गंगा-वरुणा के उफान में काशी, राहत को उतरे योगी
हवाई सर्वेक्षण
के
बाद
पीड़ितों
के
बीच
पहुंचे
योगी,
बोले—संकट
में
काशी
अकेली
नहीं,
हर
कदम
पर
सरकार
आपके
साथ,
हर
पीड़ित
परिवार
तक
पहुंचेगी
मदद,
बेघर
को
मिलेगा
आवास
सलारपुर के
राहत
शिविर
में
मुख्यमंत्री
ने
सुनी
बाढ़
की
पीड़ा,
बच्चों
से
पढ़ाई
पूछी,
बुजुर्गों
को
दिया
भरोसा
16 वार्डों के 567 परिवार
प्रभावित,
1131 किसानों
की
फसल
क्षतिग्रस्त;
48 नावें
राहत
कार्य
में
जुटीं
सुरेश गांधी
वाराणसी। बाढ़ का पानी
भले ही काशी के
निचले इलाकों में जिंदगी की
रफ्तार रोकने पर आमादा हो,
लेकिन शनिवार को सलारपुर के
विद्याविहार इंटर कॉलेज में
बने राहत शिविर में
सरकार का भरोसा लोगों
के बीच दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
पहले आसमान से बाढ़ का
मंजर देखा और फिर
जमीन पर उतरकर उन
चेहरों के बीच पहुंचे,
जिनके लिए इन दिनों
घर की चौखट से
ज्यादा राहत शिविर ही
सहारा बना हुआ है।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से
सीधे संवाद कर उन्होंने उनकी
तकलीफें सुनीं और कहा—आपदा
की इस घड़ी में
सरकार आपके साथ मजबूती
से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित
क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण
कर स्थिति का जायजा लिया।
इसके बाद सलारपुर पहुंचे
और राहत शिविर में
उपलब्ध व्यवस्थाओं को बारीकी से
देखा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री
वितरित की। शिविर में
बच्चों को दुलारते हुए
उनकी पढ़ाई के बारे में
पूछा तो माहौल में
कुछ पल के लिए
बाढ़ की चिंता के
बीच अपनापन उतर आया। मुख्यमंत्री
ने महिलाओं और बुजुर्गों से
भी भोजन, स्वास्थ्य और दूसरी सुविधाओं
की जानकारी ली।
वैसे भी बाढ़ के पानी में
घिरे परिवारों के लिए सरकारी
घोषणाएं तभी मायने रखती
हैं, जब वे राहत
की थैली, दवा, नाव और
मुआवजे के रूप में
घर की चौखट तक
पहुंचें। सलारपुर के शिविर से
मुख्यमंत्री ने यही भरोसा
देने की कोशिश की
कि आपदा सिर्फ पानी
की मार नहीं, बल्कि
प्रशासन की परीक्षा भी
है—और इस परीक्षा
में पीड़ित को अकेला नहीं
छोड़ा जाएगा।
वरुणा के बैकफ्लो ने बढ़ाई मुश्किल
26 तरह की राहत सामग्री, किसानों के लिए भी मुआवजा
पानी उतरेगा तो बीमारी रोकने की चुनौती
मुख्यमंत्री ने राहत के
साथ अगले चरण की
चुनौती को भी रेखांकित
किया। उन्होंने कहा कि पानी
उतरने के बाद प्रभावित
इलाकों में उचित छिड़काव
कराया जाएगा, ताकि संक्रमण और
बीमारियां न फैलें। चिकित्सा
सुविधा के लिए आयुष्मान
कार्ड उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था
की गई है। उन्होंने
बताया कि 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं और 48 नावें
राहत एवं बचाव कार्य
में लगाई गई हैं।
1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त
हुई है। मुख्यमंत्री ने
प्रशासन को राहत कार्यों
में किसी तरह की
शिथिलता नहीं बरतने के
निर्देश दिए।
प्रतिमा पर माल्यार्पण, शिविर में बच्चों को दुलार
सलारपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने
स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की
प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद राहत शिविर
का स्थलीय निरीक्षण किया। शिविर में बच्चों के
बीच पहुंचे तो उनसे पढ़ाई
की जानकारी ली और स्नेहपूर्वक
बातचीत की। कार्यक्रम में
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री
अनिल राजभर ने मुख्यमंत्री का
अभिनंदन करते हुए कहा
कि प्राकृतिक आपदा के समय
सरकार जनता के दरवाजे
पर खड़ी रहती है।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्टाम्प
एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री
(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र
‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष
पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व
मंत्री एवं विधायक डॉ.
नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ.
अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, भाजपा जिलाध्यक्ष
रामशकल पटेल समेत मंडलायुक्त
एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु
नागपाल और सीडीओ प्रखर
कुमार सहित संबंधित विभागों
के अधिकारी मौजूद रहे।





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