सभी उपभोक्ता श्रेणियों का टैरिफ यथावत, किसी पर भी अतिरिक्त भार नहीं
छठे साल भी नहीं बढ़ी बिजली दरें : यूपी बना देश का पहला राज्य, करोड़ों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
ऊर्जा मंत्री
ए.के.
शर्मा
ने
कहा—
जनता
पर
नहीं
पड़ेगा
अतिरिक्त
बोझ,
योगी
सरकार
की
जन–हितैषी
नीति
का
बड़ा
निर्णय
सुरेश गांधी
वाराणसी. उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री
ए. के. शर्मा ने
विद्युत दरों में लगातार
छठवें वर्ष भी किसी
प्रकार की बढ़ोतरी न
होने पर प्रदेशवासियों को
हार्दिक बधाई दी। उन्होंने
कहा कि प्रदेश सरकार
का यह फैसला जन–हित को सर्वोच्च
प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता
को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष
2025–26 के लिए बिजली दरें
यथावत रखने के बाद
यूपी देश का पहला
ऐसा राज्य बन गया है,
जहां छह वर्ष से
एक पैसा भी बिजली
महंगी नहीं हुई।
मंत्री शर्मा ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन
और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के
नेतृत्व में उत्तर प्रदेश
लगातार ऐसे फैसले ले
रहा है जिनसे आम
जनता, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्ग
को सीधा लाभ मिल
रहा है। उन्होंने कहा
कि बीते वर्षों में
विद्युत क्षेत्र में हुए सुधारों
का असर जमीन पर
दिख रहा है और
उपभोक्ताओं तक सुविधाओं का
लाभ तेजी से पहुंच
रहा है।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने घोषणा
की है कि घरेलू,
व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि एवं ग्रामीण—
सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विद्युत
दरों में कोई परिवर्तन
नहीं किया गया है।
इसका अर्थ है कि
किसी भी वर्ग पर
अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
निर्णय से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी,
वहीं उद्योगों और व्यापारियों को
लागत नियंत्रण में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे
निवेश का माहौल और
बेहतर होगा तथा आर्थिक
गतिविधियों में गति आएगी।
वर्तमान समय में जब
कई राज्य बिजली दरें बढ़ाने को
मजबूर हैं, ऐसे में
उत्तर प्रदेश का यह निर्णय
गरीब परिवारों, किसानों और रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों
के लिए सबसे बड़ी
राहत है। बिजली बिल
स्थिर रहने से किसानों
की सिंचाई लागत नहीं बढ़ेगी
और घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक बजट
भी सुरक्षित रहेगा। बढ़ती महंगाई के बीच बिजली
दरों को स्थिर रखना
सरकार की संवेदनशीलता और
जन–समर्पण को दर्शाता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से सुधार, गांवों–शहरों में बेहतर आपूर्ति
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि
दरें न बढ़ाने के
साथ सरकार लगातार बिजली व्यवस्था को मजबूत करने
में जुटी है। पूरे
प्रदेश में पुराने तारों
व ट्रांसफॉर्मरों को बदला जा
रहा है, भूमिगत केबलिंग
की गति बढ़ाई गई
है और नए सबस्टेशन
बनाए जा रहे हैं।
पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी
यूपी तक बिजली आपूर्ति
को निर्बाध और सुरक्षित बनाने
के लिए कई नई
परियोजनाओं को मंजूरी दी
गई है। ग्रामीण क्षेत्रों
में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार
दर्ज किया गया है
और शहरी इलाकों में
ओवरलोडिंग पर नियंत्रण के
प्रयास तेज हुए हैं।
जनता का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : ए.के. शर्मा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि
यह फैसला स्पष्ट करता है कि
जनता का हित सरकार
की पहली प्राथमिकता है।
ऊर्जा विभाग की टीम उपभोक्ताओं
को बेहतर, पारदर्शी और विश्वस्तरीय सेवाएं
देने के लिए लगातार
मेहनत कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए
कि आगामी समय में बिजली
आपूर्ति की गुणवत्ता और
सेवाओं को और बेहतर
बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं
को आधुनिक और सुरक्षित विद्युत
सुविधाएं मिलती रहें। मंत्री ने विश्वास व्यक्त
किया कि आने वाले
वर्षों में भी सरकार
उपभोक्ताओं के हित में
ऐसे निर्णय जारी रखेगी, जिससे
उत्तर प्रदेश विकास के नए आयाम
छूता रहे।

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