व्यापारियों को प्रशासन का भरोसा: अफवाहों से बचें, सुरक्षा बढ़ाएं
पुलिस आयुक्त–जिलाधिकारी
की स्वर्णकारों संग बड़ी बैठक • साइबर अपराध, जीएसटी, सुरक्षा और व्यापारिक चुनौतियों
पर मंथन • सीसीटीवी, पुलिस सत्यापन और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर
सुरेश गांधी
वाराणसी। शहर के स्वर्ण कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित, पारदर्शी और अफवाहों से मुक्त रखने के उद्देश्य से शनिवार को प्रशासन ने बड़ा संदेश दिया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कैंप कार्यालय में स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों तथा शहर के प्रमुख ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के स्वामियों के साथ संयुक्त गोष्ठी कर सुरक्षा, साइबर अपराध, जीएसटी और व्यापारिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रशासन ने साफ किया कि
बदलते वैश्विक और आर्थिक परिदृश्य में व्यापार जगत और प्रशासन को साथ मिलकर आगे बढ़ना
होगा। प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है
और सभी को मिलकर चुनौतियों का सामना करना होगा।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने व्यापारियों
से कहा कि टैक्स या जीएसटी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल
शासन तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने
कहा कि कई बार अपुष्ट सूचनाएं बाजार में भ्रम और अनावश्यक भय का वातावरण पैदा कर देती
हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया
कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि व्यापारी अपनी शिकायतें अथवा समस्याएं सीधे पुलिस कार्यालय पहुंचकर
या दूरभाष के माध्यम से अवगत करा सकते हैं। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों को व्यापारियों
के प्रति सौम्य व्यवहार बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रताड़ना से बचने
के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में शहर के ज्वेलरी संस्थानों की
सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई गई। प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता
वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, आधुनिक डिजिटल लॉकर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग
करने की सलाह दी। साथ ही निजी सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस
सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया। व्यापारियों को यूपीसीओपी एप और जनहित सेवाएं पोर्टल
के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी गई।
चोरी के माल से दूरी बनाने की अपील
गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने स्वर्ण
कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष रूप से सतर्क करते हुए कहा कि लाभ के लालच में चोरी
का सामान खरीदने और बेचने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि थोड़े लाभ की लालसा कई बार
गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति,
वस्तु या लेन-देन को लेकर कोई संदेह हो तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि
समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साइबर अपराध के तीन बड़े कारण बताए
बैठक में साइबर अपराध को लेकर भी विस्तृत
चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर ठगी के अधिकांश मामलों में तीन कारण प्रमुख
रूप से सामने आते हैं—लालच, डर और असावधानी। व्यापारियों को
फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी धोखाधड़ी से
बचने की सलाह दी गई। साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन
नंबर 1930 अथवा नजदीकी थाना और साइबर सेल से संपर्क करने को कहा गया। स्वर्णकार संघ
के पदाधिकारियों ने भी जीएसटी से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं और व्यापारिक कठिनाइयों
को अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता से विचार कर समाधान का आश्वासन
दिया। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त
गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागयाच, अपर आयुक्त राज्य जीएसटी दीप्ती कटियार
समेत अन्य अधिकारी एवं व्यापारिक प्रतिनिधि मौजूद रहे.
प्रशासन की व्यापारियों को पांच बड़ी सलाह
•
टैक्स संबंधी अफवाहों पर विश्वास न करें
•
प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी लगाएं
•
कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों का पुलिस सत्यापन कराएं
• संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना दें


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