महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत : केशव प्रसाद मौर्य
विकास कार्यों
की
समीक्षा,
ग्रामीण
योजनाओं
में
तेजी
और
गुणवत्ता
पर
जोर
सुरेश गांधी
वाराणसी. उप मुख्यमंत्री केशव
प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को
सर्किट हाउस में विभागीय
अधिकारियों के साथ विकास
कार्यों और योजनाओं की
प्रगति की विस्तृत समीक्षा
की। बैठक में उन्होंने
अधिकारियों को निर्देश दिया
कि सभी विभाग टीम
भावना के साथ कार्य
करते हुए विकास योजनाओं
में गति, पारदर्शिता और
गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के “सबका
साथ, सबका विकास, सबका
विश्वास और सबका प्रयास”
के संकल्प को धरातल पर
उतारते हुए ग्रामीण विकास
योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
किया जाए। उप मुख्यमंत्री
ने विशेष रूप से महिला
सशक्तिकरण और स्वयं सहायता
समूहों को मजबूत करने
पर बल दिया।
बैठक में स्वयं
सहायता समूहों की महिलाओं को
आर्थिक रूप से सशक्त
बनाने की दिशा में
‘लखपति दीदी’ योजना के लक्ष्य को
वर्ष में एक लाख
से बढ़ाकर तीन लाख तक
पहुंचाने के लिए निरंतर
प्रयास करने के निर्देश
दिए गए। इस पर
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि
जनपद में वर्तमान में
लगभग 1.48 लाख स्वयं सहायता
समूह की महिलाएं सक्रिय
रूप से कार्य कर
रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने
अधिकारियों को निर्देश दिया
कि ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप
आयोजित कर पात्र दिव्यांग
एवं विधवा महिलाओं को आवास योजनाओं
से जोड़ा जाए। इन कैंपों
में मुख्य चिकित्साधिकारी की सहभागिता भी
सुनिश्चित की जाए, ताकि
दिव्यांग लाभार्थियों की पात्रता का
सत्यापन नियमानुसार हो सके।
उन्होंने यह भी निर्देश
दिया कि जनपद में
बने बारात घरों का संचालन
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से
कराया जाए, जिससे महिलाओं
को रोजगार के अवसर मिलें।
साथ ही विवाह और
सामाजिक आयोजनों के लिए उचित
किराया निर्धारित कर उनका व्यवस्थित
संचालन सुनिश्चित किया जाए। जिन
ग्राम पंचायतों में बारात घर
नहीं हैं, वहां उपयुक्त
स्थल चिन्हित कर सीएसआर मद
से निर्माण कराने की कार्रवाई करने
को कहा गया।
उप मुख्यमंत्री ने
अधिकारियों को यह भी
निर्देश दिया कि वर्तमान
वित्तीय वर्ष में उपलब्ध
बजट का पूर्ण और
प्रभावी उपयोग किया जाए तथा
सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और
गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा
किया जाए। उन्होंने विधान
मंडल क्षेत्र विकास निधि से प्राप्त
प्रस्तावों को 45 दिनों के भीतर शुरू
कराने के निर्देश भी
दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक, शैक्षिक
और सामाजिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध
है और महिला सशक्तिकरण,
आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित
भारत के लक्ष्य को
हासिल करने के लिए
सभी विभागों को समन्वय के
साथ कार्य करना होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उपायुक्त स्वरोजगार एवं श्रम रोजगार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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