काशी में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था का ‘मेगा रिहर्सल’
पीएम दौरे
और
महिला
आरक्षियों
की
पासिंग
आउट
परेड
से
पहले
पुलिस
कमिश्नर
का
सख्त
निरीक्षण,
ट्रैफिक
से
लेकर
स्वच्छता
तक
हर
मोर्चे
पर
कसी
कमान
सुरेश गांधी
वाराणसी। आगामी वीवीआईपी मूवमेंट, विशेषकर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे
और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट
परेड (पीओपी ) को लेकर काशी
में सुरक्षा और व्यवस्था का
व्यापक ‘ड्राई रन’ शुरू हो
गया है। इसी क्रम
में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को
रिजर्व पुलिस लाइन और शहर
के प्रमुख मार्गों का गहन निरीक्षण
कर प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश
दिया—कोई चूक नहीं,
हर स्तर पर परफेक्शन
चाहिए।
रिजर्व पुलिस लाइन में तैयारियों की बारीक समीक्षा
पुलिस आयुक्त ने रिजर्व पुलिस
लाइन पहुंचकर प्रधानमंत्री के संभावित आगमन
और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट
परेड की तैयारियों का
सूक्ष्म निरीक्षण किया। परेड स्थल, अभ्यास
व्यवस्था, सुरक्षा घेरा, अनुशासन और प्रोटोकॉल—हर
पहलू को बारीकी से
परखा गया। उन्होंने स्पष्ट
निर्देश दिए कि आयोजन
केवल औपचारिक न हो, बल्कि
गरिमा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता
का प्रतीक बने। महिला आरक्षियों
की परेड को लेकर
विशेष जोर देते हुए
कहा गया कि यह
कार्यक्रम नारी शक्ति और
पुलिस बल की प्रतिबद्धता
का सार्वजनिक प्रदर्शन है, इसलिए इसमें
किसी भी स्तर पर
लापरवाही अस्वीकार्य होगी।
सुरक्षा, प्रोटोकॉल और समन्वय पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए
सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल और विभागीय समन्वय
की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों
को निर्देशित किया गया कि
सभी एजेंसियों के बीच रियल
टाइम कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया जाए और
हर स्थिति के लिए वैकल्पिक
प्लान तैयार रहे। पुलिस आयुक्त
ने दो टूक कहा
कि समयबद्धता और सतर्कता ही
ऐसे आयोजनों की सफलता की
कुंजी है।
‘जी-12’ आवासीय परिसर और पुलिस लाइन का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन
‘जी-12’ आवासीय परिसर का भी जायजा
लिया गया। यहां गुणवत्ता,
सुरक्षा मानकों और समय सीमा
के पालन को लेकर
सख्त निर्देश दिए गए। साथ
ही पुलिस लाइन के आवासीय
परिसरों में स्वच्छता, रहन-सहन, कूड़ा निस्तारण
और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की
समीक्षा की गई। छज्जों,
छतों, दीवारों और परिसर की
नियमित सफाई सुनिश्चित करने
के निर्देश दिए गए, ताकि
पुलिस कर्मियों को स्वच्छ और
सुरक्षित वातावरण मिल सके।
फिटनेस पर फोकस : जिम व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
पुलिस लाइन स्थित जिमनेजियम
का निरीक्षण करते हुए पुलिस
आयुक्त ने संसाधनों और
उपकरणों की स्थिति का
आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक
फिट पुलिस बल ही प्रभावी
कानून व्यवस्था की रीढ़ होता
है, इसलिए स्वास्थ्य और फिटनेस सुविधाओं
को और मजबूत किया
जाए।
सड़क पर उतरे कमिश्नर : ट्रैफिक व्यवस्था का पैदल परीक्षण
केवल कार्यालयी समीक्षा
तक सीमित न रहकर पुलिस
आयुक्त मोहित अग्रवाल खुद सड़कों पर
उतरे।
ब्रॉडवे
होटल से रविन्द्रपुरी रोड,
अस्सी तिराहा, लंका, मालवीय चौराहा होते हुए ट्रामा
सेंटर तक पैदल गश्त
कर उन्होंने यातायात की वास्तविक स्थिति
का आकलन किया। यह
निरीक्षण केवल औपचारिक नहीं
था, बल्कि जमीनी हकीकत को समझने और
तत्काल समाधान निकालने की पहल थी।
आरटीसी योजना से ट्रैफिक सुधार की नई रणनीति
रेडसिंग ट्रैफिक कांगश्चन
(आरटीसी) योजना के तहत शहर
के 10 प्रमुख मार्गों पर निरीक्षक स्तर
के अधिकारियों को ‘रूट मार्शल’
नियुक्त किया गया है।
ये अधिकारी संबंधित थाना और चौकी
प्रभारियों के साथ मिलकर
पीक आवर्स में ट्रैफिक को
सुचारू बनाए रखने की
जिम्मेदारी निभाएंगे। उद्देश्य साफ है—कम
समय में सुगम यात्रा
और जाम से राहत।
अतिक्रमण और ट्रैफिक उल्लंघन पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण
को ट्रैफिक जाम की बड़ी
वजह मानते हुए तत्काल कार्रवाई
के निर्देश दिए गए। पुलिस
आयुक्त ने साफ किया
कि मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण मिलने
पर संबंधित थाना प्रभारी सीधे
जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही—
बिना नंबर प्लेट वाहनों
पर कार्रवाई. रांग साइड ड्राइविंग
और तीन सवारी पर
अभियान. अवैध ऑटो-रिक्शा स्टैंड
हटाने के निर्देश. ठेला-खुमचा
से सड़क बाधित करने
वालों पर सख्ती जैसे
कदमों को प्राथमिकता देने
को कहा गया।
संदेश साफ: ‘व्यवस्था ही पहचान बने काशी की’
इस व्यापक निरीक्षण
ने यह स्पष्ट कर
दिया है कि वाराणसी
प्रशासन अब केवल तैयारी
नहीं, बल्कि परफेक्शन के लक्ष्य के
साथ आगे बढ़ रहा
है। प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा
और महिला आरक्षियों की पासिंग आउट
परेड, दोनों ही आयोजन काशी
की प्रशासनिक क्षमता और अनुशासन का
आईना बनेंगे। पुलिस आयुक्त की सख्ती और
सक्रियता से यह संकेत
भी मिल रहा है
कि आने वाले दिनों
में काशी की सड़कों
पर न केवल सुरक्षा,
बल्कि व्यवस्थित ट्रैफिक और स्वच्छ वातावरण
भी नजर आएगा।

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