Friday, 8 May 2026

रोजगार दो या फिर पलायन रोकने की बात छोड़ दो!

रोजगार दो या फिर पलायन रोकने की बात छोड़ दो

मुंगरा बादशाहपुर में गरजा प्रवासी सम्मेलन, उद्योग लगाने और युवाओं को घर में रोजगार देने का उठा संकल्प

मुंबई से लौटे प्रवासियों ने कहाअब पूर्वांचल को मजदूर नहीं, उद्यमी बनाना होगा

पूर्वांचल को अब मजदूर नहीं, मालिक बनाना होगा 

सरकार के भरोसे नहीं, खुद के प्रयास से रुकेगा पलायन 

गांव में रोजगार होगा तभी लौटेगा अपना  

सुरेश गांधी

मुंगरा बादशाहपुर। पूर्वांचल से लगातार हो रहे पलायन को लेकर पहली बार मुंगरा बादशाहपुर की धरती पर ऐसा मंथन हुआ, जहां महानगरों में वर्षों से संघर्ष कर रहे प्रवासी उद्योगपतियों, उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि गांव और छोटे शहरों में रोजगार नहीं बना, तो पलायन कभी नहीं रुकेगा।

नगर में आयोजित भव्य प्रवासी सम्मेलन केवल सम्मान समारोह या औपचारिक बैठक नहीं रहा, बल्कि यह पूर्वांचल की आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को लेकर एक गंभीर विमर्श बन गया। सम्मेलन में मुंबई सहित देश के विभिन्न महानगरों में स्थापित प्रवासी उद्योगपतियों ने साफ कहा कि अब केवल सरकार को दोष देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रवासियों को भी अपने गांव और जिले के विकास की जिम्मेदारी उठानी होगी।

सम्मेलन में जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही से पहुंचे प्रवासियों ने अपने संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पूर्वांचल का युवा आज भी नौकरी और रोजी-रोटी के लिए महानगरों की ओर पलायन करने को मजबूर है। गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं, लेकिन अवसरों का अभाव सबसे बड़ी समस्या है।

वक्ताओं ने कहा कि अगर उद्योग, प्रशिक्षण केंद्र और स्थानीय रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं तो लाखों युवाओं को अपने घर-परिवार से दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और उद्योग समूहों को पूर्वांचल में आमंत्रित कर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

सम्मेलन में मौजूद उद्योगपतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने पूर्वांचल में छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यहां कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। जरूरत केवल इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास की है।

कार्यक्रम में मड़ियाहूं विधायक डॉ. आर.के. पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डॉ. अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दुबे, वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरण मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में संपादक राजेश उपाध्याय, अभिज्ञान उपाध्याय और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। सम्मेलन की व्यवस्था में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दुबे और अमरीश दुबे सहित कई लोगों ने सक्रिय योगदान दिया।

सम्मेलन के दौरान सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का सम्मान भी किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी तथा हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों को सम्मानित कर युवाओं को प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

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