मणिकर्णिका पर हो रहा कार्य परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि गरिमा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए है
काशी की आस्था और सनातन परंपरा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा : योगी आदित्यनाथ
कहा, झूठ
फैलाने
वालों
को
जनता
जवाब
देगी
11.5 साल की उपलब्धियों से
बौखलाई
कांग्रेस,
काशी
की
आस्था
पर
हमला
सुरेश गांधी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
मणिकर्णिका घाट विवाद को
लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर
जोरदार हमला बोला। उन्होंने
कहा कि काशी की
सनातन आस्था, परंपरा और विकास को
बदनाम करने की सुनियोजित
साजिश रची जा रही
है, जिसे किसी भी
कीमत पर सफल नहीं
होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री
ने दो टूक कहा,
मणिकर्णिका घाट सनातन संस्कृति
का केंद्र है और यहां
चल रहे कार्य परंपरा
के खिलाफ नहीं, बल्कि गरिमा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की
सुविधा के लिए है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा
कि सरकार का उद्देश्य किसी
भी धार्मिक संस्कार में हस्तक्षेप नहीं,
बल्कि उसे सम्मानजनक, सुरक्षित
और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। जो लोग
सोशल मीडिया के माध्यम से
झूठे वीडियो और भ्रामक तस्वीरें
फैलाकर जनभावनाओं से खिलवाड़ कर
रहे हैं, वे वही
लोग हैं जिन्होंने दशकों
तक काशी और भारत
की विरासत को उपेक्षित रखा।
यह वही कांग्रेस है
जिसने आज़ादी के बाद कभी
काशी के समग्र विकास
की चिंता नहीं की।
मणिकर्णिका पर सरकार का साफ संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया
कि मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट
सनातन धर्म के सबसे
पवित्र संस्कार स्थल हैं। यहां
अंतिम संस्कार को सम्मानजनक, सुरक्षित
और स्वच्छ वातावरण में संपन्न कराने
के लिए सीएसआर फंड
से आधुनिक और इको-फ्रेंडली
इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा
है। उन्होंने कहा कि बरसात
और बाढ़ के दौरान
परिजनों को जिन अमानवीय
परिस्थितियों का सामना करना
पड़ता है, उन्हें खत्म
करना सरकार की जिम्मेदारी है।
यह कोई परंपरा पर
आरोप नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सच्चाई है कि अधजले
शव, राख और धुआं
गंगा के जल और
आसपास के वातावरण को
प्रदूषित करते हैं। सरकार
का प्रयास इसी समस्या का
समाधान है। ताकि गंगा
की पवित्रता और निर्मलता बनी
रहे, आसपास के मोहल्लों में
प्रदूषण न फैले और
श्रद्धालुओं और परिजनों की
सुरक्षा सुनिश्चित हो.
कांग्रेस पर सीधा, तीखा वार
योगी आदित्यनाथ ने
कहा कि कांग्रेस का
इतिहास ही भारत की
विरासत के अपमान का
इतिहास रहा है। माता
अन्नपूर्णा की मूर्ति 100 वर्षों
तक विदेश में रही, कांग्रेस
ने कोई प्रयास नहीं
किया, सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण का विरोध किया,
काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के
दौरान झूठी साजिशें रची
गईं, फर्जी मूर्तियां दिखाकर मंदिर तोड़ने का झूठ फैलाया
गया. मुख्यमंत्री ने कहा, आज
वही लोग सनातन धर्म
की दुहाई देकर राजनीति कर
रहे हैं। यह 100 चूहे
खाकर बिल्ली हज को चली
जैसी स्थिति है।
11.5 साल में बदली काशी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
में बीते 11.5 वर्षों में काशी का
कायाकल्प हुआ है। 55 हजार
करोड़ रुपये से अधिक की
विकास परियोजनाएं, काशी विश्वनाथ धाम
बनने के बाद श्रद्धालुओं
की संख्या सैकड़ों गुना बढ़ी. प्रतिदिन
औसतन 1.25 से 1.5 लाख श्रद्धालु, पर्व
और सावन में 6 से
10 लाख तक भीड, अब
तक 11 करोड़ से अधिक
श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.
उन्होंने कहा कि 2014 से
पहले जहां एक साथ
50 श्रद्धालु भी दर्शन नहीं
कर पाते थे, आज
5000 श्रद्धालु एक साथ बाबा
विश्वनाथ का दर्शन कर
रहे हैं।
गंगा, घाट और वैश्विक पहचान
‘मेरी काशी’ अब भारत का मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
कहा कि प्रधानमंत्री मोदी
की “मेरी काशी” आज
आस्था, विकास और विरासत का
वैश्विक मॉडल बन चुकी
है। उन्होंने दो टूक कहा
कि काशी के विकास
को बदनाम करने की साजिशें
सफल नहीं होंगी और
सरकार काशी की गरिमा,
पवित्रता और परंपरा की
रक्षा के लिए पूरी
तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी
देते हुए कहा कि
काशी के विकास को
रोकने, बदनाम करने या सनातन
आस्था से खिलवाड़ करने
वालों को जनता करारा
जवाब देगी।
एक नजर
काशी
में 55,000 करोड़ से अधिक
की परियोजनाएं
काशी
विश्वनाथ धाम के बाद
10 गुना श्रद्धालु वृद्धि
अब
तक 11 करोड़ से अधिक
दर्शन
40 से
अधिक मंदिरों का पुनरुद्धार
नमो
घाट बना देश का
सबसे बड़ा घाट





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