Friday, 8 April 2022

आईआईटी बीएचयू दीक्षांत समारोह में 1610 मेधावियों को मिलेगी उपाधि

आईआईटी बीएचयू दीक्षांत समारोह में 1610 मेधावियों को मिलेगी उपाधि

10 अप्रैल को होने वाले समारोह में इस बार 58 मेधावियों में स्वर्ण पदक बांटे जाएंगे

उपाधि लेने वालों में 766 बीटेक, 252 आईडीडी, 368 एमटेक-एमफार्मा और 36 एमएससी छात्रों के अलावा 188 से अधिक शोधार्थी होंगे शामिल

इसरों के चेयरमैन रॉकेट मैन सोमनाथ होंगे समारोह के मुख्य अतिथि

सुरेश गांधी

वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में 10 अप्रैल को होने वाले 10वें दीक्षांत समारोह  में इस बार 58  स्वर्ण पदक बांटे जाएंगे। पदक पाने वालों की सूची में इस बार सर्वाधिक 40 छात्रों के नाम हैं। जबकि 18 छात्राओं को भी पदक मिलेगा। समारोह में संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 1610 मेधावी छात्रों को उपाधि प्रदान की जाएगी। स्वतंत्रता भवन में होने वाले समारोह में इस बार इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन (इसरो) के चेयरमैन और रॉकेट मैन की ख्याति रखने वाले सोमनाथ पद्मश्री डॉ. कोटा हरिनारायन का दीक्षांत भाषण होगा। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन, संचालक मंडल के अध्यक्ष एवं निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान करेंगे।

निदेशक कार्यालय स्थित समिति कक्ष में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान संस्थान के निदेशक प्रो प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में कुल 58 विद्यार्थियों को 84 मेडल और पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। समारोह में संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के 1610 मेधावी छात्रों को उपाधि प्रदान की जाएगी। इसमें 766 बीटेक, 252 आईडीडी, 368 एमटेक/एमफार्मा और 36 एमएससी छात्रों को विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में 188 से अधिक शोधार्थियों को डिग्री दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष दो छात्रों को सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने पर प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक और डाइरेक्टर्स स्वर्ण पदक दिया जाएगा। संस्थान में बीटेक स्तर पर शैक्षणिक क्षेत्र में संपूर्ण उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र श्री कुशल टिब्रेवाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग को प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा और सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और संगठनात्मक नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के लिए श्री पुलकित गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग को डाइरेक्टर्स स्वर्ण पदक से विभूषित किया जाएगा।

प्रोफेसर जैन ने बताया कि पूर्व छात्र किसी भी संस्थान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। प्रतिष्ठित पूर्व छात्र/पूर्व छात्रा पुरस्कार आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी द्वारा अपने पूर्व छात्रों को उनकी उपलब्धियों के सम्मान में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। इस वर्ष कुल 09 पूर्व छात्रों को प्रतिष्ठित पूर्व छात्र/पूर्व छात्र पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया जाएगा। इनमें श्री निकेश अरोड़ा, (ईईई 89), सीईओ और अध्यक्ष, पालो-ऑल्टो नेटवर्क्स को प्रोफेशन के क्षेत्र में, श्री जय चौधरी (ईसीई 80) सीईओ, अध्यक्ष और सह-संस्थापक, जीस्केलर और श्री पवन कुमार जैन (सीएचई 76) साइट अध्यक्ष और जेएमडी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को उद्योग/उद्यमिता क्षेत्र में, डॉ इंदु भूषण (ईईई 81) पूर्व सीईओ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और आयुष्मान भारत, भारत सरकार और डॉ अरुण कुमार मेहता (सीआईवी 84) मुख्य सचिव, जम्मू और कश्मीर सरकार, को सार्वजनिक जीवन में उपलब्धियों के लिए, प्रो. कुणाल करण (सीएचई 92) प्रोफेसर, रसायन और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग, कैलगरी विश्वविद्यालय और प्रो बनमाली एस रावत (ईईई 68 और ईसीई 70) प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग, नेवादा विश्वविद्यालय को अकादमिक क्षेत्र के लिए और डॉ आनंद एस मूर्ति (एमईटी 87) इंटेल फेलो और निदेशक, इंटेल इंक और श्री कैलाश कैलाश (ईसीई 80) सह-संस्थापक, जीस्केलर को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए विशिष्ट पूर्व छात्र/पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में श्री पवन कुमार जैन, डॉ इंदु भूषण एवं श्र आनंद एस. मूर्थी उपस्थित रहेंगे जिन्हें सम्मानित किया जाएगा।

