शिवनाद से जागेगा ब्रह्मांड, महाशिवरात्रि पर काशी से देवताओं को दिव्य आमंत्रण
श्री काशी
विश्वनाथ
धाम
में
पहली
बार
मंत्रोच्चार
से
होगा
समस्त
देव
शक्तियों
का
आवाहन,
भक्ति-ऊर्जा
से
गुंजित
होगा
पूरा
धाम
सुरेश गांधी
वाराणसी। अनादि काल से शिव
की नगरी काशी केवल
आस्था का केंद्र नहीं,
बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत आत्मा
मानी जाती रही है।
इस वर्ष महाशिवरात्रि के
पावन अवसर पर श्री
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा एक ऐसा आध्यात्मिक
नवाचार किया जा रहा
है, जो भक्ति, परंपरा
और आध्यात्मिक अनुभूति को एक नई
ऊँचाई प्रदान करेगा। मंदिर न्यास ने समस्त ब्रह्मांड
की सनातन, सात्त्विक एवं शिव-अनुग्रही
शक्तियों को विधिवत आमंत्रण
पत्र के माध्यम से
श्री काशी विश्वनाथ धाम
में पधारने का अभिनव उपक्रम
किया है।
इस दिव्य पहल
के अंतर्गत धाम में विराजमान
सभी देव विग्रहों के
समक्ष यह पावन आमंत्रण
सादर अर्पित किया गया। साथ
ही महाशिवरात्रि महोत्सव को आध्यात्मिक ऊर्जा
से परिपूर्ण बनाने हेतु एक विशेष
मंत्र-श्लोक की रचना की
गई है, जिसके माध्यम
से देवताओं का विधिवत आवाहन
किया जा रहा है।
फाल्गुने
कृष्णपक्षेस्मिन्
शिवरात्रिमहोत्सवे
।
शिवशक्तिमयान्
देवान्
प्रणुमोऽनुग्रहेच्छया
।।
विश्वनाथस्य
सेवायां
शुभाशीराशिकांक्षया
।
आमन्त्रणे
समायान्तु
काशीधाम्नि
समागमे
।।
इस मंत्र का
भावार्थ भक्तिभाव से परिपूर्ण है,
जिसमें फाल्गुन मास के कृष्ण
पक्ष की महाशिवरात्रि पर
समस्त देवताओं, सात्त्विक शक्तियों एवं सनातन सत्ताओं
को प्रणाम करते हुए, श्री
काशी विश्वनाथ की सेवा में
उनके शुभ आशीर्वाद की
कामना के साथ काशी
धाम में पधारने का
आग्रह किया गया है।
मंदिर न्यास द्वारा इस मंत्रोच्चार को
धाम के पब्लिक एड्रेस
सिस्टम के माध्यम से
लगातार एक घंटे तक
प्रसारित किया जाएगा। सनातन
परंपरा में मंत्रों के
नाद को देव शक्तियों
के आवाहन और आध्यात्मिक ऊर्जा
के संचार का माध्यम माना
जाता है। इसी विश्वास
और श्रद्धा के साथ यह
दिव्य अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा, जिससे
पूरा धाम मंत्रमय वातावरण
में सराबोर हो उठेगा।
श्री काशी विश्वनाथ
मंदिर न्यास स्वयं को बाबा विश्वनाथ
का सेवक मानते हुए,
समस्त न्यासकर्मियों एवं काशीवासियों की
ओर से सभी देव
शक्तियों को इस महाशिवरात्रि
महोत्सव में ससम्मान आमंत्रित
कर रहा है। न्यास
की कामना है कि भगवान
विश्वनाथ की कृपा और
समस्त देव शक्तियों के
आशीर्वाद से यह पर्व
श्रद्धालुओं के जीवन में
मंगल, कल्याण और आध्यात्मिक चेतना
का नवीन प्रकाश फैलाए।
महाशिवरात्रि के
इस अलौकिक आयोजन के साथ काशी
एक बार फिर अपनी
सनातन परंपरा की गूंज से
ब्रह्मांड को संदेश देने
को तैयार है—जहां भक्ति
केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से
मिलन बन जाती है।

No comments:
Post a Comment