काशी में ‘नारी शक्ति’ का महासंगम : पीएम मोदी के स्वागत में 50 हजार महिलाओं की होगी भागीदारी
28 अप्रैल का कार्यक्रम बनेगा
महिला
नेतृत्व,
आत्मनिर्भरता
और
सशक्तिकरण
का
राष्ट्रीय
संदेश
सुरेश गांधी
वाराणसी. धर्म और संस्कृति
की राजधानी काशी एक बार
फिर इतिहास रचने की दहलीज
पर खड़ी है। आगामी
28 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के वाराणसी दौरे को इस
बार एक भव्य ‘नारी
शक्ति महोत्सव’ के रूप में
आयोजित करने की तैयारी
जोरों पर है। पार्टी
ने इस कार्यक्रम को
पूरी तरह महिलाओं को
समर्पित करते हुए इसकी
कमान ‘मातृशक्ति’ को सौंपने का
निर्णय लिया है।
सर्किट हाउस में आयोजित
उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों
की समीक्षा करते हुए प्रदेश
महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट
किया कि यह आयोजन
केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम
नहीं, बल्कि देश में महिलाओं
की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता
का सशक्त प्रदर्शन होगा।
नारी शक्ति के हाथों में आयोजन की कमान
बैठक में तय
किया गया कि कार्यक्रम
की पूरी रूपरेखा, संचालन,
अनुशासन और जनसंपर्क अभियान
की जिम्मेदारी महिला मोर्चा संभालेगा। बूथ स्तर तक
जिम्मेदारियों का निर्धारण कर
दिया गया है, ताकि
कार्यक्रम में अधिकतम महिला
सहभागिता सुनिश्चित हो सके। धर्मपाल सिंह
ने महिला कार्यकर्ताओं से आह्वान किया
कि वे अनुशासन, निष्ठा
और समर्पण के साथ इस
आयोजन को सफल बनाएं,
जिससे काशी से पूरे
देश को यह संदेश
जाए कि भारत की
नारी अब केवल सहभागी
नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता भी है।
50 हजार महिलाओं का अभूतपूर्व स्वागत
भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष
दिलीप पटेल ने जानकारी
दी कि बरेका परिसर
में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम
में 50 हजार से अधिक
महिलाएं प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत
और अभिनंदन करेंगी। यह आयोजन वर्ष
2026 में प्रधानमंत्री के पहले काशी
आगमन को विशेष बनाएगा।
उन्होंने कहा कि यह
केवल स्वागत समारोह नहीं होगा, बल्कि
महिलाओं के साथ संवाद,
उनके सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत
के संकल्प को आगे बढ़ाने
का मंच भी बनेगा।
नारी सशक्तिकरण बनेगा मुख्य संदेश
बैठक में इस
बात पर विशेष जोर
दिया गया कि कार्यक्रम
का केंद्रीय विषय नारी सशक्तिकरण,
आत्मनिर्भरता और राजनीतिक भागीदारी
रहेगा। धर्मपाल सिंह ने कहा
कि वर्ष 2014 के बाद से
केंद्र सरकार ने महिलाओं के
उत्थान के लिए कई
ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं,
जिनका प्रभाव आज समाज में
स्पष्ट रूप से दिखाई
दे रहा है। उन्होंने
कहा कि प्रधानमंत्री का
हर कार्यक्रम प्रेरणा देता है, और
इस बार काशी का
आयोजन ‘नारी सामर्थ्य’ का
जीवंत उदाहरण बनेगा।
सामाजिक संदेश का मंच
इस आयोजन को
केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में
नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक के
रूप में देखा जा
रहा है। जब हजारों
महिलाएं एक साथ मंच
पर अपनी उपस्थिति दर्ज
कराएंगी, तो यह देशभर
में महिला नेतृत्व और सहभागिता का
एक मजबूत संदेश देगा। काशी की धरती,
जो सदियों से आध्यात्मिक चेतना
और सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक रही
है, अब नारी शक्ति
के इस महाआयोजन की
साक्षी बनने जा रही
है।
व्यापक सहभागिता, संगठन की ताकत
बैठक में क्षेत्र
अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला
पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या सहित
कई जनप्रतिनिधि, विधायक, एमएलसी और महिला मोर्चा
की पदाधिकारी बड़ी संख्या में
उपस्थित रहीं। सभी ने एक
स्वर में इस आयोजन
को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
काशी से उठेगा देशव्यापी संदेश
28 अप्रैल को होने वाला
यह आयोजन केवल वाराणसी तक
सीमित नहीं रहेगा, बल्कि
पूरे देश में यह
संदेश देगा कि भारत
में महिला शक्ति अब निर्णायक भूमिका
में है। जब काशी
की धरती पर 50 हजार
महिलाएं एक साथ खड़ी
होकर प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगी,
तब यह दृश्य केवल
एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलते भारत की तस्वीर
होगा—जहां नारी अब
शक्ति, नेतृत्व और परिवर्तन की
प्रतीक बन चुकी है।

No comments:
Post a Comment