Tuesday, 27 January 2026

संविधान की शपथ, कर्तव्य का सम्मान : रिजर्व पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन

संविधान की शपथ, कर्तव्य का सम्मान : रिजर्व पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन 

मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल ने फहराया तिरंगा

पुलिस परेड, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा परिसर

वीरता, सेवा और संवेदनशीलता के लिए पुलिसकर्मियों का सम्मान

सुरेश गांधी

वाराणसी | गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन, वाराणसी में भव्य, गरिमामयी और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रविंद्र जायसवाल ने तिरंगा फहराकर समारोह का शुभारंभ किया और उपस्थित जनसमूह को संविधान के प्रति निष्ठा और राष्ट्रसेवा की शपथ दिलाई। 

ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान की गूंज के बीच पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद पुलिस बल द्वारा अनुशासित, आकर्षक और सशक्त परेड प्रस्तुत की गई, जिसने कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की कार्यकुशलता, तत्परता और अनुशासन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। रविन्द्र जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को और आकर्षक बना रही थी. पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित यह कार्यक्रम यह संदेश दे गया कि उत्कृष्ट कार्य, चाहे वह वर्दी में हो या समाज के किसी अन्य क्षेत्र में, राष्ट्र के लिए समान रूप से मूल्यवान है।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी गणतंत्र की संध्या

समारोह में स्कूली छात्राओं और पुलिस परिवारों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को भावविभोर कर दिया। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, नारी सम्मान, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि गणतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सहभागिता का उत्सव है।

एकता ही भारत की शक्ति : रविंद्र जायसवाल

ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल ने अपने उद्बोधन में इतिहास, संविधान और राष्ट्रीय एकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत को समझने और आगे बढ़ाने के लिए अध्ययन, चिंतन और आत्ममंथन आवश्यक है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि अतीत में विदेशी शक्तियां व्यापार के बहाने भारत आईं और हमारी आपसी जाति, भाषा और धर्म की विभाजनकारी सोच का लाभ उठाकर हमें लंबे समय तक गुलाम बनाए रखा।जब केरल पर हमला होता था, तब काशी को यह एहसास नहीं होता था कि भारत पर हमला हुआ हैयही छोटी सोच हमारी कमजोरी बनी.” 

रविंद्र जायसवाल ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है। गीता, बाइबल और कुरानसभी मानवता, जीवन मूल्यों और सद्भाव का संदेश देती हैं, लेकिन इन सबसे ऊपर भारतीय संविधान है, जो हमें नागरिक के रूप में जीने, व्यवहार करने और देश को आगे ले जाने की दिशा दिखाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में कानून-व्यवस्था की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा किविकास की सबसे मजबूत नींव कानून-व्यवस्था होती है और इसमें पुलिस विभाग की भूमिका सबसे अहम है।

योगी सरकार में पुलिस सुधारों की सराहना

मुख्य अतिथि ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए पुलिस सुधारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला पुलिस चौकियों, पिंक बूथ, महिला बटालियन और सुरक्षा पोस्टों की स्थापना की गई है। वाराणसी में नई पुलिस चौकियों के निर्माण और सुरक्षा ढांचे के विस्तार से शहर अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित हुआ है। 

उन्होंने कहा किआज बेटियां सुरक्षित महसूस कर रही हैं, यही सुशासन की पहचान है।

सेवा और साहस का सार्वजनिक सम्मान

समारोह के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन असाधारण साहस, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों की सूची पूर्व निर्धारित अनुसार यथावत रखी गई, जिनमें कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, गंभीर अपराधों के अनावरण, मानवता और न्यायिक प्रक्रिया में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा, यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक था, बल्कि पुलिस बल के मनोबल को सुदृढ़ करने और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने का सशक्त संदेश भी था।

कर्तव्य, संविधान और काशी का संदेश

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह यह संदेश देने में सफल रहा कि काशी केवल आध्यात्मिक राजधानी नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा की भी प्रतीक है। रिजर्व पुलिस लाइन में मनाया गया गणतंत्र दिवस यह स्पष्ट कर गया कि जब संविधान, सुरक्षा और संवेदनशीलता एक साथ चलते हैं, तभी सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।

सेवा और साहस का विराट उत्सव

गणतंत्र दिवस का पर्व वाराणसी में केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दिन कर्तव्य, साहस, सेवा और संवेदनशीलता के सार्वजनिक सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा। रिजर्व पुलिस लाइन, वाराणसी में आयोजित होने वाला यह भव्य समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति आस्था का जीवंत मंच बना, जहाँ राष्ट्रसेवा को शब्द नहीं, कर्मों से सम्मानित किया गया।

काशी की विभूतियाँ, राष्ट्र का गौरव

गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार द्वारा वाराणसी की दो प्रतिष्ठित विभूतियोंप्रोफेसर मंगला कपूर (संगीत) और प्रोफेसर श्याम सुन्दर (चिकित्सा/सार्वजनिक स्वास्थ्य) को पद्म श्री सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा काशी के लिए गौरव का विषय है। बीएचयू की सेवानिवृत्त प्रोफेसर मंगला कपूर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा को साधना, शिक्षण और शोध के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाया। वहीं प्रोफेसर श्याम सुन्दर ने चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानवता को केंद्र में रखकर जो कार्य किए, वे सेवा के आदर्श उदाहरण हैं। वाराणसी पुलिस द्वारा इन दोनों विभूतियों का अभिनंदन यह दर्शाता है कि राष्ट्र निर्माण केवल सुरक्षा से नहीं, बल्कि संस्कृति और करुणा से भी होता है।

