सड़क
लंबाई 650 मीटर
सड़क
चौड़ाई 17.4 मीटर
निर्माण
लागत लगभग ₹25 करोड़
विशेष
सुविधाएं पाथ-वे, भूमिगत
सीवर, जलनिकासी, पेयजल, वाई-फाई
लाभार्थी
व्यापारी, स्थानीय निवासी, श्रद्धालु
पूर्णता
लक्ष्य नवंबर 2026
प्रमुख बातें
लागत
लगभग 221 करोड़ रुपये
लंबाई
650 मीटर
चौड़ाई
17.4 मीटर
दोनों
ओर पाथ-वे और
भूमिगत सुविधाएं
लक्ष्य: नवंबर 2026 तक निर्माण पूरा

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