Friday, 16 January 2026

हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा

 हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा

वाराणसी में मुख कैंसर पर सख्ती : टाटा कैंसर अस्पताल, जिला प्रशासन की दो दिवसीय मंथन बैठक

तंबाकू नियंत्रण कानूनों के कड़े पालन और जन-जागरूकता पर जोर

सुरेश गांधी 

वाराणसी. वाराणसी आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे मुख (ओरल) कैंसर के मामलों पर प्रभावी रोकथाम को लेकर टाटा कैंसर अस्पताल और वाराणसी जिला प्रशासन के बीच दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मंडल आयुक्त सभागार में टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन के बीच पहली बैठक हुई, जबकि दुसरी महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र में दूसरी बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में जिले में तंबाकू एवं उससे निर्मित उत्पादों की बिक्री से जुड़े नियमों, विशेषकर कोटपा कानून के सख्त अनुपालन और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर निगम आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश प्रसाद, टाटा कैंसर अस्पताल नवी मुंबई के निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि मुख कैंसर ऐसा कैंसर है, जिसे काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन और स्कूलोंदृकॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंसर केवल मरीज ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है, इसलिए इलाज के साथ उसके कारणों पर काम करना भी उतना ही आवश्यक है।

महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल की कैंसर रोकथाम विभाग प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना ने बताया कि हाल ही में जारी पीबीसीआर रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा है। उन्होंने बताया कि देश में मुख कैंसर के मामलों के लिहाज से वाराणसी उन तीन प्रमुख शहरों में शामिल है, जहां सबसे अधिक मामले सामने रहे हैं।

बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने टाटा कैंसर अस्पताल का आभार जताते हुए कहा कि कैंसर की रोकथाम सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता के साथ तंबाकू से जुड़े सभी नियमों और कानूनों को सख्ती से लागू कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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