प्रोग्राम शेड्यूल

आईआईटी में दीक्षांत समारोह की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। आईआईटी की वेबसाइट पर समारोह में मेडल पाने वालों की सूची अपलोड करने के साथ ही दीक्षांत समारोह का प्रोग्राम शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। इस वर्ष कुल नौ पूर्व छात्रों को प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह का मुख्य आयोजन 10 अप्रैल को स्वतंत्रता भवन में सुबह 10 बजे से होगा। इसके पहले नौ अप्रैल को सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक स्वतंत्रता भवन में ही सदरी और उत्तरीय का वितरण होगा। उसी दिन शाम चार बजे से रिहर्सल होगा। मुख्य समारोह वाले दिन सुबह 10 बजे से आयोजन होगा। एक बजे से डिग्री वितरण का कार्यक्रम शुरू होगा। इस आयोजन में देश के कई शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से शिक्षक और अधिकारियों के साथ आईआईटी(बीएचयू) के सैकड़ों पुरातन छात्रों के जुटने की संभावना है।

सात पदक के साथ कुशल टिबड़ेवाल अव्वल

आईआईटी बीएचयू में पदक और पुरस्कार पाने वालों में सबसे अधिक सात पदक और चार पुरस्कार यानि कुल 11 पुरस्कार बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के छात्र कुशल टिबड़ेवाल को मिलेंगे। इसके बाद बीटेक कंप्यूटर साइंस के छात्र प्रणव दलाल को सात मेडल, एक पुरस्कार, बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र अमितेश पंडा को पांच मेडल, दो पुरस्कार मिलेंगे। बीटेक इन इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के छात्र आरएडीएस अभिजीत को पांच मेडल और दो पुरस्कार मिलेंगे। बीटेक फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा अनुश्री शेखावत को चार मेडल, एक पुरस्कार मिलेंगे।

Saturday, 2 April 2022

कलवार जायसवाल समाज के होली मिलन में उमड़े कई राज्यों के स्वजातिय

कलवार जायसवाल समाज के होली मिलन में उमड़े कई राज्यों के स्वजातिय

मुख्य अतिथि जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा, रसोईघर तक सीमित रहें महिलाएं, आगे आकर कार्य करें

सुरेश गांधी

वाराणसी। कलवार जायसवाल समाज, दुद्धी-सोनभद्र के तत्वावधान तुलसी निकेतन मैदान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मध्य प्रदेश, झारखंड, यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के बड़ी संख्या में स्वजातिय बंधुओं ने शिरकत की। समारोह के मुख्य अतिथि जायसवाल क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा, रसोईघर तक सीमित रहें महिलाएं, आगे आकर कार्य करें। खासकर इस दौरान स्वजातिय बंधुओं ने समाज के लिए कुछ नया करने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के कुल देवता पूज्य राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु भगवान के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके बाद समाज के नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि मनोज जायसवाल ने कहा कि हम गरीब और मजदूर हो सकते हैं, पर कमजोर नहीं। अगर महिलाएं शक्तिशाली बनेगी तो हमारा समाज भी शक्तिशाली बनेगा, महिला की प्रतिभा को रसोई घर तक सीमित ना रखें, अपनी पहचान सिर्फ गृहणी रूप में नहीं बल्कि हमें सभी क्षेत्र में अग्रणी के रूप में पहचान बनानी है।

मनोज जायसवाल ने कहा कि समाज मे पुरुष प्रधान मानसिकता को खत्म करके बराबरी के साथ हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। क्योंकि महिलाओं को विकास की मुख्य धारा में शामिल किए बगैर समाज का विकास असंभव है। महिलाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं, जरूरत सिर्फ उन्हें अवसर प्रदान करने की है। तमाम महिलाएं बेटियां उच्च पदों पर आसीन होकर देश के गौरव को बढ़ा रही हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं एमपी के ओबीसी अध्यक्ष रमापति जायसवाल ने कहा कि अफसोस है कि तीन प्रतिशत आबादी वाली जातियों के नेता कैबिनेट मंत्री बन रहे है, लेकिन हम 12 फीसदी होकर भी उपे़ात है। इसका बड़ा कारण हमारी एकजुटता में कमी है। इसके लिए समाज के लोगों को मंथन करने के साथ ही आगे आने की जरुरत है। कहा, बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा। बच्चों को हर हाल में शिक्षित करना होगा, तभी समाज आगे बढ़ पाएगा।

इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक अध्यक्ष रवीन्द्र जायसवाल ने समाज के मेधावियों को स्मृति चिन्ह प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कर रही प्रधानाचार्या वर्षाश्रानी जायसवाल सुरसुरी जी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्वीटी जायसवाल, रश्मि जायसवाल, बालकृष्ण जायसवाल, देवनारायण जायसवाल, गाजीपुर से रमेश जायसवाल, रमेश हाइडिल, भोलानाथ, पन्नालाल, निरंजन, विद्यासागर, विनोद, अरविन्द सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान समाज से आए बच्चों ने भी गीत होली गीत गाए जिससे कार्यक्रम की रौनक और भी बढ़ गई। 




 

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