“एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प संग काशी में गुंजा लौह पुरुष का जयघोष
सरदार पटेल
की
150वीं
जयंती
पर
वाराणसी
कैंट
में
उमड़ा
उत्साह,
भव्य
‘एकता
यात्रा’
में
उमड़ा
जनसैलाब
सरदार पटेल
आधुनिक
भारत
के
शिल्पकार
: ब्रजेश
पाठक
पटेल को
वह
सम्मान
नहीं
मिला,
जो
मिलना
चाहिए
था
: सुरेश
खन्ना
सुरेश गांधी
वाराणसी. लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर वाराणसी का माहौल एकता, राष्ट्रभक्ति और संकल्प की भावना से सराबोर हो उठा। कैंट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित भव्य “एकता यात्रा” में हजारों की संख्या में नागरिक, विद्यार्थी और कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर लंका, अस्सी, शिवाला, सोनारपुरा व भेलूपुर होते हुए आईपी विजया मॉल तक पहुंची। पूरा मार्ग तिरंगे, राष्ट्रगीत-उद्घोषों और एकता के संकल्पों से गूंजता रहा। पूरे मार्ग पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा, पटेल जी के चित्र पर माल्यार्पण और राष्ट्रगीत के साथ यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा प्रारंभ से पहले रामलीला
मैदान में आयोजित सभा
में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा
आधुनिक भारत के निर्माण
में सरदार पटेल की भूमिका
प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा
है। अगर वह न
होते तो आज भारत
छोटे-छोटे रियासतों में
बंटा होता। उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक
भारत को अखंड बनाने
का इतिहास रचा। उन्होंने कहा
कि भाजपा संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प
“एक भारत–श्रेष्ठ भारत”
को समाज के अंतिम
व्यक्ति तक पहुंचाने के
लिए संकल्पित है।
ब्रजेश पाठक ने बताया
कि सरदार पटेल की 150वीं
जयंती पर इस बार
कार्यक्रमों को नया स्वरूप
दिया गया है ताकि
समाज के हर वर्ग
को उनके जीवन चरित्र
और योगदान से जोड़ा जा
सके। उन्होंने कहा कि बूथ
से लेकर जिला व
प्रदेश स्तर तक व्यापक
कार्यक्रम होंगे। उपमुख्यमंत्री ने यह भी
कहा प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले
11 वर्षों में विकास के
साथ विरासत को भी नए
रूप में स्थापित किया
है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर,
श्रीराम मंदिर, महाकाल लोक, विद्या कॉरिडोर—ये सब भारत
की अस्मिता को पुनर्जीवित करने
वाले कार्य हैं।
प्रदेश के वित्त मंत्री
व काशी के प्रभारी
मंत्री सुरेश खन्ना ने पटेल की
उपेक्षा को लेकर कांग्रेस
पर हमला बोला। उन्होंने
कहा सरदार पटेल का व्यक्तित्व
इतना विशाल था कि उन्होंने
अपने घर के अंधेरे
की चिंता किए बिना देश
के गरीबों के घरों में
उजाला करने का संकल्प
लिया। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें कभी
वह सम्मान नहीं दिया जिसका
वह हकदार थे। उन्होंने तीखे
शब्दों में कहा नेहरू
ने महात्मा गांधी के माध्यम से
सरदार पटेल को कांग्रेस
अध्यक्ष और स्वतंत्र भारत
का प्रधानमंत्री बनने से रोका।
उन्हें सिर्फ गृहमंत्री बनाया गया, लेकिन उसी
पद पर रहते हुए
उन्होंने 562 रियासतों को जोड़कर भारत
को अखंड राष्ट्र बनाया।
सुरेश खन्ना ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैचू
ऑफ यूनिटी बनवाकर न केवल सरदार
पटेल को वास्तविक सम्मान
दिया, बल्कि पूरी दुनिया को
उनकी महानता का स्मरण कराया।
भव्यता और जनभागीदारी ने बनाया यात्रा को ऐतिहासिक
यात्रा में शामिल लोगों
ने हाथों में तिरंगा लिए
“सरदार पटेल अमर रहें”,
“भारत माता की जय”,
“एकता का संदेश—पटेल
विशेष” जैसे उद्घोष लगाए।
विशेष रूप से विद्यालयों के
छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने
कार्यक्रम को ऊर्जा, उत्साह
और देशभक्ति से भर दिया।
यात्रा के स्वागत भाषण में विधायक
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि
वाराणसी कैंट की जनता
ने हमेशा एकता और समरसता
का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अध्यक्षता
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और संचालन अमित
राय ने किया। कार्यक्रम में
पूर्व महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, पूर्व महापौर
रामगोपाल मोहले, पूर्व रामनगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आशा गुप्ता,
प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय, काशी
क्षेत्र मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया सहित बड़ी संख्या
में मंडल अध्यक्ष, पार्षद,
महिला मोर्चा और युवा मोर्चा
से जुड़े पदाधिकारी शामिल रहे।
“एकता यात्रा” ने दिया संदेश—भारत की एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति
सरदार पटेल के बताए
मार्ग; राष्ट्र की अखंडता, अनुशासन
और समरसता; को जनमानस तक
पहुंचाने में वाराणसी की
यह एकता यात्रा अत्यंत
सफल रही। काशी ने
एक बार फिर संदेश
दिया कि उसका हृदय
राष्ट्रहित की भावना से
धड़कता है। संविधान निर्माण और राष्ट्रीय एकता
में सरदार पटेल के योगदान
को याद करते हुए
यह यात्रा काशी में एक
नई ऊर्जा, नया उत्साह और
नई प्रेरणा जगाती दिखी।



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