सम्मानित पुलिसकर्मियों की विस्तृत सूची

वरिष्ठ अधिकारी शिवहरि मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) : – कानून-व्यवस्था का कुशल पर्यवेक्षण, वीआईपी आवागमन का सफल संचालन।

नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त, वरुणा जोन/नोडल साइबर क्राइम : फर्जी कॉल सेंटर, म्यूल अकाउंट और सिम रैकेट पर कार्रवाई, लगभग 10 करोड़ रुपये सुरक्षित।

नम्रिता श्रीवास्तव, अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध : – 2500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम, महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई।

ईशान सोनी, एसीपी लाइन्स : पुलिस लाइन स्वच्छता, सौंदर्याकरण खेल अवसंरचना विकास।

अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी दशाश्वमेध : अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में प्रभावी भूमिका।

विदुष सक्सेना, एसीपी सारनाथ/साइबर अपराध : साइबर अपराध नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार।

थाना कैंट एसएचओ शिवाकांत मिश्रा को सेवा काल के दौरान बेहतर कार्य करने के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया.  

दिनेश कुमार यादव, प्रभारी सर्विलांस सेल : एक लाख के इनामिया अभियुक्त की साहसिक गिरफ्तारी।

महिला उप निरीक्षक प्रीती कुमारी : एसिड पीड़िता को स्वयं घायल होते हुए भी अस्पताल पहुँचाया।

महिला उप निरीक्षक दीक्षा पाण्डेय : वर्षों से फरार इनामिया अभियुक्त की गिरफ्तारी, गुमशुदा महिलाओं की बरामदगी।

महिला उप निरीक्षक जागृति गिरि : महाकुम्भ 2025 के पलट प्रवाह में सुरक्षा व्यवस्था।

महिला उप निरीक्षक सुजाता चटर्जी : पाकिस्तान सीमा के पास से गुमशुदा लड़की की सुरक्षित बरामदगी।

उ.प. निरीक्षक अभिषेक कुमार त्रिपाठी : – 14 घंटे साधारण श्रद्धालु बनकर चैन स्नेचिंग गैंग का भंडाफोड़।

का. मानवेन्द्र सिंह : – 3 करोड़ की चोरी का 48 घंटे में खुलासा।

का. शनी यादव : साइबर अपराध पोर्टल से 29 अभियुक्त गिरफ्तार।

उ.नि. पवन राय अमित सिंह : अज्ञात महिला हत्या प्रकरण का 24 घंटे में खुलासा।

उ.नि. अविनाश कुमार सिंह उ.नि. पंकज सिंह चौहान : सामूहिक फायरिंग कांड में 1000 से अधिक सीसीटीवी का विश्लेषण।

उ.नि. गणेश प्रसाद पटेल उनि रामचन्द्र यादव : मिर्जामुराद हत्याकांड का 4 घंटे में अनावरण।

उ.नि. गौरव कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी : – वैज्ञानिक साक्ष्यों से निर्दोष को बचाया।

का. कुमार गौरव, जल पुलिस : गंगा में डूबते श्रद्धालुओं की जान बचाई।

उ.नि. अभिषेक पाण्डेय, एसओजी : जुआ, सट्टा, मादक पदार्थों पर सख्त कार्रवाई।

उ.नि. पार्थ तिवारी का सूरज कुमार भारती : संकट मोचन महंत आवास चोरी का सफल अनावरण।

मुनीब सिंह चौहान, डीजीसी (क्रिमिनल) संदीप कुमार जायसवाल, विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह, एसपीपी (पॉक्सो) : – आजीवन कारावास मृत्युदंड तक की सजा दिलाने में प्रभावी पैरवी।

निरीक्षक सतीश कुमार यादव :  वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं का कुशल प्रबंधन।

हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा : मानव संपदा पोर्टल पर 100% कार्य पूर्ण।

गणतंत्र दिवस 2026 पर वाराणसी में होने वाला यह आयोजन यह साबित करता है कि वर्दी केवल अधिकार का नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व और मानवता का प्रतीक है। जब समाज अपने रक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देता है, तब लोकतंत्र और मजबूत होता है। काशी का यह गणतंत्र पर्व राष्ट्र के लिए एक प्रेरक संदेश हैकर्तव्य का सम्मान ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। 

मंडलायुक्त जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण, नागरिक कर्तव्यों को निभाने का किया आह्वान 

वाराणसी। गणतंत्र दिवस का पर्व काशी में संविधान के प्रति आस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। 

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कैंप कार्यालय कमिश्नरी परिसर में तथा जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब कैंप कार्यालय में ध्वजारोहण कर कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत की। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान गूंजा और उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों नागरिकों ने संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त की। 

कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने झंडारोहण के बाद सभी अधिकारियों कर्मचारियों को संविधान में उल्लिखित प्रस्तावना की शपथ दिलाई। इस अवसर पर बालिकाओं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को उपहार वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रमों के अंत में मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए संविधान के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया।

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